11. कोखजाया - Kokhjaya - Class 12 - Yuvakbharati
- Apr 23
- 4 min read
Updated: Apr 25

मूल लेखक: श्याम दरिहरे | अनुवादक: बैद्यनाथ झा | विधा: अनूदित कहानी
१. शब्दार्थ और मुहावरे (Glossary with English Context)
क. शब्दार्थ (Word Meanings)
शब्द | अर्थ (Hindi) | अर्थ (English Context) |
अवाक् | चुप/स्तब्ध | Speechless/Stunned |
नैहर | मायका/पीहर | Mother's home |
अभिशप्त | शापित | Cursed/Condemned |
अप्रत्याशित | अनपेक्षित | Unexpected |
होरिला | बेटा/नवजात शिशु | Son/Newborn |
सहेजना | बटोरना/समेटना | To gather/Collect carefully |
क्रय | खरीदना | To purchase |
अकुलाना | व्याकुल होना | To become restless/Anxious |
निजात | छुटकारा | Freedom/Riddance |
पैरवी | समर्थन में स्पष्टीकरण | Recommendation/Advocacy |
ख. मुहावरे (Idioms)
मुहावरा | अर्थ (Meaning) | वाक्य प्रयोग (Sentence Usage) |
टस से मस न होना | अपनी बात पर अटल रहना | बहुत समझाने पर भी दिलीप की माँ अपनी बात से टस से मस नहीं हुई। |
द्रवित हो जाना | मन में करुणा उत्पन्न होना | अकाल पीड़ितों की हालत देख मौसी का मन द्रवित हो गया। |
हाहाकार मचना | कोहराम मचना | इलाके में भीषण अकाल पड़ने से हाहाकार मच गया। |
चल बसना | मृत्यु होना | मौसा अचानक हृदय गति रुक जाने के कारण चल बसे। |
२. परिचय और सारांश (Introduction & Summary)
लेखक परिचय: श्याम दरिहरे (जन्म: १९५४) मैथिली भाषा के चर्चित रचनाकार हैं । आपकी रचनाएँ पुरानी और नई पीढ़ी के बीच सेतु का कार्य करती हैं । कहानी का हिंदी अनुवाद बैद्यनाथ झा ने किया है ।
केंद्रीय भाव (Central Idea):
हिन्दी: यह कहानी वर्तमान समाज में धन और विलासिता के कारण मानवीय रिश्तों में बढ़ती निरर्थकता और वृद्धों की उपेक्षा को दर्शाती है ।
English: This story depicts the growing insignificance of human relationships and the neglect of the elderly due to wealth and luxury in modern society 。
सारांश (Summary): कहानी का मुख्य पात्र दिलीप अपने पिता की मृत्यु के बाद अपनी माँ को धोखा देकर सारी संपत्ति अपने नाम कर लेता है । वह अपनी माँ को लंदन ले जाने का झाँसा देकर हवाई अड्डे पर बेसहारा छोड़कर स्वयं विदेश चला जाता है । मौसी, जो एक उच्च अधिकारी की पत्नी थीं, वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हो जाती हैं । कहानीकार ने मौसी के माध्यम से उन वृद्धों की पीड़ा को व्यक्त किया है जिनके अपने बच्चे स्वार्थवश उन्हें त्याग देते हैं। अंत में मौसी अपनी मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार का अधिकार अपने भांजे रघुनाथ को देकर यह संदेश देती हैं कि सभी संतानें एक जैसी नहीं होतीं और मानवता अभी जीवित है 。
३. HSC गद्य आकलन (Prose Pattern)
कृति १: आकलन (Global Understanding - 2 Marks)
प्रश्न १: परिणाम लिखिए:
१. मौसा अचानक चल बसे: मौसी का जीवन एकाएक ठहर-सा गया ।
२. दिलीप उच्च शिक्षा के लिए लंदन चला गया: वह फिर वहीं का होकर रह गया ।
प्रश्न २: आकृति पूर्ण कीजिए:
अ. बोर्ड पर लिखा वृद्धाश्रम का नाम: मातेश्वरी महिला वृद्धाश्रम ।
आ. दिलीप और रघुनाथ का रिश्ता: मौसेरे भाई ।
कृति २: शब्द संपदा (Vocabulary - 2 Marks)
प्रश्न: तद्धित शब्द लिखिए (संज्ञा/विशेषण से बनने वाले):
१. बूढ़ा -> बुढ़ापा
२. मानव -> मानवता
३. माता -> मातृत्व
४. अपना -> अपनापन
कृति ३: अभिव्यक्ति (Personal Response - 2 Marks)
प्रश्न १: 'माँ के चरणों में स्वर्ग होता है', इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: माँ संसार का सबसे पवित्र शब्द है। वह अपनी संतान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देती है। माँ का सम्मान करना और वृद्धावस्था में उनकी सेवा करना प्रत्येक संतान का परम कर्तव्य है। जो संतान अपनी माँ को दुख देती है, वह कभी सुखी नहीं रह सकती। माँ के प्रति कृतज्ञता और सेवा ही वास्तविक स्वर्ग है।
७. व्याकरण (Grammar Corner)
उपसर्ग और प्रत्यय:
उपसर्ग (Prefix):
अति-क्रमण (अतिक्रमण)
वि-संगति (विसंगति)
कु-पात्र (कुपात्र)
प्रत्यय (Suffix):
वान: गुणवान (गुण + वान)
ईय: भारतीय (भारत + ईय)
दार: धारदार (धार + दार)
मय: जलमय (जल + मय)
८. पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न
प्रश्न १: मौसी ने अपने बेटे दिलीप को माफ़ क्यों नहीं किया?
उत्तर: क्योंकि दिलीप ने न केवल संपत्ति के लिए उन्हें धोखा दिया, बल्कि उन्हें एअरपोर्ट पर एक लावारिस की तरह छोड़कर उनकी ममता का अपमान किया था ।
प्रश्न २: रघुनाथ मौसी के करीब क्यों था?
उत्तर: रघुनाथ के नाना के गाँव में ही उसके पिता बस गए थे, साथ ही उसकी पढ़ाई-लिखाई में भी मौसी का बड़ा योगदान था, जिससे उनका संबंध अधिक गहरा था।
प्रश्न ३: 'कोखजाया' कहानी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: कहानी का उद्देश्य समाज की गिरती हुई नैतिक मान्यताओं और स्वार्थ के कारण रिश्तों में आती दूरी को दिखाना तथा वृद्धों के प्रति संवेदनशीलता जगाना है।
प्रश्न ४: मौसी की स्वभावगत विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: मौसी अत्यंत प्रतिभावान, सरल और परोपकारी स्वभाव की थीं। उन्हें अपने पति के ऊँचे पद का कभी घमंड नहीं था और अकाल के समय उन्होंने पूरे इलाके की मदद कर 'आदर्श बेटी' की पहचान बनाई थी।
प्रश्न ५: कहानी के अंत में मौसी के पत्र का क्या संदेश है?
उत्तर: मौसी का संदेश है कि यद्यपि उनका अपना बेटा 'सपूत' नहीं निकला, पर रघुनाथ जैसे लोग यह विश्वास दिलाते हैं कि संसार में अभी भी मानवता और अच्छे संस्कार जीवित हैं।
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