top of page

    1.0. हिंदी पद्य साहित्य का विकास - Hindi Padya Sahitya ka Vikas - Class 10 - Rajeev Prakashan

    • 5 days ago
    • 3 min read

    1. रीतिकाल (सन् 1643 - 1843 ई.)

    रीतिकाल को 'उत्तरमध्य काल' , 'शृंगार काल' , 'अलंकार काल' और 'कला काल'  जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है। 'रीति' का अर्थ काव्य-रचना की पद्धति या प्रणाली है ।  


    • प्रमुख काव्य धाराएँ:

      • रीतिबद्ध: इन कवियों ने काव्यशास्त्र के नियमों (लक्षण-ग्रंथों) के आधार पर रचनाएँ कीं । प्रमुख कवि: केशवदास, मतिराम, देव, भिखारीदास ।  


      • रीतिसिद्ध: इन्होंने काव्यशास्त्र के नियमों का पालन तो किया, पर अलग से लक्षण-ग्रंथ नहीं लिखे । प्रमुख कवि: बिहारीलाल ।  


      • रीतिमुक्त: ये कवि काव्यशास्त्रीय परंपरा से मुक्त होकर स्वच्छंद रूप से काव्य सृजन करते थे । प्रमुख कवि: घनानंद, बोधा, आलम, ठाकुर ।  


    • प्रमुख विशेषताएँ (प्रवृत्तियाँ):

      • ब्रजभाषा की प्रधानता और साहित्यिक उन्नति ।  

      • शृंगार रस की प्रधानता (संयोग एवं वियोग दोनों पक्ष) ।  

      • काव्यांग विवेचन (रस, अलंकार, छंद, नायिका भेद) ।  

      • प्रकृति का उद्दीपक रूप में चित्रण ।  


    2. आधुनिक काल (सन् 1843 ई. से अब तक)

    विद्वानों ने इसे 'पुनर्जागरण काल' या 'गद्य काल' भी कहा है । इसे प्रमुखतः निम्नलिखित युगों में बाँटा गया है:  


    क. भारतेंदु युग (सन् 1868 - 1900)

    इसे 'नवजागरण काल' भी कहते हैं । भारतेंदु हरिश्चंद्र को 'आधुनिक हिंदी का जन्मदाता' माना जाता है ।  


    • विशेषताएँ: राष्ट्रीयता की भावना, सामाजिक चेतना, और हास्य-व्यंग्य शैली ।  

    • प्रमुख कवि: भारतेंदु हरिश्चंद्र, प्रतापनारायण मिश्र, बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' ।  


    ख. द्विवेदी युग (सन् 1900 - 1918)

    इसे 'जागरण सुधार काल' कहा जाता है । आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी के नाम पर इसका नामकरण हुआ ।  


    • विशेषताएँ: खड़ी बोली की प्रतिष्ठा, मानवतावादी दृष्टिकोण, और नैतिकता पर बल ।  

    • प्रमुख रचनाएँ: मैथिलीशरण गुप्त कृत 'साकेत' और अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' कृत 'प्रियप्रवास' ।  


    ग. छायावाद (सन् 1918 - 1936)

    • विशेषताएँ: वैयक्तिक अनुभूति (आत्मपरकता), प्रकृति का मानवीकरण, और नारी सौंदर्य का चित्रण ।  

    • प्रमुख कवि (चार स्तंभ): जयशंकर प्रसाद ('कामायनी'), सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' ('राम की शक्तिपूजा'), महादेवी वर्मा ।  


    घ. प्रगतिवाद (सन् 1936 - 1943)

    इसने छायावाद की सूक्ष्म कल्पना का विरोध कर स्थूल जगत की वास्तविकता पर ध्यान दिया ।  


    • विशेषताएँ: शोषक वर्ग के प्रति विद्रोह, शोषितों के प्रति सहानुभूति, और यथार्थवाद ।  

    • प्रमुख कवि: नागार्जुन, दिनकर, केदारनाथ अग्रवाल ।  


    ङ. प्रयोगवाद एवं नई कविता (सन् 1943 से अब तक)

    सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के 'तारसप्तक' (1943) से प्रयोगवाद का आरंभ माना जाता है ।  


    • विशेषताएँ: नवीन उपमानों का प्रयोग, बौद्धिकता, और लघु मानववाद की प्रतिष्ठा ।  

    • प्रमुख कवि: अज्ञेय, गजानन माधव 'मुक्तिबोध', धर्मवीर भारती, भवानीप्रसाद मिश्र ।  


    3. महत्त्वपूर्ण कवि और उनकी रचनाएँ (Table)

    कवि

    प्रमुख रचनाएँ

    केशवदास

    रामचंद्रिका, कविप्रिया   


    बिहारीलाल

    बिहारी-सतसई   


    भूषण

    शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक   


    मतीराम

    रसराज, ललित-ललाम, मतीराम सतसई   


    पद्माकर

    पद्माभरण, जगद्विनोद, गंगालहरी   


    जयशंकर प्रसाद

    कामायनी, लहर, झरना, आँसू   


    अज्ञेय

    हरी घास पर क्षण भर, आँगन के पार द्वार, इन्द्रधनुष रौंदे हुए ये   


    महादेवी वर्मा

    यामा, नीरजा, दीपशिखा   


    मैथिलीशरण गुप्त

    साकेत, भारत-भारती, यशोधरा


    About BhashaLab


    BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.


    We offer:

    1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards

    4. International English Olympiad Tuitions - All classes

    5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above

    6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online


    Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044

     
     
     

    Recent Posts

    See All
    2.2. मित्रता - Mitrata - Class 10 - पद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    पाठ का प्रकार: गद्य-खंड (निबंध) लेखक का नाम: आचार्य रामचंद्र शुक्ल विधा: विचारात्मक एवं मनोवैज्ञानिक निबंध शीर्षक: मित्रता परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts) विषय विवरण लेखक आचार्य रामचंद्र शुक्ल

     
     
     
    2.1. भारतीय संस्कृति - Bhartiya Sanskriti - Class 10 - गद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    पाठ का प्रकार: गद्य-खंड (निबंध) लेखक का नाम: डॉ० राजेंद्र प्रसाद विधा: विचारात्मक निबंध शीर्षक: भारतीय संस्कृति परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts) विषय विवरण लेखक डॉ० राजेंद्र प्रसाद जन्म वर्ष सन्

     
     
     
    2.0. हिंदी गद्य का विकास एक संक्षिप्त परिचय -Hindi Gadya Ka vikas - Class 10 - गद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    पाठ का प्रकार: गद्य-खंड (इतिहास) विषय: हिंदी गद्य का विकास: एक संक्षिप्त परिचय विधा: आलोचनात्मक एवं ऐतिहासिक निबंध परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts) विषय विवरण गद्य का स्वरूप विचार प्रधान, तर्कसं

     
     
     

    Comments


    bottom of page