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    1.5. भारत माता का मंदिर यह - Bharat Mata ka Mandir - Class 10 - पद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    • 3 days ago
    • 4 min read

    • पाठ का प्रकार: पद्य-खंड (काव्य)   

    • लेखक का नाम: मैथिलीशरण गुप्त   

    • विधा: आधुनिक कविता   

    • शीर्षक: भारत माता का मंदिर यह   


    परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)

    विषय

    विवरण

    कवि

    मैथिलीशरण गुप्त (राष्ट्रकवि)   


    जन्म वर्ष

    सन् 1886 ई.   


    जन्म स्थान

    चिरगाँव, जिला-झाँसी (उत्तर प्रदेश)   


    प्रेरणा स्रोत

    आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी   


    प्रसिद्ध महाकाव्य

    साकेत (रामचरित पर आधारित)   


    प्रिय छंद

    हरिगीतिका   


    मुख्य विषय

    राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और नारी सम्मान   


    1. लेखक परिचय (Author Introduction)

    • जन्म एवं परिवार: मैथिलीशरण गुप्त का जन्म सन् 1886 ई. में झाँसी के चिरगाँव में हुआ था । इनके पिता सेठ रामचरण स्वयं एक श्रेष्ठ कवि थे ।  


    • राष्ट्रकवि की उपाधि: महात्मा गाँधी और स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित गुप्त जी को उनकी राष्ट्रीय रचनाओं के कारण 'राष्ट्रकवि' के रूप में ख्याति मिली ।  


    • साहित्यिक व्यक्तित्व: गुप्त जी के काव्य में आदर्श और यथार्थ का सुंदर समन्वय है । उन्होंने उर्मिला और यशोधरा जैसे उपेक्षित नारी पात्रों को केंद्र में रखकर नवीन परंपरा का आरंभ किया ।  


    • प्रमुख रचनाएँ: साकेत, भारत-भारती, जयद्रथ-वध, पंचवटी, यशोधरा, द्वापर, सिद्धराज और नहुष ।  


    • भाषा-शैली: आपकी भाषा शुद्ध, परिष्कृत खड़ीबोली है । आपने प्रबंध और मुक्तक दोनों शैलियों में रचना की है ।  


    • निधन: सन् 1964 ई. ।  


    2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)


    हिन्दी: 'भारत माता का मंदिर यह' कविता में कवि ने भारत देश को एक पावन मंदिर के रूप में चित्रित किया है । यहाँ सभी धर्मों (राम, रहीम, बुद्ध, ईसा) के लिए समान आदर और ध्यान की व्यवस्था है । इस देश में जाति-पाँति का कोई भेदभाव नहीं है और सबका कल्याण यहाँ का मुख्य उद्देश्य है । कवि हमें 'अजातशत्रु' बनकर प्रेम का मार्ग अपनाने और सौ-सौ आदर्शों को लेकर उत्तम चरित्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं ।  


    English: In the poem 'Bharat Mata Ka Mandir Yeh', the poet depicts India as a sacred temple of the Motherland. It is a place where all religions (Rama, Rahim, Buddha, Jesus) are respected equally. The country stands for equality, free from the barriers of caste and creed. The poet encourages us to become 'Ajatshatru' (one without enemies) and build a strong national character based on high ideals.  


    3. केंद्रीय भाव / मूल संदेश (Central Idea / Theme)


    इस कविता का मूल संदेश सांप्रदायिक सौहार्द, समानता और देश-प्रेम है । कवि यह समझाना चाहते हैं कि भारत एक ऐसा तीर्थ है जहाँ हृदय को पवित्र करके ही प्रवेश करना चाहिए । वैमनस्य और बैर को त्यागकर आपसी भाईचारे से ही राष्ट्र का कल्याण संभव है ।  


    4. पद्यांश - ससन्दर्भ व्याख्या (Critical Verses)


    महत्वपूर्ण अंश: "भारत माता का मंदिर यह... पावें सभी प्रसाद यहाँ।"   


    • (क) सन्दर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के 'भारत माता का मंदिर यह' शीर्षक से लिया गया है। इसके रचयिता राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त हैं ।  

    • (ख) प्रसंग: कवि भारत की एकता और समतावादी दृष्टिकोण का वर्णन कर रहे हैं।

    • (ग) व्याख्या: कवि कहते हैं कि यह भारत देश भारत माता का विशाल मंदिर है, जहाँ समता (समानता) का संवाद होता है । यहाँ प्रत्येक व्यक्ति का कल्याण निहित है और सभी को सुख-शांति रूपी प्रसाद समान रूप से प्राप्त होता है ।  

    • (घ) काव्यगत विशेषता:

      • भाषा: सरल खड़ीबोली ।  

      • अलंकार: अनुप्रास अलंकार ।  

      • रस: शांत और वीर (उत्साह) ।  


    5. शब्दार्थ / शब्द-संपदा (Glossary)

    शब्द

    अर्थ

    पर्यायवाची

    विलोम

    सुलभ

    सरलता से प्राप्त

    सहज, सरल

    दुर्लभ

    प्रसाद

    ईश्वर की कृपा

    अनुग्रह, भोग

    ---

    अजातशत्रु

    जिसका कोई शत्रु न हो

    शत्रुहीन

    ---

    विषाद

    दुःख / कष्ट

    शोक, खेद

    हर्ष

    समता

    समानता

    बराबरी

    विषमता

    जयनाद

    विजय का स्वर

    विजयघोष

    ---

    6. सही या गलत (True or False)

    • कथन 1: मैथिलीशरण गुप्त का जन्म बलिया में हुआ था।

      • उत्तर: गलत । कारण: उनका जन्म झाँसी के चिरगाँव में हुआ था ।  


    • कथन 2: गुप्त जी को 'राष्ट्रकवि' कहा जाता है।

      • उत्तर: सही । कारण: महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलनों के प्रभाव के कारण उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ।  


    • कथन 3: 'साकेत' एक प्रसिद्ध महाकाव्य है।

      • उत्तर: सही ।  


    7. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers - 2 अंक)

    • प्रश्न 1: कवि ने 'अजातशत्रु' बनने की प्रेरणा क्यों दी है?

      • उत्तर: ताकि हम अपने मन से बैर का भाव निकाल सकें और सबको अपना मित्र बनाकर समाज में शांति स्थापित कर सकें ।  


    • प्रश्न 2: 'भारत माता का मंदिर' किसे कहा गया है?

      • उत्तर: कवि ने संपूर्ण भारत देश को ही भारत माता के मंदिर के रूप में संबोधित किया है ।  


    • प्रश्न 3: 'हर्ष-विषाद' बाँटने से कवि का क्या आशय है?

      • उत्तर: इसका आशय एक-दूसरे के सुख और दुःख में सहभागी बनकर एकता का परिचय देना है ।  


    8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers - 5 अंक)


    • प्रश्न: मैथिलीशरण गुप्त की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

      • उत्तर: गुप्त जी आधुनिक खड़ीबोली के प्रतिनिधि कवि हैं। उनकी भाषा-शैली की विशेषताएँ निम्न हैं:

        1. परिमार्जित खड़ीबोली: उन्होंने खड़ीबोली को ब्रजभाषा जैसी मधुरता प्रदान की ।  

        2. शब्दावली: आपकी भाषा में संस्कृतनिष्ठ शब्दों के साथ-साथ लोकोक्तियों और मुहावरों का जवंत प्रयोग मिलता है ।  

        3. शैली: उन्होंने प्रबंध (महाकाव्य/खंडकाव्य) और मुक्तक दोनों शैलियों में सफल रचनाएँ की हैं ।

        4. छंद: आपने सभी प्रचलित छंदों का प्रयोग किया, परंतु 'हरिगीतिका' आपका सबसे प्रिय छंद रहा है ।  


    9. व्याकरण (Grammar)


    • उपसर्ग और मूल शब्द पृथक करें:   

      • संवाद: सम् + वाद

      • सम्मान: सम् + मान

      • संप्रदाय: सम् + प्रदाय

      • सुलभ: सु + लभ


    • समास-विग्रह:   

      • भाई-बहन: भाई और बहन (द्वंद्व समास)

      • हर्ष-विषाद: हर्ष और विषाद (द्वंद्व समास)

      • अजातशत्रु: नहीं पैदा हुआ है शत्रु जिसका (बहुब्रीहि समास)


    10. UP Board परीक्षा हेतु अपेक्षित प्रश्न


    • व्याख्या हेतु: "सब तीर्थों का एक तीर्थ यह... सबको मित्र बना लें हम।"   

    • लघु उत्तरीय: गुप्त जी ने 'उपेक्षित नारी पात्रों' के लिए कौन से दो प्रसिद्ध काव्य लिखे? (उत्तर: साकेत-उर्मिला और यशोधरा)  

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