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    1.6. पुष्प की अभिलाषा एवं जवानी - Pushp ki Abhilasha - Class 10 - पद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    • 3 days ago
    • 5 min read

    • पाठ का प्रकार: पद्य-खंड (काव्य)   

    • लेखक का नाम: माखनलाल चतुर्वेदी   

    • विधा: ओजपूर्ण कविता   

    • शीर्षक: पुष्प की अभिलाषा एवं जवानी   


    परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)

    विषय

    विवरण

    कवि

    माखनलाल चतुर्वेदी (एक भारतीय आत्मा)

    जन्म जिला

    होशंगाबाद (मध्य प्रदेश)

    संपादन

    'प्रभा' और 'कर्मवीर' साप्ताहिक

    प्रमुख सम्मान

    हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार (हिमतरंगिणी हेतु)

    पाठ्यपुस्तक

    पद्य-खंड, कक्षा 10

    प्रिय रस

    वीर रस (राष्ट्रीय चेतना)

    मुख्य कृति

    हिमकिरीटिनी, हिमतरंगिणी, युगचरण, समर्पण

    1. लेखक परिचय (Author Introduction)

    • जन्म एवं प्रभाव: पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में हुआ था । वे एक सफल शिक्षक, ओजस्वी वक्ता और निर्भीक पत्रकार थे ।  


    • राष्ट्रीय योगदान: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे कई बार जेल गए । उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम और बलिदान की भावना कूट-कूट कर भरी है, जिसके कारण उन्हें 'एक भारतीय आत्मा' कहा जाता है ।  


    • प्रमुख रचनाएँ:

      • काव्य: हिमकिरीटिनी, हिमतरंगिणी, युगचरण, वेणु लो गूँजे धरा ।  

      • संपादन: 'कर्मवीर' और 'प्रभा' पत्रों के माध्यम से आपने राष्ट्रीय चेतना फैलाई ।  


    • पुरस्कार: उन्हें 'हिमतरंगिणी' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।  


    • निधन: सन् 1968 ई. में उनका निधन हुआ।


    2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)


    हिन्दी:'पुष्प की अभिलाषा' में पुष्प सम्राटों के शव या देवों के सिर पर चढ़ने के बजाय उन वीरों के पैरों तले कुचला जाना पसंद करता है जो मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने जा रहे हैं । 'जवानी' कविता में कवि युवाओं को ललकारते हुए उन्हें आलस्य त्यागने और देश के लिए बलिदान देने की प्रेरणा देते हैं । वे कहते हैं कि जवानी वह है जो मरण को भी त्योहार मानकर गले लगा ले ।  


    English: In 'Pushp Ki Abhilasha', a flower expresses its desire not to be used in garlands or offered to gods, but to be strewn on the path where brave soldiers march to sacrifice their lives for the motherland . In 'Jawani', the poet urges the youth to abandon lethargy and be ready for supreme sacrifice. He defines youth as the courage to embrace death as a celebration for the country's sake.  


    3. केंद्रीय भाव / मूल संदेश (Central Idea / Theme)

    इस पाठ का मूल संदेश निस्वार्थ देशभक्ति और युवा शक्ति का जागरण है । कवि यह समझाना चाहते हैं कि सच्ची जवानी वही है जो अपने व्यक्तिगत सुखों को त्यागकर राष्ट्र की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण कर दे ।  


    4. पद्यांश - ससन्दर्भ व्याख्या (Critical Verses)


    महत्वपूर्ण अंश 1: "चाह नहीं, मैं सुरबाला के... जिस पथ जावें वीर अनेक।"   


    • (क) सन्दर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के 'पुष्प की अभिलाषा' शीर्षक से लिया गया है। इसके रचयिता माखनलाल चतुर्वेदी हैं ।  

    • (ख) प्रसंग: पुष्प अपनी इच्छा प्रकट करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव दिखा रहा है ।  

    • (ग) व्याख्या: पुष्प कहता है कि मुझे अप्सराओं के गहनों में गूँथने या सम्राटों के शवों पर चढ़ने का मोह नहीं है । हे बनमाली! मुझे तोड़कर उस रास्ते में फेंक देना जहाँ से वीर सैनिक अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सिर चढ़ाने जाते हों ।  

    • (घ) काव्यगत विशेषता:

      • रस: वीर रस ।  

      • भाषा: सरल और भावपूर्ण खड़ीबोली ।  


    महत्वपूर्ण अंश 2: "खून हो जाए न तेरा देख, पानी ! / मरण का त्योहार, जीवन की जवानी।"   


    • (क) सन्दर्भ: शीर्षक— 'जवानी' ।  

    • (ख) प्रसंग: युवाओं को साहस और क्रांति के लिए प्रेरित करना ।  

    • (ग) व्याख्या: कवि युवाओं को सावधान करते हुए कहते हैं कि कहीं तुम्हारा उत्साह ठंडा पड़कर पानी न हो जाए । जवानी तो वह है जो देश के लिए मृत्यु का वरण करने को भी एक उत्सव की तरह स्वीकार करे ।  

    5. शब्दार्थ / शब्द-संपदा (Glossary)

    शब्द

    अर्थ

    पर्यायवाची

    विलोम

    सुरबाला

    अप्सरा / देवांगना

    अप्सरा, देवकन्या

    ---

    पाहन

    पत्थर

    पाषाण, प्रस्तर

    कोमल

    भूडोल

    भूकंप

    पृथ्वी का काँपना

    ---

    श्वान

    कुत्ता

    ग्राम-सिंह, कुक्कुर

    ---

    असि

    तलवार

    कृपाण, खड्ग

    ---

    विषाद

    दुःख / संताप

    शोक, खेद

    हर्ष

    6. सही या गलत (True or False)

    • कथन 1: माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म झाँसी में हुआ था।

      • उत्तर: गलत । कारण: उनका जन्म मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में हुआ था ।  


    • कथन 2: 'युग चरण' माखनलाल चतुर्वेदी की रचना है।

      • उत्तर: सही ।  


    • कथन 3: 'पुष्प की अभिलाषा' कविता 'युगचरण' काव्य-संग्रह से ली गई है।

      • उत्तर: सही ।  


    7. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers - 2 अंक)


    • प्रश्न 1: पुष्प की अंतिम इच्छा क्या है?

      • उत्तर: पुष्प की अंतिम इच्छा है कि उसे उस मार्ग पर बिछा दिया जाए जहाँ से राष्ट्रभक्त वीर मातृभूमि के लिए बलिदान देने हेतु गुजरते हों ।  


    • प्रश्न 2: कवि ने साहसहीन युवाओं को 'ग्राम-सिंह' क्यों कहा है?

      • उत्तर: क्योंकि कुत्ते (ग्राम-सिंह) केवल रोटियों के लिए दुम हिलाते हैं और उनमें साहस का अभाव होता है, वैसे ही स्वाभिमानहीन युवा भी साहस खो देते हैं ।  


    • प्रश्न 3: 'मरण का त्योहार' से क्या तात्पर्य है?

      • उत्तर: इसका तात्पर्य है देश की स्वतंत्रता के लिए मृत्यु को भी हर्ष और उल्लास के साथ स्वीकार करना ।  


    8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers - 5 अंक)

    • प्रश्न: माखनलाल चतुर्वेदी के साहित्यिक योगदान और भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।


      • उत्तर: चतुर्वेदी जी आधुनिक हिंदी साहित्य के गौरव हैं:  

        1. राष्ट्रीय भावना: उनकी रचनाओं का मूल स्वर 'राष्ट्रप्रेम' और 'बलिदान' है ।  

        2. भाषा: उन्होंने शुद्ध खड़ीबोली का प्रयोग किया जिसमें कहीं-कहीं उर्दू-फारसी के शब्द भी मिलते हैं ।  

        3. शैली: उनकी शैली ओजस्वी और भावात्मक है, जो पाठकों में उत्साह भर देती है ।  

        4. प्रतीक विधान: 'पुष्प' को उन्होंने एक समर्पित राष्ट्रभक्त के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है ।  


    9. व्याकरण (Grammar)


    • मुहावरे और अर्थ:   

      • नसों में पानी होना: उत्साह और साहस का समाप्त होना 。  

      • चरण चाटना: चापलूसी करना या पराधीनता स्वीकार करना ।  

      • कायाकल्प होना: पूरी तरह बदल जाना या नवीन परिवर्तन ।  


    • समास-विग्रह:   

      • हर्ष-विषाद: हर्ष और विषाद (द्वंद्व समास)।

      • स्वमुंड: स्वयं का मुंड (तत्पुरुष समास) ।  


    10. UP Board परीक्षा हेतु अपेक्षित प्रश्न

    • व्याख्या हेतु: "मुझे तोड़ लेना बनमाली... जावें वीर अनेक।"   

    • लघु उत्तरीय: माखनलाल चतुर्वेदी को किस उपाधि से जाना जाता है? (उत्तर: एक भारतीय आत्मा)


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