8. सत्रिया और बिहू नृत्य - Sattriya Aur Bihu Nritya - CBSE - Std 6 - Malhar
Updated: 5 days ago

SECTION 1 – पाठ परिचय | Lesson Introduction
पाठ संख्या: 8
पाठ का नाम: सत्रिया और बिहू नृत्य
रचनाकार / लेखिका: जया मेहता (अनुवादक: शिवेंद्र कुमार सिंह)
पुस्तक: मल्हार
कक्षा: 6
विषय: हिंदी
विधा: निबंध / यात्रापरक वर्णनात्मक लेख (Descriptive Essay) मुख्य
विषय: असम की समृद्ध सांस्कृतिक व नृत्य परंपरा (बिहू और सत्रिया)
एक वाक्य में पाठ यह पाठ लंदन से आई एक नन्हीं बालिका एंजेला की दृष्टि से असम के लोकनृत्य 'बिहू' और शास्त्रीय परंपरा के 'सत्रिया' नृत्य के सांस्कृतिक वैभव, इतिहास और जीवंतता का सुंदर परिचय देता है।
SECTION 2 – इस पाठ से आप क्या सीखेंगे? | What Will You Learn?
असम के प्रसिद्ध बिहू नृत्य और शास्त्रीय सत्रिया नृत्य की मुख्य विशेषताओं को समझ सकेंगे।
कृषि-चक्र से जुड़े बिहू पर्व तथा वैष्णव मठों (सत्रों) में पनपी नृत्य परंपरा का संबंध स्पष्ट कर सकेंगे।
कला, संगीत और लोक-संस्कृति के माध्यम से मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति का महत्व समझा सकेंगे।
पाठ में आए सांस्कृतिक, भौगोलिक और असमी भाषा के विशिष्ट शब्दों की पहचान कर उनका प्रयोग कर सकेंगे।
SECTION 3 – रचनाकार परिचय | Author Introduction
जया मेहता (जन्म 1977) एक प्रसिद्ध भारतीय नृत्यांगना, लेखिका और कला-शिक्षिका हैं। वे स्वयं ओडिसी नृत्य में पारंगत हैं तथा देश-विदेश में अपनी प्रस्तुतियाँ देती रही हैं। बच्चों के लिए भारतीय शास्त्रीय व लोकनृत्यों की बारीकियों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना उनकी प्रमुख विशेषता है। प्रस्तुत पाठ उनकी पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया है, जिसका सुरुचिपूर्ण हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है।
SECTION 4 – पाठ की रूपरेखा | Outline of the Lesson
मुख्य विचार 1 – लंदन से असम की यात्रा: एंजेला का अपनी वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) निर्माता माँ एलेसेंड्रा के साथ लंदन से गुवाहाटी आना।
मुख्य विचार 2 – मलंग गाँव में बिहू का उल्लास: बरगद के पेड़ के नीचे युवाओं का वाद्ययंत्रों और सुंदर पोशाकों के साथ बसंत के आगमन पर बिहू नृत्य करना।
मुख्य विचार 3 – कृषि पर्व बिहू की पृष्ठभूमि: साल में तीन बार मनाए जाने वाले बिहू और भारतीय जनजीवन में इसके महत्व की समझ।
मुख्य विचार 4 – माजुली के दक्षिणापथ सत्र में आगमन: उत्तरी असम के सत्रों (मठों) में युवा साधुओं और आधुनिक दौर में महिला कलाकारों द्वारा किए जाने वाले सत्रिया नृत्य का अवलोकन।
मुख्य विचार 5 – जय-विजय की पौराणिक कथा और नृत्य-अभ्यास: महिला कलाकारों द्वारा मंच पर अभिनय तथा एंजेला और अनु द्वारा नृत्य-मुद्राएँ सीखना।
मुख्य विचार 6 – लंदन में भारतीय कला का प्रसार: लंदन लौटकर एंजेला द्वारा अपनी कक्षा में असमी नृत्य का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन करना।
SECTION 5 – पाठ का सारांश | Summary
'सत्रिया और बिहू नृत्य' पाठ में लंदन की बालिका एंजेला की भारत-यात्रा के माध्यम से असम की अनोखी कला-संस्कृति का वर्णन किया गया है। एंजेला की माँ एलेसेंड्रा को ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने का अवसर मिला था। अप्रैल के महीने में असम पहुँचकर एंजेला ने मलंग गाँव में रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे युवाओं को उल्लासपूर्वक बिहू नृत्य करते देखा। उसकी माँ ने समझाया कि बिहू कृषि-चक्र और बसंत के आगमन से जुड़ा त्योहार है जो साल में तीन बार मनाया जाता है।
इसके बाद वे माजुली के दक्षिणापथ सत्र पहुँचे, जहाँ वे लेखिका रीना सेन के घर ठहरे। वहाँ एंजेला की मित्रता दस वर्षीय अनु से हुई। सत्र (वैष्णव मठ) में उन्होंने सत्रिया नृत्य देखा, जो पहले केवल पुरुष साधुओं तक सीमित था, परंतु बीसवीं सदी से महिला कलाकारों द्वारा भी प्रस्तुत किया जाने लगा। प्रिया और रीता नामक नृत्यांगनाओं ने भगवान विष्णु के द्वारपालों जय-विजय की कथा का सजीव अभिनय किया। इन नृत्यों से प्रभावित होकर एंजेला ने उनकी मुद्राएँ सीखीं और लंदन लौटकर अपने स्कूल में इसका सफल प्रदर्शन किया।
SECTION 6 – पाठ को समझें | Understand the Lesson
बिहू: प्रकृति और कृषि का जीवंत लोकनृत्य बिहू असम का अत्यंत लोकप्रिय कृषि आधारित लोकनृत्य और त्योहार है। यह किसानों के जीवन और ऋतु-परिवर्तन से गहरा जुड़ा हुआ है। बसंत के आगमन पर मनाए जाने वाले बोहाग बिहू में युवक-युवतियाँ पारंपरिक लाल और बादामी रंगों की पोशाक पहनकर वाद्ययंत्रों की थाप पर पूरी मस्ती और उमंग के साथ नृत्य करते हैं।
English Support: Bihu is a joyful folk dance of Assam closely tied to the agricultural cycle and the arrival of spring, reflecting community harmony and nature's vitality.
सत्रिया नृत्य: मठों की पावन शास्त्रीय परंपरा सत्रिया असम का शास्त्रीय नृत्य है, जिसकी उत्पत्ति वहाँ के वैष्णव मठों यानी 'सत्रों' में हुई थी। पहले यह नृत्य केवल मठों के युवा साधुओं द्वारा आध्यात्मिक साधना और पौराणिक कथाओं की प्रस्तुति के लिए किया जाता था। बीसवीं सदी के मध्य में समाज-सुधारक साधुओं के प्रयासों से यह मठों से बाहर आया और महिला कलाकारों ने भी इसे रंगमंच पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
English Support: Originating in Assam’s Vaishnavite monasteries (Satras), Sattriya was traditionally performed by male monks, but modern developments opened this classical dance form to women artists.
सांस्कृतिक सेतु और बाल-सुलभ मित्रता लंदन की एंजेला और असम की अनु के बीच की आत्मीय मित्रता दिखाती है कि भाषा और भूगोल की सीमाएँ कला और स्नेह के आगे मिट जाती हैं। नारियल की जटा के खिलौने, राम-रावण का खेल और नृत्य-मुद्राओं का अभ्यास दोनों को एक-दूसरे के निकट लाता है, जिससे भारतीय संस्कृति की वैश्विक अपील उजागर होती है।
English Support: The friendship between Angela and Anu highlights how traditional arts, shared games, and childhood innocence bridge diverse cultures effortlessly.
SECTION 7 – महत्वपूर्ण शब्दार्थ | Important Vocabulary
डॉक्यूमेंट्री | वास्तविक तथ्यों पर आधारित वृत्तचित्र | documentary film |
असम की नृत्य परंपरा पर बनने वाली फ़िल्म के संदर्भ में हतप्रभ | हैरान या आश्चर्यचकित | stunned / amazed |
बरगद के नीचे विशाल भीड़ और उत्सव देखकर एंजेला की प्रतिक्रिया सत्र | असम के पारंपरिक वैष्णव मठ | Vaishnavite monasteries of Assam |
जहाँ धार्मिक साधना और सत्रिया नृत्य का विकास हुआ सेंक्टोरियम | मठ या मंदिर का गर्भगृह (पवित्र भीतरी भाग) | sanctum / inner sanctum |
दक्षिणापथ सत्र के मुख्य भवन के संदर्भ में छद्म युद्ध | अभिनय के लिए किया जाने वाला नकली युद्ध | mock battle |
नृत्य-नाट्य में अस्त्र-शस्त्र चलाने के कलात्मक अभिनय के रूप में श्राप | शाप या अनिष्ट की वाणी | curse | ऋषियों द्वारा द्वारपाल जय-विजय को असुर बनने के शाप के संदर्भ में मुद्राएँ | नृत्य में हाथों और शरीर की विशेष भंगिमाएँ | hand gestures / dance poses |
नृत्यांगनाओं द्वारा सिखाई गई कलात्मक मुद्राओं के अर्थ में लजीज | अत्यंत स्वादिष्ट | delicious / tasty |
बिहू उत्सव में बने पारंपरिक व्यंजनों के संदर्भ में
SECTION 8 – पात्र और व्यक्तित्व | Characters and Personality
एंजेला लंदन की दस वर्षीय जिज्ञासु और संवेदनशील बालिका। उसे दूर-दराज की संस्कृतियों और कहानियों से गहरा लगाव है। असम आकर वह बिहू और सत्रिया नृत्य को केवल देखती ही नहीं, बल्कि उनकी मुद्राओं को सीखकर लंदन में अपनी कक्षा में भी प्रस्तुत करती है।
एलेसेंड्रा एंजेला की माँ, जो एक कुशल डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता हैं। वे एक वैज्ञानिक-कहानीकार की तरह कला और संस्कृति के यथार्थ को कैमरे में कैद करती हैं और अपनी बेटी को भारतीय परंपराओं का गहरा ज्ञान देती हैं।
अनु असम की जानी-मानी लेखिका रीना सेन की दस वर्षीय बेटी। वह मिलनसार और चंचल है। वह एंजेला को असमी शब्द सिखाती है, अपने देशी खिलौनों से खेलती है और उसके साथ मिलकर सत्रिया नृत्य के दृश्य दोहराती है।
SECTION 9 – मुख्य विचार | Key Ideas
केंद्रीय विचार भारत की नृत्य और संगीत परंपराएँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति, कृषि, धार्मिक आस्था और लोक-जीवन की गहन भावनाओं की सजीव अभिव्यक्ति हैं।
अन्य महत्वपूर्ण विचार
समय के साथ शास्त्रीय कलाओं में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं, जैसा कि सत्रिया नृत्य में महिलाओं के प्रवेश से हुआ।
कला और सांस्कृतिक धरोहरें भौगोलिक सीमाओं को पार करके पूरी दुनिया के लोगों को आपस में जोड़ सकती हैं।
SECTION 10 – भाषा और साहित्य की खास बातें | Language Focus
विशेषता: यात्रापरक एवं वर्णनात्मक शैली पाठ में रूप: लंदन से उड़ान, गुवाहाटी आगमन, मलंग गाँव का उत्सव और दक्षिणापथ सत्र का आँखों देखा विवरण। प्रभाव: पाठक स्वयं को एंजेला के साथ असम के मनोहारी वातावरण और नृत्यों के बीच उपस्थित महसूस करता है।
विशेषता: सांस्कृतिक एवं स्थानीय शब्दावली का सुंदर संयोजन पाठ में रूप: 'बिहू', 'सत्र', 'सत्रिया', 'जय-विजय', 'नारियल की जटा के खिलौने'। प्रभाव: पाठ में असमिया लोक-संस्कृति और परिवेश की प्रामाणिक सुगंध आती है।
विशेषता: रोचक उपमा और कल्पना बिंब पाठ में रूप: "जैसे वह आश्चर्यजनक रूप से किसी टाइम-मशीन में आकर बैठ गई हो!" प्रभाव: एक आधुनिक विदेशी बच्ची के लिए भारत के पारंपरिक ग्रामीण उत्सव के अनोखेपन को अत्यंत रोचकता से व्यक्त किया गया है।
English Support: The imaginative use of modern metaphors like a 'time machine' makes an ancient traditional setting relatable to young learners.
SECTION 11 – एक महत्वपूर्ण प्रसंग | An Important Incident
स्थिति / संदर्भ रात के समय दक्षिणापथ सत्र में महिला नृत्यांगनाओं (प्रिया और रीता) द्वारा पगड़ी पहनकर भगवान विष्णु के द्वारपालों जय-विजय की पौराणिक कथा का सशक्त अभिनय व नृत्य प्रस्तुत किया जाना।
यह महत्वपूर्ण क्यों है? यह प्रसंग सत्रिया नृत्य के ऐतिहासिक विकास और सामाजिक बदलाव को दर्शाता है। जो शास्त्रीय नृत्य कभी केवल पुरुष साधुओं की बंद दीवारों तक सीमित था, उसमें महिलाओं ने अपनी असाधारण ऊर्जा, बल और आकर्षण से एक नया गौरव स्थापित किया।
सोचिए यदि बीसवीं शताब्दी में साधुओं ने सत्रिया नृत्य को मठों से बाहर लाकर महिलाओं व आम लोगों को न सिखाया होता, तो इस कला पर क्या प्रभाव पड़ता?
संभावित उत्तर यदि यह नृत्य मठों के बाहर न आता, तो यह केवल कुछ सीमित साधुओं तक ही सिमट कर रह जाता। आधुनिक समय में इसे जो राष्ट्रीय व वैश्विक पहचान मिली है और जिस प्रकार महिला कलाकारों ने इसे समृद्ध किया है, वह संभव नहीं हो पाता।
SECTION 12 – अपनी समझ जाँचें | Check Your Understanding
प्रश्न 1 (सीधी समझ): असम में बिहू त्योहार वर्ष में कितनी बार और किन अवसरों पर मनाया जाता है?
उत्तर: असम में बिहू वर्ष में तीन बार मनाया जाता है—बीज बोते समय, धान रोपते समय और खेतों में फसल तैयार होने के समय।
प्रश्न 2 (कारण / व्याख्या): सत्रिया नृत्य को यह नाम क्यों दिया गया है और इसकी शुरुआत कहाँ से हुई?
उत्तर: इस नृत्य की उत्पत्ति असम के वैष्णव मठों में हुई थी, जिन्हें 'सत्र' कहा जाता है। सत्रों में विकसित और पल्लवित होने के कारण ही इस पावन शास्त्रीय नृत्य का नाम 'सत्रिया' पड़ा।
प्रश्न 3 (अनुमान / मुख्य विचार): लंदन लौटने के बाद एंजेला ने अपनी कक्षा में असम के नृत्य का प्रदर्शन क्यों किया? English Support: Why did Angela perform the Assamese dance in her London classroom?
उत्तर: एंजेला असम की रंग-बिरंगी नृत्य परंपरा, ऊर्जा और अनु के साथ बिताए अनुभवों से अत्यंत प्रभावित और रोमांचित थी। वह अपने सहपाठियों और शिक्षकों को भी भारत की इस अनूठी और जीवंत कला की सुंदरता से परिचित कराना चाहती थी।
प्रश्न 4 (व्यक्तिगत प्रतिक्रिया):
यदि आपको किसी दूसरे राज्य या देश की सांस्कृतिक यात्रा पर जाने का अवसर मिले, तो आप वहाँ क्या देखना और सीखना चाहेंगे?
संभावित दिशा:
विद्यार्थी लिख सकते हैं कि वे वहाँ के पारंपरिक लोकनृत्य, संगीत और त्योहारों को नजदीक से देखना चाहेंगे।
यह भी लिख सकते हैं कि वे स्थानीय खान-पान, पारंपरिक वेशभूषा और बच्चों के खेलों को जानकर नए मित्र बनाना चाहेंगे।
SECTION 13 – याद रखने योग्य 5 बातें | Things to Remember
एंजेला अपनी डॉक्यूमेंट्री निर्माता माँ के साथ लंदन से असम की नृत्य परंपरा पर फ़िल्म बनाने आई थी।
बिहू असम का प्रमुख कृषि उत्सव और लोकनृत्य है, जो फसलों के चक्र और बसंत के आगमन पर उल्लास से मनाया जाता है।
सत्रिया असम का शास्त्रीय नृत्य है, जिसकी जड़ें वहाँ के वैष्णव मठों (सत्रों) की आध्यात्मिक परंपरा में हैं।
बीसवीं सदी के बदलावों के बाद महिलाओं ने भी सत्रिया नृत्य को अपनाया और पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत किया।
कला और संस्कृति की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती; वे विभिन्न देशों के लोगों और बच्चों को प्रेम के सूत्र में बाँध देती हैं।
अतिरिक्त पठन | Supplementary Reading
शीर्षक: असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क रचनाकार: बिमल श्रीवास्तव (स्रोत पत्रिका)
यह लेख असम की विश्वप्रसिद्ध प्राकृतिक धरोहर 'मूँगा सिल्क' का परिचय देता है। सुनहरे-भूरे रंग का यह चमकीला रेशम विश्व भर में केवल असम और पूर्वोत्तर भारत में ही तैयार होता है। अन्य रेशमी वस्त्रों के विपरीत इसे आसानी से घर पर ही धोया जा सकता है और हर धुलाई के बाद इसका निखार और बढ़ता जाता है। यह अत्यंत टिकाऊ वस्त्र लगभग पचास वर्षों तक खराब नहीं होता और इसे किसी भी मौसम में पहना जा सकता है।



