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    15. फीचर लेखन - Feature Lekhan - Class 12 - Yuvakbharati

    • 2 days ago
    • 3 min read

    Updated: 9 hours ago

    लेखिका: डॉ. बीना शर्मा | विधा: कहानी


    १. शब्दार्थ और मुहावरे (Glossary with English Context)

    क. शब्दार्थ (Word Meanings)


    शब्द

    अर्थ (Hindi)

    अर्थ (English Context)

    पत्रकारिता

    संवादों को एकत्र करना

    Journalism

    संश्लिष्टता

    जटिलता/मिश्रण

    Complexity/Synthesis

    सोपान

    सीढ़ी/चरण

    Step/Stage

    चरितार्थ

    सिद्ध होना

    Characterized/Proven

    समसामयिक

    एक ही समय का

    Contemporary

    रोजगार

    जीविका का साधन

    Employment

    नीरस

    रसहीन/फीका

    Dull/Uninteresting

    प्रमाणिकता

    सत्यता

    Authenticity

    जिज्ञासा

    उत्सुकता

    Curiosity

    गागर में सागर

    कम शब्दों में बहुत कुछ कहना

    Brevity with depth

    २. परिचय और सारांश (Introduction & Summary)

    लेखिका परिचय: डॉ. बीना शर्मा (जन्म: १९५९) एक प्रसिद्ध लेखिका और कवयित्री हैं। आप भारतीय संस्कारों और जीवनमूल्यों के प्रति जागरूक साहित्य सृजन के लिए जानी जाती हैं।


    केंद्रीय भाव (Central Idea):

    • हिन्दी: फीचर लेखन का मुख्य कार्य किसी विषय का सजीव और रोचक वर्णन करना है, जो पाठक को जानकारी देने के साथ-साथ उसका मनोरंजन भी करे।


    • English: The main function of feature writing is to provide a vivid and interesting description of a subject, informing the reader while also entertaining them.


    सारांश (Summary):  प्रस्तुत पाठ में 'कहानी' विधा के माध्यम से फीचर लेखन की बारीकियों को समझाया गया है। मुख्य पात्र 'स्नेहा' एक फीचर लेखिका है, जिसके माध्यम से फीचर के स्वरूप, प्रकार और उसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है। फीचर केवल समाचार नहीं है, बल्कि यह समाचार का विस्तार और उसका मानवीकरण है। एक अच्छा फीचर पाठक की जिज्ञासा जगाता है और उसे विषय के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ता है। लेखिका ने यह भी रेखांकित किया है कि वर्तमान समय में फीचर लेखन पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।


    ६. व्यावहारिक हिंदी (Applied Hindi)


    फीचर लेखन की विशेषताएँ और सोपान: 


    • विशेषताएँ:

      • फीचर में विषय का सजीव चित्रण होना चाहिए।

      • इसकी भाषा सरल, सुबोध और आकर्षक होनी चाहिए।

      • फीचर में तथ्यों के साथ-साथ मनोरंजन का पुट भी होना चाहिए।

      • इसमें लेखक की अपनी शैली और दृष्टिकोण झलकता है।


    • सोपान (चरण): 

      1. विषय का चयन: समसामयिक और रोचक विषय चुनना।

      2. सामग्री संकलन: विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी जुटाना।

      3. फीचर योजना: रूपरेखा तैयार करना।

      4. लेखन: सजीव और प्रभावी ढंग से विस्तार करना।

      5. शीर्षक और उपसंहार: आकर्षक शीर्षक और प्रभावशाली अंत।


    • प्रकार: 

      • समाचार फीचर, मानवीय रुचिपरक फीचर, विज्ञान फीचर, खेल-कूद फीचर आदि।


    ७. व्याकरण (Grammar Corner)


    वाक्य परिवर्तन: 

    • १. खेलकूद को अपने जीवन का हिस्सा बनाओ। (आज्ञार्थक)

    • २. फीचर लेखन का क्षेत्र रोजगार का माध्यम बन सकता है। (विधानार्थक)


    ८.पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न

    • प्रश्न १: फीचर लेखन करते समय कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

      • उत्तर: फीचर लेखन में क्लिष्ट भाषा से बचना चाहिए, तथ्यों की सत्यता की जाँच करनी चाहिए और विषय को नीरस नहीं होने देना चाहिए।


    • प्रश्न २: फीचर लेखन के मुख्य सोपान क्या हैं?

      • उत्तर: मुख्य सोपान हैं—विषय चयन, सामग्री संकलन, फीचर योजना और प्रभावी लेखन।


    • प्रश्न ३: समाचार और फीचर में क्या अंतर है?

      • उत्तर: समाचार का कार्य सूचना देना है, जबकि फीचर सूचना के साथ-साथ मनोरंजन और विषय का सजीव विश्लेषण भी करता है।


    • प्रश्न ४: 'गागर में सागर भरना' का अर्थ कहानी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

      • उत्तर: इसका अर्थ है कम पात्रों और सीमित प्रसंगों के माध्यम से जीवन के व्यापक सत्य या अनुभव को संक्षेप में प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करना।


    • प्रश्न ५: खेल-कूद फीचर की उपयोगिता बताइए।

      • उत्तर: खेल फीचर युवाओं में अनुशासन, टीम वर्क और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने की प्रेरणा देते हैं।


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