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    2.6.अजंता - Ajanta - Class 10 - गद्य-खंड - Rajeev Prakashan

    • May 15
    • 5 min read

    Updated: 6 days ago

    • पाठ का प्रकार: गद्य-खंड (निबंध)

    • लेखक का नाम: डॉ० भगवतशरण उपाध्याय

    • विधा: वर्णनात्मक एवं ऐतिहासिक निबंध

    • शीर्षक: अजंता


    परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)

    विषय

    विवरण

    लेखक

    डॉ० भगवतशरण उपाध्याय

    जन्म वर्ष

    सन् 1910 ई.

    जन्म स्थान

    उजियारीपुर, जिला-बलिया (उ.प्र.)

    प्रमुख क्षेत्र

    प्राचीन इतिहास, पुरातत्त्व और कला

    विशिष्ट सेवा

    मॉरीशस में भारत के राजदूत

    मुख्य विषय

    भारतीय संस्कृति, इतिहास और कला का समन्वय

    भाषा

    परिमार्जित, संस्कृतनिष्ठ और सजीव खड़ीबोली

    1. लेखक परिचय (Author Introduction)


    • जन्म एवं शिक्षा: डॉ० भगवतशरण उपाध्याय का जन्म सन् 1910 ई. में बलिया के उजियारीपुर गाँव में हुआ था। इन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्राचीन इतिहास में एम.ए. किया।

    • व्यावसायिक जीवन: आप पुरातत्त्व विभाग से जुड़े रहे और लखनऊ संग्रहालय के अध्यक्ष भी रहे। आपने पिलानी और विक्रम विश्वविद्यालय (उज्जैन) में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। आप मॉरीशस में भारत के राजदूत भी रहे।

    • प्रमुख रचनाएँ:

      • इतिहास/पुरातत्त्व: मंदिर और भवन, भारतीय मूर्तिकला की कहानी, भारतीय चित्रकला की कहानी।

      • निबंध/आलोचना: साहित्य और कला, विश्व साहित्य की रूपरेखा, इतिहास के पन्नों पर।

      • यात्रा साहित्य: कोलकाता से पीकिंग, सागर की लहरों पर।

    • निधन: सन् 1982 ई. में मॉरीशस में।


    2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)


    हिन्दी:

    'अजंता' निबंध में लेखक ने महाराष्ट्र के सह्याद्रि पर्वतमाला में स्थित अजंता की गुफाओं की कलात्मकता का जीवंत वर्णन किया है। लेखक बताते हैं कि किस प्रकार पत्थरों को काटकर सुंदर भवन बनाए गए और दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बुद्ध के जीवन की कहानियों (जातक कथाओं) को उकेरा गया। ये चित्र इतने सजीव हैं कि उनमें जीवन के सभी रंग—दया, प्रेम, ईर्ष्या और वैराग्य—साफ दिखाई देते हैं। अजंता की यह चित्रकला न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व की कला को प्रभावित करती है।


    English:

    In the essay 'Ajanta', the author provides a vivid description of the artistic excellence of the Ajanta caves located in the Sahyadri range of Maharashtra. He explains how stones were carved into beautiful structures and the walls were adorned with paintings depicting the life of Buddha (Jataka tales). These paintings are so lifelike that they reflect all shades of human emotions—compassion, love, envy, and detachment. The art of Ajanta remains a global inspiration, influencing art far beyond the borders of India.


    3. केंद्रीय भाव / मूल संदेश (Central Idea / Theme)


    इस पाठ का मूल संदेश 'भारतीय कला की अमरता और ऐतिहासिक विरासत' है। लेखक यह समझाना चाहते हैं कि हमारे पूर्वजों ने किस प्रकार प्रकृति को कला में बदलकर उसे अमर बना दिया। अजंता हमें अपनी संस्कृति पर गर्व करने और कला के प्रति श्रद्धा रखने की प्रेरणा देता है।


    4. गद्यांश - ससन्दर्भ व्याख्या (Critical Passages)


    महत्वपूर्ण अंश 1: "ज़िन्दगी को मौत के पंजों से मुक्त कर उसे अमर बनाने के लिए आदमी ने पहाड़ काटा है।"

    • (क) सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक के 'अजंता' शीर्षक से लिया गया है। इसके लेखक डॉ० भगवतशरण उपाध्याय हैं।

    • (ख) प्रसंग: लेखक कला के माध्यम से अमरत्व प्राप्त करने की मानवीय चेष्टा का वर्णन कर रहे हैं।

    • (ग) व्याख्या: मनुष्य जानता है कि उसका शरीर नश्वर है, इसलिए उसने अपनी यादों, अपनी आस्था और अपनी कला को अमर बनाने के लिए कठोर पहाड़ों को काटकर उनमें प्राण फूँक दिए। पत्थरों पर उकेरी गई यह कला सदियों बाद भी मनुष्य की महानता की गवाही देती है और उसे मौत के पंजों से बचाकर जीवित रखती है।

    • (घ) साहित्यिक विशेषता:

      • भाषा: गंभीर और दार्शनिक।

      • भाव: कला की शाश्वतता।


    महत्वपूर्ण अंश 2: "अजंता संसार की चित्रकलाओं में अपना अद्वितीय स्थान रखता है... मध्य-पश्चिमी एशिया भी उसके कल्याणकर प्रभाव से वंचित न रह सका।"

    • (क) सन्दर्भ: पूर्ववत्।

    • (ख) प्रसंग: अजंता की कला के वैश्विक प्रभाव का वर्णन।

    • (ग) व्याख्या: अजंता के चित्र अपनी सजीवता और कथा-प्राणता के कारण विश्व में बेजोड़ हैं। इसकी कला ने न केवल पूर्व के देशों (चीन, जापान) को प्रभावित किया, बल्कि पश्चिमी एशिया तक इसका सांस्कृतिक और कलात्मक प्रभाव पहुँचा। यह विश्व सभ्यता को भारत की एक महान देन है।


    5. शब्दार्थ / शब्द-संपदा (Glossary)

    शब्द

    अर्थ

    पर्यायवाची

    विलोम

    विरासत

    उत्तराधिकार में प्राप्त

    धरोहर, अमानत

    ---

    अभिराम

    अत्यंत सुंदर

    मनोहर, सुंदर

    कुरूप

    संगसाज

    पत्थर के कलाकार

    मूर्तिकार

    ---

    महाभिनिष्क्रमण

    शांति की खोज में गृह-त्याग

    संन्यास

    गृहस्थ

    अजायब

    आश्चर्यजनक

    अद्भुत

    सामान्य

    नत-नत

    झुका हुआ

    नतमस्तक

    गर्वित

    6. सही या गलत (True or False)


    • कथन 1: डॉ० भगवतशरण उपाध्याय का जन्म बलिया जिले में हुआ था।

      • उत्तर: सही।


    • कथन 2: अजंता की गुफाएँ विंध्याचल पर्वतमाला में स्थित हैं।

      • उत्तर: गलत। कारण: वे सह्याद्रि पर्वतमाला (महाराष्ट्र) में स्थित हैं।


    • कथन 3: लेखक मॉरीशस में भारत के राजदूत रहे थे।

      • उत्तर: सही।


    7. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers - 2 अंक)


    • प्रश्न 1: 'दीवारें चमक उठीं'—लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?

      • उत्तर: क्योंकि पहाड़ों को काटकर दीवारों को चिकना किया गया और फिर उन पर रंगीन व सजीव चित्र बनाए गए, जिससे वे गुफाएँ जगमगा उठीं।


    • प्रश्न 2: अजंता के चित्रों के मुख्य विषय क्या हैं?

      • उत्तर: बुद्ध के जीवन की घटनाएँ, उनके जन्म की जातक कथाएँ, राजा-रानी, दरबारी जीवन और पशु-पक्षियों का चित्रण।


    • प्रश्न 3: 'साहित्य और कला' के लेखक कौन हैं?

      • उत्तर: डॉ० भगवतशरण उपाध्याय।


    8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers - 5 अंक)


    • प्रश्न: डॉ० भगवतशरण उपाध्याय की भाषा-शैली पर प्रकाश डालिए।

      • उत्तर: उपाध्याय जी एक विद्वान इतिहासकार और मंझे हुए साहित्यकार हैं:

        1. सजीव वर्णन: आपकी शैली वर्णनात्मक है, जो पाठक के सामने पूरा दृश्य सजीव कर देती है।

        2. शब्दावली: आपकी भाषा तत्सम प्रधान खड़ीबोली है, जिसमें कहीं-कहीं विदेशी शब्दों का भी सटीक प्रयोग मिलता है।

        3. तार्किक प्रवाह: आपके निबंधों में ऐतिहासिक तथ्यों और कलात्मक अनुभूतियों का बहुत ही तार्किक समन्वय मिलता है।

        4. चित्रात्मकता: शब्दों के चयन से ऐसा लगता है मानो पाठक स्वयं अजंता की गुफाओं में घूम रहा हो।


    9. व्याकरण - पाठ पर आधारित (Grammar)


    • उपसर्ग से शब्द बनाएँ:

      • सह: सहपाठी, सहमत

      • परि: परिवार, परिभ्रमण

      • अनु: अनुसार, अनुकरण


    • प्रत्यय से नवीन शब्द:

      • त्व: व्यक्तित्व, देवत्व

      • ता: सजीवता, मानवता

      • आई: लिखाई, चौड़ाई

    • विदेशी शब्द पहचानें: विरासत, अमानत, कुदरत, फसाने।


    10. UP Board परीक्षा हेतु अपेक्षित प्रश्न


    • व्याख्या हेतु: "कितना जीवन बरस पड़ा है इन दीवारों पर... पाप और पुण्य की कहानियाँ।"

    • लघु उत्तरीय: अजंता के चित्रों ने किन-किन विदेशी क्षेत्रों को प्रभावित किया? (उत्तर: पूर्व के देशों और मध्य-पश्चिमी एशिया को)।

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