4.7. तत्सम और तद्भव शब्द - Tatsama or Tadbhava - Class 10 - संस्कृत व्याकरण खंड - Rajeev Prakashan
- May 23
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पाठ का विवरण (Lesson Details)
पाठ का प्रकार: व्याकरण खंड (शब्द-संपदा / भाषाई स्रोत)
विषय: तत्सम और तद्भव शब्द (Sanskrit Borrowings & Evolved Hindi Words)
पाठ्यक्रम (Class 10): व्यावहारिक, व्यावहारिक जीवन एवं पौराणिक महत्त्व के प्रमुख तत्सम शब्दों के तद्भव रूप।
परीक्षा भार: बोर्ड परीक्षा के बहुविकल्पीय (MCQs) और अतिलघुउत्तरीय खंड में शुद्ध रूप से पूरे अंक दिलाने वाला एक अनिवार्य विषय।
तत्सम-तद्भव: त्वरित परीक्षा तथ्य सारणी (Quick Exam Facts)
तत्सम रूप (Sanskrit) | तद्भव रूप (Hindi) | विशिष्ट परीक्षा भ्रम (Confusion Hack) |
अग्नि | आग | अग्नि तत्सम है, इसका प्राकृत/तद्भव रूप 'आग' बनता है। |
अश्रु | आँसू | 'अश्रु' में संयुक्त व्यंजन 'श्र' इसकी तत्सम होने की बड़ी पहचान है। |
उज्ज्वल | उजाला | वर्तनी शुद्धि में भी उज्ज्वल (दो बार आधा ज) पूछा जाता है। |
मृत्तिका | मिट्टी | 'मृ' (ऋ की मात्रा) वाले शब्द सदैव तत्सम होते हैं। |
कोकिल | कोयल | 'कोकिल' संस्कृत का मूल शब्द है, 'कोयल' हिंदी रूपांतरण है। |
1. तत्सम और तद्भव का परिचय (Introduction & Concepts)
तत्सम शब्द: 'तत् + सम' का अर्थ है— उसके समान (अर्थात संस्कृत के समान)। वे शब्द जो संस्कृत भाषा से अपने मूल स्वरूप में बिना किसी परिवर्तन के हिंदी भाषा में प्रचलित हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। जैसे: अग्नि, कूप, मयूर, सूर्य आदि।
तद्भव शब्द: 'तद् + भव' का अर्थ है— उससे उत्पन्न। हिंदी में प्रयुक्त ऐसे शब्द जो पालि, प्राकृत, अपभ्रंश जैसी भाषाओं से गुजरने तथा अनेक ध्वनि परिवर्तनों के पश्चात् एक नए रूप में हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें तद्भव कहते हैं। जैसे: आग, कुँआ, मोर, सूरज आदि।
2. पाठ्यक्रम के अनुसार महत्वपूर्ण शब्दों का मास्टर संकलन
(क) 'अ' से 'क' वर्ग तक के मुख्य शब्द
अट्टालिका (तत्सम) अटारी (तद्भव)
अक्षत (तत्सम) आखर (तद्भव)
अक्षि (तत्सम) आँख (तद्भव)
आम्र (तत्सम) आम (तद्भव)
आश्चर्य (तत्सम) अचरज (तद्भव)
उलूक (तत्सम) उल्लू (तद्भव)
उष्ट्र (तत्सम) ऊँट (तद्भव)
एकत्र (तत्सम) इकट्ठा (तद्भव)
कर्ण (तत्सम) कान (तद्भव)
काक (तत्सम) कौआ (तद्भव)
कूप (तत्सम) कुँआ (तद्भव)
कुंभकार (तत्सम) कुम्हार (तद्भव)
(ख) 'ग' से 'म' वर्ग तक के मुख्य शब्द
ग्रंथि (तत्सम) गाँठ (तद्भव)
घट (तत्सम) घड़ा (तद्भव)
घोटक (तत्सम) घोड़ा (तद्भव)
जिह्वा (तत्सम) जीभ (तद्भव)
दुग्ध (तत्सम) दूध (तद्भव)
नृत्य (तत्सम) नाच (तद्भव)
नग्न (तत्सम) नंगा (तद्भव)
प्रिय (तत्सम) प्यारा (तद्भव)
पुत्र (तत्सम) पूत (तद्भव)
मयूर (तत्सम) मोर (तद्भव)
मुख (तत्सम) मुँह (तद्भव)
(ग) 'व' से 'ह' वर्ग तक के मुख्य शब्द
वधू (तत्सम) बहू (तद्भव)
वानर (तत्सम) बंदर (तद्भव)
विवाह (तत्सम) व्याह (तद्भव)
वार्ता (तत्सम) बात (तद्भव)
वाष्प (तत्सम) भाप (तद्भव)
शताब्दी / शत (तत्सम) सौ (तद्भव)
शुष्क (तत्सम) सूखा (तद्भव)
सर्प (तत्सम) साँप (तद्भव)
सूर्य (तत्सम) सूरज (तद्भव)
स्वप्न (तत्सम) सपना (तद्भव)
हस्ति (तत्सम) हाथी (तद्भव)
हृदय (तत्सम) हिरदय (तद्भव)
3. तत्सम शब्दों को पहचानने की शॉर्ट-ट्रिक (Exam Identification Hacks)
संयुक्त व्यंजन का नियम: जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' वर्ण आते हैं, वे अधिकांशतः तत्सम होते हैं (जैसे- एकत्र, अक्षर, अश्रु)।
'ऋ' की मात्रा का नियम: जिन शब्दों के नीचे 'ऋ' की मात्रालगी होती है, वे शत-प्रतिशत तत्सम होते हैं (जैसे- कृषक, कृपा, मृत्तिका)।
अनुस्वार बनाम चंद्रबिंदु: अनुस्वार वाले शब्द (जैसे- ग्रंथि) प्रायः तत्सम होते हैं, जबकि चंद्रबिंदु (~ँ) वाले शब्द हमेशा तद्भव होते हैं (जैसे- गाँठ, आँख, कुँआ)।
'व' और 'ब' का नियम: तत्सम में प्रायः 'व' वर्ण आता है, जो तद्भव में बदलकर 'ब' हो जाता है (जैसे- वानर का बंदर, वधू का बहू)।
4. सही या गलत (True or False)
कथन 1: 'घोटक' शब्द संस्कृत भाषा का मूल शब्द है, अतः यह तत्सम रूप है।
उत्तर: सही।
कथन 2: चंद्रबिंदु युक्त शब्द जैसे 'आँख' और 'साँप' तत्सम वर्ग में आते हैं।
उत्तर: गलत। कारण: चंद्रबिंदु वाले शब्द सदैव तद्भव होते हैं; इनके तत्सम क्रमशः 'अक्षि' और 'सर्प' हैं
कथन 3: तत्सम शब्द समय के साथ परिवर्तित होकर नया रूप ले लेते हैं।
उत्तर: गलत। कारण: तत्सम अपने मूल रूप में रहते हैं, उनके परिवर्तित रूप को तद्भव कहा जाता है。
5. लघु उत्तरीय परीक्षा प्रश्न (Short Answers - 2 अंक)
प्रश्न 1: तत्सम और तद्भव शब्दों में सोदाहरण मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: संस्कृत के जो शब्द अपने मूल रूप में हिंदी में उपयोग किए जाते हैं, वे तत्सम कहलाते हैं (जैसे- सूर्य)। इसके विपरीत, ध्वनि परिवर्तन के बाद बने सरल रूप तद्भव कहलाते हैं (जैसे- सूरज)।
प्रश्न 2: 'कूप' और 'उष्ट्र' के सही तद्भव रूप लिखिए।
उत्तर: 'कूप' का तद्भव 'कुँआ' तथा 'उष्ट्र' का तद्भव 'ऊँट' होता है।
प्रश्न 3: 'जिह्वा' और 'हस्ति' का तद्भव रूप बताते हुए उनका वाक्य प्रयोग कीजिए।
उत्तर: * जिह्वा जीभ (वाक्य: हमें अपनी जीभ पर संयम रखना चाहिए।)
हस्ति हाथी (वाक्य: जंगल में एक विशाल हाथी घूम रहा था।)
6. दीर्घ उत्तरीय / सारणी मिलान प्रश्न (5 अंक)
प्रश्न: निम्नलिखित तद्भव शब्दों को उनके शुद्ध तत्सम रूपों के सम्मुख सारणीबद्ध कीजिए: कोयल, अटारी, सपना, दूध, किवाड़।
उत्तर:
| तद्भव रूप (Hindi) | शुद्ध तत्सम रूप (Sanskrit) |
| कोयल | कोकिल |
| अटारी | अट्टालिका |
| सपना | स्वप्न |
| दूध | दुग्ध |
| किवाड़ | कपाट |
7. पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्न (Previous Years' Board Questions)
प्रश्न 1: "अक्षत" शब्द का सही तद्भव रूप निम्नलिखित में से क्या होगा? (UP Board)
उत्तर: आखर।
प्रश्न 2: 'मयूर' और 'घट' शब्दों के तद्भव रूप बोर्ड परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं, इनके सही रूप क्या हैं?
उत्तर: 'मयूर' का तद्भव 'मोर' तथा 'घट' का तद्भव 'घड़ा' है。
8. अपेक्षित परीक्षा प्रश्न (Expected Exam Questions)
बहुविकल्पीय प्रश्न: निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सा शब्द 'तत्सम' श्रेणी का है?
(क) आँख (ख) अक्षि (ग) कौआ (घ) साँप
उत्तर: (ख) अक्षि。
अभ्यास: 'वाष्प' और 'मृत्तिका' के तद्भव रूपों को लिखकर याद कीजिए।
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