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    4.1. सर्वनाम - Sarvnam - Class 10 - संस्कृत व्याकरण खंड - Rajeev Prakashan

    • May 22
    • 4 min read

    पाठ का विवरण (Lesson Details)


    • पाठ का प्रकार: संस्कृत व्याकरण खंड (शब्दरूप)

    • विषय: सर्वनाम शब्दरूप (Pronoun Word Forms)

    • मुख्य सर्वनाम: तद् (वह), युष्मद् (तुम), अस्मद् (मैं/हम)

    • परीक्षा भार: बोर्ड परीक्षा में बहुविकल्पीय एवं अतिलघुउत्तरीय प्रश्नों के रूप में अनिवार्य अंक।


    परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)

    सर्वनाम शब्द

    लिंग भेद

    मुख्य रूप (प्रथमा - एकवचन/बहुवचन)

    तद् (वह)

    पुँल्लिङ्ग

    सः / ते

    तद् (वह)

    स्त्रीलिङ्ग

    सा / ताः

    तद् (वह)

    नपुंसकलिङ्ग

    तत् (तद्) / तानि

    युष्मद् (तुम)

    तीनों लिंगों में समान

    त्वम् / यूयम्

    अस्मद् (मैं/हम)

    तीनों लिंगों में समान

    अहम् / वयम्

    • विशेष नियम: सर्वनाम शब्दों में संबोधन (विभक्ति) नहीं होता है। इनमें केवल प्रथमा से सप्तमी तक ही रूप चलते हैं。


    1. सर्वनाम परिचय (Introduction to Pronouns)

    • परिभाषा: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। संस्कृत व्याकरण में अनुवाद और वाक्य-शुद्धि के लिए सर्वनाम रूपों का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

    • विभक्ति संरचना: संज्ञा रूपों की भाँति सर्वनाम रूपों में भी ७ विभक्तियाँ तथा ३ वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) होते हैं。


    2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)


    हिन्दी:

    व्याकरण खंड के इस भाग में 'तद्' (वह) शब्द के तीनों लिंगों (पुँल्लिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग और नपुंसकलिङ्ग) के रूपों का विवेचन किया गया है। पुँल्लिङ्ग में रूप 'सः, तौ, ते' से प्रारंभ होते हैं, स्त्रीलिङ्ग में 'सा, ते, ताः' और नपुंसकलिङ्ग में 'तत्, ते, तानि' चलते हैं। नपुंसकलिङ्ग के रूप तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक पूर्णतः पुँल्लिङ्ग के समान ही होते हैं। बोर्ड परीक्षा में अक्सर विशिष्ट विभक्तियों (जैसे षष्ठी, सप्तमी) के वचन और रूप पूछे जाते हैं।


    English:

    This section of Sanskrit grammar covers the word forms (Shabdroop) of the pronoun 'Tad' (He/She/It) across all three genders. In masculine, it runs as 'Sah, Tau, Te'; in feminine, as 'Saa, Te, Taah'; and in neuter, as 'Tat, Te, Taani'. From the Tritiya (3rd) to the Saptami (7th) case, the neuter forms are identical to the masculine forms. Understanding these charts is critical for correcting sentences and translating from Hindi to Sanskrit in exams.


    3. 'तद्' (वह) सर्वनाम शब्दरूप तालिका (Word Form Charts)

    (क) पुँल्लिङ्ग रूप

    विभक्ति

    एकवचन

    द्विवचन

    बहुवचन

    प्रथमा

    सः

    तौ

    ते

    द्वितीया

    तम्

    तौ

    तान्

    तृतीया

    तेन

    ताभ्याम्

    तैः

    चतुर्थी

    तस्मै

    ताभ्याम्

    तेभ्यः

    पञ्चमी

    तस्मात् (तस्माद्)

    ताभ्याम्

    तेभ्यः

    षष्ठी

    तस्य

    तयोः

    तेषाम्

    सप्तमी

    तस्मिन्

    तयोः

    तेषु

    (ख) स्त्रीलिङ्ग रूप

    विभक्ति

    एकवचन

    द्विवचन

    बहुवचन

    प्रथमा

    सा

    ते

    ताः

    द्वितीया

    ताम्

    ते

    ताः

    तृतीया

    तया

    ताभ्याम्

    ताभिः

    चतुर्थी

    तस्यै

    ताभ्याम्

    ताभ्यः

    पञ्चमी

    तस्याः

    ताभ्याम्

    ताभ्यः

    षष्ठी

    तस्याः

    तयोः

    तासाम्

    सप्तमी

    तस्याम्

    तयोः

    तासु

    4. महत्वपूर्ण पहचान सूत्र (Exam Identification Hacks)


    • ताभ्याम् / तेभ्यः सूत्र: तृतीया, चतुर्थी और पञ्चमी के द्विवचन में हमेशा '-भ्याम्' (जैसे: ताभ्याम्) जुड़ता है। चतुर्थी और पञ्चमी के बहुवचन में हमेशा '-भ्यः' (जैसे: तेभ्यः) आता है।

    • तयोः सूत्र: षष्ठी और सप्तमी के द्विवचन का रूप हमेशा समान होता है और अंत में '-योः' (जैसे: तयोः) विसर्ग के साथ जुड़ता है।

    • नपुंसकलिङ्ग विशिष्टता: प्रथमा और द्वितीया विभक्ति में 'तत्, ते, तानि' चलता है, बाकी सारा रूप पुँल्लिङ्ग तालिका की तरह ही रहता है।


    5. पारिभाषिक / व्याकरण शब्दावली (Glossary)

    शब्द

    अर्थ / व्याकरणिक महत्व

    उदाहरण

    तद्

    मूल प्रातिपदिक सर्वनाम (वह)

    ---

    पुँल्लिङ्ग

    पुरुष जाति का बोध कराने वाले पद

    सः गच्छति (वह जाता है)

    स्त्रीलिङ्ग

    स्त्री जाति का बोध कराने वाले पद

    सा पठति (वह पढ़ती है)

    द्विवचन

    दो की संख्या का बोध कराने वाला वचन

    तयोः पुस्तकम् (उन दोनों की पुस्तक)

    6. सही या गलत (True or False)


    • कथन 1: सर्वनाम शब्दों में संबोधन विभक्ति का प्रयोग अनिवार्य रूप से होता है।

      • उत्तर: गलत। कारण: सर्वनाम शब्दों में संबोधन रूप नहीं होते हैं।


    • कथन 2: 'तस्मै' पद 'तद्' पुँल्लिङ्ग के चतुर्थी विभक्ति, एकवचन का रूप है।

      • उत्तर: सही।


    • कथन 3: 'तयोः' रूप केवल षष्ठी विभक्ति के द्विवचन में बनता है।

      • उत्तर: गलत। कारण: यह षष्ठी और सप्तमी दोनों के द्विवचन में बनता है।


    7. लघु उत्तरीय परीक्षा प्रश्न (Short Answers - 2 अंक)


    • प्रश्न 1: 'तद्' स्त्रीलिङ्ग शब्द के प्रथमा विभक्ति के तीनों वचनों के रूप लिखिए।

      • उत्तर: सा (एकवचन), ते (द्विवचन), ताः (बहुवचन)।


    • प्रश्न 2: 'तेषाम्' पद में कौन सी विभक्ति और कौन सा वचन है?

      • उत्तर: इसमें षष्ठी विभक्ति और बहुवचन (पुँल्लिङ्ग) है।


    • प्रश्न 3: 'तद्' नपुंसकलिङ्ग के प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप क्या होते हैं?

      • उत्तर: प्रथमा: तत्, ते, तानि । द्वितीया: तत्, ते, तानि।


    8. दीर्घ उत्तरीय / सारणी निर्माण प्रश्न (5 अंक)

    • प्रश्न: 'तद्' पुँल्लिङ्ग सर्वनाम शब्द के तृतीया विभक्ति से सप्तमी विभक्ति तक के रूपों की शुद्ध सारणी बनाइए।


      • उत्तर:

        | विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |

        | तृतीया | तेन | ताभ्याम् | तैः |

        | चतुर्थी | तस्मै | ताभ्याम् | तेभ्यः |

        | पञ्चमी | तस्मात् | ताभ्याम् | तेभ्यः |

        | षष्ठी | तस्य | तयोः | तेषाम् |

        | सप्तमी | तस्मिन् | तयोः | तेषु |


    9. पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्न (Previous Years' Board Questions)

    • प्रश्न 1: 'तस्मिन्' रूप किस विभक्ति और वचन का है? (UP Board)

      • उत्तर: सप्तमी विभक्ति, एकवचन (पुँल्लिङ्ग/नपुंसकलिङ्ग)।


    • प्रश्न 2: 'तस्यै' किस लिंग और विभक्ति का रूप है?

      • उत्तर: स्त्रीलिङ्ग, चतुर्थी विभक्ति, एकवचन


    10. अपेक्षित परीक्षा प्रश्न (Expected Exam Questions)

    • बहुविकल्पीय: 'तासाम्' रूप 'तद्' के किस लिंग के अंतर्गत आता है? (उत्तर: स्त्रीलिङ्ग - षष्ठी बहुवचन)।

    • अभ्यास: "सः, तौ, ते" का प्रयोग करके तीन सरल संस्कृत वाक्यों का निर्माण कीजिए।

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