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    1.5. वीरांना सलामी - Veerana Salami - Class 11 -Yuvakbharati

    • 16 hours ago
    • 5 min read


    लेखिका: अनुराधा प्रभुदेसाई | विधा: प्रवास वर्णन / संस्मरण


    १. शब्दार्थ और मुहावरे (Glossary with English Context)

    क. शब्दार्थ (Word Meanings)


    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi)

    अर्थ (English Context)

    सलामी

    नमन / सम्मान देना

    Salute / Homage


    खंत

    खेद / मलाल

    Regret / Remorse


    स्फुल्लिंग

    चिंगारी

    Spark


    विव्हळ

    व्याकुल / बेचैन

    Distressed / Agonized


    कवन

    कविता / गीत

    Poem / Composition


    आत्मीयता

    अपनापन

    Affection / Intimacy


    जिकिरीचे

    कठिन / मुश्किल

    Difficult / Arduous


    अट्टहास

    जिद / संकल्प

    Determination / Persistence


    मळभ

    उदासी / बादल

    Gloom / Cloudiness


    त्रता

    रक्षक

    Savior / Protector


    ख. मुहावरे (Idioms)


    मुहावरा (Idiom)

    अर्थ (Meaning)

    वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)

    अंगावर काटा येणे

    अत्यधिक डरना या रोमांचित होना

    कारगिल युद्ध की भयावहता सुनकर अंगावर काटा आता है।


    जिवाची बाजी लावणे

    प्राणों की परवाह न करना

    सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जिवाची बाजी लावते हैं।


    नतमस्तक होणे

    श्रद्धा से झुकना

    शहीद वीरों के स्मारक के सामने हर भारतीय नतमस्तक होता है।


    पाठीवर थाप देणे

    शाबाशी देना

    कर्नल झा ने लेखिका के कार्यों की सराहना करते हुए उनकी पाठीवर थाप दिली।


    आग ओकणे

    अत्यधिक गोलाबारी करना

    युद्ध के समय शत्रु की तोपें पहाड़ों से आग ओक रही थीं।


    २.परिचय और सारांश (Introduction & Summary)


    लेखिका परिचय: अनुराधा प्रभुदेसाई 'लक्ष्य फाउंडेशन' की संस्थापिका हैं। वे पिछले कई वर्षों से सीमा पर जाकर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने और नागरिकों व सेना के बीच 'भावनिक सेतु' बनाने का कार्य कर रही हैं।


    केंद्रीय भाव (Central Idea - Bilingual):


    हिन्दी: इस पाठ में लेखिका ने कारगिल के वीर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने सैनिकों के कठिन जीवन, उनकी राष्ट्रभक्ति और उनके मानवीय पक्ष को बहुत ही भावुकता के साथ चित्रित किया है।


    English: This lesson depicts the author's journey to Ladakh and her deep respect for the soldiers of the Kargil war. It highlights the challenging conditions at the borders and emphasizes the emotional connection between civilians and the army.


    सारांश (Summary): सन २००४ में लेखिका केवल एक पर्यटक के रूप में लद्दाख गईं, जहाँ कारगिल विजय स्मारक देखकर उनके मन में सैनिकों के प्रति गहरा सम्मान जागा। एक शहीद की माँ के मार्मिक शब्दों ने उन्हें हिलाकर रख दिया और उन्होंने अगले पांच वर्षों तक हर साल लद्दाख आकर वीरों को सलामी देने की शपथ ली।


    इसी संकल्प के साथ लेखिका ने 'मिशन लद्दाख' शुरू किया, जिसके तहत वे राखी पूर्णिमा पर नागरिकों के साथ सीमा पर जाकर सैनिकों को राखी बांधती थीं। इस प्रवास के दौरान उन्हें सैनिकों की कर्तव्यनिष्ठा के कई अनुभव हुए—जैसे एक सैनिक का अपने बीमार साथी के बदले ३६ घंटे तक ड्यूटी पर डटे रहना। सैनिकों का आतिथ्य और उनकी निस्वार्थ सेवा ने लेखिका के शहरी दृष्टिकोण को बदल दिया। अंत में, ब्रिगेडियर कुशल ठाकुर के आग्रह पर लेखिका ने सेना और समाज के बीच इस भावनात्मक सेतु को हमेशा बनाए रखने का वचन दिया।


    ३.HSC गद्य आकलन (Prose Pattern)


    कृति १: आकलन (Global Understanding - 2 Marks) 


    प्रश्न १: कारगिल विजय स्मारक के पास लेखिका ने ली हुई शपथ के कार्य: 


    • १. अनुशासन, निष्ठा और त्याग जैसे शब्दों को सार्थक करना।


    • २. सैनिकों के पराक्रम के गीत (कवन) गाना।


    • ३. अगले पांच वर्षों तक नागरिकों को साथ लेकर वीरों को सलामी देने आना।


    • ४. पन्नादाई की तरह सर्वसमावेशक मातृत्व स्वीकार करना।


    प्रश्न २: कारगिल युद्ध की फिल्म में दिखाई देने वाले मानवीय गुण: 


    • १. दुर्दम्य आशावाद


    • २. असामान्य कर्तृत्व


    • ३. प्रखर राष्ट्रनिष्ठा


    • ४. अदम्य साहस


    कृति २: शब्द संपदा (Vocabulary - 2 Marks) 


    प्रश्न: निम्नलिखित सामासिक शब्दों का विग्रह करें:  १. बावीसतेवीस: बावीस किंवा तेवीस (वैकल्पिक द्वंद्व समास) २. ठायीठायी: प्रत्येक ठिकाणी (अव्ययीभाव समास) ३. शब्दकोश: शब्दांचा कोश (तत्पुरुष समास) ४. यथोचित: उचिताप्रमाणे (अव्ययीभाव समास)


    कृति ३: अभिव्यक्ति (Personal Response - 2 Marks) 


    प्रश्न १: 'सैनिक' नामक इंसान को समझने के बाद आपके मन में क्या विचार आते हैं? 


    उत्तर: सैनिक केवल वर्दी पहने हुए एक योद्धा नहीं है, बल्कि वह भावनाओं से भरा एक संवेदनशील मनुष्य भी है। वह अपने परिवार से दूर, कठोर परिस्थितियों में केवल देश के प्रति अपने कर्तव्य के लिए खड़ा रहता है।


    पाठ के आधार पर, जब सैनिक लेखिका के गले लगकर रोता है या ३६ घंटे ड्यूटी करता है, तब हमें उनके मानवीय और अनुशासित व्यक्तित्व का पता चलता है। सैनिक हमारे 'कल' के लिए अपना 'आज' त्याग देते हैं। अतः, हमें उनके प्रति केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि कृतज्ञता का भाव भी रखना चाहिए।


    ७.व्याकरण (Grammar Corner with Explanations)


    वाक्य परिवर्तन (Sentence Transformation): 


    १. "जमेल का हे सारं आपल्याला?" (विधानार्थी करें) उत्तर: हे सारं आपल्याला जमणं कठीण आहे (अथवा) हे सारं आपल्याला जमेल। Rule: [Converted a self-doubting question into a factual statement. ]


    २. "तुम्ही लष्कराचं मनोबळ खूप वाढवत आहात।" (उद्गारार्थी करें) उत्तर: किती खूप वाढवत आहात तुम्ही लष्कराचं मनोबळ! Rule: [Added 'Kiti' to express intensity and converted into an exclamation. ]


    प्रयोग पहचानें (Recognize Voice): 


    १. "तुम्ही गाडीतच बसा।" उत्तर: कर्तरी प्रयोग 


    २. "त्यांना आपण जपलं पाहिजे।" उत्तर: भावे प्रयोग 


    ८.पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Board Questions)


    प्रश्न १: शहीद वीर की माँ के शब्दों का लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा? उत्तर: शहीद की माँ ने कहा, "जिस देश पर मैंने अपना बच्चा कुर्बान किया है, उस देश से थोड़ा प्यार तो करो।" इन शब्दों ने लेखिका के मन पर चाबुक की तरह प्रहार किया। उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि हम नागरिक अपनी सुख-सुविधाओं में इतने मग्न हैं कि सीमा पर जान देने वाले वीरों के त्याग को भूल जाते हैं। इसी के बाद लेखिका ने अपना जीवन सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने में लगा दिया।


    प्रश्न २: ब्रिगेडियर ठाकुर ने लेखिका से 'मिशन लद्दाख' जारी रखने का अनुरोध क्यों किया? उत्तर: ब्रिगेडियर ठाकुर का मानना था कि लेखिका सेना और नागरिकों के बीच एक 'भावनात्मक सेतु' बना रही हैं। उन्होंने लेखिका से कहा कि वे युवाओं को सेना में आने के लिए प्रेरित करें और जवानों का हौसला बढ़ाएं। उनके अनुसार, सैनिकों को समाज के समर्थन और प्रेम की बहुत आवश्यकता होती है ताकि उनका मनोबल बना रहे।


    प्रश्न ३: सैनिकों के 'आतिथ्य' और शहरी जीवन में लेखिका को क्या अंतर महसूस हुआ? उत्तर: लेखिका को लगा कि शहरी जीवन बहुत ही 'आत्मकेंद्रित' और 'संकुचित' है, जहाँ लोग केवल अपने बारे में सोचते हैं। इसके विपरीत, सैनिक खुद अभावों में रहकर भी आने वाले मेहमानों का दिल खोलकर स्वागत करते हैं। सैनिकों का 'स्वयं' से 'कोऽहम्' (मैं कौन हूँ/समष्टि) तक का सफर शहरी मानसिकता के लिए एक बड़ा सबक है।


    प्रश्न ४: कारगिल के पुल पर पहरा देने वाले सैनिक के व्यवहार से क्या सीख मिलती है? उत्तर: उस सैनिक ने अपने बीमार साथी की मदद के लिए बिना किसी शिकायत के ३६ घंटे ड्यूटी की। जब लेखिका ने पूछा कि यह कैसे संभव है, तो उसने कहा, "सब कुछ आसान है, सिर्फ दिमाग में डाल देना है।" यह सीख हमें सिखाती है कि यदि हमारा संकल्प दृढ़ हो, तो दुनिया का हर कठिन कार्य आसान हो जाता है।


    प्रश्न ५: "आपके 'कल' के लिए जिन्होंने अपना 'आज' दिया"—स्पष्ट करें। उत्तर: यह वाक्य भारतीय सैनिकों के महान बलिदान का सार है। हमारे भविष्य (कल) को सुरक्षित और खुशहाल रखने के लिए, सैनिक अपना वर्तमान (आज), अपनी खुशियां और यहाँ तक कि अपने प्राण भी न्योछावर कर देते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके इस बलिदान की कद्र करें।


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