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    9 - चिड़िया (Chidiya) - Class 7 - Malhar

    • Jan 26
    • 7 min read

    Updated: Jan 29

    चिड़िया (Chidiya) Class 7 - Hindi (Malhar) | Poet: आरसी प्रसाद सिंह (Arsi Prasad Singh)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • प्रेम और एकता का संदेश: पीपल की ऊँची डाल पर बैठी चिड़िया हमें प्रेम और भाईचारे (प्रेम-प्रीति) की रीति सिखाती है। कवि कहते हैं कि वन में कोयल, तोता, मैना, हंस, और कौआ जैसे अलग-अलग पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं।

    • English: A bird sitting on a high branch of a Peepal tree teaches us the way of love and brotherhood. The poet says that different birds like cuckoos, parrots, mynas, swans, and crows live together in harmony in the forest.

    • स्वतंत्रता और स्वावलंबन: पक्षियों का घर पूरा आसमान है। वे जहाँ चाहते हैं, वहाँ जाते हैं। वे दिन भर मेहनत (काम) करते हैं और रात को पेड़ों पर सो जाते हैं। वे किसी और की कमाई पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि अपने परिश्रम से पेट भरते हैं।

    • English: The entire sky is the home of birds. They go wherever they want. They work hard all day and sleep on trees at night. They do not depend on anyone else's earnings but feed themselves through their own labor.

    • संतोष और अपरिग्रह: पक्षियों के मन में पाप या लोभ नहीं है। वे इंसानों की तरह दुनिया का माल हड़प कर जमा नहीं करते। वे उतना ही लेते हैं जितना उन्हें जीने के लिए चाहिए और बचा हुआ दूसरों के लिए छोड़ देते हैं।

    • English: There is no sin or greed in the minds of birds. Unlike humans, they do not hoard the world's wealth. They take only what they need to survive and leave the rest for others.

    • मानव को चेतावनी: चिड़िया इंसान से पूछती है कि तुम अपनी बनाई जेल (सोने की कड़ियाँ) में क्यों कैद हो? हम आजाद (स्वच्छंद) हैं और तुम गुलाम क्यों? वह मानव को मानवता से द्रोह (नफरत) छोड़ने और प्रकृति से जीने का ढंग सीखने की सलाह देती है।

    • English: The bird asks humans why they are imprisoned in their self-made jail (golden chains). Why are we free and you enslaved? It advises humans to stop hating humanity and learn the way of living from nature.

    • प्रवासी पक्षी (गद्यांश भाग): पाठ के अंत में बताया गया है कि सर्दियों में भोजन और गर्मी की तलाश में पक्षी हज़ारों मील उड़कर दूसरी जगहों पर जाते हैं। वे अक्सर 'वी' (V) आकार बनाकर झुंड में उड़ते हैं।

    • English: (Prose section) It is mentioned at the end that in winter, birds fly thousands of miles to other places in search of food and warmth. They often fly in flocks forming a 'V' shape.

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    रीति

    ढंग / तरीका

    Method / Tradition

    बंदी

    कैदी

    Prisoner

    खंजन

    एक प्रकार का पक्षी (नीलकंठ जैसा)

    Wagtail bird

    कपोत

    कबूतर

    Pigeon

    शुक

    तोता

    Parrot

    काक

    कौआ

    Crow

    स्वच्छंद

    आजाद / अपनी इच्छा से चलने वाला

    Free / Unrestrained

    विचरना

    घूमना-फिरना

    To wander / Roam

    कड़ियाँ

    जंजीरें (बेड़ी)

    Chains / Links

    हड़पना

    छीन लेना / अनुचित रूप से ले लेना

    To Usurp / Grab

    निर्भय

    निडर

    Fearless

    3. मुख्य विचार बिंदु (Key Themes)

    स्वतंत्रता बनाम बंधन (Freedom vs Bondage)

    • सोने की बेड़ियाँ: कवि ने धन-दौलत और लालच को 'सोने की कड़ियाँ' कहा है। पक्षी आसमान में आजाद हैं, जबकि इंसान अपनी ही बनाई संपत्ति और ईर्ष्या की जंजीरों में बंधा हुआ है।

    • English: The poet calls wealth and greed 'golden chains'. Birds are free in the sky, while humans are bound by the chains of their own created wealth and jealousy.

    सह-अस्तित्व (Co-existence)

    • वसुधैव कुटुम्बकम: वन में अलग-अलग प्रजाति के पक्षी (हंस, कौआ, कोयल) बिना किसी भेदभाव के साथ रहते हैं। यह मनुष्यों के लिए सबक है कि वे भी जाति-धर्म का भेद भुलाकर भाईचारे से रहें।

    • English: Birds of different species live together in the forest without discrimination. This is a lesson for humans to forget caste and religious differences and live in brotherhood.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): पक्षी बचा हुआ भोजन दूसरों के लिए छोड़ देते हैं।

    तर्क (R): उन्हें भविष्य की चिंता होती है और वे इसे बाद में खाने के लिए जमा करते हैं।

    उत्तर: (ग) अभिकथन सही है लेकिन तर्क गलत है। (पक्षी लोभ नहीं करते और संग्रह (hoarding) नहीं करते, वे बचा हुआ अन्न दूसरों के हित के लिए छोड़ देते हैं)।

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): कवि ने मानव को 'जग का बंदी' कहा है।

    तर्क (R): मनुष्य अपने लोभ, माया और भौतिक सुखों (सोने की कड़ियाँ) के बंधन में फँसा हुआ है।

    उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): एक व्यक्ति बहुत सारा अनाज अपने गोदाम में जमा कर रहा है ताकि महंगा होने पर बेच सके, जबकि बाहर लोग भूखे हैं।

    प्रश्न: 'चिड़िया' कविता के अनुसार, यह व्यवहार पक्षियों के व्यवहार से कैसे अलग है?

    उत्तर: पक्षी केवल उतना ही लेते हैं जितना उन्हें पेट भरने के लिए चाहिए ("उतना भर ले लेते हैं")। वे लोभ नहीं करते। उक्त व्यक्ति का व्यवहार पक्षियों की 'संतोष' की नीति के बिल्कुल विपरीत 'पाप' और 'हड़पने' वाला है।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?"

    उत्तर: चिड़िया मनुष्य से पूछ रही है कि प्रकृति ने सबको समान रूप से आजाद बनाया है। हम पक्षी तो आजाद घूमते हैं, लेकिन तुमने (मनुष्य ने) खुद अपने पैरों में लालच और सामाजिक बंधनों की जंजीरें क्यों डाल रखी हैं? तुम अपनी असली आजादी क्यों भूल गए हो?

    प्रश्न 2: "नहीं कमाई से औरों की, अपना घर वे भरते हैं!"

    उत्तर: इसका आशय यह है कि पक्षी स्वावलंबी (Self-reliant) होते हैं। वे मनुष्यों की तरह दूसरों का हक मारकर या शोषण करके अपना घर नहीं भरते। वे अपनी मेहनत (श्रम) से जीते हैं।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: चिड़िया मानव को क्या 'मुक्ति-मंत्र' बतलाती है?

    उत्तर: चिड़िया मानव को यह मुक्ति-मंत्र देती है कि वह लोभ और संग्रह की भावना छोड़े। जैसे पक्षी मिल-जुलकर रहते हैं और आजाद घूमते हैं, वैसे ही मनुष्य को भी भेदभाव भुलाकर और ईर्ष्या (द्रोह) छोड़कर प्रेम से रहना चाहिए।

    प्रश्न 2: वन में पक्षी किस प्रकार रहते हैं?

    उत्तर: वन में खंजन, तोता, कौआ, हंस और कोयल जैसे विविध पक्षी "आपस में हिलमिल" कर रहते हैं। उनका कोई निश्चित घर नहीं होता, पूरा आसमान ही उनका घर है और वे जहाँ चाहे जा सकते हैं।

    प्रश्न 3: 'सोने की कड़ियाँ' से कवि का क्या तात्पर्य है?

    उत्तर: 'सोने की कड़ियाँ' मनुष्य के धन-दौलत, मोह-माया और सुख-सुविधाओं का प्रतीक हैं। यद्यपि ये सोने (कीमती) की हैं, लेकिन हैं तो जंजीरें ही, जिन्होंने मनुष्य की मानसिक स्वतंत्रता और शांति को कैद कर रखा है।

    प्रश्न 4: प्रवासी पक्षी लंबी यात्राएँ क्यों करते हैं? (पाठ के अंत में दिए गद्यांश के आधार पर)

    उत्तर: प्रवासी पक्षी कड़ाके की ठंड (शीत ऋतु) से बचने और भोजन की तलाश में हज़ारों मील की यात्रा करते हैं। वे अक्सर 'वी' (V) आकार बनाकर उड़ते हैं ताकि हवा को काटकर आसानी से उड़ सकें।

    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)

    प्रश्न 1: "चिड़िया" कविता के माध्यम से कवि ने मानव समाज पर क्या व्यंग्य (Satire) किया है?

    उत्तर: कवि ने चिड़िया के माध्यम से मानव समाज की कृत्रिमता और लालच पर गहरा व्यंग्य किया है। पक्षी कम बुद्धि वाले होकर भी प्रेम और संतोष से जीते हैं, जबकि मनुष्य 'बुद्धिमान' होकर भी अशांत है। मनुष्य ने सीमाओं (Borders) और दीवारों में दुनिया को बाँट दिया है ("सीमा-हीन गगन" के विपरीत)। वह दूसरों का हक मारता है और भविष्य के लिए संग्रह करता है। कवि ने दिखाया है कि इंसान ने अपनी सुविधाओं को ही अपना बंधन बना लिया है, जबकि सच्चा सुख स्वतंत्रता और संतोष में है।

    प्रश्न 2: 'परिश्रम' और 'अपरिग्रह' (संग्रह न करना) के विषय में पक्षियों से क्या सीखा जा सकता है?

    उत्तर: पक्षी हमें सिखाते हैं कि हमें अपनी मेहनत (श्रम) पर भरोसा करना चाहिए। कविता की पंक्ति "जो मिलता है अपने श्रम से" बताती है कि वे भिखारी नहीं, परिश्रमी हैं। दूसरा बड़ा गुण 'अपरिग्रह' है- अर्थात ज़रूरत से ज़्यादा जमा न करना। आज दुनिया में सारी लड़ाई संसाधनों को जमा करने की है। यदि मनुष्य भी पक्षियों की तरह 'औरों के हित' के लिए त्याग करना और मिल-बाँटकर खाना सीख ले, तो धरती से गरीबी और भूखमरी खत्म हो सकती है।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    प्रश्न 1: निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची (Synonyms) लिखिए:

    • गगन: आकाश, नभ, अंबर

    • पग: पैर, चरण, पाँव

    • जग: संसार, दुनिया, विश्व

    प्रश्न 2: कविता से तुकांत शब्द (Rhyming Words) छाँटिए:

    • गाती है - सुनाती है

    • करते हैं - भरते हैं

    • तोड़ो - छोड़ो

    • घर है - डर है (या समान ध्वनि वाले)

    प्रश्न 3: 'मुक्ति-मंत्र' में कौन सा समास है?

    उत्तर: तत्पुरुष समास (मुक्ति का मंत्र)।

    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. कवि का नाम:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर पाठ 1 या 2 के लेखक का नाम लिख देते हैं।

      • सुधार: इस कविता के कवि आरसी प्रसाद सिंह हैं।

    2. 'सोने की कड़ियाँ' का अर्थ:

      • त्रुटि: छात्र इसे पक्षियों के पिंजरे की छड़ें समझते हैं।

      • सुधार: यहाँ यह मनुष्यों के बंधन (धन-दौलत का लालच) के लिए प्रयोग हुआ है, पक्षियों के लिए नहीं।

    3. पक्षियों का आलस्य:

      • त्रुटि: यह सोचना कि पक्षी काम नहीं करते।

      • सुधार: कविता स्पष्ट कहती है- "दिन भर करते काम"। वे भोजन खोजने के लिए दिन भर उड़ते और मेहनत करते हैं।

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