2.3. मंत्र - (Mantra) - Class 9 - गद्य-खंड - Rajeev Prakashan
- May 3
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Updated: May 9

पाठ का प्रकार: गद्य
लेखक का नाम: प्रेमचंद
विधा: कहानी
परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)
विषय | विवरण |
लेखक | प्रेमचंद (मूल नाम: धनपत राय) |
जन्म वर्ष | सन् 1880 ई. |
पाठ की विधा | कहानी |
पाठ्यपुस्तक | गद्य-खंड, कक्षा 9 |
सबसे प्रसिद्ध पंक्ति | "उसका जन्म यश की वर्षा करने ही के लिए हुआ है।" |
पाठ का केंद्रीय विषय | निस्वार्थ सेवा, मानवता और कर्तव्य-बोध |
सर्वाधिक पूछा जाने वाला प्रश्न | 'मंत्र' कहानी का मुख्य उद्देश्य और भगत के चरित्र की विशेषताएँ। |
1. लेखक परिचय (Author Introduction)
जन्म एवं स्थान: प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 ई. में वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम मुंशी अजायब लाल और माता का नाम आनंदी देवी था। नाम: उनका मूल नाम धनपत राय था, जबकि उर्दू में वे 'नवाब राय' के नाम से लिखते थे। जीवन संघर्ष: बचपन में ही माता-पिता के देहांत के कारण उनका जीवन अभावों में बीता। उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर और बाद में स्कूल मास्टर बनकर अपनी आजीविका चलाई। महात्मा गांधी के आह्वान पर असहयोग आंदोलन के दौरान उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। साहित्यिक योगदान: प्रेमचंद को 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है। उन्होंने साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर उसे जीवन की समस्याओं और सामाजिक यथार्थ से जोड़ा। प्रमुख रचनाएँ:
कहानियाँ: नमक का दारोगा, पंच परमेश्वर, पूस की रात, दो बैलों की कथा, ईदगाह, कफन।
उपन्यास: सेवासदन, निर्मला, गबन, कर्मभूमि, गोदान।
संपादन: मर्यादा, माधुरी, जागरण, हंस। निधन: सन् 1936 ई. में आपका देहावसान हुआ।
English Summary of Introduction: Premchand (1880–1936), born Dhanpat Rai in Lamhi, Varanasi, is the most celebrated novelist and storyteller of Hindi literature. Known as 'Upanyas Samrat', he focused on social realism and the lives of common people. His works shifted literature from mere entertainment to a serious discourse on human ethics and social reforms.
2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)
हिन्दी:
'मंत्र' कहानी दो विरोधी चरित्रों—डॉक्टर चड्ढा और बूढ़े भगत—के इर्द-गिर्द घूमती है। एक समय था जब डॉक्टर चड्ढा ने अपने खेलने के समय के कारण भगत के इकलौते बीमार बेटे को देखने से मना कर दिया था और वह बच्चा मर गया。 बरसों बाद, डॉक्टर चड्ढा के जवान बेटे कैलास को एक जहरीले साँप ने काट लिया। जब भगत को यह खबर मिली, तो पहले उसके मन में बदले की भावना आई, लेकिन उसकी मानवता और कर्तव्य-बोध ने उसे बैठने नहीं दिया। वह रात के अंधेरे में डॉक्टर के घर पहुँचा और अपने 'मंत्र' और जड़ी-बूटियों से कैलास की जान बचा ली। भगत बिना कुछ लिए चुपचाप चला गया, जिससे डॉक्टर चड्ढा को अपने पूर्व व्यवहार पर गहरी ग्लानी हुई।
English:
The story 'Mantra' highlights the contrast between the professional arrogance of Dr. Chaddha and the selfless humanity of old Bhagat. Years ago, the doctor refused to treat Bhagat's dying son because he didn't want to miss his golf time. Later, Dr. Chaddha’s own son, Kailas, is bitten by a venomous snake. Despite his past pain, Bhagat’s innate compassion overcomes his desire for revenge. He reaches the doctor's house at night and saves Kailas's life through his healing rituals and 'mantras'. Bhagat leaves without taking any reward, leaving the doctor remorseful and transformed by this act of ultimate kindness.
3. केंद्रीय भाव / मूल संदेश (Central Idea / Theme)
हिन्दी:
इस कहानी का मूल संदेश मानवता और क्षमाशीलता की विजय है। प्रेमचंद यह बताते हैं कि मनुष्यता किसी भी धन या पद से ऊपर है। भगत का चरित्र हमें सिखाता है कि बुराई का बदला बुराई से नहीं, बल्कि भलाई से देना चाहिए।
English:
The core message is the triumph of humanity and forgiveness. Premchand emphasizes that true greatness lies in serving others, even those who have wronged us. Bhagat’s character exemplifies that compassion is the highest human virtue, far exceeding material wealth or social status.
4. गद्यांश - ससन्दर्भ व्याख्या (Reference, Context & Explanation)
महत्वपूर्ण अंश 1: "संसार में ऐसे मनुष्य - - - सदैव तैयार रहते थे।" (क) सन्दर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'गद्य-खंड' के 'मंत्र' शीर्षक कहानी से लिया गया है। इसके लेखक प्रेमचंद हैं। (ख) प्रसंग: जब डॉक्टर चड्ढा भगत के बीमार बेटे को देखे बिना खेलने चले जाते हैं, तब भगत की मनोदशा का वर्णन है। (ग) व्याख्या: लेखक कहते हैं कि भगत को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कोई इंसान इतना संवेदनहीन हो सकता है कि मनोरंजन के लिए किसी की जान की परवाह न करे。 भगत उस पुराने दौर का व्यक्ति था जहाँ लोग दूसरों की मदद के लिए हर समय तत्पर रहते थे। उसके लिए 'सभ्य' कहलाने वाले आधुनिक समाज की यह कठोरता एक मर्मभेदी अनुभव था。 (घ) साहित्यिक विशेषता:
भाषा: सरल और मुहावरेदार।
शैली: यथार्थवादी और मर्मस्पर्शी।
महत्वपूर्ण अंश 2: "आज उस दिन की बात - - - मेरे सामने रहेगा।"
(क) सन्दर्भ: पूर्ववत्।
(ख) प्रसंग: कैलास की जान बचाने के बाद जब भगत बिना बताए चला जाता है, तब डॉक्टर चड्ढा के पश्चाताप का वर्णन।
(ग) व्याख्या: डॉक्टर चड्ढा को एहसास होता है कि जिस गरीब आदमी को उन्होंने दुत्कार दिया था, उसी ने उनके बेटे को जीवनदान दिया है。 वे अपनी गलती पर शर्मिंदा हैं और भगत की निःस्वार्थ सेवा को अपने जीवन के लिए एक आदर्श मानते हैं। वे समझ जाते हैं कि भगत जैसे लोग ही सच्चे अर्थों में 'देवता' हैं。
(घ) साहित्यिक विशेषता:
भाव: चरित्र परिवर्तन और हृदय परिवर्तन का चित्रण।
5. शब्दार्थ / शब्द-संपदा (Glossary)
शब्द | अर्थ | पर्यायवाची | विलोम |
मर्मभेदी | हृदय को छेदने वाला | मार्मिक | --- |
कारसाज | काम बनाने वाला | विधाता/ईश्वर | --- |
ग्लानी | पछतावा | पश्चाताप | प्रसन्नता |
आमोद | खुशी/मनोरंजन | प्रमोद | विषाद |
निःशब्द | बिना शब्द के/मौन | शांत | मुखर |
व्यथित | दुखी | पीड़ित | सुखी |
जीवनपर्यंत | जीवन भर | आजीवन | --- |
कुहराम | रोना-पीटना | चीख-पुकार | शांति |
बाकमाल | प्रतिभासंपन्न | निपुण | --- |
ऐब | दोष | बुराई | गुण |
6. सही या गलत - कारण सहित (True or False with Reason)
कथन 1: 'मंत्र' कहानी का मुख्य उद्देश्य सर्पदंश का इलाज बताना है।
उत्तर: गलत - कारण: कहानी का मुख्य उद्देश्य मानवीय संवेदनाओं और निस्वार्थ सेवा के महत्व को दर्शाना है।
कथन 2: कैलास को पालतू साँपों ने नहीं, बल्कि एक जंगली साँप ने काटा था।
उत्तर: गलत - कारण: कैलास को उसके अपने पाले हुए काले जहरीले 'गेहुवन' साँप ने तब काटा जब वह जबरन उसके दाँत दिखा रहा था।
कथन 3: भगत ने जान बचाने के बदले डॉक्टर चड्ढा से बड़ी रकम माँगी थी।
उत्तर: गलत - कारण: भगत बिना बताए और बिना कुछ लिए चुपचाप चला गया, क्योंकि वह निस्स्वार्थ भाव से सेवा करता था।
कथन 4: डॉक्टर चड्ढा को अंत में अपनी पुरानी गलती पर पछतावा हुआ।
उत्तर: सही - कारण: भगत की सज्जनता देखकर वे अपनी ग्लानी और अपराध बोध को प्रकट करते हैं।
7. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions - 2 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1: डॉक्टर चड्ढा ने भगत के बीमार बेटे को देखने से मना क्यों कर दिया था?
उत्तर: क्योंकि वह डॉक्टर साहब के गोल्फ खेलने का समय था और वे अपने मनोरंजन के नियमों में कोई बाधा नहीं चाहते थे。
प्रश्न 2: कैलास को साँप ने क्यों काटा?
उत्तर: कैलास मृणालिनी और अपने मित्रों के सामने अपनी सर्प-कला का प्रदर्शन कर रहा था। उसने साँप की गर्दन को इतनी ज़ोर से दबाया कि साँप ने आत्मरक्षा में उसे काट लिया。
प्रश्न 3: खबर सुनकर भगत के मन में पहले क्या विचार आए?
उत्तर: पहले उसके मन में बदले की भावना आई। उसने सोचा कि अब डॉक्टर को पता चलेगा कि बेटे का गम क्या होता है, और उसने जाने से इनकार कर दिया。
प्रश्न 4: भगत के जाने के बाद डॉक्टर चड्ढा ने क्या संकल्प किया?
उत्तर: उन्होंने संकल्प किया कि वे भगत को खोज निकालेंगे और उसके पैरों पर गिरकर अपने पुराने अपराध की क्षमा माँगेंगे।
8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions - 5 अं
प्रश्न 1: 'मंत्र' कहानी के आधार पर भगत का चरित्र-चित्रण कीजिए।
उत्तर: भगत कहानी का सबसे प्रभावशाली और मानवीय पात्र है। वह पुराने ज़माने का एक सीधा-सादा और निस्वार्थ व्यक्ति है。 यद्यपि डॉक्टर चड्ढा की कठोरता के कारण उसका इकलौता बेटा मर गया, फिर भी वह अपनी शत्रुता को भूलकर डॉक्टर के बेटे की जान बचाता है。 वह लालच से कोसों दूर है और पुरस्कार की चाहत रखे बिना चुपचाप चला जाता है。 उसका चरित्र क्षमाशीलता, परोपकार और उच्च नैतिक मूल्यों का प्रतीक है, जो उसे एक सच्चा 'मानव' सिद्ध करता है。
प्रश्न 2: डॉक्टर चड्ढा के चरित्र में कहानी के अंत तक क्या परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर: कहानी के आरंभ में डॉक्टर चड्ढा एक नियमबद्ध लेकिन संवेदनहीन व्यक्ति के रूप में दिखाए गए हैं, जिनके लिए मनरंजन किसी की जान से कीमती है。 लेकिन जब भगत उनके बेटे की जान बचाता है, तो उनका अहंकार टूट जाता है। वे अपनी पुरानी भूल पर गहरी ग्लानी महसूस करते हैं और भगत के चरणों की धूल बनने को तैयार हो जाते हैं。 उनका हृदय परिवर्तन यह दर्शाता है कि मानवता की शक्ति कठोर से कठोर व्यक्ति को भी सुधार सकती है。
9. व्याकरण - पाठ पर आधारित (Grammar from the Lesson)
मुहावरे और प्रयोग:
हाथ से चला जाना: मृत्यु हो जाना।
पगड़ी उतारकर रखना: बहुत अधिक विनती करना या इज़्ज़त दाँव पर लगाना।
आँखें ठंडी होना: तसल्ली मिलना या संतोष होना।
भूत सवार होना: किसी काम के पीछे पागल होना।
उपसर्ग पहचान:
प्रतिघात: प्रति (उपसर्ग) + घात।
अधर्म: अ (उपसर्ग) + धर्म।
निवारण: नि (उपसर्ग) + वारण।
समानार्थी शब्द:
ग्लानी: पश्चाताप, पछतावा।
मरीज: रोगी, बीमार।
कपड़ा: वसन, चीर, पट。
10. पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Previous Years' Board Questions)
प्रश्न 1: प्रेमचंद का जन्म किस गाँव में हुआ था?
उत्तर: उनका जन्म वाराणसी के लमही गाँव में हुआ था।
प्रश्न 2: 'गोदान' के लेखक कौन हैं?
उत्तर: 'गोदान' के लेखक प्रेमचंद हैं।
11. UP Board परीक्षा में इस पाठ से अपेक्षित प्रश्न (Expected Exam Questions)
5 अंक - दीर्घ उत्तरीय:
'मंत्र' कहानी के माध्यम से प्रेमचंद ने समाज को क्या संदेश दिया है?
6 अंक - गद्यांश व्याख्या:
"वह उन पुराने जमाने के जीवों में था... सदैव तैयार रहते थे।"
"उसकी सज्जनता ने मुझे ऐसा आदर्श दिखा दिया है... सामने रहेगा।"
2 अंक - लघु उत्तरीय:
कैलास को किस बात का 'मरज' (शौक) था? (साँपों की जड़ी-बूटियाँ जमा करने का)
भगत आधी रात को घर से बाहर क्यों निकला?
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