2. लघुकथाएँ - Laghukathayein - Class 11 - Yuvakbharati
- 20 hours ago
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लेखिका: श्रीमती संतोष श्रीवास्तव | विधा: लघुकथा
१. शब्दार्थ और मुहावरे (Glossary with English Context)
क. शब्दार्थ (Word Meanings)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi) | अर्थ (English Context) |
देहरी | दहलीज | Threshold |
तरबतर | भीगा हुआ / सराबोर | Drenched / Soaked |
कृशकाय | दुबला-पतला शरीर | Emaciated / Lean body |
विस्मय | आश्चर्य | Wonder / Astonishment |
सैलाब | बाढ़ / आँसुओं का उमड़ना | Flood / Torrent |
लालसा | तीव्र इच्छा | Intense desire / Longing |
अपशब्द | बुरे शब्द / गाली | Abusive words |
झल्ला उठना | चिढ़ जाना | To get irritated |
अपराध बोध | अपनी गलती का अहसास | Guilt |
अदम्य | जिसे दबाया न जा सके | Indomitable |
ख. मुहावरे (Idioms)
मुहावरा (Idiom) | अर्थ (Meaning) | वाक्य प्रयोग (Sentence Usage) |
टस-से-मस न होना | अपनी जगह से न हिलना / अडिग रहना | दुकानदार के बार-बार कहने पर भी बबलू अपनी जगह से टस-से-मस न हुआ । |
खुशी का ठिकाना न रहना | बहुत अधिक प्रसन्न होना | पढ़ाई का खर्च मिलने की बात सुनकर बबलू की खुशी का ठिकाना न रहा । |
आँखें भर आना | भावुक होना | बबन की गरीबी देखकर उषा की आँखें विस्मय और दुख से भर आईं । |
दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | भारतीय वीरों ने युद्ध में शत्रुओं के दाँत खट्टे कर दिए । |
मुँह मोड़ना | साथ छोड़ देना | कठिन समय में सच्चे मित्र कभी अपनों से मुँह नहीं मोड़ते । |
२. परिचय और सारांश (Introduction & Summary)
लेखिका परिचय: संतोष श्रीवास्तव जी का जन्म २३ नवंबर १९५२ को मध्य प्रदेश के मंडला में हुआ । आपकी लेखनी मुख्य रूप से नारी जागरूकता, वर्तमान सामाजिक विसंगतियों और मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित है ।
केंद्रीय भाव (Central Idea - Bilingual):
हिन्दी: ये लघुकथाएँ समाज के दो अलग चेहरों को दर्शाती हैं - एक ओर संसाधनों की बर्बादी और दूसरी ओर अभाव में भी पढ़ाई के प्रति जुनून ।
English: These short stories depict two contrasting faces of society: the mindless wastage of resources and the indomitable passion for education despite extreme poverty.
सारांश (Summary): प्रस्तुत पाठ में दो लघुकथाएँ संकलित हैं । पहली कथा 'उषा की दीपावली' अन्न की बर्बादी पर प्रहार करती है । दीपावली के अवसर पर जहाँ संपन्न घरों में पकवानों की बर्बादी होती है, वहीं गरीब बबन आटे के पुराने दीयों को खाकर अपना पेट भरने की कोशिश करता है । उषा की संवेदनशीलता उसे बबन की मदद करने के लिए प्रेरित करती है ।
दूसरी कथा 'मुस्कुराती चोट' बाल मजदूरी और शिक्षा के प्रति एक बच्चे के समर्पण की कहानी है । बबलू आर्थिक तंगी के कारण रद्दी इकट्ठा करने का काम करता है, लेकिन उसका लक्ष्य स्कूल जाना और पढ़ाई करना है । लोगों के अपशब्द और गरीबी के बावजूद वह अपनी मुस्कुराहट और हिम्मत से अंततः अपनी पढ़ाई का मार्ग प्रशस्त कर लेता है ।
३. HSC गद्य आकलन (Prose Pattern)
कृति १: आकलन (Global Understanding - 2 Marks)
प्रश्न १: उषा ने सुबह कंपाउंड में क्या दृश्य देखा?
उत्तर: पूरा कंपाउंड पटाखों के कचरे से भरा था और सफाई करने वाला बबन पुराने आटे के दीयों को कचरे में फेंकने के बजाय अपनी जेब में रख रहा था ।
प्रश्न २: बबलू की पढ़ाई बीच में क्यों छूट गई?
उत्तर: घर में पिता के बीमार होने और उनकी दवाई व राशन के लिए पैसे न होने के कारण बबलू को पढ़ाई छोड़कर काम करना पड़ा ।
प्रश्न ३: दुकानदार ने बबलू को क्यों डाँटा?
उत्तर: क्योंकि बबलू ने दुकानदार द्वारा दिए गए काम के बजाय उन रुपयों से रद्दी में आई स्कूल की किताबें खरीद ली थीं ।
प्रश्न ४: अंत में घर की मालकिन ने क्या निश्चय किया?
उत्तर: बबलू की पढ़ाई के प्रति लगन देखकर उन्होंने उसकी आगे की पढ़ाई का पूरा खर्चा उठाने का निश्चय किया ।
प्रश्न ५: बबन आटे के दीयों का क्या करने वाला था?
उत्तर: वह उन्हें घर ले जाकर अच्छे से सेंककर खाने वाला था क्योंकि उसके लिए अन्न देवता समान थे
कृति २: शब्द संपदा (Vocabulary - 2 Marks)
प्रश्न १: 'अन्न' शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए ।
उत्तर: अनाज, धान्य ।
प्रश्न २: निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी (Antonyms) शब्द लिखिए:
खुशी - उत्तर: गम / दुख ।
अपराध - उत्तर: निरपराध ।
प्रश्न ३: 'दुकानदार' शब्द में प्रयुक्त प्रत्यय अलग कीजिए ।
उत्तर: दुकान + दार ।
प्रश्न ४: 'मुस्कुराहट' शब्द का मूल शब्द और प्रत्यय लिखिए ।
उत्तर: मुस्कुरा + आहट ।
कृति ३: अभिव्यक्ति (Personal Response - 2 Marks)
प्रश्न १: 'अन्न बैंक की आवश्यकता' इस विषय पर अपने विचार लिखिए ।
उत्तर: आज हमारे समाज में एक ओर बड़ी-बड़ी दावतों और शादियों में भारी मात्रा में खाना बर्बाद किया जाता है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग भूखे सोने पर मजबूर हैं । ऐसी स्थिति में 'अन्न बैंक' की स्थापना एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है । अन्न बैंक के माध्यम से बचा हुआ भोजन सुरक्षित रूप से एकत्रित किया जा सकता है और उसे जरूरतमंदों तक पहुँचाया जा सकता है । यह न केवल अन्न की बर्बादी रोकेगा, बल्कि सामाजिक समानता और मानवीय संवेदनाओं को भी बढ़ावा देगा । अतः, भोजन का सम्मान करना और उसे साझा करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है ।
७. व्याकरण (Grammar Corner with Explanations)
वचन परिवर्तन (Number Change): १. वह स्कूल जाता है । -> उत्तर: वे स्कूल जाते हैं । Rule: Changed Singular 'Wah' to Plural 'Ve'.
२. दीवार पर चित्र टँगा है । -> उत्तर: दीवारों पर चित्र टँगे हैं । Rule: Pluralized 'Deewar' to 'Deewaron' and matched the verb.
लिंग परिवर्तन (Gender Change): १. श्रीमती (श्रीमती संतोष श्रीवास्तव) -> उत्तर: श्रीमान । २. विद्वान -> उत्तर: विदुषी । ३. नायिका -> उत्तर: नायक । ४. बुद्धिमान -> उत्तर: बुद्धिमती ।
८. पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न
प्रश्न १: 'उषा की दीपावली' लघुकथा द्वारा प्राप्त संदेश लिखिए । उत्तर: यह कथा संदेश देती है कि अन्न का एक-एक दाना कीमती है । हमें उत्सवों के नाम पर भोजन बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि उस अन्न से किसी भूखे की मदद करनी चाहिए ।
प्रश्न २: 'मुस्कुराती चोट' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए । उत्तर: बबलू को समाज के तानों और दुकानदार की डाँट के रूप में मानसिक 'चोट' लगती है, लेकिन वह अपनी शिक्षा की 'मुस्कुराहट' से उस चोट को जीत लेता है । इसलिए यह शीर्षक पूर्णतः सार्थक है ।
प्रश्न ३: संतोष श्रीवास्तव जी की किन्हीं दो प्रमुख कृतियों के नाम लिखिए । उत्तर: (१) 'बहके बसंत तुम' (कहानी संग्रह) (२) 'टेम्स की सरगम' (उपन्यास) ।
प्रश्न ४: लघुकथा विधा की दो विशेषताएँ बताइए । उत्तर: यह आकार में छोटी होती है परंतु जीवन की किसी एक संवेदना या घटना को बड़ी गहराई से व्यक्त करने में सक्षम होती है ।
प्रश्न ५: बाल मजदूरी को रोकने के लिए आप क्या सुझाव देंगे? उत्तर: बाल मजदूरी को रोकने के लिए गरीबी उन्मूलन और मुफ्त शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है । समाज में जागरूकता फैलाकर और शिक्षा से वंचित बच्चों की मदद करके ही इस समस्या को जड़ से मिटाया जा सकता है ।
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