2 - सपनों के-से दिन (Sapno Ke Se Din) - Class 10 Sanchayan 2
- Dec 18, 2025
- 10 min read
Updated: Dec 20, 2025

सपनों के-से दिन (Sapno Ke Se Din)
Class 10 - Hindi Course B (Sanchayan Bhag 2) | Author: गुरदयाल सिंह (Gurdayal Singh)
1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)
बचपन का खेल और मस्तियाँ: लेखक अपने बचपन के दिनों को याद करते हैं जब वे और उनके साथी फटे-पुराने कपड़े पहने, नंगे पाँव धूल-मिट्टी में खेला करते थे। खेल में गिरकर चोट लगने और घर पर पिटाई होने के बावजूद वे अगले दिन फिर खेलने पहुँच जाते थे। लेखक ने बाद में बाल-मनोविज्ञान पढ़कर समझा कि बच्चों को खेल इतना प्रिय क्यों होता है।
English: Childhood Games and Fun: The author recalls his childhood days when he and his friends used to play barefoot in the dust wearing torn clothes. Despite getting injured while playing and getting beaten at home, they would return to play the next day. Later, after studying child psychology, the author understood why games are so dear to children.
स्कूल के प्रति अरुचि: उस समय अधिकतर बच्चों और उनके अभिभावकों की पढ़ाई में रुचि नहीं थी। कई बच्चे स्कूल छोड़कर मुनीमी या दुकानदारी सीखने लगते थे। लेखक को स्कूल 'कैद' जैसा लगता था। केवल रास्ते में उगी झाड़ियों की महक और क्यारियों के फूल उन्हें अच्छे लगते थे।
English: Disinterest in School: At that time, most children and their parents were not interested in studies. Many children dropped out of school to learn accounting or shopkeeping. The school felt like a 'prison' to the author. Only the scent of bushes and flowers on the way appealed to him.
छुट्टियों का आनंद और गृहकार्य का डर: साल के शुरू में डेढ़-दो महीने की छुट्टियाँ होती थीं। शुरू में बच्चे ननिहाल में खूब खेलते थे। लेकिन जैसे-जैसे छुट्टियाँ खत्म होने लगतीं, मास्टरों द्वारा दिए गए गृहकार्य (सवालों) का डर सताने लगता। कई बच्चे (जैसे ओमा) गृहकार्य करने के बजाय मास्टरों की पिटाई खाना 'सस्ता सौदा' समझते थे।
English: Joy of Holidays and Fear of Homework: There used to be holidays for one and a half to two months at the beginning of the year. Initially, children played a lot at their maternal grandmother's house. But as the holidays neared the end, the fear of homework given by teachers haunted them. Many children (like Oma) considered getting beaten by teachers a 'cheaper deal' than doing homework.
पीटी मास्टर प्रीतम चंद का खौफ: पीटी मास्टर प्रीतम चंद बहुत सख्त और क्रूर थे। उनका रूप-रंग डरावना था- बाज जैसी आँखें, खाकी वर्दी और भारी बूट। वे छोटी सी गलती पर भी खाल उधेड़ देने वाली सज़ा देते थे। बच्चे उनसे बहुत डरते और नफरत करते थे।
English: Terror of PT Master Preetam Chand: PT Master Preetam Chand was very strict and cruel. His appearance was scary - hawk-like eyes, khaki uniform, and heavy boots. He used to give severe punishments even for small mistakes. Children were very afraid of him and hated him.
स्काउटिंग और फौज का आकर्षण: बावजूद इसके, जब पीटी साहब स्काउटिंग परेड कराते थे और 'शाबाश' देते थे, तो बच्चों को बहुत अच्छा लगता था। रंग-बिरंगी झंडियाँ और वर्दी पहनकर बच्चे खुद को फौजी जवान समझने लगते थे। पीटी सर की 'शाबाश' उन्हें फौज के तमगों (Medals) जैसी लगती थी।
English: Scouting and Attraction to Army: Despite this, when PT Sir conducted the scouting parade and said 'Shabash' (Bravo), the children felt very good. Wearing colorful flags and uniforms, children started feeling like army soldiers. PT Sir's 'Shabash' felt like army medals to them.
मुअत्तली (Suspension) और तोते: एक दिन फारसी की कक्षा में शब्द-रूप याद न करने पर पीटी साहब ने लड़कों को 'मुर्गा' बना दिया और पीठ ऊँची करने को कहा। हेडमास्टर शर्मा जी ने यह बर्बरता देखी तो वे सहन नहीं कर पाए और पीटी साहब को मुअत्तल (Suspend) कर दिया।
English: Suspension and Parrots: One day, when boys failed to memorize Persian word forms, PT Sir made them hold their ears (Murga pose) and arch their backs. Headmaster Sharma Ji saw this barbarity, could not tolerate it, and suspended PT Sir.
पीटी साहब का दूसरा रूप: निलंबन के दौरान जब लेखक पीटी साहब के घर गया, तो देखा कि वह क्रूर मास्टर अपने तोतों को बड़े प्यार से बादाम खिला रहा है और उनसे मीठी बातें कर रहा है। यह देखकर लेखक को लगा कि कठोर आवरण के भीतर एक कोमल हृदय भी हो सकता है, जिसे वे तब 'अलौकिक' मानते थे।
English: Another Side of PT Sir: During the suspension, when the author went to PT Sir's house, he saw that cruel master feeding almonds to his parrots very lovingly and talking sweetly to them. Seeing this, the author felt that there could be a tender heart inside a tough exterior, which they considered 'supernatural' at that time.
2. शब्द-संपदा (Vocabulary)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi Meaning) | English Meaning |
मुअत्तल | निलंबित करना / नौकरी से कुछ समय के लिए हटाना | Suspended |
बहाल | दोबारा काम पर रखना | Reinstated |
ठुड्ढे | ठोकर / लात | Kicks / Pokes |
खुरियाँ | जूते के नीचे लगी लोहे की नाल | Metal plates on shoe heels |
रंगरूट | नया सिपाही (Recruit) | Recruit |
हरफनमौला | जो हर काम में माहिर हो | All-rounder / Versatile |
शाबाश | प्रशंसा सूचक शब्द | Bravo / Well done |
अलौकिक | जो इस लोक का न हो / अद्भुत | Supernatural / Extraordinary |
चमड़ी उधेड़ना | बहुत मारना | To beat severely (Skinning) |
तमगे | पदक / मेडल | Medals |
लथपथ | पूरी तरह ससना हुआ | Soaked / Covered |
कतार | पंक्ति / लाइन | Queue / Line |
3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)
लेखक (Narrator)
शरारती और खेल-प्रेमी (Mischievous & Playful): लेखक को पढ़ाई से ज्यादा खेल में रुचि थी। फटे हाल में खेलना, तालाब में नहाना और स्कूल से भागना उन्हें पसंद था।
English: The author was more interested in sports than studies. He liked playing in torn clothes, swimming in the pond, and skipping school.
संवेदनशील और जिज्ञासु (Sensitive & Curious): वे पीटी सर से डरते थे लेकिन उनके तोतों वाले व्यवहार को देखकर हैरान भी थे। वे बाल-मनोविज्ञान को गहराई से समझते थे।
English: He was afraid of PT Sir but was also amazed to see his behavior with parrots. He understood child psychology deeply.
मास्टर प्रीतम चंद (PT Master Preetam Chand)
कठोर और अनुशासनप्रिय (Strict & Disciplinarian): वे अनुशासन के पक्के थे। उनकी वेशभूषा और सजा देने का तरीका (मुर्गा बनाना) बच्चों में दहशत पैदा करता था। वे बच्चों को कतार में सीधा खड़ा रखने के लिए बहुत सख्त थे।
English: He was a stickler for discipline. His attire and method of punishment (making 'Murga') created terror among children. He was very strict about keeping children standing straight in line.
कोमल हृदय (Soft-hearted inside): बाहर से कठोर दिखने वाले पीटी सर अंदर से कोमल थे, जो उनके तोतों के प्रति प्रेम में दिखाई देता है।
English: PT Sir, who looked tough on the outside, was soft on the inside, which is visible in his love for parrots.
हेडमास्टर मदनमोहन शर्मा (Headmaster Madanmohan Sharma)
विनम्र और संयमी (Humble & Composed): वे पीटी सर के बिल्कुल विपरीत थे। वे कभी बच्चों को नहीं मारते थे, केवल हल्की चपत लगाते थे। वे हिंसा के सख्त खिलाफ थे, इसीलिए उन्होंने पीटी सर को मुअत्तल कर दिया।
English: He was quite the opposite of PT Sir. He never beat children, only gave a light slap. He was strictly against violence, which is why he suspended PT Sir.
4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)
A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)
प्रश्न 1:
अभिकथन (A): लेखक और उनके साथी छुट्टियों का काम करने के बजाय पिटाई खाना अधिक पसंद करते थे।
तर्क (R): उन्हें लगता था कि छुट्टियाँ खेलने के लिए हैं और पढ़ाई करना समय की बर्बादी है। साथ ही, ओमा जैसे 'बहादुर' लड़कों का प्रभाव उन पर था जो पिटाई को 'सस्ता सौदा' मानते थे।
उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 2:
अभिकथन (A): हेडमास्टर शर्मा जी ने मास्टर प्रीतम चंद को मुअत्तल (Suspend) कर दिया।
तर्क (R): प्रीतम चंद स्कूल में तोते लेकर आए थे और कक्षा में उन्हें बादाम खिला रहे थे।
उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (मुअत्तल इसलिए किया क्योंकि वे चौथी कक्षा के बच्चों को क्रूरता से सजा दे रहे थे)।
B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)
स्थिति (Situation): एक शिक्षक कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए डंडे का प्रयोग करता है और बच्चे उससे डरते हैं।
प्रश्न (Question): 'सपनों के-से दिन' पाठ के संदर्भ में बताइए कि क्या यह तरीका सही है? हेडमास्टर शर्मा जी का दृष्टिकोण इस पर क्या होता?
उत्तर (Answer): पाठ के अनुसार, यह तरीका सही नहीं है। डर से अनुशासन तो आ सकता है (जैसे पीटी सर की क्लास में), लेकिन बच्चों के मन में शिक्षक के प्रति नफरत पैदा हो जाती है। हेडमास्टर शर्मा जी का दृष्टिकोण अहिंसात्मक था। वे मानते थे कि शारीरिक दंड (Corporal Punishment) अमानवीय है, इसीलिए उन्होंने पीटी सर को रोका। प्रेम और प्रोत्साहन (शाबाशी) से बच्चों को बेहतर सिखाया जा सकता है।
C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)
प्रश्न 1: "सभी की माँ-बहनें उन पर तरस खाने की जगह और पिटाई करतीं।"
उत्तर: इसका आशय है कि उस समय माता-पिता बच्चों की चोट या दर्द के प्रति उतने संवेदनशील नहीं थे जितने आज हैं। जब बच्चे खेलकूद में चोट लगाकर या कपड़े फाड़कर घर आते, तो माँ-बाप उन्हें सांत्वना देने के बजाय लापरवाही और नुकसान के लिए और पीटते थे।
प्रश्न 2: "उनकी एक शाबाश ऐसे लगने लगती जैसे हमने किसी फ़ौज के सभी तमगे जीत लिए हों।"
उत्तर: पीटी सर कभी हँसते या तारीफ नहीं करते थे। इसलिए जब वे परेड के दौरान खुश होकर 'शाबाश' कहते, तो वह दुर्लभ प्रशंसा बच्चों के लिए किसी बड़े सम्मान (मेडल) से कम नहीं होती थी। यह दिखाता है कि कठोर व्यक्ति से मिली थोड़ी सी सराहना भी बहुत मायने रखती है।
5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)
A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)
प्रश्न 1: कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती- पाठ के किस अंश से सिद्ध होता है?
उत्तर: लेखक के आधे साथी राजस्थान या हरियाणा से आए थे जिनकी बोली अलग थी। शुरू में समझ नहीं आती थी, लेकिन खेलते समय सब एक-दूसरे की बात बखूबी समझ लेते थे। यह सिद्ध करता है कि खेल और मित्रता की कोई भाषा नहीं होती।
प्रश्न 2: पीटी साहब की 'शाबाश' फौज के तमगों सी क्यों लगती थी?
उत्तर: पीटी साहब बहुत सख्त थे और कभी तारीफ नहीं करते थे। जब स्काउटिंग परेड में बच्चे सही काम करते और वे 'शाबाश' कहते, तो बच्चों को लगता था कि उन्होंने कोई बहुत बड़ा काम कर लिया है, जैसे फौज का मेडल जीत लिया हो।
प्रश्न 3: नयी श्रेणी में जाने पर लेखक का बालमन उदास क्यों हो जाता था?
उत्तर: नयी श्रेणी का मतलब था- नयी किताबें न मिलना (पुरानी मिलना), मुश्किल पढ़ाई का डर और नए मास्टरों की पिटाई का भय। पुरानी किताबों की अजीब गंध और भविष्य की कठिनाइयों की चिंता लेखक को उदास कर देती थी।
प्रश्न 4: हेडमास्टर शर्मा जी ने पीटी साहब को क्यों मुअत्तल कर दिया?
उत्तर: हेडमास्टर जी ने देखा कि पीटी साहब ने चौथी कक्षा के मासूम बच्चों को 'मुर्गा' बनाकर पीठ ऊँची करने की क्रूर सजा दी है, जिससे बच्चे पीड़ा से तड़प रहे थे। ऐसी बर्बरता (Cruelty) देखकर वे क्रोधित हो गए और उन्हें मुअत्तल कर दिया।
B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)
प्रश्न 1: लेखक के अनुसार उन्हें स्कूल खुशी से भागे जाने की जगह न लगने पर भी कब और क्यों स्कूल जाना अच्छा लगने लगा?
उत्तर: सामान्यतः स्कूल लेखक के लिए डर और कैद की जगह था। लेकिन जब स्काउटिंग की क्लास होती थी, तो उन्हें स्कूल अच्छा लगने लगता था। रंगीन झंडियाँ लेकर, गले में रुमाल बाँधकर, खाकी वर्दी और पॉलिश किए बूट पहनकर जब वे परेड करते थे, तो उन्हें खुद के 'फौजी जवान' होने का अहसास होता था। पीटी सर की 'शाबाश' और परेड का अनुशासन उन्हें गर्व महसूस कराता था। केवल इसी कारण से उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगता था।
प्रश्न 2: "कठोर हृदय वाले व्यक्तियों में भी कोमल भावनाएँ छिपी होती हैं।" पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह कथन पीटी मास्टर प्रीतम चंद के चरित्र पर सटीक बैठता है। वे स्कूल में साक्षात् यमराज लगते थे, बच्चों को बेरहमी से पीटते थे और कभी नहीं मुस्कुराते थे। लेकिन निलंबन के दौरान जब लेखक ने उन्हें अपने तोतों के साथ देखा, तो वे एक अलग ही इंसान थे। वे बड़े प्यार से भीगे बादाम छीलकर तोतों को खिला रहे थे और उनसे बातें कर रहे थे। यह विरोधाभास दिखाता है कि इंसान का स्वभाव परिस्थितियों के अनुसार बदलता है और निष्ठुर दिखने वाले व्यक्ति के भीतर भी प्रेम और ममता का स्रोत हो सकता है।
प्रश्न 3: विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं में क्या अंतर है?
उत्तर: पाठ में (पुराने समय में) अनुशासन के लिए भय और शारीरिक दंड (मारपीट, मुर्गा बनाना) को मुख्य साधन माना जाता था। अभिभावक भी इसमें शिक्षकों का साथ देते थे। लेकिन वर्तमान में शिक्षा मनोवैज्ञानिक हो गई है। आज 'शारीरिक दंड' पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे अपराध माना जाता है। आज अनुशासन के लिए समझाना, परामर्श (Counseling), और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण (Positive Reinforcement) जैसी युक्तियाँ अपनाई जाती हैं। अब माना जाता है कि डंडे के जोर पर सिखाया गया अनुशासन स्थायी नहीं होता, बल्कि प्रेम और समझ से सिखाया गया अनुशासन ही बच्चों के व्यक्तित्व का विकास करता है।
6. व्याकरण (Integrated Grammar)
(Based on general Sanchayan patterns)
प्रश्न 1: मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग:
तितर-बितर होना: (इधर-उधर भाग जाना) - पुलिस को देखते ही भीड़ तितर-बितर हो गई।
चेहरा मुरझाना: (उदास होना) - परीक्षा में कम अंक आने पर रोहन का चेहरा मुरझा गया।
रत्ती भर: (बिल्कुल थोड़ा सा) - पीटी साहब को नौकरी जाने की रत्ती भर भी चिंता नहीं थी।
खाल खींचना: (कठोर दंड देना / बहुत मारना) - पीटी सर गलती करने पर लड़कों की खाल खींच लेते थे।
7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
हेडमास्टर और पीटी सर में अंतर:
त्रुटि: छात्र अक्सर दोनों के स्वभाव को मिला देते हैं।
सुधार: हेडमास्टर शर्मा जी नरम और अहिंसक थे, जबकि पीटी मास्टर प्रीतम चंद सख्त और हिंसक थे।
तोते वाली घटना:
त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि तोते स्कूल में थे।
सुधार: तोते पीटी सर के घर (चौबारे) पर थे, जहाँ लेखक झाँक कर देखता था।
ओमा का चरित्र:
त्रुटि: छात्र ओमा को केवल गुंडा समझते हैं।
सुधार: ओमा एक निडर और विद्रोही छात्र था, जो मार खाने से नहीं डरता था और बच्चों का 'नेता' था। उसकी 'रेल-बम्बा' वाली टक्कर मशहूर थी।
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