3.1. व्यवहार - (Vyavahar) - Class 9 - गद्य-खंड - Rajeev Prakashan
- May 4
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Updated: May 8

पाठ का प्रकार: एकांकी
लेखक का नाम: सेठ गोविंददास
विधा: एकांकी
परीक्षा-उपयोगी तथ्य (Quick Exam Facts)
विषय | विवरण |
लेखक | सेठ गोविंददास (गाँधीवादी विचारक) |
जन्म वर्ष | सन् 1896 ई. (जबलपुर, मध्य प्रदेश) |
पाठ की विधा | सामाजिक एकांकी |
पाठ्यपुस्तक | एकांकी भाग, कक्षा 9 |
सबसे प्रसिद्ध पंक्ति | "भक्षक और भक्ष्य का कैसा व्यवहार?" |
पाठ का केंद्रीय विषय | जमींदार और किसानों के बीच संघर्ष तथा हृदय परिवर्तन |
सर्वाधिक पूछा जाने वाला प्रश्न | एकांकी के शीर्षक 'व्यवहार' की सार्थकता और क्रांतिचंद्र का चारित्रिक परिचय। |
1. लेखक परिचय (Author Introduction)
जन्म एवं स्थान: सेठ गोविंददास का जन्म सन् 1896 ई. में जबलपुर (म.प्र.) के एक संपन्न व्यापारिक परिवार में हुआ था।
जीवन दर्शन: आप पर महात्मा गाँधी के असहयोग आंदोलन का गहरा प्रभाव पड़ा, जिसके कारण आपने वैभवपूर्ण जीवन त्याग कर सादगी अपना ली। आप आजीवन सांसद रहे और हिंदी को राजभाषा बनाने के प्रबल समर्थक थे।
साहित्यिक विशेषता: आपके लेखन का केंद्र बिंदु नाटक और एकांकी रहे हैं। आपने 'प्रतीक शैली' में भी नाटकों की रचना की है।
प्रमुख रचनाएँ:
एकांकी: सप्त रश्मि, एकादशी, पंचभूत, व्यवहार, आप बीती जगबीती।
नाटक: कर्तव्य, कर्ण, शेरशाह, भारतेंदु हरिश्चंद्र, महात्मा गाँधी।
निधन: सन् 1974 ई. में आपका देहावसान हुआ।
English Summary of Introduction:
Seth Govind Das (1896–1974) was a prominent Gandhian dramatist and politician born in Jabalpur. He significantly contributed to Hindi literature through his plays and one-act plays, focusing on social reforms and national consciousness. He was awarded several honors for his dedication to the Hindi language and his simple, heart-touching writing style.
2. पाठ का सारांश (Bilingual Summary)
हिन्दी:
'व्यवहार' एकांकी जमींदारी प्रथा और किसान संघर्ष की पृष्ठभूमि पर आधारित है। एकांकी तीन दृश्यों में विभाजित है। प्रथम दृश्य में उदार जमींदार रघुराजसिंह अपनी बहन के विवाह में सभी किसानों को सपरिवार भोज पर बुलाते हैं, जिसका उनका मैनेजर नर्मदाशंकर विरोध करता है क्योंकि इससे 'व्यवहार' (उपहार/पैसे) की वसूली कम और खर्च अधिक होगा। द्वितीय दृश्य में किसान पुत्र क्रांतिचंद्र, जो शिक्षित युवक है, किसानों को समझाता है कि जमींदार द्वारा दिए गए लाभ केवल दिखावा हैं और भोज में जाना किसानों का अपमान है। तृतीय दृश्य में किसानों द्वारा भोज का बहिष्कार करने पर रघुराजसिंह को अपनी गलती का एहसास होता है और वे जमींदारी त्याग कर किसानों का सच्चा हितैषी बनने का संकल्प लेते हैं।
English:
The play 'Vyavahar' depicts the conflict between a benevolent landlord, Raghuraj Singh, and the oppressed farmers led by an educated youth, Krantichandra. Raghuraj invites all farmers to his sister's wedding feast without expecting any traditional monetary gifts (Vyavahar), breaking the exploitative old customs. However, Krantichandra convinces the farmers to boycott the feast, arguing that the relationship between an oppressor and the oppressed can never be friendly. The boycott leads to a profound transformation in Raghuraj Singh, who eventually decides to give up his landlordship to work for the true welfare of the farmers.
3. मुख्य पात्रों का परिचय (Character Sketches)
रघुराजसिंह: एक उदार, संवेदनशील और आधुनिक विचारों वाला युवा जमींदार।
नर्मदाशंकर: पुरानी पद्धति का समर्थक और चालाक मैनेजर जो शोषण को ही लाभ का आधार मानता है।
चूरामन: एक वृद्ध और अनुभवी किसान जो पुरानी परंपराओं और भय से दबा हुआ है।
क्रांतिचंद्र: चूरामन का शिक्षित पुत्र, जो क्रांतिकारी विचारों वाला है और किसानों को उनके बल का बोध कराता है।
4. महत्वपूर्ण संवाद - व्याख्या (Key Dialogues & Explanation)
अंश 1: "बिना किसानों पर दबाव रखे हम ज़मींदारी से कोई लाभ उठा ही नहीं सकते।"
प्रसंग: मैनेजर नर्मदाशंकर, रघुराजसिंह को पुरानी शोषणकारी नीति का महत्व समझा रहा है।
व्याख्या: नर्मदाशंकर का मानना है कि जमींदारी में लाभ केवल तभी संभव है जब किसानों को कर्ज और डर के नीचे दबाकर रखा जाए। यह शोषक वर्ग की मानसिकता को दर्शाता है।
अंश 2: "भक्षक और भक्ष्य का कैसा व्यवहार?"
प्रसंग: क्रांतिचंद्र ने यह वाक्य अपने पत्र में लिखा और किसानों को संबोधित करते हुए कहा।
व्याख्या: यहाँ 'भक्षक' जमींदार है और 'भक्ष्य' (भोजन) किसान है। क्रांतिचंद्र का तर्क है कि जो हमारा खून चूसता है, उसके साथ हमारा सामाजिक व्यवहार (भोज में जाना) कभी मित्रवत नहीं हो सकता। यह वाक्य रघुराजसिंह की आँखें खोल देता है।
5. शब्दार्थ / शब्द-संपदा (Glossary)
शब्द | अर्थ | पर्यायवाची | विलोम |
वैभव | ऐश्वर्य | संपन्नता | दरिद्रता |
निस्तब्धता | सन्नाटा | शांति | शोर |
व्यवहार | सामाजिक लेन-देन | रस्म/नेग | --- |
अपकार | बुराई | अहित | उपकार |
दुर्भिक्ष | अकाल | काल | सुभिक्ष |
सामर्थ्य | शक्ति | क्षमता | असमर्थता |
प्रायश्चित | पछतावा | पश्चाताप | --- |
तौक | गुलामी का घेरा | हँसुली | --- |
6. सही या गलत - कारण सहित (True or False with Reason)
कथन 1: रघुराजसिंह ने किसानों का सारा कर्ज माफ कर दिया था।
उत्तर: सही - कारण: कार्य सँभालते ही उन्होंने मानवीयता के आधार पर यह निर्णय लिया था。
कथन 2: क्रांतिचंद्र का पुराना नाम रेवाप्रसाद था।
उत्तर: सही - कारण: उसके पिता उसे इसी नाम से पुकारते थे, पर उसे 'प्रसाद' या 'दास' कहलाना पसंद नहीं था。
कथन 3: मैनेजर नर्मदाशंकर किसानों का बहुत सम्मान करता था।
उत्तर: गलत - कारण: वह किसानों को 'बदजात' कहता था और उनके आँसुओं को ढोंग मानता था。
7. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions - 2 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1: 'व्यवहार' से मैनेजर का क्या तात्पर्य था?
उत्तर: यहाँ 'व्यवहार' का अर्थ उस धनराशि से है जो किसान भोज के बाद जमींदार को उपहार स्वरूप (नेग) देते थे। मैनेजर इसे आमदनी का मुख्य स्रोत मानता था।
प्रश्न 2: क्रांतिचंद्र ने भोज को किसानों का अपमान क्यों बताया?
उत्तर: क्योंकि पुराने भोज में किसानों को घुड़साल में खिलाया जाता था और उन्हें घटिया भोजन देकर बदले में उनसे पैसे (व्यवहार) वसूले जाते थे।
प्रश्न 3: रघुराजसिंह ने अंत में क्या निर्णय लिया?
उत्तर: उन्होंने जमींदारी का 'तौक' (गुलामी का जुआ) उतार फेंकने और किसानों का सच्चा साथी बनकर उनका हित करने का निर्णय लिया।
8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions - 5 अंक प्रत्येक)
प्रश्न 1: 'व्यवहार' एकांकी का संदेश स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह एकांकी शोषक और शोषित के बीच के अंतर को समाप्त करने का संदेश देती है। लेखक यह समझाना चाहते हैं कि ऊँचे विचारों और आचरण की पवित्रता से ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। रघुराजसिंह का हृदय परिवर्तन यह दिखाता है कि केवल आर्थिक लाभ देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ित वर्ग का सम्मान बहाल करना और उनके जैसा बनकर रहना ही सच्ची सेवा है।
प्रश्न 2: क्रांतिचंद्र का चरित्रांकन कीजिए।
उत्तर: क्रांतिचंद्र एकांकी का सबसे सशक्त और जाग्रत पात्र है। वह शिक्षित है और अपने अधिकारों के प्रति सचेत है。 वह निडर है और अपने पिता को भी स्पष्ट कहता है कि "भय से अधिक बुरी वस्तु संसार में और कोई नहीं"。 वह किसानों को उनके बल का अहसास कराता है और जमींदार की चालों (जैसे कर्ज माफी का रहस्य) का पर्दाफाश करता है। वह आत्म-सम्मान के लिए संघर्ष करने वाला एक सच्चा क्रांतिकारी है।
9. पिछली बोर्ड परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न (Previous Years' Board Questions)
प्रश्न 1: 'सप्त रश्मि' किसकी रचना है?
उत्तर: यह सेठ गोविंददास का प्रसिद्ध एकांकी संग्रह है।
प्रश्न 2: रघुराजसिंह का मैनेजर कौन था?
उत्तर: रघुराजसिंह का मैनेजर नर्मदाशंकर था, जो लगभग 40 वर्षों से उस रियासत से जुड़ा था。
10. UP Board परीक्षा में इस पाठ से अपेक्षित प्रश्न (Expected Exam Questions)
5 अंक - दीर्घ उत्तरीय:
मैनेजर नर्मदाशंकर और जमींदार रघुराजसिंह के विचारों के द्वंद्व पर प्रकाश डालिए।
6 अंक - गद्यांश व्याख्या:
"भक्षक और भक्ष्य का कैसा व्यवहार? ... शत्रु को मित्र मान, उससे मित्र का-सा व्यवहार... भूल नहीं तो और क्या है?"
1 अंक - MCQ:
'व्यवहार' एकांकी किस पृष्ठभूमि पर आधारित है? (ग्रामीण/जमींदारी)
क्रांतिचंद्र ने किसानों की तुलना किससे की है? (करोड़ों की शक्ति/बल)
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