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    6 - गिरिधर कविराय की कुंडलिया (Giridhar Kavirai Ki Kundaliya) - Class 7 - Malhar

    • Jan 26
    • 6 min read

    Updated: Jan 29

    गिरिधर कविराय की कुंडलिया (Giridhar Kavirai Ki Kundaliya)

    Class 7 - Hindi (Malhar) | Poet: गिरिधर कविराय (Giridhar Kavirai)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • सोच-विचार कर काम करना (Think Before You Act): पहली कुंडली में कवि कहते हैं कि जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे काम करता है, उसे बाद में पछताना पड़ता है। उसका काम तो बिगड़ता ही है, साथ ही दुनिया में उसकी हँसी भी उड़ाई जाती है।

    • English: In the first Kundaliya, the poet says that a person who acts without thinking has to regret it later. Not only is his work spoiled, but he also becomes a laughing stock in the world.

    • मन की शांति खोना (Loss of Peace of Mind): जब जग हँसाई होती है, तो व्यक्ति के मन को चैन नहीं मिलता। उसे अच्छा खाना, सम्मान, और नाच-गाना (राग-रंग) भी अच्छा नहीं लगता। वह दुख दिल से कभी नहीं टलता।

    • English: When the world mocks him, the person loses peace of mind. Even good food, honor, and entertainment do not please him. The sorrow never leaves his heart.

    • बीती बातों को भूलना (Forget the Past): दूसरी कुंडली में कवि सलाह देते हैं कि जो बीत गया, उसे भूल जाना चाहिए। हमें भविष्य की सुध लेनी चाहिए (आगे के बारे में सोचना चाहिए)।

    • English: In the second Kundaliya, the poet advises that one should forget what has passed. We should take care of the future (think about what lies ahead).

    • भविष्य पर ध्यान (Focus on Future): जो काम आसानी से हो सके, उसी में मन लगाना चाहिए। ऐसा करने से न तो बुरे लोग (दुर्जन) हँसेंगे और न ही मन में कोई गलती (खता) महसूस होगी। बीती हुई बातों को भूलकर आगे के सुख के बारे में सोचना ही बुद्धिमानी है।

    • English: One should focus on work that can be achieved easily. By doing so, neither will bad people laugh at you nor will you feel any guilt in your mind. It is wise to forget the past and think about future happiness.

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    पाछे

    बाद में / पीछे

    Later / Afterwards

    जग

    संसार / दुनिया

    World

    चित्त / चित

    मन / हृदय

    Mind / Heart

    राग-रंग

    नाच-गाना / मनोरंजन

    Entertainment / Music

    टरत

    टलना / दूर होना

    To go away / Be removed

    जिय माहिं

    जी (हृदय) में

    In the heart

    ताहि

    उसे

    That / Him

    बिसारि दे

    भुला दे

    Forget it

    सुधि

    याद / खबर / चेतना

    Awareness / Care

    जोई

    जो

    Whatever

    दुर्जन

    बुरा व्यक्ति / दुष्ट

    Wicked person / Enemy

    परतीती

    विश्वास / भरोसा

    Faith / Trust / Belief

    3. मुख्य विचार बिंदु (Key Themes)

    विवेकपूर्ण कर्म (Thoughtful Action)

    • बिना विचारे काम के परिणाम: कवि चेतावनी देते हैं कि आवेग में आकर या बिना योजना बनाए काम करने से असफलता मिलती है। इससे न केवल समय और संसाधन बर्बाद होते हैं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा (इज्जत) भी कम होती है।

    • English: The poet warns that acting on impulse or without planning leads to failure. This not only wastes time and resources but also diminishes social reputation.

    आशावाद और भविष्योन्मुखता (Optimism and Future Orientation)

    • बीती ताहि बिसारि दे: जीवन में गलतियाँ होना स्वाभाविक है। कवि का संदेश है कि पुरानी गलतियों का रोना रोने के बजाय, उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यही सफलता की कुंजी है।

    • English: It is natural to make mistakes in life. The poet's message is that instead of crying over old mistakes, one should learn from them and move forward. This is the key to success.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): बिना सोचे-समझे काम करने वाले व्यक्ति को खान-पान और सम्मान अच्छा नहीं लगता।

    तर्क (R): जग हँसाई के कारण उसका मन अशांत और दुखी रहता है।

    उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): हमें बीती हुई बातों को भूल जाना चाहिए।

    तर्क (R): बीती बातें याद रखने से ही भविष्य सुधरता है और हम कभी गलती नहीं करते।

    उत्तर: (ग) अभिकथन सही है लेकिन तर्क गलत है। (तर्क गलत है क्योंकि बीती बातों को पकड़कर रखने से तनाव होता है, भविष्य नहीं सुधरता। हमें उनसे केवल सीख लेनी चाहिए, उनका शोक नहीं मनाना चाहिए)।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): रमन परीक्षा में कम नंबर आने पर लगातार रो रहा है और आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहा है।

    प्रश्न: गिरिधर कविराय की दूसरी कुंडली के आधार पर आप रमन को क्या सलाह देंगे?

    उत्तर: मैं रमन को समझाऊँगा कि "बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ।" जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता। रोने से समय बर्बाद होगा। उसे अब अगली परीक्षा की तैयारी (आगे का सुख) पर ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य बेहतर हो सके।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "खटकत है जिय माहिं, कियो जो बिना बिचारे।"

    उत्तर: इसका आशय है कि बिना सोचे किया गया गलत काम जीवन भर कांटे की तरह दिल में चुभता रहता है। वह पछतावा व्यक्ति को चैन से जीने नहीं देता।

    प्रश्न 2: "जो बनि आवै सहज में, ताही में चित देइ।"

    उत्तर: कवि का आशय है कि हमें असंभव या बहुत कठिन कार्यों के पीछे भागकर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। जो कार्य हमारी क्षमता में है और जिसे हम आसानी से कर सकते हैं, उसी में मन लगाना चाहिए ताकि सफलता सुनिश्चित हो।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: 'बिना विचारे जो करे' कुंडली के अनुसार काम बिगड़ने पर व्यक्ति के साथ क्या होता है?

    उत्तर: काम बिगड़ने पर व्यक्ति को बाद में पछताना पड़ता है। संसार में उसकी हँसी उड़ाई जाती है (अपमान होता है) और उसके मन को कहीं भी शांति नहीं मिलती।

    प्रश्न 2: कवि के अनुसार 'दुख कछु टरत न टारे' का क्या अर्थ है?

    उत्तर: इसका अर्थ है कि जब बिना सोचे किए गए काम से बदनामी होती है, तो वह दुख किसी भी तरह (कोशिश करने पर भी) दिल से दूर नहीं होता। व्यक्ति हमेशा ग्लानि (Guilt) में रहता है।

    प्रश्न 3: 'दुर्जन हँसै न कोइ' की स्थिति कब आती है?

    उत्तर: जब हम बीती बातों को भूलकर, समझदारी से भविष्य के लिए काम करते हैं (जो सहज में बन सके), तब हम गलती नहीं करते। इससे सफलता मिलती है और कोई भी बुरा व्यक्ति (दुर्जन) हम पर नहीं हँस पाता।

    प्रश्न 4: 'कुंडलिया' छंद की क्या विशेषता होती है? (सामान्य ज्ञान/पाठ आधारित)

    उत्तर: कुंडलिया एक विशेष छंद है। यह जिस शब्द से शुरू होता है, उसी पर समाप्त होता है (जैसे यहाँ 'बिना बिचारे' और 'बीती ताहि')। इसमें दोहा और रोला छंदों का मिश्रण होता है।

    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)

    प्रश्न 1: गिरिधर कविराय की कुंडलियों का केंद्रीय भाव (Central Idea) अपने शब्दों में लिखिए।

    उत्तर: गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ हमें व्यावहारिक जीवन जीने की कला सिखाती हैं। पहली कुंडली में वे हमें 'विवेक' (Thinking) का महत्व बताते हैं कि कोई भी काम शुरू करने से पहले उसके परिणाम के बारे में सोच लेना चाहिए ताकि बाद में शर्मिंदा न होना पड़े। दूसरी कुंडली में वे 'सकारात्मकता' (Positivity) सिखाते हैं कि अतीत की असफलताओं के शोक में डूबे रहने के बजाय भविष्य को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। ये नीतियाँ सुखी और सफल जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

    प्रश्न 2: "बीती ताहि बिसारि दे" - यह पंक्ति आज के तनावपूर्ण जीवन में कितनी प्रासंगिक (Relevant) है? उदाहरण सहित समझाइए।

    उत्तर: आज के समय में यह पंक्ति बहुत प्रासंगिक है। अक्सर विद्यार्थी परीक्षा में असफलता या लोग व्यापार में घाटा होने पर अवसाद (Depression) में चले जाते हैं। वे पुरानी बातों को सोच-सोचकर अपना वर्तमान और भविष्य भी खराब कर लेते हैं। गिरिधर जी की यह सीख हमें तनावमुक्त रहने का मंत्र देती है। जैसे यदि किसी से कोई गलती हो गई हो, तो उसे पकड़कर बैठने के बजाय 'आगे की सुधि' लेने से ही जीवन गाड़ी पटरी पर लौट सकती है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    प्रश्न 1: निम्नलिखित तद्भव (ब्रजभाषा) शब्दों के खड़ी बोली हिंदी रूप लिखिए:

    • पाछे: पीछे

    • माहिं: में / अंदर

    • सुधि: सुध / याद / खबर

    • परतीती: प्रतीति / विश्वास

    प्रश्न 2: विलोम शब्द (Antonyms) लिखिए:

    • दुर्जन x सज्जन

    • बिगारे x सँवारे / बनाए

    • दुःख x सुख

    • हँसना x रोना

    प्रश्न 3: "कह गिरिधर कविराय" पंक्ति में कौन सा अलंकार है?

    उत्तर: अनुप्रास अलंकार ('क' वर्ण की आवृत्ति - ह ... विराय)।

    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. 'चित्त' का अर्थ:

      • त्रुटि: छात्र इसे 'लेटना' या 'चित्र' समझ लेते हैं।

      • सुधार: यहाँ 'चित्त' का अर्थ 'मन' (Mind/Heart) है।

    2. दोनों कुंडलियों में अंतर:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर दोनों के संदेश को मिला देते हैं।

      • सुधार: पहली कुंडली 'भविष्य की सावधानी' (काम शुरू करने से पहले सोचना) पर है, जबकि दूसरी कुंडली 'अतीत को भूलने' (जो हो गया सो हो गया) पर है।

    3. कवि का नाम:

      • त्रुटि: गिरिधर गोपाल या केवल गिरिधर।

      • सुधार: पूरा नाम 'गिरिधर कविराय' लिखना चाहिए।


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