1. माता का अँचल - (Mata ka Anchal)- Class 10 - Kritika Bhag 2
- Dec 15, 2025
- 7 min read
Updated: Dec 16, 2025

माता का अँचल
Class 10 - Kritika Bhag 2 (Course A) |
Author: शिवपूजन सहाय
1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)
भोलानाथ (तारकेश्वरनाथ) का दिन अपने पिता के साथ शुरू होता था, जो उन्हें नहलाते, पूजा में बैठाते और अपने कंधे पर घुमाते थे।
English: Bholanath's (Tarkeshwarnath) day started with his father, who would bathe him, make him sit for prayers, and carry him on his shoulders.
पिताजी उसे प्यार से खाना खिलाते थे, लेकिन माँ को संतोष नहीं होता था; वह उसे 'तोता-मैना' का खेल बनाकर बड़े-बड़े कौर खिलाती थी।
English: The father used to feed him lovingly, but the mother was not satisfied; she would make up a 'parrot-myna' game to feed him large mouthfuls.
बच्चे समूह में मिलकर घरौंदा, मिठाई की दुकान, बरात और खेती जैसे नाटक खेलते थे, जिसमें पिताजी भी कभी-कभी शामिल हो जाते थे।
English: The children used to play pretend games like building houses, sweet shops, wedding processions, and farming in groups, in which the father would also join occasionally.
एक बार चूहों के बिल में पानी डालने पर वहाँ से साँप निकल आया, जिससे डरकर सभी बच्चे गिरते-पड़ते भागे और भोलानाथ लहूलुहान हो गया।
English: Once, when pouring water into a mouse hole, a snake came out, causing all the children to run away in panic, stumbling and falling, leaving Bholanath bloodied.
अंत में, पिता के बुलाने पर भी डरा हुआ भोलानाथ माँ की गोद (अँचल) में जाकर छिपा, जहाँ उसे सबसे अधिक सुरक्षा महसूस हुई।
English: In the end, despite his father calling him, the terrified Bholanath hid in his mother's lap (Anchal), where he felt the most secure.
2. शब्द-संपदा (Vocabulary)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi Meaning) | English Meaning |
मृदंग | एक प्रकार का वाद्य यंत्र (ढोलक जैसा) | A type of drum |
लिलार | ललाट / माथा | Forehead |
त्रिपुंड | माथे पर लगाई जाने वाली तीन आड़ी रेखाएँ | Three horizontal lines of ash on forehead |
महतारी | माता / माँ | Mother |
अफर जाना | पेट भर जाना / तृप्त हो जाना | To be full/satiated |
ठौर | स्थान / जगह | Place / Destination |
ओहार | परदे के लिए डाला गया कपड़ा | Curtain/Cover for a palanquin |
चिरौरी | विनती / प्रार्थना | Request / Pleading |
3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)
भोलानाथ (तारकेश्वरनाथ)
सरल और मासूम (Innocent): वह अपने पिता के साथ बहुत जुड़ा हुआ है, उनके साथ पूजा करता है और खेलता है।
English: He is deeply attached to his father, prays with him, and plays with him.
डरपोक और भावुक (Fearful and Emotional): साँप को देखकर वह अत्यधिक डर जाता है और पिता की उपेक्षा कर माँ की शरण लेता है।
English: He gets terrified upon seeing the snake and ignores his father to seek refuge with his mother.
पिता (बाबू जी)
स्नेही और धैर्यवान (Loving and Patient): वे भोलानाथ की हर शरारत को प्रेम से सहते हैं और उनके खेलों में बच्चे बनकर शामिल हो जाते हैं।
English: He lovingly tolerates all of Bholanath's mischief and joins in his games like a child.
संस्कारवान (Cultured): वे नित्य पूजा-पाठ करते हैं और रामायण का पाठ करते हैं।
English: He performs daily prayers and reads the Ramayana.
माता (मइयाँ)
ममतामयी और रक्षक (Affectionate and Protector): उन्हें लगता है कि पुरुष बच्चे को ठीक से खिलाना नहीं जानते; वे बच्चे की चोट देखकर रो पड़ती हैं।
English: She feels men don't know how to feed a child properly; she cries upon seeing the child's injury.
4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)
A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)
प्रश्न 1:
अभिकथन (A): विपदा के समय भोलानाथ पिता के पास न जाकर माँ की शरण लेता है।
तर्क (R): भोलानाथ का अपने पिता से अधिक जुड़ाव था और वह उनके साथ ही सोता था।
उत्तर: (B) दोनों (A) और (R) सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है। (तर्क: यद्यपि वह पिता के करीब था 19, परंतु संकट के समय माँ का आँचल ही बच्चे को सर्वाधिक सुरक्षा और प्रेम की अनुभूति कराता है 20।)
प्रश्न 2:
अभिकथन (A): माता, भोलानाथ को तोता, मैना, कबूतर आदि के बनावटी नाम लेकर खाना खिलाती थी।
तर्क (R): माता का मानना था कि जब बच्चे बड़े-बड़े कौर खाएंगे, तभी वे दुनिया में स्थान (ठौर) पाएंगे।
उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। 21212121
B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)
स्थिति (Situation): बच्चे बरात का जुलूस निकालते हैं, कनस्तर का तंबूरा बजाते हैं और चूहेदानी की पालकी बनाते हैं। जैसे ही पिताजी आते हैं, वे खेल बिगाड़कर भाग जाते हैं।
प्रश्न (Question): इस स्थिति से बाल मनोविज्ञान की किस विशेषता का पता चलता है?
उत्तर: इससे पता चलता है कि बच्चों की दुनिया नितांत निजी और कल्पनाशील होती है। बड़ों की उपस्थिति, भले ही वे स्नेही हों, उनके स्वाभाविक खेल में बाधा महसूस होती है या वे शर्मा जाते हैं।
C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)
प्रश्न 1: "मरदुए क्या जाने कि बच्चों को कैसे खिलाना चाहिए, और महतारी के हाथ से खाने पर बच्चों का पेट भी भरता है।"
उत्तर: इस कथन का आशय यह है कि माँ के अनुसार, पिता का प्यार तो गहरा होता है, लेकिन बच्चे की शारीरिक आवश्यकताओं (जैसे पेट भरना) की समझ और धैर्य माँ में अधिक होता है। 'मरदुए' शब्द का प्रयोग यहाँ ग्रामीण परिवेश में पुरुषों के प्रति एक हल्का व्यंग्य और माँ के अधिकार को दर्शाता है।
5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)
A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions)
प्रश्न 1: भोलानाथ का वास्तविक नाम क्या था और उसे यह उपनाम क्यों मिला?
उत्तर: भोलानाथ का वास्तविक नाम 'तारकेश्वरनाथ' था। 24पिताजी द्वारा माथे पर भभूत का चौड़ा तिलक लगाने पर वे 'बम-भोला' जैसे दिखते थे, इसलिए पिताजी उन्हें प्यार से 'भोलानाथ' कहने लगे। 25
प्रश्न 2: पिताजी पूजा-पाठ करने के बाद अपनी 'रामनामा बही' के साथ क्या करते थे?
उत्तर: पूजा के बाद वे 'रामनामा बही' पर हजार बार राम-नाम लिखते थे। 26फिर आटे की गोलियों में राम-नाम लपेटकर गंगाजी में मछलियों को खिलाने जाते थे।
प्रश्न 3: बच्चे मिठाई की दुकान के खेल में किन चीज़ों का उपयोग करते थे?
उत्तर: बच्चे सरकंडे के खंभों पर कागज का चंदोआ तानते थे। ढ़ेलों के लड्डू, पत्तों की पूरी-कचौरियाँ, गीली मिट्टी की जलेबियाँ और फूटे घड़े के टुकड़ों के बताशे बनाए जाते थे। 28
प्रश्न 4: 'मूसन तिवारी' को चिढ़ाने पर बच्चों को क्या सजा मिली?
उत्तर: बैजू द्वारा "बुढ़वा बेईमान माँगे करैला का चोखा" कहकर चिढ़ाने पर मूसन तिवारी ने उन्हें खदेड़ा। बाद में पाठशाला से चार लड़कों ने उन्हें पकड़ लिया और गुरुजी ने उनकी खूब खबर ली (पिटाई की)।
प्रश्न 5: भोलानाथ और उसके साथी बारिश बंद होने पर क्या कर रहे थे?
उत्तर: बारिश बंद होने पर बाग में बहुत से बिच्छू निकल आए थे, जिनसे डरकर वे भागे। 31बाद में वे आम के बगीचे में गिरे हुए 'गोपी' आम चुनने और खाने लगे।
B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions)
प्रश्न 1: 'माता का अँचल' शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह शीर्षक पूर्णतः सार्थक है। यद्यपि पूरे पाठ में भोलानाथ का अपने पिता के साथ खेलना, खाना और घूमना दिखाया गया है , लेकिन कथा का चरमोत्कर्ष (climax) तब आता है जब सांप के डर से कांपता हुआ बच्चा पिता की पुकार अनसुनी कर सीधे माँ की गोद में छिपता है। 34माँ का आँचल ही उसे प्रेम और शांति देता है, जो यह सिद्ध करता है कि संकट में माँ ही सबसे बड़ा सहारा होती है।
प्रश्न 2: पाठ में वर्णित तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति और आज के बच्चों के खेलों में क्या अंतर है?
उत्तर: पाठ में बच्चे प्रकृति के करीब हैं और घरेलू बेकार वस्तुओं (टूटे घड़े, धूल, पत्ते) से अपने खिलौने स्वयं बनाते हैं। उनके खेल सामूहिक और कल्पनाशील हैं (जैसे खेती, बरात)। इसके विपरीत, आज के बच्चे अक्सर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, वीडियो गेम्स या महंगे प्लास्टिक के खिलौनों से अकेले खेलते हैं। आज के खेलों में वह शारीरिक गतिविधि और मिट्टी से जुड़ाव कम हो गया है जो 'भोलानाथ' के खेलों में था।
प्रश्न 3: भोलानाथ के पिता का व्यवहार आधुनिक माता-पिता के लिए किस प्रकार प्रेरणादायक है?
उत्तर: भोलानाथ के पिता अपने व्यस्त जीवन के बावजूद बच्चे के लिए समय निकालते थे। वे उसे नहलाते, पूजा में साथ बैठाते और उसके खेलों में भागीदार बनते थे। जब बच्चा गुरुजी से पिटता है, तो वे उसे बचाने दौड़े आते हैं और प्यार से चुप कराते हैं। यह दर्शाता है कि बच्चे के मानसिक विकास के लिए माता-पिता का 'क्वालिटी टाइम' और मित्रवत व्यवहार कितना आवश्यक है।
6. व्याकरण (Integrated Grammar)
(Based on text sentences)
प्रश्न 1: "हम बचपन से ही उनके अंग लग गए थे।" (रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए)
उत्तर: सरल वाक्य
प्रश्न 2: "जब बाबू जी रामायण का पाठ करते तब हम उनकी बगल में बैठे-बैठे आइने में अपना मुँह निहारा करते थे।" (रेखांकित उपवाक्य का भेद बताइए - 'जब बाबू जी रामायण का पाठ करते')
उत्तर: क्रिया-विशेषण आश्रित उपवाक्य (कालवाचक)
7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
पिता vs माता का महत्व:
त्रुटि: छात्र अक्सर उत्तर में केवल पिता के साथ बिताए समय का वर्णन करते हैं और अंत में माँ की भूमिका को कम आँकते हैं।
सुधार: यह समझना आवश्यक है कि पाठ का मुख्य संदेश 'माँ के आँचल की सुरक्षा' है, भले ही पिता के साथ अधिक समय बीतता हो।
खेलों का मिश्रण:
त्रुटि: मिठाई की दुकान, खेती और बरात के खेलों की सामग्रियों (props) को आपस में मिला देना।
सुधार: याद रखें - मिठाई की दुकान में 'ढेले के लड्डू' थे , खेती में 'कंकड़ बीज' थे , और बरात में 'टूटी चूहेदानी की पालकी' थी ।
End
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