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    3. मैं क्यों लिखता हूँ? - (Main Kyon Likhta Hoon?)- Class 10 - Kritika Bhag 2

    • Dec 15, 2025
    • 6 min read

    Updated: Dec 16, 2025

    मैं क्यों लिखता हूँ?

    Class 10 - Kritika Bhag 2 (Course A) | Author: अज्ञेय

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • लेखक का मानना है कि वह स्वयं को जानने और अपने अंदर की विवशता (बेचैनी) को पहचानने के लिए लिखता है।

    • English: The author believes that he writes to know himself and to recognize his internal compulsion (restlessness).

    • लेखन के दो कारण होते हैं: भीतरी विवशता (स्वयं की प्रेरणा) और बाहरी दबाव (संपादकों का आग्रह, आर्थिक आवश्यकता या प्रसिद्धि)।

    • English: There are two reasons for writing: internal compulsion (self-inspiration) and external pressure (editors' request, financial need, or fame).

    • लेखक 'अनुभव' (Experience) और 'अनुभूति' (Realization) में अंतर स्पष्ट करता है; अनुभव केवल घटित होना है, जबकि अनुभूति संवेदना के सहारे सत्य को आत्मसात करना है।

    • English: The author clarifies the difference between 'Experience' and 'Realization'; experience is just the occurrence, while realization is absorbing the truth through sensitivity.

    • लेखक विज्ञान का छात्र था और उसे हिरोशिमा के अणु-बम विस्फोट का सैद्धांतिक ज्ञान था, लेकिन उसे असली पीड़ा तब महसूस हुई जब उसने वहाँ एक पत्थर पर मानव की जली हुई छाया देखी।

    • English: The author was a science student and had theoretical knowledge of the Hiroshima atom bomb explosion, but he felt the real pain when he saw a burnt human shadow on a stone there.

    • उस छाया को देखकर लेखक को त्रासदी की प्रत्यक्ष 'अनुभूति' हुई और उसने भारत लौटकर रेलगाड़ी में बैठे-बैठे 'हिरोशिमा' पर कविता लिखी।

    • English: Upon seeing that shadow, the author had a direct 'realization' of the tragedy and wrote the poem 'Hiroshima' while sitting on a train after returning to India.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    आभ्यंतर

    भीतरी / आंतरिक

    Internal / Inner

    विवशता

    मजबूरी / बाध्यता

    Compulsion / Helplessness

    कृतिकार

    रचनाकार / लेखक

    Creator / Writer

    उन्मेष

    प्रकाश / दीप्ति / खुलना

    Opening / Light / Awakening

    निमित्त

    कारण / साधन

    Cause / Medium

    गच

    पक्की फर्श / सड़क

    Paved floor / Road surface

    साखी

    साक्षी / गवाह

    Witness


    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    लेखक (अज्ञेय)

    • ईमानदार और आत्म-विश्लेषक (Honest and Introspective): वे खुले तौर पर स्वीकार करते हैं कि कभी-कभी वे बाहरी दबाव (पैसे या प्रसिद्धि) के लिए भी लिखते हैं, लेकिन असली लेखन भीतरी प्रेरणा से ही आता है।

    • English: He openly admits that sometimes he writes for external pressure (money or fame), but true writing comes from inner inspiration.

    • संवेदनशील विज्ञान छात्र (Sensitive Science Student): विज्ञान का ज्ञान होने के बावजूद, उनका हृदय मानवीय संवेदनाओं से भरा है। हिरोशिमा की घटना उन्हें बौद्धिक नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर झकझोर देती है।

    • English: Despite having scientific knowledge, his heart is full of human sensibilities. The Hiroshima incident shakes him not intellectually, but emotionally.


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): लेखक ने हिरोशिमा पर कविता जापान में नहीं, बल्कि भारत लौटकर रेलगाड़ी में लिखी।

    तर्क (R): हिरोशिमा में जले हुए पत्थर पर छाया देखकर लेखक के भीतर प्रत्यक्ष अनुभूति जागी, जो बाद में शब्दों के रूप में बाहर आई।

    उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।


    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): सभी लेखक 'कृतिकार' नहीं होते।

    तर्क (R): जो लेखन केवल बाहरी दबाव (संपादकों के आग्रह या धन) से लिखा जाता है, उसमें लेखक की भीतरी विवशता शामिल नहीं होती, इसलिए वह सच्ची 'कृति' नहीं है।

    उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): लेखक हिरोशिमा की सड़क पर घूम रहा था। अचानक उसने एक जले हुए पत्थर पर एक लंबी उजली छाया देखी। यह छाया उस व्यक्ति की थी जो विस्फोट के समय वहाँ खड़ा था और भाप बनकर उड़ गया।


    प्रश्न (Question): इस दृश्य ने लेखक की मानसिकता को कैसे बदला?

    उत्तर: इस दृश्य ने लेखक के 'बौद्धिक ज्ञान' को 'संवेदनात्मक अनुभूति' में बदल दिया। अभी तक वह अणु बम के प्रभावों को केवल विज्ञान के छात्र के रूप में जानता था, लेकिन उस छाया ने उसे उस त्रासदी का 'भोक्ता' बना दिया। उसे लगा जैसे इतिहास के उस भयानक क्षण का थप्पड़ उसके गाल पर लगा हो।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "मैं इसीलिए लिखता हूँ कि स्वयं जानना चाहता हूँ कि क्यों लिखता हूँ।"

    उत्तर: इस कथन का आशय यह है कि लेखन केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्म-खोज (Self-discovery) की प्रक्रिया है। लेखक अपने अंदर की बेचैनी और अज्ञात भावों को स्पष्ट करने के लिए लिखता है। लिखकर ही वह अपनी मानसिक उलझनों से मुक्त हो पाता है।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions)

    प्रश्न 1: लेखक के अनुसार 'अनुभव' और 'अनुभूति' में क्या अंतर है?

    उत्तर: 'अनुभव' किसी घटना का आंखों के सामने घटित होना है (बाहरी)। जबकि 'अनुभूति' संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को अपने भीतर महसूस करना है (आंतरिक)। केवल अनुभूति ही रचना का स्रोत बनती है।


    प्रश्न 2: लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?

    उत्तर: मुख्य रूप से लेखक की 'आंतरिक विवशता' (बेचैनी) उसे लिखने के लिए प्रेरित करती है। इसके अलावा, कभी-कभी बाहरी दबाव जैसे संपादकों का आग्रह, प्रकाशक का तकाजा और आर्थिक आवश्यकता भी लिखने के कारण बनते हैं।


    प्रश्न 3: हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग क्यों है?

    उत्तर: विज्ञान का उद्देश्य मानव कल्याण और विकास है। लेकिन हिरोशिमा में अणु शक्ति का प्रयोग मानव विनाश के लिए किया गया, जिसने लाखों निर्दोष लोगों को भाप बनाकर उड़ा दिया और पीढ़ियों को अपंग बना दिया।


    प्रश्न 4: "प्रत्यक्ष अनुभव भी अनुभूति के बिना लेखन में मदद नहीं करता।" उदाहरण देकर स्पष्ट करें।

    उत्तर: लेखक ने हिरोशिमा में अस्पताल देखा और पीड़ित लोग देखे (प्रत्यक्ष अनुभव), फिर भी कविता नहीं लिखी। कविता तब लिखी जब पत्थर पर छाया देखकर उसे उस दर्द की 'अनुभूति' (Realization) हुई। अतः केवल देखना काफी नहीं, महसूस करना ज़रूरी है।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions)

    प्रश्न 1: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर बताइए कि एक संवेदनशील युवा नागरिक के रूप में विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका हो सकती है?

    उत्तर: विज्ञान एक शक्ति है, जिसका उपयोग सृजन और विनाश दोनों के लिए हो सकता है। एक संवेदनशील नागरिक के रूप में हमारी भूमिका है कि हम विज्ञान का उपयोग मानवता की भलाई (चिकित्सा, ऊर्जा, संचार) के लिए करने का समर्थन करें। हमें विनाशकारी तकनीकों (जैसे परमाणु हथियार) के नैतिक पहलुओं पर सवाल उठाने चाहिए और समाज में शांति और सह-अस्तित्व का प्रचार करना चाहिए। जैसा कि लेखक ने महसूस किया, विज्ञान जब संवेदना से रहित हो जाता है, तो वह हिरोशिमा जैसी त्रासदी को जन्म देता है।


    प्रश्न 2: "अणु विस्फोट मानव की विवशता की साखी है।" पत्थर पर लिखी छाया को देखकर लेखक के मन में क्या विचार उमड़े?

    उत्तर: पत्थर पर बनी छाया को देखकर लेखक को लगा जैसे समूची त्रासदी उस पत्थर पर लिख दी गई है। उसने कल्पना की कि कैसे विस्फोट के क्षण में रुका हुआ रेडियम पदार्थ उस व्यक्ति के शरीर से टकराया होगा और उसे तत्काल भाप बना दिया होगा। केवल उसकी छाया पत्थर पर रह गई। यह दृश्य लेखक के लिए एक 'थप्पड़' जैसा था जिसने उसे इतिहास के उस क्रूर क्षण का गवाह बना दिया। इसी पीड़ा ने उसे कविता लिखने पर विवश किया।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on text structure)

    प्रश्न 1: "लेखक और कृतिकार में अंतर होता है।" (मिश्र वाक्य में बदलिए)

    उत्तर: यह सच है कि जो लेखक होता है, वह ज़रूरी नहीं कि कृतिकार भी हो।


    प्रश्न 2: "विज्ञान का दुरुपयोग देखकर बुद्धि का विद्रोह स्वाभाविक था।" (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए - 'विज्ञान का')

    उत्तर: संज्ञा (जातिवाचक), एकवचन, पुल्लिंग, संबंध कारक ('का' के साथ)।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. कविता का स्थान:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर लिखते हैं कि लेखक ने कविता 'हिरोशिमा में' लिखी।

      • सुधार: लेखक ने कविता हिरोशिमा में नहीं, बल्कि भारत लौटकर 'रेलगाड़ी में बैठे-बैठे' लिखी थी।

    2. अनुभव और अनुभूति में भ्रम:

      • त्रुटि: दोनों को पर्यायवाची समझना।

      • सुधार: याद रखें - अनुभव = देखना/जानना (External Knowledge); अनुभूति = महसूस करना/जुड़ना (Internal Feeling/Empathy)। लेखक के अनुसार केवल अनुभूति ही कविता जन्मा सकती है।

    End


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