top of page

    1. सूरदास की झोंपड़ी - Surdas ki Jhopri - Class 12 - Antral 2

    • 6 hours ago
    • 4 min read

    Author: प्रेमचंद


    1. लेखक परिचय (Literary Profile)

    • साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits): मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के 'उपन्यास सम्राट' माने जाते हैं। उनका लेखन यथार्थवाद (Realism) पर आधारित है, जो समाज के गरीब और शोषित वर्ग की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ उजागर करता है। उनकी कहानियों में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद की झलक मिलती है।

    • प्रमुख रचनाएँ (Key Works): गोदान, गबन, रंगाभूमि, सेवा सदन (उपन्यास); मानसरोवर (कहानी-संग्रह - आठ खंड)।

    • संदर्भ: प्रस्तुत पाठ प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास 'रंगभूमि' का एक अंश है.



    2. पाठ का सार (Executive Summary)

    • प्रतिपाद्य (Central Theme): यह पाठ एक दृष्टिहीन व्यक्ति 'सूरदास' के संघर्ष, उसकी सहनशीलता और अदम्य जिजीविषा (जीने की इच्छा) की कहानी है. यह दिखाता है कि एक निर्धन व्यक्ति के लिए उसकी प्रतिष्ठा और संचित पूँजी का खो जाना कितना दुखद होता है, फिर भी वह हार नहीं मानता।


    • English Summary: 'Surdas ki Jhopdi' tells the story of a blind beggar, Surdas, whose hut is burnt down and life savings stolen by Bhairo out of jealousy and malice. Despite facing public humiliation and extreme loss, Surdas finds the strength to rebuild his life, symbolizing the indomitable spirit of the common man against adversity.


    • Key Points:

      • भैरों की पत्नी सुभागी द्वारा भैरों के डर से सूरदास की झोंपड़ी में शरण लेना.


      • भैरों का ईर्ष्या वश सूरदास की झोंपड़ी जलाना और उसके जीवन भर की कमाई (पाँच सौ रुपये से अधिक) चुरा लेना.


      • सूरदास का अपनी आर्थिक हानि को जगधर से गुप्त रखने का प्रयास करना ताकि एक भिखारी के पास इतने पैसे होने पर उसकी बदनामी न हो.


      • बच्चों के खेल ("खेल में रोते हो?") से प्रेरणा लेकर सूरदास का पुनः निर्माण के लिए तैयार होना.


    3. कठिन शब्दार्थ (Glossary)

    शब्द

    हिंदी अर्थ

    English Context

    अदावत

    दुश्मनी / बैर

    Enmity / Malice


    भूबल

    ऊपर राख और नीचे आग

    Embers covered by ash


    तस्कीन

    तसल्ली / दिलासा

    Consolation


    अग्निदाह

    आग की लपटें

    Blazing fire


    मशक्कत

    कड़ी मेहनत

    Hard labor / Struggle


    हसद

    ईर्ष्या / डाह

    Jealousy


    4. साहित्यिक विश्लेषण (Literary Analysis)

    • मूल संवेदना (Core Sentiment): अभावग्रस्त जीवन में भी स्वाभिमान और साहस बनाए रखना। सूरदास का चरित्र 'बेबसी' के बजाय 'विजय-गर्व' का प्रतीक है.


    • चरित्र चित्रण (Character Sketch):

      • सूरदास: एक दृष्टिहीन भिखारी जो अपनी परिस्थितियों से कहीं अधिक अपने अपमान से आहत है, परंतु उसका आत्मबल अटूट है.


      • भैरों: ईर्ष्यालु और प्रतिशोधी प्रवृत्ति का व्यक्ति जो अपनी ही पत्नी पर शक करता है.


      • जगधर: दोमुँहा चरित्र, जो भैरों को उकसाता है और बाद में सहानुभूति का नाटक करता है.


    5. गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract-Based Competency)


    Extract 1: "सूरदास अपनी परिस्थितियों से जितना दुखी व आहत है उससे कहीं अधिक आहत है भैरों और जगधर द्वारा किए जा रहे अपमान से, उनकी ईर्ष्या से।"


    1. Interpretation: सूरदास को अपनी झोंपड़ी जलने से अधिक दुख किस बात का था? (उत्तर: समाज द्वारा किए जा रहे चरित्र-हनन और अपमान का) .


    2. Author's Intent: भैरों ने सूरदास से बदला लेने की क्यों सोची? (उत्तर: सुभागी के सूरदास की झोंपड़ी में छिपने के कारण हुई बदनामी का बदला लेने के लिए) .


    3. Inference: जगधर को सूरदास से ईर्ष्या क्यों थी? (उत्तर: क्योंकि सूरदास अभावों में भी शांत और प्रसन्न दिखता था जबकि जगधर अभावों से परेशान था) .


    6. पाठ्यपुस्तक प्रश्नोत्तर (Textbook Q&A)

    • 1. सूरदास जगधर से अपनी आर्थिक हानि को गुप्त क्यों रखना चाहता था?

      उत्तर: सूरदास जानता था कि एक भिखारी के पास पाँच सौ रुपये की बड़ी रकम होना समाज की नज़रों में 'अधर्म' या संदेह का विषय हो सकता है। वह नहीं चाहता था कि लोग यह सोचें कि उसने यह पैसा गलत तरीके से कमाया है या वह लालची है.



    • 2. 'तो हम सौ लाख बार बनाएँगे' इस कथन के संदर्भ में सूरदास के चरित्र का विवेचन कीजिए।

      उत्तर: यह कथन सूरदास के अपराजेय साहस और दृढ़ निश्चय को दर्शाता है। वह राख के ढेर पर खड़ा होकर भी भविष्य के प्रति आशान्वित है। यह सिद्ध करता है कि भौतिक विनाश व्यक्ति के आत्मबल को समाप्त नहीं कर सकता.


    • 3. भैरों ने सूरदास की झोंपड़ी क्यों जलाई?

      उत्तर: भैरों अपनी पत्नी सुभागी और सूरदास के संबंधों को लेकर शक करता था। पूरे मुहल्ले में हुई बदनामी का बदला लेने और सूरदास को तड़पाने के उद्देश्य से उसने झोंपड़ी जलाई.


    7. अभिव्यक्ति और माध्यम (Creative Writing Connection)

    • Topic: "विपरीत परिस्थितियाँ और मानवीय जिजीविषा"

    • Key Points:

      • संकट के समय धैर्य का महत्व।

      • समाज का दृष्टिकोण बनाम व्यक्तिगत सत्य।

      • पुनर्निर्माण के लिए प्रेरणा के स्रोत (जैसे सूरदास के लिए बच्चों का खेल)।


    8. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण कथन (Key Quotes)

    • "तो हम सौ लाख बार बनाएँगे।"


    • "सूरदास उठ खड़ा हुआ और विजय-गर्व की तरंग में राख के ढेर को दोनों हाथों से उड़ाने लगा।"


    • "भिखारी के लिए धन संचय करना पाप से कम नहीं है।"


    9. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    • Spelling: 'झोंपड़ी', 'ईर्ष्या' और 'जिजीविषा' की वर्तनी पर ध्यान दें।

    • Conceptual: सूरदास को केवल एक असहाय व्यक्ति न समझें; वह संघर्ष का नायक है जो हार मान चुके लोगों के लिए प्रेरणा है.



    10. विगत वर्षों के बोर्ड प्रश्न (PYQs)

    1. Short Answer (2 marks): सुभागी सूरदास की झोंपड़ी में क्यों छिपी थी?

      Model Answer: सुभागी अपने पति भैरों की मार के डर से बचने के लिए सूरदास की झोंपड़ी में शरण लेने गई थी.


    2. Long Answer (5 marks): सूरदास की झोंपड़ी जलने के बाद उसकी मनोदशा में क्या परिवर्तन आया और क्यों?

      Model Answer: शुरुआत में सूरदास अत्यंत दुखी और आत्मग्लानि से भरा था, वह फूट-फूटकर रोया. परंतु, जब उसने बच्चों को खेलते हुए और यह कहते सुना कि "खेल में रोते हो?", तो उसे अपनी कमजोरी का अहसास हुआ। उसकी निराशा विजय-गर्व में बदल गई और वह अपनी झोंपड़ी को बार-बार बनाने के संकल्प के साथ खड़ा हो गया.


    About BhashaLab


    BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.


    We offer:

    1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards

    4. International English Olympiad Tuitions - All classes

    5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above

    6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online


    Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044

     
     
     

    Recent Posts

    See All
    3. अपना मालवा - खाऊ-उजाडू सभ्यता में Apna Malwa - Class 12 - Antral 2

    लेखक: प्रभाष जोशी 1. लेखक परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  प्रभाष जोशी हिंदी पत्रकारिता के एक विशिष्ट स्तंभ थे। उन्होंने 'जनसत्ता' अखबार के माध्यम से हिंदी पत्रकारिता क

     
     
     
    2. बिस्कोहर की माटी - Biskohar ki Maati - Class 12 - Antral 2

    Author: विश्वनाथ त्रिपाठी 1. लेखक परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  विश्वनाथ त्रिपाठी हिंदी के वरिष्ठ आलोचक और रचनाकार हैं। उनकी शैली आत्मकथात्मक और संस्मरणात्मक है, जिस

     
     
     
    3. अतीत में दबे पाँव- Atit Mein Dabe Paon - Class 12 - Vitan 2

    Author: ओम थानवी 1. लेखक परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  ओम थानवी एक प्रख्यात पत्रकार, संपादक और आलोचक हैं। उनके लेखन में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ-साथ यात्रा-वृत्तांत की

     
     
     

    Comments


    bottom of page