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    2. मेरे संग की औरतें - (Mere Sang Ki Auratein) - Class 9 - Kritika Bhag 1

    • Dec 23, 2025
    • 9 min read

    Updated: Jan 2

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • नानी का व्यक्तित्व और अंतिम इच्छा: लेखिका ने अपनी नानी को कभी नहीं देखा, लेकिन उनकी कहानियाँ सुनीं। नानी अनपढ़, पारंपरिक और पर्दा करने वाली महिला थीं। उनके पति (नाना) विलायती रंग-ढंग में रहते थे, लेकिन नानी अपने तरीके से जीती थीं। अपनी मृत्यु के समय उन्होंने पति के मित्र (स्वतंत्रता सेनानी प्यारेलाल शर्मा) को बुलाकर इच्छा जताई कि उनकी बेटी की शादी किसी 'साहब' से नहीं, बल्कि एक आज़ादी के सिपाही से हो। इससे पता चलता है कि वे मन से स्वतंत्र विचारों वाली महिला थीं।

      • English: Nani's Personality and Last Wish: The author never saw her maternal grandmother (Nani) but heard stories about her. Nani was illiterate, traditional, and observed purdah. Her husband (Nana) lived a western lifestyle, but Nani lived on her own terms. On her deathbed, she called her husband's friend (freedom fighter Pyarelal Sharma) and expressed her wish that her daughter should marry a freedom fighter, not a 'Sahab'. This shows she was a woman of independent thoughts.


    • माँ का अनोखापन: लेखिका की माँ नाज़ुक, सुंदर और गैर-दुनियादार थीं। वे खद्दर की साड़ी पहनती थीं जो उन्हें भारी लगती थी। उन्होंने कभी बच्चों के लिए खाना नहीं पकाया और न ही उन्हें लाड़ किया। उनका समय किताबें पढ़ने और संगीत सुनने में बीतता था। उनकी दो विशेषताएँ थीं- कभी झूठ न बोलना और एक की गोपनीय बात दूसरे को न बताना। इसी कारण उन्हें घर और बाहर दोनों जगह सम्मान मिलता था।

      • English: Mother's Uniqueness: The author's mother was delicate, beautiful, and unworldly. She wore Khadi sarees which felt heavy to her. She never cooked for the children nor pampered them. She spent her time reading books and listening to music. She had two qualities - never lying and keeping secrets. This earned her respect both at home and outside.


    • परदादी और चोर की कहानी: लेखिका की परदादी (माँ जी) लीक से हटकर थीं। उन्होंने मन्नत माँगी कि उनकी पतोहू (लेखिका की माँ) की पहली संतान 'लड़की' हो, जिसने सबको चौंका दिया। एक बार हवेली में चोर घुस आया। परदादी ने उसे पकड़ने के बजाय उससे पानी मँगवाया, आधा खुद पिया और आधा उसे पिलाकर 'माँ-बेटे' का रिश्ता बना लिया। उन्होंने चोर से कहा, "अब चाहे चोरी कर या खेती"। चोर ने चोरी छोड़कर खेती करना शुरू कर दिया।

      • English: Great-Grandmother and the Thief: The author's great-grandmother (Par-Dadi) was unconventional. She prayed that her daughter-in-law's first child be a 'girl', which shocked everyone. Once a thief entered the mansion. Instead of catching him, she made him fetch water, drank half herself, gave him the rest, and established a 'mother-son' bond. She told him, "Now either steal or farm." The thief gave up stealing and started farming.


    • लेखिका और उनकी बहनें: लेखिका (मृदुला गर्ग) और उनकी चार बहनें (मंजुल, चित्रा, रेणु, अचला) तथा एक भाई (राजीव) थे। सभी बहनों का व्यक्तित्व अलग था, लेकिन सभी में एक बात समान थी- वे लीक से हटकर चलती थीं और जिद्दी थीं। रेणु गाड़ी में बैठना सामंतशाही मानती थी और पैदल स्कूल जाती थी। चित्रा को पढ़ने से ज्यादा पढ़ाने में रुचि थी। अचला और लेखिका ने लेखन को अपनाया।

      • English: Author and her Sisters: The author (Mridula Garg) had four sisters (Manjul, Chitra, Renu, Achala) and one brother (Rajeev). All sisters had different personalities but shared one trait - they were unconventional and stubborn. Renu considered riding a car feudal and walked to school. Chitra liked teaching more than studying. Achala and the author took up writing.


    • लेखिका के सामाजिक कार्य: शादी के बाद लेखिका डालमिया नगर (बिहार) जैसे पिछड़े कस्बे में रहीं, जहाँ उन्होंने महिलाओं के साथ नाटक किए। बाद में बागलकोट (कर्नाटक) में उन्होंने कैथोलिक बिशप से स्कूल खोलने की प्रार्थना की, लेकिन मना किए जाने पर उन्होंने खुद के दम पर कन्नड़-हिंदी-अंग्रेज़ी सिखाने वाला प्राइमरी स्कूल खोला और उसे सरकार से मान्यता दिलवाई।

      • English: Author's Social Work: After marriage, the author lived in a backward town like Dalmianagar (Bihar), where she performed plays with women. Later in Bagalkot (Karnataka), she requested the Catholic Bishop to open a school, but upon refusal, she opened a primary school teaching Kannada-Hindi-English on her own and got it recognized by the government.


    • अकेलेपन का मज़ा: लेखिका मानती हैं कि "अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है"। उनकी बहन रेणु बारिश में अकेले स्कूल गई (जब स्कूल बंद था) और वापस आई, इस रोमांच को लेखिका सराहती हैं। अपनी धुन में मंजिल की तरफ अकेले चलते जाना उन्हें पसंद है।

      • English: Joy of Solitude: The author believes that "there is a different joy in solitude". She appreciates the thrill her sister Renu felt when she walked to school alone in the rain (even when it was closed) and came back. She likes walking towards the goal alone in her own tune.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    परदानशीं

    परदे में रहने वाली

    Veil-observing woman

    मुँहज़ोर

    बहुत बोलने वाली / निडर

    Outspoken / Bold

    लिहाज़

    शर्म / संकोच

    Respect / Hesitation

    फ़रमाबरदार

    आज्ञाकारी

    Obedient

    मर्म

    रहस्य / भेद

    Essence / Secret

    तिलिस्म

    जादू

    Magic / Mystery

    पोशीदा

    छिपा हुआ / गुप्त

    Hidden / Secret

    जुस्तजू

    तलाश / खोज

    Quest / Search

    माकूल

    उचित / ठीक

    Appropriate / Suitable

    मिराक

    मानसिक रोग (यहाँ: धुन/सनक)

    Obsession / Mania

    खरामा-खरामा

    धीरे-धीरे

    Slowly

    अपरिग्रह

    संग्रह न करना

    Non-possession

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)


    लेखिका की नानी (Author's Maternal Grandmother)

    • परंपरागत लेकिन स्वतंत्र (Traditional yet Independent): वे अनपढ़ और पर्दा करने वाली थीं, लेकिन उनके विचार क्रांतिकारी थे। उन्होंने अपनी बेटी की शादी किसी 'साहब' से न करवाकर एक 'स्वतंत्रता सेनानी' से करवाई। वे शरीर से गुलाम लेकिन मन से आज़ाद थीं।

      • English: She was illiterate and observed purdah, but her thoughts were revolutionary. She got her daughter married to a 'freedom fighter' instead of a 'Sahab'. She was enslaved in body but free in spirit.


    परदादी (Great-Grandmother)

    • निडर और लीक से हटकर (Fearless & Unconventional): वे संसार की रीत के विपरीत चलती थीं। जहाँ लोग पोते की मन्नत माँगते, उन्होंने पोती (लड़की) की मन्नत माँगी। चोर को भी सुधारने की हिम्मत और करुणा उनमें थी।

      • English: She went against worldly customs. While people prayed for grandsons, she prayed for a granddaughter. She had the courage and compassion to reform even a thief.


    लेखिका की माँ (Author's Mother)

    • ईमानदार और निष्पक्ष (Honest & Fair): वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं और गोपनीयता बनाए रखती थीं। वे खादी पहनती थीं और गांधीवादी सिद्धांतों पर चलती थीं। वे बच्चों के लाड़-प्यार में नहीं, बल्कि किताबों और संगीत में रमती थीं।

      • English: She never lied and maintained confidentiality. She wore Khadi and followed Gandhian principles. Instead of pampering children, she indulged in books and music.


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1: अभिकथन (A): लेखिका की नानी ने अपनी मृत्यु से पहले पति के मित्र प्यारेलाल शर्मा को बुलाया।

    तर्क (R): वे अपनी बेटी की शादी किसी अंग्रेज़ भक्त (साहब) से न करवाकर, एक आज़ादी के सिपाही से करवाना चाहती थीं।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    प्रश्न 2: अभिकथन (A): परदादी ने चोर को पुलिस के हवाले कर दिया।

    तर्क (R): चोर ने परदादी के कमरे में सेंध लगाई थी और पानी पीने की कोशिश की थी।

    उत्तर: (घ) A गलत है, R सही है। (परदादी ने चोर को पुलिस को नहीं दिया, बल्कि उसे बेटा बना लिया और उसे खेती करने की सलाह दी)।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): एक व्यक्ति समाज के डर से अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं देता।

    प्रश्न (Question): 'मेरे संग की औरतें' पाठ की किस पात्र से उसे प्रेरणा लेनी चाहिए और क्यों?

    उत्तर (Answer): उसे लेखिका की 'माँ' और 'नानी' से प्रेरणा लेनी चाहिए। नानी ने स्वयं अनपढ़ होते हुए भी बेटी के लिए एक शिक्षित और देशभक्त वर चुना। माँ ने अपनी पाँचों बेटियों को उच्च शिक्षा दी और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने की आज़ादी दी। वे समाज की रूढ़ियों से नहीं डरीं।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है।"

    उत्तर: लेखिका का मानना था कि हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो, शिक्षा मिलनी चाहिए। जब बागलकोट में स्कूल नहीं मिला, तो उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि खुद स्कूल खोला। यह घटना सिद्ध करती है कि वे शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार मानती थीं।


    प्रश्न 2: "सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है।"

    उत्तर: लेखिका और उनकी बहन रेणु भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राह चुनना पसंद करती थीं। रेणु का बारिश में अकेले स्कूल जाना और लेखिका का विपरीत परिस्थितियों में स्कूल खोलना यह दर्शाता है कि जब आप अपने सिद्धांतों पर अकेले चलते हैं, तो उसका संतोष और रोमांच (मज़ा) अद्वितीय होता है।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं, फिर भी वे उनके व्यक्तित्व से क्यों प्रभावित थीं? उत्तर: क्योंकि लेखिका ने अपनी माँ और पिता से नानी के किस्से सुने थे। नानी भले ही अनपढ़ और परदानशीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के लिए एक स्वतंत्रता सेनानी वर चुनकर अपनी स्वतंत्र सोच और देशभक्ति का परिचय दिया था, जिससे लेखिका प्रभावित थीं।


    प्रश्न 2: लेखिका की माँ को घर में इतना सम्मान क्यों मिलता था?

    उत्तर: लेखिका की माँ को दो मुख्य कारणों से सम्मान मिलता था: एक, वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं और दूसरा, वे एक की गोपनीय बात दूसरे पर ज़ाहिर नहीं करती थीं। उनकी ईमानदारी और निष्पक्षता के कारण सब उनकी राय मानते थे।


    प्रश्न 3: परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने की मन्नत क्यों माँगी?

    उत्तर: परदादी लीक से हटकर चलने वाली महिला थीं। उस समय समाज में लड़के की चाहत होती थी, इसलिए उन्होंने समाज की इस रूढ़ि को तोड़ने और अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लड़की की मन्नत माँगी और उसे जग-ज़ाहिर भी किया।


    प्रश्न 4: लेखिका ने बागलकोट में स्कूल क्यों खोला?

    उत्तर: बागलकोट में कोई अच्छा स्कूल नहीं था। कैथोलिक बिशप ने यह कहकर स्कूल खोलने से मना कर दिया कि वहाँ क्रिश्चियन जनसंख्या कम है। तब लेखिका ने जिद ठानी और अपने व अन्य अफसरों के बच्चों के लिए खुद एक प्राइमरी स्कूल खोला।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: 'मेरे संग की औरतें' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि पारंपरिक तरीके से जीते हुए भी लीक से हटकर कैसे जिया जा सकता है?

    उत्तर: इस पाठ की सभी महिला पात्र (नानी, दादी, माँ) पारंपरिक जीवन जी रही थीं। नानी पर्दा करती थीं, माँ ससुराल में रहती थीं। लेकिन उन्होंने अपने विचारों को गुलाम नहीं होने दिया। नानी ने बेटी की शादी अपनी मर्जी से देशभक्त से कराई। परदादी ने लड़की की मन्नत माँगी और चोर को सुधारा। माँ ने बच्चों के पालन-पोषण का पारंपरिक तरीका नहीं अपनाया। इससे सिद्ध होता है कि कपड़े या रहन-सहन बदलने से नहीं, बल्कि विचारों की स्वतंत्रता और दृढ़ निश्चय से हम लीक से हटकर जी सकते हैं और समाज को नई दिशा दे सकते हैं।


    प्रश्न 2: चोर के साथ परदादी के व्यवहार ने उसके जीवन को कैसे बदल दिया? इस घटना से क्या सीख मिलती है?

    उत्तर: जब चोर परदादी के कमरे में आया, तो उन्होंने उसे डराने या पकड़वाने के बजाय उसे प्यासा समझकर पानी पिलाया। उन्होंने कहा कि "हम दोनों ने एक लोटे से पानी पिया है, तो हम माँ-बेटे हुए। अब चाहे चोरी कर या खेती।" परदादी के इस आत्मीय और विश्वासपूर्ण व्यवहार ने चोर का हृदय परिवर्तित कर दिया। उसने चोरी जैसा घृणित कार्य छोड़ दिया और खेती करके भलामानुस बन गया। इससे सीख मिलती है कि कठोरता के बजाय प्रेम और विश्वास से किसी भी बुरे व्यक्ति को सुधारा जा सकता है।


    प्रश्न 3: लेखिका की बहन 'रेणु' के व्यक्तित्व के किन पहलुओं ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया? उत्तर: रेणु का व्यक्तित्व बहुत ही अनोखा और दृढ़ था। वह जिद्दी थी लेकिन सत्य के प्रति।

    1. वह गाड़ी में स्कूल जाना सामंतशाही मानती थी और पैदल जाती थी।

    2. उसने बी.ए. केवल पिता की खुशी के लिए पास किया।

    3. सबसे प्रभावित करने वाली घटना वह है जब भारी बारिश में, सबके मना करने के बावजूद, वह दो मील पैदल चलकर स्कूल गई। स्कूल बंद देखकर वापस आ गई। उसे अपनी धुन में अकेले चलने का मज़ा आता था। उसकी यह निडरता और आत्म-निर्भरता बहुत प्रेरक है।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on the text of the chapter)

    प्रश्न 1: 'इक' प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए:

    • समाज: सामाजिक

    • परिवार: पारिवारिक

    • परंपरा: पारंपरिक

    • मर्म: मार्मिक


    प्रश्न 2: मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग:

    • मुँहज़ोर होना: (बहुत बोलने वाला / निडर) - नानी अपनी बेटी की शादी की फिक्र में मुँहज़ोर हो उठीं।

    • लीक से हटकर चलना: (परंपरा से अलग काम करना) - लेखिका के घर की औरतें लीक से हटकर चलने की शौकीन थीं।

    • तिल का ताड़ बनाना: (बात बढ़ाना) - पड़ोसियों ने छोटी सी बात का तिल का ताड़ बना दिया


    प्रश्न 3: विलोम शब्द:

    • आज़ादी: गुलामी

    • गोपनीय: प्रकाशनीय / ज़ाहिर

    • ईमानदार: बेईमान


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. पात्रों में भ्रम:

      • त्रुटि: छात्र नानी और परदादी के किस्सों को मिला देते हैं।

      • सुधार: नानी ने स्वतंत्रता सेनानी दामाद माँगा था। परदादी ने लड़की की मन्नत माँगी थी और चोर को सुधारा था।


    2. माँ की विशेषता:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि माँ बहुत अच्छा खाना बनाती थीं।

      • सुधार: माँ ने कभी खाना नहीं बनाया। उनकी विशेषता ईमानदारी और किताबें पढ़ना थी।


    3. स्कूल का स्थान:

      • त्रुटि: छात्र स्कूल खोलने की घटना को डालमिया नगर का बताते हैं।

      • सुधार: स्कूल बागलकोट (कर्नाटक) में खोला गया था। डालमिया नगर (बिहार) में नाटक किए थे।


    End


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