2.2 - परोपकार - Paropkar - Class 8 - Sugambharati
- Sep 29, 2025
- 7 min read
Updated: Oct 5, 2025

पाठ का प्रकार: गद्य (लघुकथा) पाठ का शीर्षक: परोपकार लेखक/कवि का नाम: श्रीकृष्ण
सारांश (Bilingual Summary)
हिन्दी: यह एक बोध कथा है जिसमें एक मधुमक्खी और एक बर्र (ततैया) के बीच संवाद होता है। एक सुंदर और घमंडी बर्र, एक साधारण मधुमक्खी से ईर्ष्या करती है। वह मधुमक्खी से पूछती है कि जब दोनों में पंख होना, उड़ना, फूलों का रस चूसना और डंक मारना जैसी कई समानताएँ हैं, तो फिर मनुष्य मधुमक्खी को क्यों पालते हैं और उसे (बर्र को) क्यों दूर भगाते हैं? मधुमक्खी विनम्रता से उत्तर देती है कि सम्मान सुंदरता से नहीं, बल्कि अच्छे गुणों और परोपकार से मिलता है। वह बताती है कि तुम (बर्र) मनुष्यों को केवल दर्दनाक डंक देती हो, जबकि मैं उन्हें मीठा और उपयोगी शहद देती हूँ। इसीलिए मनुष्य मेरा आदर करते हैं और तुम्हें दूर भगाते हैं।
English: This is a moral story featuring a dialogue between a honeybee and a wasp. A beautiful and arrogant wasp is jealous of a simple honeybee. It asks the honeybee why, despite having many similarities like having wings, flying, sucking nectar from flowers, and stinging, humans domesticate the honeybee but drive the wasp away. The honeybee humbly replies that respect is earned not from beauty, but from good qualities and benevolence. It explains that you (the wasp) only give humans a painful sting, whereas I give them sweet and useful honey. That is why humans respect me and drive you away.
केंद्रीय भाव (Bilingual Theme / Central Idea)
हिन्दी: इस लघुकथा का केंद्रीय भाव यह है कि किसी भी व्यक्ति का समाज में आदर और प्रेम उसके बाहरी रूप-रंग या सुंदरता के कारण नहीं, बल्कि उसके सद्गुणों, अच्छे कर्मों और परोपकारी स्वभाव के कारण होता है। लेखक यह संदेश देना चाहते हैं कि जो दूसरों के काम आते हैं और उनका भला करते हैं, वे ही सम्मान के पात्र होते हैं। इसके विपरीत, जो सुंदर होते हुए भी दूसरों को केवल कष्ट पहुँचाते हैं, उन्हें समाज द्वारा तिरस्कृत किया जाता है। कहानी का मूल सार है - 'कर्म सौंदर्य, शारीरिक सौंदर्य से श्रेष्ठ है।'
English: The central theme of this short story is that the respect and love a person receives in society is not due to their external appearance or beauty, but due to their virtues, good deeds, and benevolent nature. The author wants to convey the message that only those who are useful to others and do good for them are worthy of respect. Conversely, those who, despite being beautiful, only cause pain to others are rejected by society. The core essence of the story is - 'The beauty of deeds is superior to physical beauty.'
पात्रों का चरित्र-चित्रण (Bilingual Character Sketch)
बर्र (ततैया):
हिन्दी:
घमंडी: उसे अपने सुंदर रूप-रंग पर बहुत घमंड है।
ईर्ष्यालु: वह मधुमक्खी को मिलने वाले सम्मान को देखकर उससे जलती-भुनती है।
अज्ञानी: वह यह नहीं समझ पाती कि सम्मान का आधार कर्म होता है, रूप नहीं।
हानिकारक: वह मनुष्यों को केवल कष्ट देती है; उसका डंक दर्द और सूजन का कारण बनता है।
English:
Arrogant: It is very proud of its beautiful appearance.
Jealous: It is jealous of the respect that the honeybee receives.
Ignorant: It fails to understand that the basis of respect is one's actions, not appearance.
Harmful: It only causes pain to humans; its sting causes pain and swelling.
मधुमक्खी:
हिन्दी:
विनम्र: वह बर्र की घमंड भरी बातों का उत्तर शांति और विनम्रता से देती है।
बुद्धिमान: वह सम्मान के वास्तविक कारण को गहराई से समझती है और उसे तर्क के साथ प्रस्तुत करती है।
परोपकारी: वह मनुष्यों के लिए मीठा और उपयोगी शहद बनाती है, अर्थात वह दूसरों के काम आती है।
कर्मयोगी: वह चुपचाप अपना काम करती है और अपने अच्छे कर्मों से ही अपनी पहचान बनाती है।
English:
Humble: It answers the wasp's arrogant questions calmly and humbly.
Wise: It deeply understands the real reason for respect and presents it logically.
Benevolent: It produces sweet and useful honey for humans, meaning it is useful to others.
Diligent: It quietly does its work and makes its identity through its good deeds.
शब्दार्थ (Glossary)
शब्द (Word) | पर्यायवाची शब्द (Synonym) | विलोम शब्द (Antonym) |
क्यारियाँ | फूलों की मेड़ | - |
मँडराना | चक्कर लगाना, घूमना | - |
घमंड | अहंकार, अभिमान | विनम्रता, नम्रता |
जल-भुन | ईर्ष्या करना, जलना | प्रसन्न होना |
समानता | बराबरी, सादृश्य | असमानता, भिन्नता |
आदर | सम्मान, इज्जत | अनादर, अपमान |
परोपकारी | भलाई करने वाला, उपकारी | अपकारी, स्वार्थी |
कष्ट | पीड़ा, दुख | सुख, आराम |
सूजन | शोथ, फुलाव | - |
शहद | मधु | विष |
सही या गलत (कारण सहित) (True or False with Reason)
कथन १: बर्र को अपनी सादगी पर बहुत गर्व था।
उत्तर: गलत। कारण, "बर्र को अपने रूप-रंग पर बड़ा घमंड था।"
कथन २: मनुष्य बर्र को उसके सुंदर रंग के कारण पालते हैं।
उत्तर: गलत। कारण, बर्र कहती है, "मनुष्य तुमको पालते और मुझे दूर भगाते हैं।"
कथन ३: मधुमक्खी के अनुसार, सम्मान सुंदरता के कारण मिलता है।
उत्तर: गलत। कारण, मधुमक्खी कहती है, "कोई भी प्राणी सुंदरता के कारण नहीं, अपने अच्छे गुणों के कारण आदर पाता है।"
कथन ४: बर्र का डंक बहुत मीठा होता है।
उत्तर: गलत। कारण, मधुमक्खी बताती है, "तुम्हारे डंक मारने से सूजन आ जाती है। बहुत दर्द होता है।"
कथन ५: मधुमक्खी मनुष्यों के काम आती है क्योंकि वह शहद देती है। उत्तर: सही। कारण, मधुमक्खी कहती है, "मैं उन्हें मीठा शहद देती हूँ। मैं उनके काम आती हूँ।"
स्वमत (Personal Opinion)
प्रश्न १: 'किसी भी लघुकथा से जीवन-बोध प्राप्त होता है' इस पर अपने विचार लिखो।
उत्तर: यह कथन बिल्कुल सही है। लघुकथाएँ आकार में छोटी होती हैं, लेकिन वे जीवन का कोई न कोई बड़ा सत्य या सीख (जीवन-बोध) दे जाती हैं। 'परोपकार' कहानी हमें सिखाती है कि सच्ची सुंदरता कर्मों में होती है, रूप में नहीं। ये कहानियाँ सरल पात्रों और घटनाओं के माध्यम से हमें नैतिकता, सदाचार और सही-गलत का भेद समझाती हैं। इनका संदेश सीधा और स्पष्ट होता है जो आसानी से समझ में आ जाता है और लंबे समय तक याद रहता है। इस प्रकार, लघुकथाएँ मनोरंजन के साथ-साथ चरित्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: जीवन-बोध, सीख, सत्य, नैतिकता, सदाचार, सरल संदेश, चरित्र निर्माण।
प्रश्न २: 'सुंदरता नहीं, अच्छे गुण व्यक्ति को सम्मान दिलाते हैं।' - इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं?
उत्तर: मैं इस कथन से पूरी तरह सहमत हूँ। शारीरिक सुंदरता अस्थायी होती है और समय के साथ ढल जाती है, लेकिन व्यक्ति के अच्छे गुण, जैसे- दया, ईमानदारी, परोपकार और विनम्रता, हमेशा उसके साथ रहते हैं और उसे स्थायी सम्मान दिलाते हैं। एक सुंदर लेकिन दुष्ट व्यक्ति को शायद लोग कुछ समय के लिए पसंद करें, लेकिन अंततः उसके बुरे कर्मों के कारण उससे दूर हो जाएँगे। इसके विपरीत, एक साधारण दिखने वाला लेकिन गुणी व्यक्ति अपने अच्छे व्यवहार और कार्यों से सभी का दिल जीत लेता है और समाज में हमेशा आदर पाता है, ठीक उसी तरह जैसे कहानी में मधुमक्खी पाती है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: सहमत, अच्छे गुण, स्थायी सम्मान, अस्थायी सुंदरता, दया, ईमानदारी, परोपकार, व्यवहार, कर्म।
प्रश्न ३: बर्र, मधुमक्खी से ईर्ष्या करती थी। ईर्ष्या मनुष्य का शत्रु है, कैसे?
उत्तर: ईर्ष्या मनुष्य की सबसे बड़ी शत्रु है क्योंकि यह सबसे पहले उसी व्यक्ति को नुकसान पहुँचाती है जो ईर्ष्या करता है। ईर्ष्यालु व्यक्ति दूसरों की सफलता या गुणों को देखकर जलता रहता है, जिससे उसके मन की शांति भंग हो जाती है। वह अपनी उन्नति पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, दूसरों को नीचा दिखाने के तरीकों के बारे में सोचता रहता है, जिससे उसका स्वयं का विकास रुक जाता है। कहानी में बर्र, मधुमक्खी से ईर्ष्या करने के कारण दुखी और परेशान है। इस प्रकार, ईर्ष्या हमारी सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर हमें अंदर ही अंदर खोखला बना देती है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: शत्रु, मन की शांति, उन्नति में बाधक, नकारात्मक भाव, सकारात्मक ऊर्जा, स्वयं का नुकसान।
प्रश्न ४: मधुमक्खी को 'परोपकारी' क्यों कहा गया है?
उत्तर: मधुमक्खी को 'परोपकारी' इसलिए कहा गया है क्योंकि उसका पूरा जीवन दूसरों की भलाई में ही बीतता है। वह फूलों से थोड़ा-थोड़ा रस इकट्ठा करके मीठा और पौष्टिक शहद बनाती है, जो मनुष्य के लिए भोजन और औषधि, दोनों का काम करता है। वह यह सब अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के उपयोग के लिए करती है। इसके अलावा, परागण (pollination) की प्रक्रिया में मदद करके वह पेड़-पौधों के वंश-वृद्धि में भी सहायता करती है। उसका जीवन दूसरों पर उपकार करने का एक श्रेष्ठ उदाहरण है, इसीलिए वह परोपकारी है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: परोपकार, भलाई, शहद, औषधि, परागण, उपकार, निःस्वार्थ।
प्रश्न ५: यदि आप मधुमक्खी की जगह होते, तो बर्र को क्या उत्तर देते? उत्तर: यदि मैं मधुमक्खी की जगह होता, तो मैं भी उसे वही उत्तर देता जो मधुमक्खी ने दिया, शायद थोड़े और सरल शब्दों में। मैं कहता, "बहन, तुम बहुत सुंदर हो, यह सच है, लेकिन लोग हमें हमारे काम से याद रखते हैं, हमारे रूप से नहीं। मैं लोगों को मिठास देता हूँ, इसलिए वे मुझे पसंद करते हैं। तुम अनजाने में उन्हें दर्द देती हो, इसलिए वे तुमसे डरते हैं। यदि तुम भी किसी के काम आने लगोगी, तो लोग तुमसे भी प्रेम करने लगेंगे।" मैं उसे उसकी गलती का एहसास विनम्रता से कराने की कोशिश करता ताकि वह भी परोपकार का महत्व समझ सके। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: सरल शब्द, काम से पहचान, मिठास देना, दर्द देना, प्रेम, परोपकार का महत्व, विनम्रता।
संभावित परीक्षा प्रश्न (Probable Exam Questions)
प्रश्न १: अपने रूप-रंग पर किसे घमंड था?
उत्तर: अपने रूप-रंग पर बर्र (ततैया) को घमंड था।
प्रश्न २: लोग मधुमक्खी को क्यों पालते हैं?
उत्तर: लोग मधुमक्खी को इसलिए पालते हैं क्योंकि वह उन्हें मीठा शहद देती है और उनके काम आती है, अर्थात वह एक परोपकारी जीव है।
प्रश्न ३: बर्र और मधुमक्खी के बीच की समानताएँ लिखिए। उत्तर: बर्र और मधुमक्खी के बीच निम्नलिखित समानताएँ थीं:
दोनों के पंख हैं और दोनों उड़ सकती हैं।
दोनों फूलों का रस चूसती हैं।
दोनों डंक मारती हैं।
प्रश्न ४: इस लघुकथा से प्राप्त होने वाली सीख लिखिए।
उत्तर: इस लघुकथा से यह सीख मिलती है कि समाज में किसी को भी सम्मान उसकी शारीरिक सुंदरता के कारण नहीं, बल्कि उसके अच्छे गुणों और परोपकारी स्वभाव के कारण मिलता है। हमें बाहरी सुंदरता की बजाय अपने कर्मों को सुंदर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
प्रश्न ५: विशेषताएँ लिखो: (क) बर्र: १. सुंदर और रंग-बिरंगी २. घमंडी और ईर्ष्यालु (ख) मधुमक्खी: १. परोपकारी और उपयोगी २. बुद्धिमान और विनम्र
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