3 - फूल और काँटा (Phool Aur Kanta) - Class 7 - Malhar
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फूल और काँटा (Phool Aur Kanta)
Class 7 - Hindi (Malhar) | Poet: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (Ayodhya Singh Upadhyay 'Hariaudh')
1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)
समान परिवेश, भिन्न स्वभाव: कवि बताते हैं कि फूल और काँटा एक ही जगह (पौधे) पर जन्म लेते हैं और एक ही पौधा उनका पालन-पोषण करता है। रात में चाँद दोनों पर समान रूप से चाँदनी बिखेरता है।
English: The poet explains that the flower and the thorn are born in the same place (plant) and are nourished by the same plant. At night, the moon spreads its moonlight equally on both.
प्रकृति का समान व्यवहार: मेघ (बादल) दोनों पर एक जैसा बरसता है और हवाएँ भी दोनों पर समान रूप से बहती हैं। लेकिन, इन सबके बावजूद दोनों का स्वभाव (ढंग) एक जैसा नहीं होता।
English: The clouds rain equally on both, and the winds also blow equally on both. However, despite all this, their nature (behavior) is not the same.
काँटे की क्रूरता: काँटा किसी की उंगलियों को छेद देता है, तो किसी के सुंदर वस्त्र (वर बसन) फाड़ देता है। वह प्यार से आई तितलियों के पंख कतर देता है और भौंरे के काले शरीर (श्याम तन) को छेद देता है।
English: The thorn pierces someone's fingers or tears someone's beautiful clothes. It clips the wings of loving butterflies and pierces the dark body of the bumblebee.
फूल की कोमलता और परोपकार: दूसरी ओर, फूल तितलियों को अपनी गोद में बिठाता है और भौंरों को अपना मीठा रस (अनूठा रस) पिलाता है। वह अपनी सुगंध और निराले रंगों से सभी के मन को प्रसन्न (कली जी की खिलाना) करता है।
English: On the other hand, the flower takes butterflies in its lap and feeds its unique nectar to the bumblebees. It pleases everyone's heart with its fragrance and unique colors.
कर्म की महत्ता: अपने व्यवहार के कारण काँटा सबकी आँखों में खटकता है (बुरा लगता है), जबकि फूल देवताओं के सिर पर सुशोभित होता है। कवि निष्कर्ष देते हैं कि यदि हमारे कर्म या बड़प्पन में कमी हो, तो ऊँचे कुल (खानदान) में जन्म लेने का कोई लाभ नहीं है।
English: Due to its behavior, the thorn is an eyesore to everyone, while the flower adorns the heads of gods. The poet concludes that if there is a lack in our actions or nobility, being born in a high lineage is of no use.
2. शब्द-संपदा (Vocabulary)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi Meaning) | English Meaning |
मेह | बारिश / वर्षा | Rain |
वर | श्रेष्ठ / सुंदर | Excellent / Beautiful |
बसन | वस्त्र / कपड़े | Clothes / Garments |
बेध | छेदना | To pierce |
भौर | भौंरा | Bumblebee |
श्याम | काला / साँवला | Black / Dark |
अनूठा | अनोखा / निराला | Unique |
जी | मन / हृदय | Heart / Mind |
सोहता | शोभा देता है / अच्छा लगता है | Looks good / Adorns |
सुर | देवता | God / Deity |
शीश | सिर | Head |
कसर | कमी | Shortcoming / Deficiency |
3. मुख्य विचार बिंदु (Key Themes)
कर्म बनाम जन्म (Actions vs. Birth)
कुल नहीं, कर्म महान बनाते हैं: कविता का मुख्य संदेश यह है कि व्यक्ति की महानता उसके जन्म या वंश (कुल) से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और व्यवहार से तय होती है। जैसे एक ही पौधे पर उगने के बाद भी फूल और काँटा अपने कर्मों से अलग-अलग स्थान पाते हैं।
English: The main message is that a person's greatness is determined not by their birth or lineage, but by their actions and behavior. Just as a flower and a thorn, despite growing on the same plant, attain different positions due to their actions.
परोपकार और सौम्यता (Benevolence and Gentleness)
सबका प्रिय बनना: फूल की तरह जो दूसरों को सुख देता है, मदद करता है और मृदुभाषी होता है, वह समाज में सम्मान पाता है। काँटे जैसा कठोर व्यवहार करने वाला व्यक्ति निंदनीय होता है।
English: Like a flower, one who gives happiness to others, helps, and is soft-spoken gains respect in society. A person with harsh behavior like a thorn is condemned.
4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)
A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)
प्रश्न 1: अभिकथन (A): फूल को देवताओं के सिर पर चढ़ाया जाता है।
तर्क (R): फूल देखने में सुंदर होता है और अपने व्यवहार (सुगंध/रस) से दूसरों को सुख देता है।
उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 2: अभिकथन (A): काँटा और फूल दोनों का स्वभाव एक जैसा होता है।
तर्क (R): दोनों एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और एक ही हवा-पानी से पलते हैं।
उत्तर: (ग) अभिकथन गलत है, लेकिन तर्क सही है। (परिवेश समान होने पर भी स्वभाव भिन्न हैं)।
B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)
स्थिति (Situation): कक्षा में दो छात्र हैं। एक बहुत अमीर घर से है लेकिन सबको तंग करता है (काँटा)। दूसरा साधारण घर से है लेकिन सबकी मदद करता है (फूल)।
प्रश्न: 'फूल और काँटा' कविता के आधार पर बताइए कि कक्षा में किसे अधिक सम्मान मिलेगा और क्यों?
उत्तर: कक्षा में दूसरे छात्र (साधारण घर वाले) को अधिक सम्मान मिलेगा क्योंकि कविता के अनुसार "कुल की बड़ाई" काम नहीं आती अगर "बड़प्पन की कसर" हो। सम्मान अच्छे व्यवहार और परोपकार (फूल के गुण) से मिलता है, न कि अमीरी या उच्च कुल से।
C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)
प्रश्न 1: "है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।"
उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि दुष्ट स्वभाव वाला व्यक्ति (काँटा) सबको बुरा लगता है और आँखों में चुभता है, जबकि सज्जन और परोपकारी व्यक्ति (फूल) को समाज में सर्वोच्च स्थान (देवताओं के सिर पर) और सम्मान मिलता है।
प्रश्न 2: "निज सुगंधों औ निराले रंग से, है सदा देता कली जी की खिला।"
उत्तर: फूल अपने सद्गुणों, सुंदरता और खुशबू से लोगों के उदास मन को भी खिला देता है, यानी उन्हें प्रसन्न कर देता है। सज्जन व्यक्ति की उपस्थिति ही माहौल को खुशनुमा बना देती है।
5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)
A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)
प्रश्न 1: फूल और काँटे के पालन-पोषण में क्या समानता है?
उत्तर: फूल और काँटा दोनों एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं। दोनों को एक ही हवा, एक जैसा पानी (मेह) और एक ही चाँदनी मिलती है। प्रकृति दोनों में कोई भेदभाव नहीं करती।
प्रश्न 2: काँटा तितलियों और भौंरों के साथ कैसा व्यवहार करता है?
उत्तर: काँटा तितलियों के कोमल पंख कतर (काट) देता है और भौंरों के शरीर को छेद देता है। वह अपने संपर्क में आने वाले हर जीव को कष्ट पहुँचाता है।
प्रश्न 3: फूल भौंरों और तितलियों की भलाई कैसे करता है?
उत्तर: फूल तितलियों को प्यार से अपनी गोद में बिठाता है और भौंरों को अपना मीठा रस पिलाकर उनकी भूख शांत करता है। वह सबको अपनापन देता है।
प्रश्न 4: "कुल की बड़ाई" कब काम नहीं आती?
उत्तर: जब मनुष्य के कर्मों में बड़प्पन नहीं होता या उसका व्यवहार नीच होता है, तब उच्च कुल या खानदान की बड़ाई उसे सम्मान नहीं दिला सकती।
B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)
प्रश्न 1: 'फूल और काँटा' कविता के माध्यम से कवि मनुष्य को क्या संदेश देना चाहते हैं?
उत्तर: इस कविता के माध्यम से कवि हरिऔध जी यह संदेश देना चाहते हैं कि मनुष्य महान अपने जन्म या कुल से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बनता है। एक ही परिवार या परिवेश में पलने वाले दो व्यक्तियों का स्वभाव अलग-अलग हो सकता है। हमें काँटे की तरह दूसरों को कष्ट देने वाला नहीं, बल्कि फूल की तरह दूसरों को खुशियाँ और सुगंध बांटने वाला बनना चाहिए। समाज में आदर उसी को मिलता है जो परोपकारी और मृदुभाषी होता है।
प्रश्न 2: फूल और काँटे के स्वभाव में अंतर स्पष्ट कीजिए। आप किसके जैसा बनना चाहेंगे और क्यों? उत्तर: काँटे का स्वभाव विनाशकारी और कष्टदायक है—वह उंगलियां छेदता है और कपड़े फाड़ता है। इसके विपरीत, फूल का स्वभाव सृजनात्मक और सुखद है—वह रस पिलाता है और सुगंध फैलाता है। मैं 'फूल' जैसा बनना चाहूँगा/चाहूँगी क्योंकि फूल सबको प्यारा लगता है और ईश्वर के चरणों तक पहुँचता है। दूसरों की मदद करने और खुशी देने में जो आत्म-संत
6. व्याकरण (Integrated Grammar)
प्रश्न 1: कविता से तुकांत शब्द (Rhyming Words) छाँटकर लिखिए. उत्तर:
पालता - डालता
बही - नहीं
बसन - तन
खिला - पिला
पर - कसर
प्रश्न 2: निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची (Synonyms) लिखिए:
चाँद: चंद्रमा, शशि, मयंक
मेह: वर्षा, बारिश
हवा: पवन, वायु, समीर
फूल: पुष्प, सुमन, कुसुम
प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों के विलोम (Antonyms) लिखिए:
श्याम (काला) x श्वेत (सफेद)
सदा x कभी-कभी
प्यार x घृणा/नफरत
सुगंध x दुर्गंध
7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
'श्याम' शब्द का अर्थ:
त्रुटि: छात्र अक्सर 'श्याम' का अर्थ 'कृष्ण' समझ लेते हैं.
सुधार: यहाँ 'श्याम तन' का अर्थ भौंरे का काला शरीर है.
कुल का अर्थ:
त्रुटि: इसे 'जोड़' (Total) या 'सब' (All) समझना.
सुधार: यहाँ 'कुल' का अर्थ वंश या खानदान (Lineage) है.
कवि का नाम:
त्रुटि: नाम अधूरा लिखना या गलत वर्तनी लिखना.
सुधार: पूरा नाम याद रखें: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'.
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