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    4 - पानी रे पानी (Pani Re Pani) - Class 7 - Malhar

    • 11 hours ago
    • 7 min read


    पानी रे पानी (Pani Re Pani)

    Class 7 - Hindi (Malhar) | विधा: निबंध (Essay)


    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    भाग 1: पानी का संकट (Water Crisis)

    • किताबी ज्ञान बनाम असलियत: भूगोल की किताबों में हम 'जल-चक्र' (Water Cycle) के बारे में पढ़ते हैं- कैसे सूरज समुद्र का पानी भाप बनाता है, बादल बनते हैं और बारिश होकर पानी वापस समुद्र में मिल जाता है। यह चित्र किताबों में सुंदर लगता है, लेकिन असल जीवन में पानी की कहानी बिल्कुल अलग है।

    • English: In geography books, we read about the 'Water Cycle' - how the sun turns ocean water into vapor, clouds form, and rain returns water to the ocean. This cycle looks beautiful in books, but the story of water in real life is quite different.

    • घरों में पानी की समस्या: आज नलों में पूरे समय पानी नहीं आता। कभी देर रात को तो कभी सुबह-सुबह पानी आता है। लोग बाल्टी-बर्तन लेकर कतार में खड़े रहते हैं और पानी के लिए झगड़े भी होते हैं। यह स्थिति गाँवों और शहरों दोनों जगह है।

    • English: Today, taps do not have water all the time. Sometimes water comes late at night or early in the morning. People stand in queues with buckets and vessels, and fights over water occur. This situation exists in both villages and cities.

    • बाढ़ और सूखा: बारिश के मौसम में हम 'बाढ़' का सामना करते हैं और गर्मियों में 'सूखे' का। यह असंतुलन इसलिए है क्योंकि हमने प्रकृति के 'जल-चक्र' को बिगाड़ दिया है।

    • English: We face 'floods' in the rainy season and 'droughts' in summer. This imbalance is because we have disrupted nature's 'Water Cycle'.

    • धरती की गुल्लक: लेखक समझाते हैं कि हमारी धरती एक बहुत बड़ी 'गुल्लक' (Piggy Bank) की तरह है। मिट्टी, पत्थर और पेड़-पौधों के नीचे छिपा भूजल (Groundwater) हमारा खजाना है। हमें बरसात के पानी को इस गुल्लक में जमा करना चाहिए, लेकिन हम केवल पानी निकाल रहे हैं, जमा नहीं कर रहे।

    • English: The author explains that our earth is like a huge 'Piggy Bank'. The groundwater hidden beneath soil, stones, and plants is our treasure. We should deposit rainwater into this piggy bank, but we are only withdrawing water, not depositing it.

    भाग 2: सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M. Visvesvaraya)

    (पाठ के अंत में दिए गए अंश के आधार पर)

    • बचपन और संघर्ष: विश्वेश्वरैया का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। 14 वर्ष की आयु में पिता की मृत्यु के बाद, उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी।

    • स्वावलंबन: वे अपनी माँ या मामा पर बोझ नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने बंगलौर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी फीस और किताबों का खर्च निकालने का निर्णय लिया।

    • राष्ट्रप्रेम: बचपन में ही उन्हें महसूस हो गया था कि भारत एक ब्रिटिश उपनिवेश है और देश की गरीबी का कारण विदेशी शासन है। उनका जीवन संदेश था- "पहले जानो, फिर करो।"

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    जल-चक्र

    पानी का प्राकृतिक चक्र (भाप-बादल-बारिश)

    Water Cycle

    बेवक्त

    असमय / बिना समय के

    Untimely

    किल्लत

    कमी / अभाव

    Scarcity / Shortage

    गुल्लक

    पैसा जमा करने का मिट्टी का बर्तन

    Piggy Bank

    भूजल

    जमीन के नीचे का पानी

    Groundwater

    उपनिवेश

    वह देश जिस पर दूसरे देश का शासन हो

    Colony

    आत्मसात

    अपनाना / ग्रहण करना

    To assimilate / Imbibe

    व्यावहारिक

    अमल में लाने योग्य

    Practical

    3. मुख्य विचार बिंदु (Key Themes)

    जल संरक्षण (Water Conservation)

    • धरती का खजाना: हमें धरती के नीचे छिपे जल भंडार को सुरक्षित रखना है। तालाब, झीलें और पेड़-पौधे धरती की गुल्लक को भरने के साधन हैं। इन्हें नष्ट करके हम अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं।

    • English: We must protect the water reserves hidden underground. Ponds, lakes, and trees are means to fill the earth's piggy bank. By destroying them, we are harming ourselves.

    स्वावलंबन और दृढ़ निश्चय (Self-reliance and Determination)

    • विश्वेश्वरैया का उदाहरण: कठिनाइयों के बावजूद हार न मानना और अपनी मेहनत से अपना रास्ता बनाना। उन्होंने गरीबी को बाधा नहीं बनने दिया और शिक्षा प्राप्त की।

    • English: Not giving up despite difficulties and carving one's own path through hard work. He did not let poverty become a hurdle and attained education.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): गर्मियों में नलों से पानी आना बंद हो जाता है और सूखा पड़ता है।

    तर्क (R): हम धरती की गुल्लक में पानी जमा नहीं करते, बस ट्यूबवेल लगाकर निकालते रहते हैं।

    उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): विश्वेश्वरैया ने मामा के घर जाकर पढ़ाई न करने का निर्णय लिया।

    तर्क (R): वे अपने मामा को पसंद नहीं करते थे।

    उत्तर: (ग) अभिकथन गलत है, लेकिन तर्क भी गलत है। (सही: उन्होंने मामा के घर जाकर पढ़ाई की, लेकिन खर्च खुद उठाया क्योंकि वे मामा पर बोझ नहीं बनना चाहते थे)।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): आपके स्कूल के खेल के मैदान को पक्का (कंक्रीट का) कर दिया गया है।

    प्रश्न: 'पानी रे पानी' पाठ के आधार पर बताइए कि इसका भूजल (Groundwater) पर क्या असर पड़ेगा?

    उत्तर: यह गलत है। मैदान पक्का होने से बारिश का पानी जमीन के अंदर नहीं रिस पाएगा। इससे 'धरती की गुल्लक' नहीं भरेगी और भूजल स्तर नीचे चला जाएगा।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "पानी का कुछ अजीब-सा चक्कर सामने आने लगा है।"

    उत्तर: इसका आशय है कि किताबी जल-चक्र तो संतुलित था, लेकिन मनुष्य ने उसे बिगाड़ दिया है। अब पानी की अनिश्चितता है- कभी बहुत ज्यादा (बाढ़) तो कभी बिल्कुल नहीं (सूखा)।

    प्रश्न 2: "पहले जानो, फिर करो।"

    उत्तर: विश्वेश्वरैया का यह संदेश था कि किसी भी काम को करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी और समझ हासिल करनी चाहिए, तभी सफलता मिलती है।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: हमारी धरती की तुलना 'गुल्लक' से क्यों की गई है?

    उत्तर: जैसे हम गुल्लक में एक-एक रुपया जमा करते हैं ताकि जरूरत पर काम आए, वैसे ही प्रकृति बारिश की बूँदों को धरती की मिट्टी और पत्थरों के बीच जमा करती है। यही जमा पानी (भूजल) हमें गर्मियों में काम आता है।

    प्रश्न 2: बाढ़ आने का मुख्य कारण क्या है?

    उत्तर: हमने तालाबों और झीलों को पाटकर उन पर घर बना लिए हैं। पानी के निकलने के रास्ते बंद कर दिए हैं। इसलिए जब तेज बारिश होती है, तो पानी को जाने की जगह नहीं मिलती और वह बाढ़ का रूप ले लेता है।

    प्रश्न 3: नलों में पानी आने पर घर का दृश्य कैसा होता है?

    उत्तर: जैसे ही नलों में पानी आता है (अक्सर बेवक्त), घर में हलचल मच जाती है। लोग मीठी नींद छोड़कर बाल्टियाँ, बर्तन और घड़े भरने लगते हैं। कई बार पानी के लिए तू-तू, मैं-मैं (झगड़ा) भी हो जाती है।

    प्रश्न 4: विश्वेश्वरैया ने अपनी माँ को क्या समझाकर बंगलौर जाने की अनुमति ली?

    उत्तर: उन्होंने माँ को समझाया कि वे मामा पर बोझ नहीं बनेंगे। वे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी फीस और किताबों का खर्च खुद उठाएंगे और बचे हुए पैसे मामा को भी देंगे।

    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)

    प्रश्न 1: "जल-चक्र अब केवल किताबों की बात रह गया है।" इस कथन की समीक्षा कीजिए।

    उत्तर: जल-चक्र का नियम है कि जितना पानी भाप बनकर उड़ता है, उतना बारिश बनकर वापस आता है। लेकिन आज हमने शहरों में जमीन को कंक्रीट से ढक दिया है, तालाब सुखा दिए हैं और जंगल काट दिए हैं। इससे बारिश का पानी जमीन में जाने के बजाय नालों में बहकर बर्बाद हो जाता है। हम पानी का दोहन तो कर रहे हैं, लेकिन पुनर्भरण (Recharging) नहीं। इसलिए प्राकृतिक चक्र टूट गया है और हम जल संकट का सामना कर रहे हैं।

    प्रश्न 2: विश्वेश्वरैया के जीवन से विद्यार्थी क्या प्रेरणा ले सकते हैं?

    उत्तर: विश्वेश्वरैया का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनसे हम 'स्वावलंबन' (Self-reliance) सीख सकते हैं- कि अपनी पढ़ाई और खर्च की जिम्मेदारी खुद उठाना गर्व की बात है। उनका सिद्धांत "पहले जानो, फिर करो" हमें सिखाता है कि किसी भी विषय को गहराई से समझना चाहिए। साथ ही, देश की समस्याओं (जैसे गरीबी, गुलामी) के प्रति जागरूक रहना और समाधान ढूँढना ही सच्ची शिक्षा है।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    प्रश्न 1: निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची (Synonyms) लिखिए:

    • समुद्र: सागर, सिंधु, जलधि

    • बादल: मेघ, घन, जलद

    • हवा: वायु, पवन, समीर

    प्रश्न 2: प्रत्यय (Suffix) अलग कीजिए:

    • राष्ट्रीयता: राष्ट्रीय + ता

    • व्यावहारिक: व्यवहार + इक

    प्रश्न 3: मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य बनाइए:

    • तू-तू मैं-मैं होना: (झगड़ा होना)

      • वाक्य: पानी भरने को लेकर पड़ोसियों में अक्सर तू-तू मैं-मैं हो जाती है।

    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. 'गुल्लक' का शाब्दिक अर्थ लेना:

    2. त्रुटि: छात्र अक्सर 'गुल्लक' का अर्थ केवल 'पैसा जमा करने' तक सीमित रखते हैं।

    3. सुधार: यहाँ 'गुल्लक' एक रूपक (Metaphor) है। इसका अर्थ 'भूजल भंडार' (Groundwater reservoir) है, जहाँ पानी जमा होता है।

    4. विश्वेश्वरैया के मामा के घर जाने का कारण:

    5. त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि वे घर से नाराज होकर या मामा की मदद लेने गए थे।

    6. सुधार: वे स्वावलंबी बनने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए गए थे, और उन्होंने मामा पर आर्थिक बोझ न बनने का निश्चय किया था।

    7. 'बेवक्त' का अर्थ:

    8. त्रुटि: छात्र इसका अर्थ 'समय न होना' समझते हैं।

    9. सुधार: 'बेवक्त' का अर्थ है 'असमय' (Odd hours) - जैसे बहुत रात गए या बहुत सुबह, जब पानी आने का समय न हो।

    10. बाढ़ और सूखे में संबंध न समझना:

    11. त्रुटि: छात्र बाढ़ और सूखे को दो अलग-अलग घटनाएँ मानते हैं जिनका आपस में कोई लेना-देना नहीं।

    12. सुधार: ये दोनों जल-कुप्रबंधन (Mismanagement) का परिणाम हैं। पानी जमा न करने से 'सूखा' पड़ता है और निकास (Drainage) बंद करने से 'बाढ़' आती है।


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