top of page

    1. गिल्लू - (Gillu) - Class 9 - Sanchayan Bhag 1

    • Dec 26, 2025
    • 9 min read

    Updated: Dec 27, 2025

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)


    • गिल्लू का मिलना: एक दिन सवेरे लेखिका ने देखा कि गमले के पास दो कौवे चोंचों से छुआ-छुऔवल का खेल खेल रहे हैं। वहाँ उन्होंने एक छोटे से गिलहरी के बच्चे को देखा जो शायद घोंसले से गिर गया था और कौवों ने उसे घायल कर दिया था। लेखिका उसे उठाकर कमरे में लाईं, उसके घावों पर मरहम लगाया और उसे दूध पिलाने की कोशिश की।

      • English: Finding Gillu: One morning, the author saw two crows playing a game of hide-and-seek with their beaks near a flowerpot. There she saw a small baby squirrel that had probably fallen from the nest and was injured by the crows. The author brought him into the room, applied ointment to his wounds, and tried to feed him milk.

    • नामकरण और शरारतें: लेखिका की सेवा से वह बच्चा स्वस्थ हो गया। उसके रोएँ चमकदार हो गए और पूँछ झब्बेदार हो गई। लेखिका ने उसका नाम 'गिल्लू' रखा। गिल्लू लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए उनके पैरों तक आकर सर्र से परदे पर चढ़ जाता और फिर उसी तेजी से उतरता।

      • English: Naming and Mischief: With the author's care, the baby recovered. His fur became shiny and his tail bushy. The author named him 'Gillu'. To attract the author's attention, Gillu would come to her feet, climb up the curtain swiftly, and descend with the same speed.

    • खाने का साथी: गिल्लू को लेखिका के साथ खाने की आदत पड़ गई थी। जैसे ही लेखिका खाने के कमरे में पहुँचतीं, वह भी पहुँच जाता और थाली में बैठने की जिद करता। बड़ी मुश्किल से लेखिका ने उसे थाली के पास बैठना सिखाया, जहाँ बैठकर वह एक-एक चावल का दाना सफाई से खाता रहता। काजू उसका पसंदीदा खाद्य पदार्थ था।

      • English: Dining Companion: Gillu got used to eating with the author. As soon as the author reached the dining room, he would also reach there and insist on sitting on the plate. With great difficulty, the author taught him to sit near the plate, where he would sit and eat rice grains cleanly one by one. Cashew was his favorite food.

    • संवेदनशीलता और परिचारिका: जब लेखिका मोटर दुर्घटना में घायल होकर कुछ दिन अस्पताल में रहीं, तो गिल्लू ने अपना प्रिय खाद्य काजू भी नहीं खाया। जब लेखिका घर लौटीं, तो गिल्लू ने एक नर्स (परिचारिका) की तरह उनकी सेवा की। वह उनके तकिये के पास बैठकर अपने नन्हे पंजों से उनके बालों को सहलाता रहता था।

      • English: Sensitivity and Nurse: When the author was injured in a motor accident and stayed in the hospital for a few days, Gillu did not even eat his favorite food, cashews. When the author returned home, Gillu served her like a nurse. He would sit near her pillow and stroke her hair with his tiny claws.

    • मुक्ति और गर्मी से बचाव: जब गिल्लू ने खिड़की के बाहर अन्य गिलहरियों को चिक-चिक करते देखा, तो लेखिका को लगा कि इसे मुक्त करना आवश्यक है। उन्होंने जाली का एक कोना खोल दिया। गर्मियों में जब लेखिका काम करतीं, तो गिल्लू ठंडक पाने के लिए सुराही पर लेट जाता।

      • English: Liberation and Protection from Heat: When Gillu saw other squirrels chirping outside the window, the author felt it was necessary to set him free. She opened a corner of the mesh. In summer, when the author worked, Gillu would lie on the earthen pot (Surahi) to stay cool.

    • अंतिम समय: गिलहरियों का जीवनकाल लगभग दो वर्ष का होता है। अंत समय आने पर गिल्लू ने खाना-पीना छोड़ दिया। वह अपने झूला से उतरकर लेखिका के बिस्तर पर आ गया और वही उंगली पकड़ ली जो उसने बचपन में पकड़ी थी। उसके पंजे ठंडे हो रहे थे।

      • English: Last Moments: The lifespan of squirrels is about two years. When the end came, Gillu stopped eating and drinking. He came down from his swing to the author's bed and held the same finger he had held in his childhood. His claws were getting cold.

    • समाधि: सुबह होते ही गिल्लू सो गया (मर गया)। लेखिका ने उसे सोनजुही की लता के नीचे समाधि दी। उन्हें विश्वास है कि किसी वसंत के दिन गिल्लू उस लता में एक छोटे पीले फूल (जुही) के रूप में खिलकर उन्हें चौंका देगा।

      • English: Burial: By morning, Gillu slept forever (died). The author buried him under the Sonjuhi creeper. She believes that one spring day, Gillu will bloom as a small yellow flower (Juhi) on that creeper and surprise her.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    सघन

    घना

    Dense

    काकभुशुंडि

    कौआ

    Crow

    समादरित

    आदर पाने वाला

    Respected

    अनादरित

    जिसका आदर न हो

    Disrespected

    अवमानना

    अपमान / बेइज्जती

    Insult / Contempt

    मरणासन्न

    जो मरने के करीब हो

    Near death

    स्निग्ध

    चिकना / चमकदार

    Glossy / Smooth

    झब्बेदार

    गुच्छेदार / घनी

    Bushy

    परिचारिका

    सेविका / नर्स

    Nurse / Attendant

    उष्णता

    गरमी

    Warmth

    लिफ़ाफ़ा

    कागज़ की थैली (यहाँ गिल्लू का छिपने का स्थान)

    Envelope (Hiding place here)

    विस्मय

    आश्चर्य

    Surprise / Wonder

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)


    लेखिका (महादेवी वर्मा)

    • पशु-प्रेमी और ममतामयी (Animal Lover & Affectionate): लेखिका के मन में मूक प्राणियों के प्रति अपार करुणा है। वे घायल गिल्लू को न केवल बचाती हैं, बल्कि उसे माँ जैसा स्नेह देती हैं। वे उसकी छोटी-छोटी ज़रूरतों और भावनाओं (जैसे गर्मी लगना, बाहर जाने की इच्छा) को समझती हैं।

      • English: The author has immense compassion for mute animals. She not only saves the injured Gillu but also gives him motherly affection. She understands his small needs and feelings (like feeling hot, wanting to go outside).


    गिल्लू (Gillu)

    • समझदार और संवेदनशील (Intelligent & Sensitive): गिल्लू केवल एक जानवर नहीं, बल्कि एक समझदार साथी है। वह लेखिका के अस्वस्थ होने पर शोर नहीं मचाता, भूखा रहता है और उनकी सेवा करता है। वह अपनी बात समझाने के तरीके (सुराही पर लेटना) भी जानता है।

      • English: Gillu is not just an animal but an intelligent companion. He doesn't make noise when the author is unwell, stays hungry, and serves her. He also knows ways to explain himself (lying on the earthen pot).


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): लेखिका ने खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया।

    तर्क (R): गिल्लू खिड़की से बाहर झाँककर अन्य गिलहरियों की चिक-चिक सुनता था और बाहर जाने का संकेत देता था, जिससे लेखिका को लगा कि उसे मुक्ति देनी चाहिए।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): कौए को समादरित और अनादरित दोनों कहा गया है।

    तर्क (R): श्राद्ध पक्ष में लोग कौए को आदर से बुलाते हैं क्योंकि वे इसे पितरों का रूप मानते हैं, लेकिन सामान्य दिनों में इसकी कर्कश आवाज़ के कारण इसे अनादरित (अपशकुन) माना जाता है।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): गिल्लू को जब भूख लगती तो वह 'चिक-चिक' करता और खुश होने पर अपनी पूँछ हिलाता।


    प्रश्न (Question): क्या पशु-पक्षियों की भी अपनी भाषा होती है? 'गिल्लू' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर (Answer): हाँ, पशु-पक्षियों की भी अपनी भाषा और संकेत होते हैं। पाठ में गिल्लू अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अलग-अलग ध्वनियों और क्रियाओं का प्रयोग करता था। भूख लगने पर 'चिक-चिक' करना, और लेखिका का ध्यान खींचने के लिए परदे पर चढ़ना-उतरना उसकी संवाद शैली थी। लेखिका और गिल्लू के बीच एक मूक संवाद स्थापित हो गया था।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)


    प्रश्न 1: "काकभुशुंडि भी विचित्र पक्षी है-एक साथ समादरित, अनादरित, अति सम्मानित, अति अवमानित।"

    उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि भारतीय समाज में कौए की स्थिति विरोधाभासी है। पितर-पक्ष (श्राद्ध) के समय हम उसे अपने पूर्वजों का प्रतीक मानकर बड़े आदर से खाना खिलाते हैं (सम्मानित)। लेकिन बाकी समय उसकी काली सूरत और काँव-काँव की कड़वी आवाज़ के कारण उसे भगा देते हैं और उसका नाम अपमान (अवमानना) के लिए प्रयोग करते हैं।


    प्रश्न 2: "उसी उंगली को पकड़कर, जो उसने अपने बचपन की मरणासन्न स्थिति में पकड़ी थी।"

    उत्तर: यह पंक्ति जीवन के चक्र (Cycle of Life) को दर्शाती है। गिल्लू जब छोटा और घायल था, तब उसने सहारे के लिए लेखिका की उंगली पकड़ी थी। अब अपनी मृत्यु के समय, जब वह फिर से असहाय हो गया था, उसने उसी उंगली को पकड़कर शांति और सुरक्षा महसूस की। यह लेखिका और गिल्लू के बीच के गहरे और आजीवन बंधन को दिखाता है।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)


    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?

    उत्तर: सोनजुही में पीली कली को देखकर लेखिका को अनायास ही गिल्लू की याद आ गई। गिल्लू को इस लता की हरियाली में छिपना बहुत पसंद था। लेखिका को लगा कि शायद वही छोटा जीव अब इस सुनहले फूल के रूप में खिल आया है।


    प्रश्न 2: लेखिका ने गिल्लू के प्राण कैसे बचाए?

    उत्तर: लेखिका गिल्लू को उठाकर कमरे में लाईं। उन्होंने रूई की बत्ती से उसके घावों पर पेंसिलिन का मरहम लगाया। कई घंटों के उपचार के बाद उसके मुँह में एक बूँद पानी टपकाया जा सका और तीन दिन बाद वह स्वस्थ हो गया।


    प्रश्न 3: गिल्लू लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए क्या करता था?

    उत्तर: जब लेखिका लिखने बैठतीं, तो गिल्लू उनका ध्यान खींचने के लिए उनके पैरों के पास आता और सर्र से परदे पर चढ़ जाता, फिर उसी तेजी से नीचे उतरता। यह क्रम तब तक चलता जब तक लेखिका उसे पकड़ न लेतीं।


    प्रश्न 4: गिल्लू को जाली के पास बैठकर अपनेपन से बाहर झाँकते देख लेखिका ने क्या किया?

    उत्तर: लेखिका ने समझा कि गिल्लू अब बड़ा हो गया है और उसे बाहर की दुनिया और साथियों की ज़रूरत है। इसलिए उन्होंने कीलों को निकालकर जाली का एक कोना खोल दिया ताकि गिल्लू जब चाहे बाहर जा सके और वापस आ सके।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)


    प्रश्न 1: "गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका (Nurse) की भूमिका निभा रहा था?" स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: जब लेखिका मोटर दुर्घटना में घायल होकर घर लौटीं, तो गिल्लू ने एक समझदार सेवक की तरह व्यवहार किया। वह उनके तकिये के पास सिरहाने बैठ जाता और अपने नन्हे-नन्हे पंजों से उनके सिर और बालों को हौले-हौले सहलाता रहता। उसका यह स्पर्श लेखिका को बहुत सुकून देता था, मानो कोई सेविका या नर्स उनकी देखभाल कर रही हो। जब वह हटता तो लेखिका को परिचारिका के हटने जैसा खालीपन महसूस होता। यह पशुओं की संवेदनशीलता और निस्वार्थ प्रेम का अद्भुत उदाहरण है।


    प्रश्न 2: लेखिका ने गिल्लू को सोनजुही की लता के नीचे ही समाधि क्यों दी?

    उत्तर: लेखिका ने गिल्लू को सोनजुही की लता के नीचे समाधि देने के दो कारण बताए हैं। पहला, गिल्लू को यह लता सबसे अधिक प्रिय थी; वह अक्सर इसकी घनी हरियाली में छिपकर बैठता था। दूसरा, लेखिका को एक सुखद विश्वास था कि इस लता के नीचे दफनाने से गिल्लू का शरीर मिट्टी बनकर उसमें मिल जाएगा और किसी वसंत ऋतु में वह एक छोटे, सुनहले 'जूही' के फूल के रूप में खिलकर दोबारा उनके पास आ जाएगा। यह विचार उन्हें गिल्लू के खोने के दुख में संतोंष देता था।


    प्रश्न 3: 'गिल्लू' पाठ से हमें जीवों के प्रति कैसा व्यवहार करने की प्रेरणा मिलती है?

    उत्तर: 'गिल्लू' पाठ हमें सिखाता है कि जीव-जंतु भी प्रेम और संवेदना की भाषा समझते हैं। हमें उनके प्रति क्रूरता नहीं, बल्कि दया और ममता का भाव रखना चाहिए। लेखिका ने एक घायल गिलहरी को बचाकर और उसे परिवार के सदस्य की तरह पालकर यह सिद्ध किया कि मनुष्य और पशु के बीच गहरा रिश्ता बन सकता है। हमें जीवों की स्वतंत्रता का भी सम्मान करना चाहिए, जैसे लेखिका ने गिल्लू के लिए खिड़की खोली। यह पाठ 'जियो और जीने दो' और 'प्राणि-मात्र से प्रेम' का संदेश देता है।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on general Sanchayan patterns)


    प्रश्न 1: विलोम शब्द लिखिए:

    • उष्णता: शीतलता

    • प्रकट: गुप्त / लुप्त

    • मुक्ति: बंधन

    • सजीव: निर्जीव


    प्रश्न 2: संधि विच्छेद कीजिए:

    • मरणासन्न: मरण + आसन्न (दीर्घ संधि)

    • सूर्योदय: सूर्य + उदय (गुण संधि)

    • उपचार: उप + चार


    प्रश्न 3: विशेषण-विशेष्य छाँटिए: "चमकीली आँखें"

    उत्तर: चमकीली (विशेषण), आँखें (विशेष्य)।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. जीव की पहचान:

      • त्रुटि: छात्र गिल्लू को नेवला या चूहा समझ लेते हैं।

      • सुधार: गिल्लू एक गिलहरी (Squirrel) था।


    2. फूल का नाम:

      • त्रुटि: छात्र 'सोनजुही' को 'सूरजमुखी' लिख देते हैं।

      • सुधार: पाठ में 'सोनजुही' (पीली जूही) लता का वर्णन है।


    3. कौवों का खेल:

      • त्रुटि: छात्र सोचते हैं कौवे गिल्लू के साथ खेल रहे थे।


      • सुधार: कौवे गिल्लू को मारने/खाने के लिए चोंच मार रहे थे, जिसे लेखिका ने व्यंग्य में 'छुआ-छुऔवल का खेल' कहा है। 1


    End


    About BhashaLab


    BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.


    We offer:

    1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards

    4. International English Olympiad Tuitions - All classes

    5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above

    6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online


    Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044


     
     
     

    Comments


    bottom of page