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    1. दुःख का अधिकार - (Dukh ka adhikar )- Class 9 - Sparsh Bhag 1

    • Dec 17, 2025
    • 7 min read

    Updated: Dec 22, 2025

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • पोशाक का प्रभाव: लेखक का मानना है कि पोशाक (कपड़े) समाज में मनुष्य का दर्जा तय करती है, लेकिन कभी-कभी यही पोशाक हमें निचले तबके के लोगों के दुख को समझने में बाधा (अड़चन) बन जाती है।

      • English: The author believes that attire determines a person's status in society, but sometimes this very attire becomes a hurdle in understanding the pain of the lower classes.


    • बाज़ार का दृश्य: बाज़ार में एक अधेड़ उम्र की औरत खरबूजे बेचने बैठी थी, लेकिन वह सौदा बेचने के बजाय फफक-फफक कर रो रही थी। लोग उसे घृणा से देख रहे थे और 'बेहया' (बेशर्म) कह रहे थे।

      • English: In the market, a middle-aged woman was sitting to sell melons, but instead of selling, she was sobbing uncontrollably. People looked at her with hatred and called her 'shameless'.


    • भगवाना की मृत्यु: बुढ़िया का 23 वर्षीय बेटा 'भगवाना' एक दिन पहले ही साँप के काटने से मर गया था। झाड़-फूँक और ओझा की दक्षिणा में घर का सब कुछ (आटा-अनाज) खत्म हो गया था।

      • English: The old woman's 23-year-old son 'Bhagwana' had died just the day before due to a snake bite. Everything in the house (flour, grains) was exhausted in rituals and paying the sorcerer.


    • मजबूरी: घर में बहु बीमार थी और पोते-पोतियां भूख से बिलबिला रहे थे। कफ़न के लिए भी बुढ़िया को अपने हाथ के छन्नी-ककना (जेवर) बेचने पड़े। मजबूरी में उसे सूतक (शोक) के दिनों में भी खरबूजे बेचने आना पड़ा।

      • English: At home, the daughter-in-law was sick, and the grandchildren were crying from hunger. The old woman had to sell her ornaments even for the shroud. Compelled by circumstances, she had to come to sell melons even during the mourning period (sutak).


    • अमीर बनाम गरीब का दुख: लेखक को अपने पड़ोस की एक संभ्रांत (अमीर) महिला की याद आई, जो पुत्र की मृत्यु पर ढाई महीने तक बिस्तर से नहीं उठ सकी थी। उसकी सेवा में डॉक्टर लगे रहते थे और पूरा शहर उसके दुख से द्रवित था।

      • English: The author remembered a wealthy lady in his neighborhood who couldn't get out of bed for two and a half months after her son's death. Doctors attended to her constantly, and the whole city was moved by her grief.


    • निष्कर्ष: लेखक सोचता है कि गरीब के पास तो 'दुख मनाने' का भी समय और अधिकार नहीं है। शोक मनाने के लिए भी सुविधा (सहूलियत) चाहिए होती है।

      • English: The author reflects that the poor do not even have the time or right to mourn. One needs convenience and resources even to grieve.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    पोशाक

    वस्त्र / पहनावा

    Attire / Clothing

    अनुभूति

    एहसास / महसूस करना

    Realization / Feeling

    अधेड़

    ढलती उम्र का (प्रौढ़)

    Middle-aged

    व्यवधान

    बाधा / रुकावट

    Obstacle / Hindrance

    बेहया

    निर्लज्ज / बेशर्म

    Shameless

    सूतक

    मृत्यु के बाद का अशुद्ध समय (शोक अवधि)

    Period of impurity/mourning after death

    कछियारी

    खेतों में तरकारियाँ (सब्जी) उगाना

    Vegetable farming

    तरावट

    गीलापन / नमी / ठंडक

    Dampness / Coolness

    छन्नी-ककना

    मामूली जेवर / कंगन

    Small ornaments / Bangles

    संभ्रांत

    प्रतिष्ठित / अमीर

    Elite / Respectable / Wealthy


    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    बुढ़िया (भगवाना की माँ)

    • विवश और संघर्षशील (Helpless and Struggling): वह पुत्र के मरने के अगले ही दिन बाज़ार आने को मजबूर है क्योंकि उसके पोते-पोती भूखे हैं।

      • English: She is forced to come to the market the very next day after her son's death because her grandchildren are hungry.

    • ममतामयी (Affectionate): वह अपने बेटे के वियोग में तड़प रही है, लेकिन जीवित परिवार को बचाने के लिए अपना दुख छिपाने की कोशिश करती है (कपड़े में मुँह छिपाकर रोना)।

      • English: She is in agony over her son's separation but tries to hide her grief to save her living family.


    लेखक (यशपाल)

    • संवेदनशील और विचारक (Sensitive and Thinker): वह बुढ़िया के रोने का कारण जानने के लिए बेचैन हो उठता है और समाज के दोहरे मापदंडों (अमीर vs गरीब) पर व्यंग्य करता है।

      • English: He becomes restless to know the reason for the old woman's crying and criticizes the double standards of society (rich vs poor).

    • सामाजिक बंधनों में जकड़ा (Bound by Social Norms): वह बुढ़िया के पास फुटपाथ पर बैठना चाहता है, लेकिन उसकी 'पोशाक' (Status) उसे ऐसा करने से रोकती है।

      • English: He wants to sit on the footpath with the old woman, but his 'attire' (Status) prevents him from doing so.


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)


    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): लेखक बाज़ार में घुटनों में सिर गड़ाए रोती हुई बुढ़िया के पास फुटपाथ पर नहीं बैठ सका।

    तर्क (R): लेखक की पोशाक उसके लिए व्यवधान बन गई थी, जो उसे समाज की निचली श्रेणी के साथ बैठने से रोक रही थी।

    उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।


    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): लोग खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया को पत्थर-दिल और बेशर्म कह रहे थे।

    तर्क (R): बुढ़िया ने अपने मृत बेटे के लिए कफ़न खरीदने की बजाय पैसे बचाकर खरबूजे बेचने का फैसला किया था।

    उत्तर: (C) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है। (तर्क: बुढ़िया ने पैसे बचाए नहीं थे, बल्कि कफ़न के लिए अपने जेवर तक बेच दिए थे। वह खरबूजे बेचने इसलिए आई थी ताकि जीवित बच्चों का पेट भर सके।)


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis) स्थिति (Situation): एक आदमी बुढ़िया के बारे में कहता है, "इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।"

    प्रश्न (Question): इस कथन से समाज की किस मानसिकता का पता चलता है?

    उत्तर: यह कथन समाज की संवेदनहीनता और गरीबों के प्रति पूर्वाग्रह (prejudice) को दर्शाता है। लोग यह नहीं समझते कि पेट की भूख 'मर्यादा' या 'शोक' से बड़ी होती है। वे गरीबों की विवशता को उनका लालच या नैतिकता की कमी मान लेते हैं।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "जैसे वायु की लहरें कटी हुई पतंग को सहसा भूमि पर नहीं गिर जाने देतीं, उसी तरह खास परिस्थितियों में हमारी पोशाक हमें झुक सकने से रोके रहती है।"

    उत्तर: लेखक का आशय है कि उच्च वर्गीय पोशाक हमें एक सामाजिक दर्जा देती है। जिस तरह हवा के दबाव के कारण कटी पतंग सीधे ज़मीन पर नहीं गिरती, उसी तरह 'स्टेटस' का दबाव हमें तुरंत अपनी प्रतिष्ठा छोड़कर एक गरीब व्यक्ति के साथ सहानुभूति जताने के लिए नीचे (फुटपाथ पर) बैठने नहीं देता।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions)

    प्रश्न 1: बुढ़िया के बेटे (भगवाना) की मृत्यु कैसे हुई?

    उत्तर: भगवाना अपने परिवार के निर्वाह के लिए खेत में खरबूजे तोड़ता था। एक सुबह मुँह-अँधेरे जब वह गीली मेड़ पर खरबूजे चुन रहा था, तब उसका पैर एक साँप पर पड़ गया और साँप ने उसे डस लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।


    प्रश्न 2: भगवाना के इलाज में बुढ़िया का क्या-क्या खर्च हो गया?

    उत्तर: बुढ़िया ने ओझा को बुलाकर झाड़-फूँक कराई और नागदेव की पूजा की। इस पूजा और दान-दक्षिणा में घर का सारा आटा और अनाज खर्च हो गया।


    प्रश्न 3: लेखक को अपने पड़ोस की संभ्रांत महिला की याद क्यों आई?

    उत्तर: बुढ़िया के पुत्र-वियोग को देखकर लेखक को तुलनात्मक रूप से उस अमीर महिला की याद आई, जिसने भी अपना बेटा खोया था। लेखक यह समझना चाहता था कि दुख तो समान है, लेकिन उसे मनाने का अधिकार और तरीका अमीरी-गरीबी के कारण कितना अलग है।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions)

    प्रश्न 1: "शोक करने, गम मनाने के लिए भी सहूलियत चाहिए।" - इस कथन का औचित्य सिद्ध कीजिए। उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है। पाठ में अमीर महिला के पास धन और समय था, इसलिए वह ढाई महीने तक शोक मना सकी और समाज ने भी उसके दुख का सम्मान किया। इसके विपरीत, गरीब बुढ़िया के पास न पैसा था, न समय। पेट की आग उसे अगले ही दिन काम पर खींच लाई। उसे रोने का भी 'अवकाश' नहीं मिला। इससे सिद्ध होता है कि समाज में दुख मनाने का अधिकार भी उसी को मिलता है जिसकी जेब भरी हो; गरीब की मजबूरी को दुनिया 'बेशर्मी' का नाम दे देती है।


    प्रश्न 2: समाज में व्याप्त अंधविश्वासों ने बुढ़िया की स्थिति को कैसे दयनीय बना दिया?

    उत्तर: जब भगवाना को साँप ने काटा, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाने की बजाय बुढ़िया अंधविश्वास के कारण ओझा को बुला लाई। झाड़-फूँक और दान-दक्षिणा में घर का राशन खत्म हो गया। यदि तार्किक सोच होती, तो शायद बेटे की जान बच सकती थी या कम से कम घर का अनाज तो बचता। इसके बाद 'सूतक' (छुआछूत) के अंधविश्वास ने उसे बाज़ार में घृणा का पात्र बना दिया। इस प्रकार, अंधविश्वास ने उसे आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तोड़ा।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on textbook exercises)

    प्रश्न 1: 'ईमान' और 'बदन' शब्दों के दो-दो पर्यायवाची लिखिए। उत्तर:

    • ईमान: नीयत, धर्म/सच्चाई।

    • बदन: शरीर, काया।


    प्रश्न 2: पाठ में आए निम्नलिखित शब्द-युग्मों (Word Pairs) की तरह दो अन्य उदाहरण लिखिए (जैसे: बेटा-बेटी)। उत्तर:

    1. छन्नी-ककना

    2. दुअन्नी-चवन्नी


    प्रश्न 3: 'अनुस्वार' (बिंदु) और 'अनुनासिक' (चंद्रबिंदु) का उचित प्रयोग करते हुए शब्द शुद्ध कीजिए:

    • अधेरा -> अँधेरा (अनुनासिक)

    • कघा -> कंघा (अनुस्वार)


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)


    1. अमीर महिला की उपस्थिति:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर समझते हैं कि वह अमीर महिला बाज़ार में ही मौजूद थी।

      • सुधार: वह अमीर महिला बाज़ार में नहीं थी। लेखक उसे केवल याद (flashback) कर रहा था तुलना करने के लिए।


    2. भगवाना की उम्र:

      • त्रुटि: कई छात्र भगवाना को बच्चा समझ लेते हैं।

      • सुधार: भगवाना 23 साल का युवक था, जो शादीशुदा था और जिसके बच्चे भी थे।


    3. लेखक का व्यवहार:

      • त्रुटि: यह लिखना कि लेखक बुढ़िया के पास बैठ गया।

      • सुधार: लेखक बैठना चाहता था, लेकिन अपनी पोशाक और सामाजिक संकोच के कारण बैठ नहीं सका


    End


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