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    12. अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - (Ab Kahan Doosre Ke Dukh Se Dukhi Hone Wale)- Class 10 - Sparsh Bhag 2

    • Dec 8, 2025
    • 10 min read

    Updated: Dec 13, 2025

    अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले (Ab Kahan Doosre Ke Dukh Se Dukhi Hone Wale)

    Class 10 - Hindi Course B (Sparsh Bhag 2) | Author: निदा फ़ाज़ली (Nida Fazli)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • अतीत की संवेदनशीलता: लेखक बताते हैं कि पुराने समय में लोग पशु-पक्षियों के दुख से भी दुखी हो जाते थे। सुलेमान (सोलोमेन) बादशाह चींटियों की तकलीफ समझते थे और उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाते थे। शेख अयाज़ के पिता ने अपनी बाजू पर रेंगते चींटे को घर छोड़ने के लिए भोजन छोड़ दिया था।

      • English: Sensitivity of the Past: The author explains that in olden times, people used to get sad even seeing the pain of animals and birds. Emperor Suleiman understood the pain of ants and did not harm them. Sheikh Ayaz's father left his meal to drop an ant crawling on his arm back to its home.


    • नूह का प्रसंग: नूह नाम के पैगंबर ने एक घायल कुत्ते को दुत्कार दिया था, लेकिन कुत्ते के जवाब ने उन्हें जीवन भर रुलाया। कुत्ते ने कहा था, "न मैं अपनी मर्जी से कुत्ता हूँ, न तुम अपनी मर्जी से इंसान, बनाने वाला वही एक है।" इससे नूह को अपनी गलती का गहरा एहसास हुआ।

      • English: Episode of Nuh: A prophet named Nuh scolded an injured dog, but the dog's reply made him cry for life. The dog said, "Neither am I a dog by my own will, nor are you a human by yours; the Creator is the same one." This made Nuh realize his mistake deeply.


    • प्रकृति और मानव का बदलता रिश्ता: पहले पूरा संसार एक परिवार जैसा था, अब टुकड़ों में बँट गया है। बढ़ती आबादी ने समुद्र को पीछे धकेल दिया है और जंगलों को काटकर बस्तियाँ बसा ली हैं, जिससे पशु-पक्षी बेघर हो गए हैं।

      • English: Changing Relationship between Nature and Humans: Earlier the whole world was like a family, now it is divided into pieces. Growing population has pushed back the sea and cut down forests to settle colonies, leaving animals and birds homeless.


    • प्रकृति का गुस्सा: प्रकृति की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। जब मनुष्य ने समुद्र की जमीन हथिया ली, तो उसने गुस्सा होकर तीन जहाजों को गेंद की तरह उछाल दिया। यह प्रकृति के असंतुलन का भयानक परिणाम था।

      • English: Nature's Anger: Nature has a limit to its endurance. When humans encroached upon the sea's land, it got angry and tossed three ships like balls. This was the terrible consequence of nature's imbalance.


    • लेखक की माँ की शिक्षा: लेखक की माँ पेड़ों, फूलों, दरिया और कबूतरों के प्रति संवेदनशील थीं। वे शाम को पत्ते तोड़ने से मना करती थीं और मानती थीं कि पेड़ रोते हैं। उन्होंने एक बार कबूतर का अंडा टूट जाने पर दिन भर रोजा रखकर प्रायश्चित किया था।

      • English: Author's Mother's Teachings: The author's mother was sensitive towards trees, flowers, rivers, and pigeons. She forbade plucking leaves in the evening, believing trees weep. Once, she fasted all day to atone for accidentally breaking a pigeon's egg.


    • वर्तमान संवेदनहीनता: आज मनुष्य स्वार्थी हो गया है। लेखक की पत्नी ने कबूतरों से परेशान होकर उनके आने का रास्ता (खिड़की) बंद कर दिया, जिससे वे बेघर हो गए। अब न तो सुलेमान हैं और न ही लेखक की माँ जैसे लोग जो दूसरों के दुख में दुखी हों।

      • English: Present Insensitivity: Today humans have become selfish. Troubled by pigeons, the author's wife closed their entry way (window), leaving them homeless. Now there are neither people like Suleiman nor like the author's mother who grieve in others' sorrow.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    अज़ीम

    महान / बड़ा

    Great / Grand

    करिश्मा

    चमत्कार

    Miracle

    हाकिम

    मालिक / राजा

    Ruler / Owner

    लश्कर

    सेना

    Army

    मुद्दत

    लंबी अवधि / समय

    Long period / Duration

    वजूद

    अस्तित्व

    Existence

    सैलाब

    बाढ़

    Flood

    जलजले

    भूकंप

    Earthquake

    मज़ार

    दरगाह / कब्र

    Shrine / Grave

    आशियाना

    घर / घोंसला

    Home / Nest

    दरबदर

    ठोकरें खाते हुए / बेघर

    Wandering / Homeless

    परहेज़

    दूरी बनाए रखना / बचाव

    Abstinence / Avoidance


    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    शेख अयाज़ के पिता (Sheikh Ayaz's Father)

    • अत्यंत संवेदनशील (Extremely Sensitive): वे एक छोटे से चींटे (कीड़े) के प्रति भी दया भाव रखते थे। उन्होंने अपनी बाजू पर रेंगते चींटे को बेघर न करने के लिए अपना भोजन बीच में ही छोड़ दिया और उसे वापस कुएँ पर छोड़ने गए।

      • English: He had compassion even for a small ant. He left his meal midway to return the ant crawling on his arm back to the well so that it wouldn't become homeless.


    नूह (Nuh - Prophet)

    • पश्चातापी और ईश्वर-भक्त (Repentant & Devotee): शुरुआत में उन्होंने कुत्ते को गंदा समझकर दुत्कारा, लेकिन सत्य का ज्ञान होने पर वे जीवन भर अपनी गलती पर रोते रहे। वे मानते थे कि ईश्वर ही सबका रचयिता है।

      • English: Initially, he shunned the dog considering it dirty, but upon realizing the truth, he wept over his mistake for his entire life. He believed that God is the creator of all.


    लेखक की माँ (Author's Mother)

    • दयालु और धार्मिक (Kind & Religious): वे प्रकृति के हर रूप (पेड़, पक्षी, नदी) का सम्मान करती थीं। अनजाने में कबूतर का अंडा टूटने पर उन्होंने पूरा दिन बिना खाए-पिए (रोजा रखकर) बिताया और माफी माँगती रहीं।

      • English: She respected every form of nature (trees, birds, rivers). When she accidentally broke a pigeon's egg, she spent the whole day fasting and praying for forgiveness.


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1: अभिकथन (A): समुद्र ने गुस्से में आकर तीन जहाजों को उठाकर फेंक दिया। तर्क (R): बिल्डरों ने समुद्र की जमीन हथियाकर उसे बहुत पीछे धकेल दिया था, जिससे समुद्र को अपनी टाँगें समेटनी पड़ीं और अंततः उसे गुस्सा आ गया। उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    प्रश्न 2: अभिकथन (A): आज कबूतर लेखक के घर की खिड़की के बाहर खामोश और उदास बैठे रहते हैं। तर्क (R): लेखक की पत्नी ने उन्हें दाना-पानी देना बंद कर दिया है। उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (कबूतर उदास इसलिए हैं क्योंकि लेखक की पत्नी ने जाली लगाकर उनका घर (घोंसला) बंद कर दिया है, न कि दाना-पानी न देने के कारण)।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis) स्थिति (Situation): आपके पड़ोस में एक व्यक्ति अपने घर के बाहर लगे पेड़ को इसलिए काट रहा है क्योंकि उसके पत्ते उसकी कार पर गिरते हैं।

    प्रश्न (Question): 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर आप उस व्यक्ति की मानसिकता को कैसे समझाएंगे?

    उत्तर (Answer): उस व्यक्ति की मानसिकता स्वार्थी और संवेदनहीन है। वह प्रकृति को केवल अपनी सुविधा के लिए देखता है। पाठ के अनुसार, पेड़-पौधे भी सजीव हैं और रोते हैं। हमें पेड़ों को काटने के बजाय उनके साथ सह-अस्तित्व (Co-existence) की भावना रखनी चाहिए, जैसा कि लेखक की माँ ने सिखाया था।


    स्थिति (Situation): एक छात्र कक्षा में अपने सहपाठी का मजाक उड़ाता है क्योंकि वह गरीब है।

    प्रश्न (Question): नूह और कुत्ते के प्रसंग का हवाला देकर आप उस छात्र को क्या सीख देंगे?

    उत्तर (Answer): मैं उसे नूह के प्रसंग से यह सीख दूँगा कि "बनाने वाला सबका तो वही एक है"। कोई अपनी मर्जी से अमीर या गरीब नहीं बनता। हमें किसी को नीचा दिखाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि हर इंसान में उसी ईश्वर का अंश है।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "मट्टी से मट्टी मिले, खो के सभी निशान, किसमें कितना कौन है, कैसे हो पहचान।"

    उत्तर: इस पंक्ति का आशय यह है कि मृत्यु के बाद सभी का शरीर मिट्टी में मिल जाता है। मिट्टी में मिलने के बाद यह पहचानना असंभव है कि कौन राजा था और कौन रंक, कौन मनुष्य था और कौन पशु। अंततः हम सब एक ही तत्व (मिट्टी) से बने हैं और उसी में विलीन हो जाएंगे, इसलिए भेदभाव करना व्यर्थ है।


    प्रश्न 2: "जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है। परंतु आता है तो रोकना मुश्किल हो जाता है।"

    उत्तर: यहाँ 'बड़ा' होने का अर्थ विशाल हृदय और सहनशक्ति से है। समुद्र अपनी विशालता के कारण बहुत सहनशील था, लेकिन जब मनुष्यों ने उसकी सीमा का अतिक्रमण किया, तो उसका गुस्सा प्रलयकारी हो गया। यह प्रकृति की सहनशक्ति और उसके बाद के विनाशकारी रूप को दर्शाता है।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: सुलेमान ने चींटियों को क्या कहकर ढाँढस बँधाया?

    उत्तर: सुलेमान ने चींटियों से कहा कि वे घबराएँ नहीं, क्योंकि खुदा ने उन्हें सबका रखवाला बनाया है। वे किसी के लिए मुसीबत नहीं, बल्कि सबके लिए मोहब्बत हैं। वे चींटियों की रक्षा करेंगे।


    प्रश्न 2: लेखक की माँ ने पूरे दिन का रोज़ा क्यों रखा?

    उत्तर: लेखक की माँ से गलती से कबूतर का एक अंडा टूट गया था। इस गुनाह का प्रायश्चित करने और खुदा से माफ़ी माँगने के लिए उन्होंने पूरे दिन का रोज़ा रखा और रोती रहीं।


    प्रश्न 3: 'प्रकृति में आए असंतुलन' का क्या परिणाम हुआ है? (पाठ के अनुसार) उत्तर: प्रकृति में असंतुलन के कारण अब गर्मी में ज़्यादा गर्मी पड़ती है, बेवक्त बरसातें होती हैं, भूकंप (जलजले), बाढ़ (सैलाब), तूफ़ान और नित नए रोग फैल रहे हैं। पर्यावरण का चक्र बिगड़ गया है।


    प्रश्न 4: समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी और उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला? उत्तर: बिल्डरों द्वारा समुद्र की ज़मीन हथियाने और उसे लगातार पीछे धकेलने के कारण समुद्र को गुस्सा आ गया। उसने अपना गुस्सा तीन जहाजों को गेंद की तरह उठाकर तीन अलग-अलग दिशाओं में फेंककर निकाला।


    प्रश्न 5: नूह के नाम से याद किए जाने वाले पैगंबर का असली नाम क्या था और उन्हें नूह क्यों कहा गया? उत्तर: उनका असली नाम 'लशकर' था। उन्हें 'नूह' (जिसका अर्थ है रोने वाला) इसलिए कहा गया क्योंकि वे एक कुत्ते को दुत्कारने की अपनी गलती पर जीवन भर रोते रहे थे।


    प्रश्न 6: लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? उत्तर: लेखक ने महसूस किया कि पहले जहाँ जंगल, पेड़ और परिंदे थे, अब वहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्तियाँ बन गई हैं। इस शहरीकरण ने परिंदों-चरिंदों को बेघर कर दिया है और प्रकृति का विनाश कर दिया है।


    प्रश्न 7: शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर क्यों उठ गए? उत्तर: जब शेख अयाज़ के पिता ने भोजन शुरू किया, तो उन्होंने अपनी बाजू पर एक काला च्योंटा रेंगते देखा। उन्हें अहसास हुआ कि उन्होंने एक जीव को बेघर कर दिया है, इसलिए वे उसे वापस कुएँ पर छोड़ने के लिए भोजन छोड़कर उठ गए।


    प्रश्न 8: "डेरा डालने" से आप क्या समझते हैं? उत्तर: 'डेरा डालने' का अर्थ है - अस्थायी रूप से कहीं बस जाना। जब पक्षियों के प्राकृतिक घर (जंगल/पेड़) नष्ट हो जाते हैं, तो वे मज़बूरी में इमारतों के रोशदानों या मचानों पर अपना अस्थायी घोंसला (डेरा) बना लेते हैं।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: "बढ़ती हुई आबादी ने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचाया है।" पाठ के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए और इसके समाधान के उपाय सुझाइए।

    उत्तर: पाठ में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि बढ़ती आबादी ने समंदर को पीछे सरका दिया है और पेड़ों को रास्तों से हटा दिया है। प्रदूषण के कारण पक्षी बस्तियों से भाग रहे हैं। प्रकृति के साथ इस छेड़छाड़ का नतीजा है - बेवक्त की बरसात, सैलाब और नए रोग। समाधान के लिए हमें जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ 'सह-अस्तित्व' (Co-existence) की नीति अपनानी होगी। हमें पेड़ों को काटने से बचना चाहिए, जल स्रोतों का संरक्षण करना चाहिए और पशु-पक्षियों के आवासों को नष्ट नहीं करना चाहिए। प्रकृति का सम्मान ही हमारे अस्तित्व की रक्षा कर सकता है।


    प्रश्न 2: लेखक की माँ और आज के समय के लोगों के व्यवहार में क्या अंतर है? पाठ के उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: लेखक की माँ अत्यंत संवेदनशील थीं। वे कबूतर का अंडा टूटने पर दिन भर रोती थीं और रोज़ा रखती थीं। वे पेड़ों से पत्ते तोड़ने और दरिया को सलाम करने की बात करती थीं। इसके विपरीत, आज के लोग (जैसे लेखक की पत्नी) अपनी सुविधा के लिए कबूतरों का घर (घोंसला) उजाड़ देते हैं और जाली लगा देते हैं। आज संवेदनशीलता की जगह स्वार्थ ने ले ली है। पहले लोग जीवों को घर में जगह देते थे, आज उन्हें घर से बाहर निकाल देते हैं। 'दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' लोग अब दुर्लभ हो गए हैं।


    प्रश्न 3: "सब की पूजा एक-सी, अलग-अलग है रीत" - इस पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए बताइए कि धर्म का सच्चा स्वरूप क्या है?

    उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि चाहे पूजा करने के तरीके (रीत) अलग-अलग हों - कोई मंदिर में जाए, कोई मस्जिद में या कोई गुरुद्वारे में - लेकिन सबका उद्देश्य एक ही ईश्वर की आराधना करना है। धर्म का सच्चा स्वरूप कर्मकांडों में नहीं, बल्कि 'प्रेम' और 'दया' में है। जैसा कि नूह के प्रसंग में कहा गया है, "बनाने वाला सबका तो वही एक है"। सच्चा धार्मिक व्यक्ति वह है जो हर प्राणी में ईश्वर का अंश देखता है और किसी से नफरत नहीं करता। मुर्गा अज़ान देता है और कोयल गीत गाती है, दोनों अपनी तरह से प्रकृति की स्तुति करते हैं।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 10 Hindi Course B - Sparsh Pattern)

    प्रश्न 1: शब्द रचना (उपसर्ग/प्रत्यय अलग करें): "असंतुलन" उत्तर: अ (उपसर्ग) + सम् (उपसर्ग) + तुलन (मूल शब्द) [या अ + संतुलन]।


    प्रश्न 2: मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग: "दीवार खड़ी करना" उत्तर: अर्थ: भेदभाव करना / रुकावट डालना। वाक्य: धर्म और जाति के नाम पर मनुष्यों ने आपस में दीवारें खड़ी कर ली हैं


    प्रश्न 3: पदबंध पहचानिए: "तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।" (Note: This is from Tatara Vamiro, for this chapter example see below) पाठ से उदाहरण: "बड़े-बड़े बिल्डर समंदर को पीछे धकेल रहे थे।" (रेखांकित: बड़े-बड़े बिल्डर) उत्तर: संज्ञा पदबंध।


    प्रश्न 4: समास विग्रह: "पूजा-स्थल" उत्तर: पूजा के लिए स्थल - तत्पुरुष समास (संप्रदान तत्पुरुष)।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. नूह के रोने का कारण:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि नूह को कुत्ते ने काट लिया था।

      • सुधार: नूह इसलिए रोए क्योंकि उन्होंने कुत्ते को दुत्कारा था और कुत्ते ने उन्हें ईश्वर की एकता का ज्ञान कराया था, जिससे उन्हें भारी आत्मग्लानि (Guilt) हुई थी।


    2. समुद्र का गुस्सा:

      • त्रुटि: छात्र इसे सुनामी मानते हैं।

      • सुधार: यह सुनामी जैसा ही तूफ़ान था, लेकिन पाठ में इसे समुद्र का गुस्सा कहा गया है जो मानवीय अतिक्रमण (Encroachment) की प्रतिक्रिया थी।


    3. लेखक की पत्नी का कार्य:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि पत्नी ने कबूतरों को मार दिया।

      • सुधार: पत्नी ने कबूतरों को मारा नहीं, बल्कि जाली लगा दी ताकि वे अंदर न आ सकें, जिससे कबूतर बेघर हो गए.


    End


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