12 - मेघ आए (Megh Aaye) - Class 9 - Kshitij 1
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Updated: 4 days ago

मेघ आए (Megh Aaye)
Class 9 - Hindi (Kshitij - 1) | Poet: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना (Sarveshwar Dayal Saxena)
1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)
मेघों का आगमन (पाहुन की तरह): कवि ने मेघों (बादलों) के आने की तुलना गाँव में सज-धज कर आए 'दामाद' (पाहुन) से की है। जैसे दामाद के आने पर गाँव में खुशी की लहर दौड़ जाती है, वैसे ही बादलों के आने पर प्रकृति में उत्साह छा गया है।
English: The poet compares the arrival of clouds to a 'son-in-law' (guest) visiting the village dressed up in finery. Just as a wave of happiness runs through the village when the son-in-law arrives, similarly, nature is filled with excitement upon the arrival of clouds.
प्रकृति का स्वागत: मेघों के आगे-आगे हवा (बयार) नाचती-गाती चल रही है। पेड़ उचक-उचक कर (गर्दन उठाकर) मेहमान को देख रहे हैं। धूल (आँधी) अपना घाघरा उठाए भाग रही है, और नदी ठिठक कर घूँघट सरका कर देख रही है।
English: The wind is dancing and singing ahead of the clouds. Trees are craning their necks to look at the guest. The dust (storm) is running lifting her skirt, and the river pauses, lifting her veil to take a peek.
बुजुर्ग पीपल और स्वागत: गाँव के सबसे बुजुर्ग सदस्य की तरह 'बूढ़े पीपल' ने आगे बढ़कर मेघों का स्वागत (जुहार) किया। तालाब खुश होकर परात भर के पानी लाया (जैसे मेहमान के पैर धोने के लिए लाया जाता है)।
English: Like the eldest member of the village, the 'old Peepal tree' stepped forward to welcome (salute) the clouds. The pond happily brought a platter full of water (just as water is brought to wash a guest's feet).
लता का मान-मनौव्वल: लता (Creeper), जो मेघ की पत्नी/प्रेमिका का प्रतीक है, ने दरवाजे की ओट (पीछे) में छिपे हुए शिकायत की कि "तुमने तो साल भर बाद हमारी सुध ली।"
English: The creeper (Lata), symbolizing the cloud's wife/beloved, hid behind the door and complained, "You remembered us after a whole year."
मिलन और अश्रु: अंत में, क्षितिज रूपी अटारी (ऊंचे भवन) पर उनका मिलन हुआ। भ्रम टूट गया कि मेघ नहीं बरसेंगे। बिजली चमकी और दोनों के मिलन से खुशी के आँसू (बारिश) झर-झर बहने लगे।
English: Finally, they met at the horizon-like attic. The doubt that clouds wouldn't rain was broken. Lightning flashed, and tears of joy (rain) started flowing profusely from their union.
2. शब्द-संपदा (Vocabulary)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi Meaning) | English Meaning |
पाहुन | मेहमान (विशेषकर दामाद) | Guest (Specifically Son-in-law) |
बयार | हवा | Wind / Breeze |
चितवन | नज़र / दृष्टि | Glance / Gaze |
बाँकी | तिरछी | Curved / Slanted |
जुहार | आदर सहित नमस्कार / स्वागत | Salutation / Welcome |
ओट | आड़ / पीछे | Behind cover / Screen |
किवाड़ | दरवाज़ा | Door |
अटारी | कोठा / भवन का ऊपरी भाग | Attic / Balcony |
दमक | चमक | Flash / Shine |
भरम | भ्रम / संदेह | Illusion / Doubt |
3. मानवीकरण / मुख्य पात्र (Personification / Key Characters)
मेघ (Clouds)
शहरी मेहमान (दामाद): मेघों को शहर से आए हुए, सजे-धजे मेहमान (दामाद) के रूप में दर्शाया गया है जो बहुत दिनों बाद (एक साल बाद) आए हैं।
English: Clouds are depicted as a dressed-up guest (son-in-law) from the city who has visited after a long time (one year).
बूढ़ा पीपल (Old Peepal Tree)
गाँव का बुजुर्ग (Village Elder): पीपल की उम्र सबसे ज्यादा होती है, इसलिए उसे घर का बड़ा-बुजुर्ग माना गया है जो झुककर मेहमान का स्वागत करता है।
English: The Peepal tree lives long, so it is considered the village elder who bows down to welcome the guest.
लता (Creeper)
व्याकुल नायिका (Anxious Beloved): लता वह नायिका है जो अपने प्रियतम (मेघ) के विरह में प्यासी और व्याकुल थी। वह संकोचवश सामने नहीं आती, बल्कि दरवाजे के पीछे से बात करती है।
English: The creeper is the beloved who was thirsty and anxious in the separation from her lover (cloud). She does not come out due to shyness but speaks from behind the door.
4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)
A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)
प्रश्न 1:
अभिकथन (A): लता ने मेघों से दरवाजे की ओट (पीछे) में होकर बात की।
तर्क (R): भारतीय संस्कृति में स्त्रियाँ पुरुषों (विशेषकर बड़ों या मेहमानों) के सामने लज्जावश सीधे नहीं आतीं।
उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 2:
अभिकथन (A): तालाब को सेवक (नौकर) के रूप में चित्रित किया गया है।
तर्क (R): तालाब का पानी गंदा था, इसलिए उसे पैर धोने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था।
उत्तर: (ग) अभिकथन सही है लेकिन तर्क गलत है। तालाब सेवक की तरह 'परात' में (स्वच्छ) पानी भरकर लाया था, ताकि मेहमान के पैर धो सके।
B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)
स्थिति (Situation): बहुत तेज गर्मी के बाद अचानक आसमान में काले बादल घिर आते हैं और ठंडी हवा चलने लगती है। लोग घरों से बाहर निकलकर आसमान की ओर देखने लगते हैं।
प्रश्न: 'मेघ आए' कविता की कौन सी पंक्तियाँ इस दृश्य का सजीव चित्रण करती हैं?
उत्तर: "पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए" और "बाँकी चितवन उठा, नदी ठिठकी, घूँघट सरके"। ये पंक्तियाँ लोगों (पेड़/नदी) द्वारा उत्सुकता से बादलों को देखने के दृश्य को दर्शाती हैं।
C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)
प्रश्न 1: "क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की।"
उत्तर: नायिका (लता/धरती) को भ्रम था कि मेघ नहीं आएंगे या बरसेंगे नहीं। लेकिन जब मेघ आ गए और बिजली चमकी (मिलन हुआ), तो उसका यह संदेह दूर हो गया। यह पंक्ति गलतफहमी दूर होने और मन के मेल को दर्शाती है।
प्रश्न 2: "बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके।"
उत्तर: इसका आशय है कि सब्र का बाँध टूट गया। जब मेघ और लता (धरती) का मिलन हुआ, तो खुशी के मारे दोनों की आँखों से आँसू बह निकले। प्राकृतिक रूप में, इसका अर्थ है कि मूसलाधार बारिश होने लगी।
5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)
A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)
प्रश्न 1: "मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के" - पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इसका भाव है कि बादल बहुत सुंदर, काले और घने होकर आए हैं। कवि ने उनका मानवीकरण करते हुए कहा है कि वे किसी शहरी दामाद की तरह सज-धज कर और तैयार होकर आए हैं।
प्रश्न 2: कविता में धूल (Dust) किसका प्रतीक है और वह क्या कर रही है?
उत्तर: धूल किसी चंचल गाँव की किशोरी (लड़की) का प्रतीक है। मेघों के आने की खबर देने के लिए वह अपना घाघरा उठाए आगे-आगे दौड़ रही है (आँधी चल रही है)।
प्रश्न 3: बूढ़े पीपल ने मेघों का स्वागत कैसे किया और क्यों?
उत्तर: बूढ़े पीपल ने झुककर "जुहार" (नमस्ते) करके मेघों का स्वागत किया। चूंकि पीपल का पेड़ बहुत पुराना और घना होता है, इसलिए उसे गाँव का 'बुजुर्ग' माना गया है जिसका कर्तव्य मेहमान का आदर करना है।
प्रश्न 4: तालाब के पानी लाने की तुलना किससे की गई है?
उत्तर: ग्रामीण संस्कृति में जब कोई मेहमान आता है, तो घर का सेवक परात में पानी लेकर उसके पैर धुलाता है। यहाँ तालाब भी उसी सेवक की तरह लबालब भरकर पानी लाया है।
प्रश्न 5: नदी के 'ठिठकने' और 'घूँघट सरकाने' का क्या अर्थ है?
उत्तर: जब हवा रुकती है या बदलती है, तो नदी का प्रवाह थम सा जाता है (ठिठकना)। कवि ने कल्पना की है कि नदी रूपी स्त्री मेहमान को देखने के लिए रुकी है और लज्जा से अपना घूँघट थोड़ा हटाकर तिरछी नज़र से देख रही है।
B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)
प्रश्न 1: "मेघ आए" कविता में चित्रित ग्रामीण संस्कृति और अतिथि सत्कार का वर्णन कीजिए।
उत्तर: यह कविता भारतीय ग्रामीण संस्कृति का सुंदर चित्र प्रस्तुत करती है। गाँव में 'दामाद' (पाहुन) का आना एक उत्सव जैसा होता है। सब लोग अपना काम छोड़कर उसे देखने आते हैं (पेड़/नदी)। घर के बड़े-बुजुर्ग (पीपल) झुककर स्वागत करते हैं। स्त्रियाँ (लता) लज्जावश सीधे सामने नहीं आतीं, बल्कि ओट से बात करती हैं। मेहमान के पैर धोने के लिए परात में पानी लाया जाता है (तालाब)। पूरा गाँव उल्लास से भर जाता है। यह कविता प्रकृति के माध्यम से मानवीय रिश्तों और लोक-व्यवहार को जीवंत करती है।
प्रश्न 2: कवि ने प्रकृति का मानवीकरण (Personification) किस प्रकार किया है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: कवि ने पूरी कविता में निर्जीव प्राकृतिक उपादानों को सजीव मानवों के रूप में पेश किया है।
मेघ: शहरी दामाद (बन-ठन के आए)।
हवा: नाचती-गाती लड़की।
पेड़: गाँव के लोग (गरदन उचकाए)।
नदी: गाँव की बहू (घूँघट सरके)।
पीपल: घर का बुजुर्ग।
लता: रूठी हुई नायिका/पत्नी।
इस मानवीकरण के कारण कविता अत्यंत सजीव और चित्रात्मक बन गई है, जिससे पाठक को लगता है कि वह कोई प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्सव देख रहा है।
6. व्याकरण (Integrated Grammar)
प्रश्न 1: मानवीकरण अलंकार (Personification) के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
"मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के।" (मेघों को मनुष्य की तरह सजना-सँवरना)।
"नाचती-गाती बयार चली।" (हवा का नाचना-गाना)।
"पेड़ झुक झाँकने लगे गरदन उचकाए।"
प्रश्न 2: "क्षितिज-अटारी गहराई" में कौन सा अलंकार है?
उत्तर: रूपक अलंकार (Metaphor)। क्षितिज (Horizon) को अटारी (Attic/Building) का रूप दिया गया है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों के तद्भव/देशज से खड़ी बोली रूप लिखिए:
पाहुन: मेहमान / दामाद
किवाड़: दरवाज़ा
सुधि: याद / स्मृति
7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
'पाहुन' का अर्थ:
त्रुटि: छात्र इसे केवल 'मेहमान' लिखते हैं।
सुधार: कविता के संदर्भ में इसका विशिष्ट अर्थ 'दामाद' (Son-in-law) है, क्योंकि उसके आने पर ही इतना विशेष सत्कार होता है।
'लता' का व्यवहार:
त्रुटि: लता दरवाजे के सामने आकर बात करती है।
सुधार: नहीं, लता ने 'किवाड़ की ओट' (दरवाजे के पीछे) से बात की, जो भारतीय नारी की लज्जा और संकोच को दर्शाता है।
'ताल' (तालाब) की भूमिका:
त्रुटि: तालाब मेहमान को नहलाने के लिए पानी लाया।
सुधार: तालाब 'परात' के रूप में पानी लाया, जिसका उद्देश्य पैर धोना (Charan sparsh ritual) है।
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