13 - बच्चे काम पर जा रहे हैं (Bachche Kaam Par Ja Rahe Hain) - Class 9 - Kshitij 1
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Updated: 3 days ago

बच्चे काम पर जा रहे हैं (Bachche Kaam Par Ja Rahe Hain)
Class 9 - Hindi (Kshitij - 1) | Poet: राजेश जोशी (Rajesh Joshi)
1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)
कोहरे से ढकी सड़क और बाल मजदूर: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में, जब सब लोग अपने घरों में दुबके हुए हैं, छोटे बच्चे काम पर जाने के लिए मजबूर हैं। यह दृश्य कवि को बहुत पीड़ा देता है।
English: In the biting cold and dense fog, when everyone is huddled inside their homes, small children are forced to go to work. This sight causes immense pain to the poet.
भयानक प्रश्न: कवि का मानना है कि बच्चों का काम पर जाना एक भयानक त्रासदी है। इसे केवल एक विवरण की तरह नहीं, बल्कि एक तीखे सवाल की तरह पूछा जाना चाहिए कि "आखिर बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं?"
English: The poet believes that children going to work is a terrible tragedy. It should not be stated just as a description, but asked as a sharp question: "Why are children going to work after all?"
बचपन के खोए हुए साधन: कवि प्रतीकात्मक प्रश्न पूछता है- क्या इनकी गेंदें अंतरिक्ष में गिर गई हैं? क्या इनकी रंगीन किताबें दीमकों ने खा ली हैं? क्या सारे खिलौने किसी काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं? या सारे स्कूल और बगीचे भूकंप में नष्ट हो गए हैं?
English: The poet asks metaphorical questions - Have their balls fallen into space? Have termites eaten their colorful books? Are all the toys buried under a black mountain? Or have all schools and gardens been destroyed in an earthquake?
दुनिया की निरर्थकता: कवि कहता है कि यदि बच्चों के खेलने और पढ़ने का बचपन ही छिन गया, तो इस दुनिया में बाकी क्या बचा? यदि सचमुच ऐसा होता (कि सब नष्ट हो गया), तो बेहतर होता। लेकिन दुख की बात यह है कि सारी चीजें (खिलौने, किताबें) मौजूद हैं, फिर भी बच्चे उनसे वंचित हैं।
English: The poet says that if the childhood of playing and studying is snatched away, then what is left in this world? It would have been better if everything was actually destroyed. But the tragedy is that all things (toys, books) exist, yet children are deprived of them.
सामाजिक उदासीनता: सबसे डरावनी बात यह है कि हम (समाज) इस दृश्य को रोज़ देखते हैं और इसे सामान्य ('हस्बमामूल') मानते हैं। यह हमारी संवेदनशून्यता को दर्शाता है कि बच्चों का मजदूरी करना हमें अजीब नहीं लगता।
English: The most frightening thing is that we (society) see this sight everyday and consider it normal ('Hasb-mamool'). This reflects our apathy that children working as laborers does not seem strange to us.
2. शब्द-संपदा (Vocabulary)
शब्द (Word) | अर्थ (Hindi Meaning) | English Meaning |
कोहरा | धुंध | Fog / Mist |
हस्बमामूल | हमेशा की तरह / यथावत | As usual / As per routine |
मदरसा | विद्यालय / स्कूल | School |
भयानक | डरावना | Frightening / Terrible |
विवरण | हाल / वर्णन | Description / Detail |
एकाएक | अचानक | Suddenly |
सवाल | प्रश्न | Question |
इबारत | लिखावट (यहाँ भाग्य या स्थिति) | Writing (Here context or fate) |
हादसा | दुर्घटना | Accident / Tragedy |
3. मुख्य विचार बिंदु (Key Themes)
बाल श्रम (Child Labour)
एक अभिशाप: कविता का मुख्य विषय बाल श्रम है। यह बच्चों से उनका बचपन, खेल और शिक्षा का अधिकार छीन लेता है। यह केवल एक आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि मानवीय त्रासदी है।
English: The main theme of the poem is child labour. It snatches away childhood, play, and the right to education from children. It is not just an economic problem, but a humanitarian tragedy.
सामाजिक जड़ता (Social Apathy)
संवेदनहीन समाज: कवि इस बात से अधिक दुखी है कि लोग बच्चों को काम पर जाते देख विचलित नहीं होते। यह दृश्य अब लोगों को 'भयानक' नहीं लगता, वे इसे रोजमर्रा की बात मानकर चुप रहते हैं।
English: The poet is more saddened by the fact that people remain unmoved seeing children go to work. This sight no longer seems 'frightening' to people; they accept it as a daily occurrence and remain silent.
4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)
A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)
प्रश्न 1:
अभिकथन (A): कवि चाहता है कि बच्चों के काम पर जाने को एक विवरण की तरह नहीं लिखा जाना चाहिए।
तर्क (R): विवरण की तरह लिखने से समस्या की गंभीरता कम हो जाती है, इसे समाज के सामने एक 'प्रश्न' की तरह पूछना चाहिए ताकि समाधान मिल सके।
उत्तर: (क) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 2:
अभिकथन (A): कवि के अनुसार दुनिया की सारी चीजें (खिलौने, किताबें) खत्म हो गई हैं।
तर्क (R): इसीलिए बच्चे काम पर जा रहे हैं।
उत्तर: (घ) अभिकथन और तर्क दोनों गलत हैं। (कविता में कवि कहता है कि सारी चीजें "मामूल" हैं यानी मौजूद हैं, फिर भी बच्चे काम पर जा रहे हैं, यही तो विडंबना है)।
B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)
स्थिति (Situation): आप सुबह स्कूल जा रहे हैं और देखते हैं कि आपकी ही उम्र का एक बच्चा चाय की दुकान पर झूठे कप धो रहा है।
प्रश्न: 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' कविता के संदर्भ में बताइए कि यह दृश्य समाज के लिए चिंताजनक क्यों है?
उत्तर: यह दृश्य इसलिए चिंताजनक है क्योंकि यह सिद्ध करता है कि समाज ने बाल श्रम को स्वीकार कर लिया है। उस बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, लेकिन कप हैं। यह उस बच्चे के भविष्य और देश की प्रगति, दोनों का हनन है।
C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)
प्रश्न 1: "तो फिर बचा ही क्या है इस दुनिया में?"
उत्तर: कवि का आशय है कि अगर बच्चे अपना बचपन (खेलकूद और पढ़ाई) ही नहीं जी पाए, तो दुनिया की सारी प्रगति, धन-दौलत और विकास व्यर्थ है। बच्चों की खुशी के बिना दुनिया अधूरी और अर्थहीन है।
प्रश्न 2: "विवरण की तरह लिखा जाना एक भयानक बात है।"
उत्तर: किसी समस्या को केवल 'विवरण' (Description) की तरह लिखने का मतलब है कि हम उसे केवल एक खबर मान रहे हैं, उस पर कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। कवि इसे भयानक मानता है क्योंकि यह हमारी मरी हुई संवेदनाओं का प्रतीक है।
5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)
A. लघु उत्तरीय (Short Answer Questions - 30-40 Words)
प्रश्न 1: कवि ने बच्चों के काम पर जाने को 'भयानक' क्यों कहा है?
उत्तर: क्योंकि काम पर जाने से बच्चों का बचपन नष्ट हो जाता है। वे खेल-कूद और शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रश्न 2: "क्या अंतरिक्ष में गिर गई हैं सारी गेंदें" - इस प्रश्न के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
उत्तर: कवि व्यंग्य कर रहा है कि बच्चों के खेलने की गेंदें कहीं गायब नहीं हुई हैं, वे दुनिया में मौजूद हैं। फिर भी, गरीबी और मजबूरी के कारण ये बाल मजदूर उनसे खेल नहीं पा रहे हैं, मानो वे गेंदें इनकी पहुँच से दूर अंतरिक्ष में चली गई हों।
प्रश्न 3: सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं?
उत्तर: सामाजिक और आर्थिक विषमता (गरीबी) के कारण बच्चे इन सुविधाओं से वंचित हैं। समाज का एक बड़ा वर्ग इतना गरीब है कि उसे पेट भरने के लिए अपने बच्चों को बचपन में ही काम पर भेजना पड़ता है।
प्रश्न 4: बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?
उत्तर: बच्चे देश का भविष्य होते हैं। यदि वे अनपढ़ और अस्वस्थ रह जाएंगे, तो देश का भविष्य अंधकारमय होगा। प्रकृति ने उन्हें खेलने के लिए बनाया है, मजदूरी के लिए नहीं। प्रकृति के नियम के विरुद्ध होना ही 'हादसा' है।
B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based Questions - 100 Words)
प्रश्न 1: "बच्चे काम पर जा रहे हैं" कविता का प्रतिपाद्य (Central Idea) अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: इस कविता का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम की समस्या और उसके प्रति समाज की संवेदनशून्यता को उजागर करना है। कवि राजेश जोशी बताते हैं कि बच्चों का बचपन छीन लिया जाना एक गहरा अपराध है। कोहरे भरी सर्दी में जब बच्चों को रजाई में होना चाहिए या स्कूल में, वे काम पर जा रहे हैं। कवि सवाल उठाता है कि आखिर ऐसा क्यों है? वह समाज को झकझोरना चाहता है कि हम इसे 'सामान्य' बात मानकर चुप क्यों हैं? बच्चों को उनका बचपन लौटाना समाज की जिम्मेदारी है।
प्रश्न 2: समाज में बाल श्रम को रोकने के लिए आप क्या सुझाव देंगे?
उत्तर: बाल श्रम को रोकने के लिए कड़े कानूनों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी ज़रूरी है। (1) हमें प्रण लेना चाहिए कि हम बाल श्रमिकों से काम नहीं करवाएंगे और न ही ऐसे उत्पाद खरीदेंगे। (2) गरीब परिवारों की आर्थिक मदद और बच्चों की मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। (3) यदि कहीं बाल श्रम होता दिखे, तो 'चाइल्ड हेल्पलाइन' (1098) पर सूचना देनी चाहिए। (4) "हर बच्चे को स्कूल" - इस नारे को हकीकत बनाने के लिए सरकार और जनता को मिलकर काम करना होगा।
6. व्याकरण (Integrated Grammar)
प्रश्न 1: 'हस्बमामूल' शब्द किस भाषा का है और इसका हिंदी पर्याय क्या है?
उत्तर: यह अरबी-फारसी (उर्दू) मूल का शब्द है (विदेशी आगत शब्द)। इसका हिंदी पर्याय है- हमेशा की तरह या यथावत।
प्रश्न 2: "काले पहाड़ के नीचे" में विशेषण (Adjective) और विशेष्य (Noun) छाँटिए।
उत्तर:
विशेषण: काले (Black)
विशेष्य: पहाड़ (Mountain)
प्रश्न 3: निम्नलिखित वाक्यों को प्रश्नवाचक वाक्य में बदलिए:
"बच्चे काम पर जा रहे हैं।"
उत्तर: क्या बच्चे काम पर जा रहे हैं? / बच्चे काम पर क्यों जा रहे हैं?
7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
'हादसा' शब्द का अर्थ:
त्रुटि: छात्र इसे केवल 'सड़क दुर्घटना' (Road accident) समझते हैं।
सुधार: कविता में 'हादसा' का अर्थ त्रासदी (Tragedy) या दुर्भाग्यपूर्ण घटना से है, जो मानवता के लिए कलंक है।
काले पहाड़ / अंतरिक्ष का शाब्दिक अर्थ लेना:
त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि सचमुच कोई पहाड़ है जिसके नीचे खिलौने दबे हैं।
सुधार: यह प्रतीकात्मक (Metaphorical) प्रश्न हैं। कवि पूछ रहा है कि अवसर कहाँ खो गए हैं? काले पहाड़ शोषण और मजबूरी के प्रतीक हैं।
कविता का स्वर (Tone):
त्रुटि: इसे केवल वर्णन मानना।
सुधार: कविता का स्वर आक्रोश (Anger) और पीड़ा (Pain) का है, जो प्रश्नात्मक शैली में व्यक्त हुआ है।
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