top of page

    3. अपू के साथ ढाई साल - Apu Ke Saath Dhai Saal - Class 11 - Aroh

    • 4 hours ago
    • 4 min read

    लेखक: सत्यजित राय


    1. लेखक परिचय (Literary Profile)

    • साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits): सत्यजित राय विश्व विख्यात फिल्म निर्देशक और लेखक थे। उन्होंने भारतीय सिनेमा को कलात्मक ऊँचाई प्रदान की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई। उनकी शैली यथार्थवादी है और वे बारीकियों पर बहुत ध्यान देते थे।

    • प्रमुख रचनाएँ (Key Works): प्रो. शंकु के कारनामे, सोने का किला, जहाँगीर की स्वर्ण मुद्रा। (प्रमुख फिल्में: पथेर पांचाली, अपराजिता, शतरंज के खिलाड़ी)।

    • संदर्भ: यह पाठ उनकी प्रसिद्ध फिल्म 'पथेर पांचाली' के निर्माण के दौरान आए अनुभवों का संस्मरण है।


    2. पाठ का सार (Executive Summary)

    • प्रतिपाद्य (Central Theme): यह पाठ फिल्म निर्माण के व्यावहारिक संघर्षों, धन की कमी से उत्पन्न बाधाओं और एक फिल्मकार की कलात्मक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बताता है कि एक कालजयी फिल्म बनाने के लिए कितना धैर्य और समर्पण आवश्यक है।

    • English Summary: 'Apu Ke Saath Dhai Saal' is a memoir about the filming of Satyajit Ray's masterpiece 'Pather Panchali'. It details the struggles faced by the crew, including financial crises that halted production, the challenges of working with amateur actors, and the meticulous effort needed to maintain continuity over two and a half years despite changing seasons and circumstances.

    • Key Points:

      • फिल्म 'पथेर पांचाली' की शूटिंग ढाई साल तक चलने के कारण और चुनौतियाँ।

      • अपू और दुर्गा की भूमिका के लिए उपयुक्त कलाकारों की खोज।

      • 'काशफूल' के मैदान में शूटिंग: आधा सीन शूट होने के बाद पैसे खत्म होना और फिर साल भर बाद शूटिंग का निरंतरता (Continuity) बनाए रखना।

      • जानवरों (भुलों कुत्ता) और पात्रों (चुन्नीबाला देवी) के साथ काम करने के अनोखे अनुभव।


    3. कठिन शब्दार्थ (Glossary)

    शब्द

    हिंदी अर्थ

    English Context

    नदारद

    गायब / अनुपस्थित

    Missing / Absent

    कंटिन्युइटी

    निरंतरता

    Continuity

    नवागत

    नया आने वाला

    Newcomer

    पुकुर

    तालाब

    Pond (Bengali context)

    वास्तुसर्प

    घर में रहने वाला सांप

    Household snake

    स्थगित

    रोका हुआ

    Postponed / Halted

    4. साहित्यिक विश्लेषण (Literary Analysis)

    • मूल संवेदना (Core Sentiment): कला के प्रति अटूट निष्ठा और साधनों के अभाव में भी सृजन का जुनून।

    • कला पक्ष (Artistic Aspect):

      • यथार्थवाद: फिल्म के दृश्यों को वास्तविक बनाने के लिए राय का प्राकृतिक संसाधनों (बारिश, धूप, जानवरों) पर निर्भर रहना।

      • तकनीकी चुनौती: ढाई साल के लंबे अंतराल में दृश्यों की 'कंटिन्युइटी' बनाए रखना (जैसे अपू और दुर्गा का कद न बढ़ना, बारिश का इंतज़ार करना)।


    5. गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract-Based Competency)

    Extract 1: "पैसे की कमी के कारण शूटिंग बीच में ही रोक देनी पड़ी। ... छह महीने बाद फिर से पैसे जमा हुए, तब हम फिर उसी गाँव में शूटिंग करने गए।"

    1. Interpretation: शूटिंग रुकने का मुख्य कारण क्या था? (उत्तर: फिल्म निर्माण के लिए पर्याप्त धन का अभाव)।

    2. Author's Intent: छह महीने बाद उसी गाँव में जाने पर लेखक को किस तकनीकी समस्या का डर था? (उत्तर: दृश्यों की निरंतरता या कंटिन्यूइटी का—जैसे कि काशफूलों का गायब हो जाना)।

    3. Inference: लेखक ने जानवरों के साथ शूटिंग में क्या कठिनाई महसूस की? (उत्तर: जानवरों को इंसानों की तरह निर्देशित नहीं किया जा सकता, इसलिए उनके साथ शॉट लेना समय लेने वाला और अनिश्चित होता है)।


    6. पाठ्यपुस्तक प्रश्नोत्तर (Textbook Q&A)

    1. पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग ढाई साल तक क्यों चली?

    उत्तर: इसका मुख्य कारण आर्थिक संकट था। सत्यजित राय विज्ञापन कंपनी में काम करते थे, जब पैसे जमा होते तब शूटिंग होती और खत्म होने पर काम रुक जाता। इसके अलावा, कलाकारों की उपलब्धता और मौसम के अनुकूल दृश्यों के इंतज़ार में भी समय लगा।

    2. भुलों (कुत्ता) के संदर्भ में कौन सी समस्या आई और उसका समाधान कैसे निकाला गया?

    उत्तर: मिठाई वाले के पीछे भागने वाले सीन के दौरान भुलों कुत्ता मर गया। छह महीने बाद जब फिर शूटिंग शुरू हुई, तो उसी की तरह दिखने वाला दूसरा कुत्ता ढूँढा गया और शॉट पूरा किया गया ताकि दर्शक अंतर न पहचान सकें।

    3. 'पुल के पास काशफूलों का मैदान' वाले सीन में क्या बाधा आई थी?

    उत्तर: आधा दृश्य शूट होने के बाद पैसे खत्म हो गए। सात महीने बाद जब शूटिंग शुरू हुई, तो जानवरों ने सारे काशफूल खा लिए थे। लेखक को अगले साल तक फूलों के फिर से खिलने का इंतज़ार करना पड़ा ताकि सीन की निरंतरता बनी रहे।


    7. अभिव्यक्ति और माध्यम (Creative Writing Connection)

    • Topic: "सिनेमा: कला और व्यवसाय का संगम"

    • Key Points:

      • फिल्म निर्माण में धैर्य और योजना का महत्व।

      • सीमित संसाधनों में रचनात्मकता का विकास।

      • यथार्थवादी सिनेमा बनाम व्यावसायिक मसाला फिल्में।


    8. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण कथन (Key Quotes)

    • "अच्छी तकनीक वह है जिसका इस्तेमाल दिखाई न पड़े।"

    • "शूटिंग की दृष्टि से वह गाँव हमें बहुत अच्छा लगा।"

    • "पैसे का प्रबंध होते ही फिर से शूटिंग शुरू हुई।"


    9. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    • Spelling: 'पथेर पांचाली', 'कंटिन्युइटी' और 'सत्यजित राय' की वर्तनी पर ध्यान दें।

    • Conceptual: यह केवल एक फिल्म की कहानी नहीं है, बल्कि एक निर्देशक के संघर्ष का आत्मकथात्मक संस्मरण है।


    10. विगत वर्षों के बोर्ड प्रश्न (PYQs)

    1. Short Answer (2 marks): वर्षा के दृश्य को फिल्माने में क्या समस्या आई?

      Model Answer: लेखक के पास पैसे खत्म हो गए थे, इसलिए बारिश के मौसम में शूटिंग नहीं हो पाई। जब अक्टूबर में पैसे आए, तो बारिश विदा हो चुकी थी। लेखक को कई दिनों तक बादलों का इंतज़ार करना पड़ा ताकि वे प्राकृतिक बारिश में अपू और दुर्गा का दृश्य ले सकें।


    2. Long Answer (5 marks): "अपू के साथ ढाई साल" पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि एक फिल्म निर्देशक को किन-किन अप्रत्याशित बाधाओं का सामना करना पड़ता है?

      Model Answer: एक निर्देशक को आर्थिक तंगी, कलाकारों की आकस्मिक मृत्यु (जैसे सुबोध दा), जानवरों के साथ काम करने की चुनौती और मौसम के बदलाव जैसी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। ढाई साल के लंबे अंतराल में पात्रों के रूप-रंग और परिवेश की निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिसके लिए अत्यधिक धैर्य और बारीक दृष्टि की आवश्यकता होती है।


    About BhashaLab


    BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.


    We offer:

    1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards

    4. International English Olympiad Tuitions - All classes

    5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above

    6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online


    Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044



     
     
     

    Recent Posts

    See All
    6. रजनी - Rajni - Class 11 - Aroh

    लेखिका: मन्नू भंडारी 1. लेखिका परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  मन्नू भंडारी 'नई कहानी' आंदोलन की एक प्रमुख स्तंभ रही हैं। उनकी कहानियों और उपन्यासों में नारी-जीवन, पार

     
     
     
    5. गलता लोहा - Galta Loha - Class 11 - Aroh

    लेखक: शेखर जोशी 1. लेखक परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  शेखर जोशी 'नई कहानी आंदोलन' के एक प्रगतिशील और प्रतिष्ठित कथाकार हैं। उनकी कहानियाँ समाज के मेहनतकश और सुविधाही

     
     
     
    4. विदाई-संभाषण - Vidai Sambhashan - Class 11 - Aroh

    Author: बालमुकुंद गुप्त 1. लेखक परिचय (Literary Profile) साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits):  बालमुकुंद गुप्त को भारतेंदु-युग और द्विवेदी-युग के बीच की 'कड़ी' के रूप में देखा जाता है। वे एक निर्भीक

     
     
     

    Comments


    bottom of page