top of page

    3. तुम कब जाओगे, अतिथि - (Tum Kab Jaoge, Atithi) - Class 9 - Sparsh Bhag 1

    • Dec 17, 2025
    • 8 min read

    Updated: Dec 22, 2025


    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)


    • अतिथि का आगमन और आशंका: जब अतिथि लेखक के घर आया, तो लेखक का दिल किसी अज्ञात आशंका से धड़क उठा और बटुआ काँप गया। इसके बावजूद लेखक और उनकी पत्नी ने मुस्कराहट के साथ उसका स्वागत किया और रात के भोजन को 'डिनर' (शानदार भोजन) में बदल दिया।

      • English: Arrival of Guest and Apprehension: When the guest arrived at the author's house, his heart beat with an unknown apprehension and his wallet trembled. Despite this, the author and his wife welcomed him with smiles and turned the night's meal into a 'dinner' (lavish meal).

    • ठहरने की सीमा: लेखक को उम्मीद थी कि अतिथि दूसरे दिन चला जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरे दिन भी शानदार लंच और सिनेमा दिखाया गया, लेकिन अतिथि ने जाने का नाम नहीं लिया। लेखक ने अतिथि की तुलना 'एस्ट्रोनॉट्स' (अंतरिक्ष यात्रियों) से की जो चाँद पर भी इतनी देर नहीं रुके थे।

      • English: Limit of Stay: The author hoped the guest would leave the next day, but that didn't happen. Even on the second day, a grand lunch and cinema were arranged, but the guest showed no sign of leaving. The author compared the guest to 'astronauts' who didn't stay on the moon for this long.

    • धोबी और कपड़े: तीसरे दिन अतिथि ने अपने कपड़े धोबी को देने की इच्छा जताई, जो लेखक के लिए एक अप्रत्याशित आघात था। इससे संकेत मिला कि अतिथि अभी और रुकने वाला है। पत्नी की आँखें यह सुनकर बड़ी हो गईं (गुस्सा/डर)।

      • English: Washerman and Clothes: On the third day, the guest expressed a desire to give his clothes to the washerman, which was an unexpected blow to the author. This signaled that the guest intended to stay longer. The wife's eyes widened (anger/fear) upon hearing this.

    • बातचीत का अंत और बोरियत: चौथे दिन तक आते-आते सारी कहानियाँ, चुटकुले और चर्चा के विषय (परिवार, राजनीति, फिल्में, पुरानी प्रेमिकाएं) खत्म हो गए। घर में चुप्पी छा गई। सौहार्द बोरियत में बदल गया और लेखक उपन्यास पढ़ने लगा।

      • English: End of Conversation and Boredom: By the fourth day, all stories, jokes, and discussion topics (family, politics, movies, old girlfriends) were exhausted. Silence fell over the house. Warmth turned into boredom, and the author started reading a novel.

    • सत्कार की समाप्ति (खिचड़ी): अतिथि के लगातार टिके रहने से लेखक का उत्साह (एन्थुसिएज़्म) खत्म हो गया। भोजन की गुणवत्ता 'लंच/डिनर' से गिरकर 'खिचड़ी' पर आ गई। लेखक ने मन ही मन अतिथि को 'गेट आउट' कहने की सोची।

      • English: End of Hospitality (Khichdi): The author's enthusiasm faded due to the guest's prolonged stay. The quality of food dropped from 'lunch/dinner' to 'Khichdi'. The author mentally thought of telling the guest to "Get Out".

    • देवता और मनुष्य: अंत में लेखक कहते हैं कि अतिथि देवता होता है, लेकिन देवता दर्शन देकर लौट जाते हैं। यदि अतिथि ज्यादा दिन रुके तो वह 'मानव' या 'राक्षस' बन जाता है। लेखक प्रार्थना करता है कि अतिथि पाँचवें दिन सुबह सम्मानपूर्वक चला जाए।

      • English: God and Human: In the end, the author says that a guest is a god, but gods return after giving a glimpse. If a guest stays too long, he becomes a 'human' or 'demon'. The author prays that the guest leaves respectfully on the fifth morning.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    आशंका

    डर / खतरा

    Apprehension / Fear

    निस्संकोच

    बिना संकोच के

    Without hesitation

    आतिथ्य

    मेहमाननवाज़ी / खातिरदारी

    Hospitality

    अंतरंग

    घनिष्ठ / निजी

    Intimate / Personal

    एस्ट्रोनॉट्स

    अंतरिक्ष यात्री

    Astronauts

    आघात

    चोट / सदमा

    Blow / Shock

    अप्रत्याशित

    जिसकी आशा न हो

    Unexpected

    सामीप्य

    निकटता

    Proximity / Closeness

    सौहार्द

    मित्रता / प्रेम

    Cordiality / Harmony

    संक्रमण

    एक अवस्था से दूसरी में जाना

    Transition

    गुंजायमान

    गूँजता हुआ

    Resonant / Echoing

    निर्मूल

    जिसका कोई मूल (जड़) न हो / व्यर्थ

    Baseless


    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    लेखक (The Author/Host)

    • मध्यमवर्गीय गृहस्थ (Middle-class Householder): लेखक एक आम आदमी है जो आर्थिक सीमाओं (बटुआ काँपना) में बंधा है। वह शिष्टाचार निभाता है लेकिन अतिथि के ज्यादा दिन रुकने पर परेशान हो जाता है।

      • English: The author is a common man bound by economic limits (wallet trembling). He follows etiquette but gets annoyed when the guest overstays.

    • व्यंग्यकार (Satirist): वह अपनी पीड़ा को सीधे व्यक्त न करके व्यंग्य और हास्य के माध्यम से कहता है। वह अतिथि को 'देवता' और 'राक्षस' की उपमा देता है।

      • English: He does not express his pain directly but through satire and humor. He uses metaphors like 'God' and 'Demon' for the


    अतिथि (The Guest)

    • संवेदनहीन और ढीठ (Insensitive & Thick-skinned): उसे मेजबान की परेशानी या समय की कीमत का कोई अहसास नहीं है। वह आराम से सिगरेट फूँकता है और घर को अपना ही समझता है।

      • English: He has no realization of the host's trouble or the value of time. He smokes cigarettes comfortably and treats the house as his own.

    • चिपकू (Clingy): वह जाने का नाम नहीं लेता, यहाँ तक कि मेजबान का व्यवहार बदलने (खिचड़ी बनने) पर भी टिका रहता है।

      • English: He refuses to leave, staying put even when the host's behavior changes (making Khichdi).


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): तीसरे दिन अतिथि ने जब कपड़े धोबी को देने की बात कही, तो लेखक को आघात लगा।

    तर्क (R): लेखक को लगा कि अब अतिथि के जाने की संभावना कम है और वह अभी और दिन रुकेगा।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): लेखक और उनकी पत्नी ने रात के भोजन में पुलाव और मीठा बनाया।

    तर्क (R): वे चाहते थे कि अतिथि को खाना पसंद न आए और वह चला जाए।

    उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (उन्होंने अच्छा खाना इसलिए बनाया ताकि अतिथि एक अच्छी छाप लेकर अगले दिन विदा हो जाए)।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): आप अपने दोस्त के घर जाते हैं और देखते हैं कि वह पढ़ाई में व्यस्त है और उसके माता-पिता भी थोड़े तनाव में हैं।

    प्रश्न (Question): 'तुम कब जाओगे, अतिथि' पाठ के आधार पर एक 'आदर्श अतिथि' के रूप में आपको क्या करना चाहिए?

    उत्तर (Answer): एक आदर्श अतिथि को मेजबान की स्थिति और समय का ध्यान रखना चाहिए। पाठ के अनुसार, "अतिथि देवता होता है" लेकिन उसे "मानव" बनकर बोझ नहीं बनना चाहिए। इस स्थिति में मुझे उनसे संक्षिप्त मुलाकात करके वापस लौट जाना चाहिए ताकि उनकी दिनचर्या बाधित न हो।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "एक देवता और एक मनुष्य अधिक देर साथ नहीं रहते।"

    उत्तर: लेखक का आशय है कि अतिथि (देवता) का सम्मान तभी तक रहता है जब वह थोड़ी देर के लिए आए। यदि वह हमेशा के लिए बस जाए, तो वह मनुष्य (या बोझ) बन जाता है और दोनों के बीच का संबंध और सम्मान खत्म हो जाता है।


    प्रश्न 2: "शब्दों का लेन-देन मिट गया और चर्चा के विषय चुक गए।"

    उत्तर: इसका अर्थ है कि अतिथि के इतने दिनों तक रुकने के कारण लेखक के पास बात करने के लिए कुछ नया नहीं बचा। सारी औपचारिक और अनौपचारिक बातें खत्म हो चुकी थीं और अब केवल उबाऊ चुप्पी शेष थी।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)


    प्रश्न 1: लेखक ने अतिथि की तुलना एस्ट्रोनॉट्स (अंतरिक्ष यात्रियों) से क्यों की?

    उत्तर: लेखक ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यात्री लाखों मील दूर जाकर भी चाँद पर इतने दिन नहीं रुके थे, जितने दिन अतिथि ने एक छोटी सी यात्रा करके लेखक के घर में बिता दिए।


    प्रश्न 2: अतिथि के कपड़े धोबी को देने की बात सुनकर लेखक की पत्नी की क्या प्रतिक्रिया थी?

    उत्तर: लेखक की पत्नी की आँखें बड़ी-बड़ी हो गईं। यह प्रतिक्रिया गुस्से और आशंका की थी कि अतिथि अभी जल्दी जाने वाला नहीं है। उन्हें लगा कि अतिथि अब लंबे समय तक टिकेगा।


    प्रश्न 3: "सत्कार की ऊष्मा समाप्त होने" पर खाने में क्या बदलाव आया?

    उत्तर: जब लेखक के सत्कार का उत्साह (ऊष्मा) ठंडा पड़ गया, तो भोजन की विविधता खत्म हो गई। डिनर और लंच की जगह अब सादी 'खिचड़ी' ने ले ली थी। यह अतिथि को जाने का संकेत था।

    प्रश्न 4: लेखक अतिथि को कैसी विदाई देना चाहता था?

    उत्तर: लेखक चाहता था कि अतिथि एक शानदार मेहमाननवाज़ी की छाप लेकर, रेलगाड़ी से सम्मानपूर्वक विदा हो। वह चाहता था कि वह अतिथि को भावभीनी विदाई देने स्टेशन तक जाए।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)


    प्रश्न 1: 'अतिथि देवो भव' परंपरा का पालन आज के मध्यमवर्गीय परिवार के लिए कितना संभव है? पाठ के आधार पर अपने विचार लिखिए।

    उत्तर: भारतीय संस्कृति में 'अतिथि देवो भव' का बहुत महत्व है, लेकिन आज के महँगाई और व्यस्तता के युग में इसका पालन कठिन हो गया है। पाठ में लेखक ने दिखाया है कि कैसे एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति का बजट (बटुआ) अतिथि के आने से काँप जाता है। सीमित आय और छोटे घरों में किसी का अनिश्चित काल तक रुकना परिवार की निजता और आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ता है। इसलिए, अतिथि को भी अपनी मर्यादा समझनी चाहिए और मेजबान पर बोझ नहीं बनना चाहिए। परंपरा का निर्वाह दोनों पक्षों की समझदारी पर निर्भर करता है।


    प्रश्न 2: पाठ में लेखक के व्यवहार में आए परिवर्तन के चरणों (Stages) का वर्णन कीजिए।

    उत्तर: लेखक का व्यवहार धीरे-धीरे बदलता है।

    1. उत्साह: शुरुआत में वह मुसकुराकर गले मिला, डिनर कराया और सिनेमा दिखाया।

    2. उदासीनता: तीसरे दिन जब अतिथि नहीं गया, तो मुस्कान फीकी पड़ गई और बातचीत बंद हो गई। वह उपन्यास पढ़ने लगा।

    3. हताशा और क्रोध: चौथे दिन सत्कार खत्म हो गया, खाना खिचड़ी पर आ गया और मन में 'राक्षस' और 'गेट आउट' जैसे विचार आने लगे।

    4. प्रार्थना: अंत में वह बस सूर्य देवता से प्रार्थना करने लगा कि अतिथि चला जाए।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 9 Hindi Course B - Sparsh Pattern)

    प्रश्न 1: पर्यायवाची शब्द लिखिए:

    • चाँद: शशि, चंद्रमा, मयंक

    • आघात: चोट, प्रहार, धक्का

    • ऊष्मा: गरमी, ताप


    प्रश्न 2: वाक्य परिवर्तन कीजिए: "हम तुम्हें स्टेशन तक छोड़ने जाएँगे।" (नकारात्मक वाक्य में बदलिए)

    उत्तर: हम तुम्हें स्टेशन तक छोड़ने नहीं जाएँगे।


    प्रश्न 3: वाक्य परिवर्तन कीजिए: "सत्कार की ऊष्मा समाप्त हो रही थी।" (भविष्यत् काल में बदलिए)

    उत्तर: सत्कार की ऊष्मा समाप्त हो रही होगी / हो जाएगी।

    प्रश्न 4: शब्द-युग्मों का वाक्यों में प्रयोग (पर्याय):

    • ज़िक्र: हमने पुरानी बातों का ज़िक्र किया।

    • अंतरंग: रमेश मेरा अंतरंग मित्र है।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. शीर्षक का अर्थ:

      • त्रुटि: छात्र इसे केवल प्रश्न समझते हैं।

      • सुधार: यह शीर्षक लेखक की मनोदशा, झुंझलाहट और बेबसी को दर्शाता है। यह एक साधारण प्रश्न नहीं, बल्कि एक व्यंग्य है।


    2. लॉण्ड्री का प्रसंग:

      • त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि कपड़े गंदे थे इसलिए धुलवाए।

      • सुधार: कपड़े धुलवाने का अर्थ था कि अतिथि अभी और दिन रुकने की योजना बना रहा है, जो लेखक के लिए चिंता का विषय था।


    3. खिचड़ी का प्रतीक:

      • त्रुटि: छात्र इसे केवल एक व्यंजन मानते हैं।

      • सुधार: यहाँ खिचड़ी 'औपचारिकता की समाप्ति' और 'रुखापन' का प्रतीक है।

    End


    About BhashaLab


    BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.


    We offer:

    1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi

    3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards

    4. International English Olympiad Tuitions - All classes

    5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above

    6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online


    Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044


     
     
     

    Comments


    bottom of page