5. ज्योतिबा फुले - Jyotiba Phule - Class 11 - Antra 1
- 23 hours ago
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लेखिका: सुधा अरोड़ा
1. लेखिका परिचय (Literary Profile)
साहित्यिक विशेषताएँ (Literary Traits): सुधा अरोड़ा हिंदी कथा साहित्य का एक चर्चित नाम हैं। उनकी रचनाओं में स्त्री-विमर्श (Feminism) का रूप आक्रामक न होकर सहज और संयत है। वे महिलाओं से जुड़े सामाजिक और मानवीय सरोकारों को बहुत रोचक और तार्किक ढंग से विश्लेषित करती हैं।
प्रमुख रचनाएँ (Key Works): बगैर तराशे हुए, युद्ध-विराम, महानगर की भौतिकी (कहानी संग्रह); औरत की कहानी (संपादन); दहलीज़ को लाँघते हुए (आत्मकथ्य संकलन)।
संदर्भ: यह पाठ प्रसिद्ध समाज सुधारक 'ज्योतिबा फुले' और उनकी पत्नी 'सावित्री बाई फुले' के जीवन संघर्ष और उनके क्रांतिकारी सामाजिक कार्यों पर आधारित एक जीवनीपरक लेख है।
2. पाठ का सार (Executive Summary)
प्रतिपाद्य (Central Theme): यह पाठ समाज में व्याप्त शिक्षा के भेदभाव, दलितों के शोषण और स्त्रियों की पराधीनता के विरुद्ध फुले दंपति के ऐतिहासिक संघर्ष को दर्शाता है। यह सिद्ध करता है कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत अपने घर और आचरण से होती है।
English Summary: The biography of Jyotiba Phule by Sudha Arora highlights the revolutionary efforts of the Phule couple in the field of education and social reform. Despite facing immense social boycott, they opened the first school for girls and 'untouchables' in India. Jyotiba Phule challenged the monopoly of the upper castes over knowledge and advocated for the rights of women and Dalits.
Key Points:
ज्योतिबा फुले द्वारा 'महात्मा' की पदवी को स्वीकार न करना क्योंकि वे स्वयं को एक साधारण कार्यकर्ता मानते थे।
समाज के कड़े विरोध के बावजूद अपनी पत्नी सावित्री बाई को शिक्षित करना और उन्हें पहली महिला शिक्षिका बनाना।
शूद्रों और अति-शूद्रों (दलितों) के लिए शिक्षा के द्वार खोलना।
सत्यशोधक समाज की स्थापना और विवाह की नई पद्धति (बिना ब्राह्मण के विवाह) की शुरुआत।
स्त्री-पुरुष समानता का प्रबल समर्थन।
3. कठिन शब्दार्थ (Glossary)
शब्द | हिंदी अर्थ | English Context |
शूद्र | वर्ण व्यवस्था में चौथा स्थान (पिछड़ा वर्ग) | Lower caste / Oppressed |
वर्चस्व | दबदबा / प्रधानता | Dominance / Hegemony |
शोषक | शोषण करने वाला | Exploiter |
दांपत्य | पति-पत्नी का संबंध | Conjugal / Married life |
मठाधीश | रूढ़िवादी परंपराओं के रक्षक | Religious head / Orthodoxy |
4. साहित्यिक विश्लेषण (Literary Analysis)
मूल संवेदना (Core Sentiment): सामाजिक न्याय और समानता। लेखिका ने यह स्पष्ट किया है कि सावित्री बाई और ज्योतिबा का रिश्ता केवल पति-पत्नी का नहीं, बल्कि 'एक-प्राण दो-देह' वाले सहकर्मियों का था।
क्रांतिकारी कदम: फुले ने ब्राह्मणवादी व्यवस्था को चुनौती देते हुए कहा कि "विद्या शूद्रों के घर चली गई", जिसका अर्थ था कि अब ज्ञान पर किसी एक वर्ग का एकाधिकार नहीं रहा।
स्त्री-विमर्श: पाठ यह संदेश देता है कि स्त्रियों की गुलामी के पीछे उन्हें शिक्षा से वंचित रखना सबसे बड़ा कारण था।
5. गद्यांश आधारित प्रश्न (Extract-Based Competency)
Extract 1: "सच का सबेरा होते ही वेद डूब गए, विद्या शूद्रों के घर चली गई, भू-देव (ब्राह्मण) शरमा गए।"
Interpretation: 'विद्या शूद्रों के घर चली गई' से क्या तात्पर्य है? (उत्तर: इसका अर्थ है कि ज्योतिबा फुले के प्रयासों से अब वे लोग भी शिक्षित होने लगे जिन्हें सदियों से शिक्षा से दूर रखा गया था)।
Author's Intent: 'सच का सबेरा' किसे कहा गया है? (उत्तर: शिक्षा और जागरूकता के प्रसार को, जिसने अंधविश्वास और रूढ़ियों को नष्ट कर दिया)।
Inference: फुले ने स्त्रियों के लिए किस प्रकार के आंदोलन की आवश्यकता बताई? (उत्तर: उन्होंने कहा कि शोषण-व्यवस्था के खिलाफ दलितों के साथ-साथ स्त्रियों को भी संगठित होकर आंदोलन करना चाहिए)।
6. पाठ्यपुस्तक प्रश्नोत्तर (Textbook Q&A)
1. ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले को समाज के किन वर्गों का विरोध सहना पड़ा और क्यों?
उत्तर: उन्हें उच्च वर्गीय समाज और रूढ़िवादी मठाधीशों का विरोध सहना पड़ा। क्योंकि वे शूद्रों और महिलाओं को शिक्षित कर रहे थे, जिसे धर्म के विरुद्ध माना जाता था। उनके घर पर पत्थर और गोबर तक फेंके गए, फिर भी वे अडिग रहे।
2. सावित्री बाई फुले के शिक्षिका बनने के मार्ग में क्या बाधाएँ आईं?
उत्तर: वे स्वयं निरक्षर थीं, ज्योतिबा ने उन्हें घर पर पढ़ाया। जब वे स्कूल पढ़ाने जातीं, तो लोग उन पर गालियाँ और गंदगी फेंकते थे। समाज ने उन्हें घर से निकालने तक का दबाव बनाया।
3. फुले दंपति का दांपत्य जीवन आधुनिक दंपतियों के लिए कैसे प्रेरणा है?
उत्तर: उनका जीवन बराबरी, सम्मान और साझा लक्ष्यों पर आधारित था। ज्योतिबा ने सावित्री को केवल पत्नी नहीं बल्कि एक स्वतंत्र व्यक्तित्व और सहकर्मी के रूप में विकसित किया।
7. अभिव्यक्ति और माध्यम (Creative Writing Connection)
Topic: "शिक्षा: समानता का सबसे बड़ा हथियार"
Key Points:
सावित्री बाई फुले: भारत की पहली महिला शिक्षिका का गौरव।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और फुले का सपना।
सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में युवाओं की भूमिका।
8. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण कथन (Key Quotes)
"स्वतंत्रता का अनुभव हर स्त्री को होना चाहिए।"
"शिक्षा के बिना मति गई, मति के बिना नीति गई।"
"मुझे 'महात्मा' कहकर आम आदमी से अलग न करें।" (ज्योतिबा फुले की विनम्रता)।
9. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)
Spelling: 'सावित्री बाई', 'ज्योतिबा' और 'वर्चस्व' की वर्तनी पर ध्यान दें।
Conceptual: छात्र अक्सर केवल ज्योतिबा के कार्यों को लिखते हैं, उत्तर में सावित्री बाई के योगदान को भी समान महत्व देना आवश्यक है।
10. विगत वर्षों के बोर्ड प्रश्न (PYQs)
Short Answer (2 marks): ज्योतिबा फुले ने 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना क्यों की?
Model Answer: समाज के शोषित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और पुरोहितों के बिना सादे विवाह और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए उन्होंने इस समाज की स्थापना की।
Long Answer (5 marks): "ज्योतिबा फुले" पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए कि शिक्षा ही समाज में बदलाव का मूल मंत्र है।
Model Answer: ज्योतिबा फुले का मानना था कि शूद्रों और स्त्रियों की गुलामी का मुख्य कारण उनकी अज्ञानता थी। उन्होंने सबसे पहले स्वयं की पत्नी को शिक्षित किया ताकि वह अन्य स्त्रियों को पढ़ा सकें। उनका मानना था कि जब शोषित वर्ग शिक्षित होगा, तभी वह तर्क कर पाएगा और अपनी बेड़ियाँ तोड़ पाएगा। पाठ में दिखाया गया है कि कैसे शिक्षा के माध्यम से सावित्री बाई एक साधारण महिला से महान समाज सुधारक बनीं।
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