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    6. एक टोकरी भर मिट्टी - (Ek Tokri Bhar Mitti) - Class 8 - Malhar 

    • Dec 29, 2025
    • 9 min read

    Updated: Jan 1

     Author: माधवराव सप्रे (Madhavrao Sapre)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • ज़मींदार की इच्छा और वृद्धा की झोंपड़ी: एक अमीर ज़मींदार के महल के पास एक गरीब, अनाथ विधवा की झोंपड़ी थी। ज़मींदार अपने महल का अहाता (Compound) उस झोंपड़ी तक बढ़ाना चाहता था। उसने वृद्धा से झोंपड़ी हटाने के लिए बहुत कहा, लेकिन वृद्धा का मन उस झोंपड़ी से जुड़ा था क्योंकि उसके पति, इकलौते पुत्र और पतोहू का निधन वहीं हुआ था। अब उसकी पोती ही उसका एकमात्र सहारा थी।

      • English: Landlord's Desire and Widow's Hut: Near a rich landlord's palace was the hut of a poor, orphaned widow. The landlord wanted to extend his palace compound up to that hut. He asked the old woman many times to remove the hut, but her heart was attached to it because her husband, only son, and daughter-in-law had died there. Now her granddaughter was her only support.

    • अन्यायपूर्ण कब्ज़ा: जब वृद्धा झोंपड़ी छोड़ने को तैयार नहीं हुई, तो ज़मींदार ने वकीलों की मदद ली और अदालत के दाँव-पेंच से झोंपड़ी पर कब्ज़ा कर लिया। वृद्धा को वहां से निकाल दिया गया और वह पास-पड़ोस में कहीं रहने लगी। इस सदमे से वह 'मृतप्राय' (अधमरी) हो गई थी।

      • English: Unjust Possession: When the old woman was not ready to leave the hut, the landlord took the help of lawyers and took possession of the hut through court maneuvers. The old woman was evicted from there and started living somewhere in the neighborhood. She had become 'almost dead' from this shock.

    • एक टोकरी मिट्टी की माँग: एक दिन ज़मींदार झोंपड़ी के पास टहल रहे थे, तभी वृद्धा एक टोकरी लेकर वहाँ पहुँची। ज़मींदार ने उसे हटाने का आदेश दिया। वृद्धा ने गिड़गिड़ाकर कहा कि उसकी पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया है और वह कहती है कि अपने घर की मिट्टी के चूल्हे पर बनी रोटी ही खाएगी। इसलिए उसे केवल 'एक टोकरी मिट्टी' ले जाने दी जाए।

      • English: Demand for a Basket of Soil: One day the landlord was walking near the hut when the old woman arrived there with a basket. The landlord ordered her removal. The old woman pleaded that her granddaughter had stopped eating and said she would only eat bread (roti) made on the stove of her own house's soil. So she should be allowed to take just 'one basket of soil'.

    • ज़मींदार की असमर्थता: वृद्धा ने टोकरी में मिट्टी भर ली और ज़मींदार से उसे सिर पर रखवाने (उठवाने) की प्रार्थना की। ज़मींदार पहले नाराज हुए, फिर दया करके टोकरी उठाने लगे। उन्होंने बहुत जोर लगाया, लेकिन टोकरी अपनी जगह से हिली तक नहीं। उन्हें अपनी हार पर शर्मिंदगी महसूस हुई।

      • English: Landlord's Inability: The old woman filled the basket with soil and requested the landlord to help her lift it onto her head. The landlord was angry at first, then out of pity, he started lifting the basket. He tried very hard, but the basket did not even move from its place. He felt ashamed of his defeat.

    • हृदय परिवर्तन और सीख: तब वृद्धा ने कहा, "महाराज, आपसे एक टोकरी मिट्टी नहीं उठाई जाती, और इस झोंपड़ी में तो हज़ारों टोकरियाँ मिट्टी पड़ी है। उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?" यह सुनकर ज़मींदार की आँखें खुल गईं। उन्हें अपनी दौलत के घमंड और अन्याय का अहसास हुआ। उन्होंने वृद्धा से माफी माँगी और उसकी झोंपड़ी वापस कर दी।

      • English: Change of Heart and Moral: Then the old woman said, "Maharaj, you cannot lift even one basket of soil, and there are thousands of baskets of soil in this hut. How will you be able to bear its burden (of sin) all your life?" Hearing this, the landlord's eyes opened. He realized his arrogance of wealth and injustice. He apologized to the old woman and returned her hut.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    अहाता

    घेरा / आंगन / परिसर

    Compound / Premises

    पतोहू

    पुत्रवधू (बेटे की पत्नी)

    Daughter-in-law

    मृतप्राय

    मरने के करीब / अधमरा

    Almost dead

    निष्फल

    बेकार / असफल

    Fruitless / Unsuccessful

    धन-मद

    धन का नशा / अहंकार

    Arrogance of wealth

    गर्वित

    घमंडी / अभिमानी

    Proud / Arrogant

    कृतकर्म

    किया हुआ कार्य (अक्सर बुरा कार्य)

    Deed done / Misdeed

    पश्चाताप

    पछतावा

    Repentance

    श्रीमान्

    आदरसूचक शब्द (यहाँ ज़मींदार)

    Sir / Gentleman (Landlord)

    विनती

    प्रार्थना

    Request / Prayer

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    वृद्धा (Old Woman/Widow)

    • भावुक और स्वाभिमानी (Emotional & Self-respecting): वह अपनी झोंपड़ी से बहुत प्यार करती है क्योंकि उसमें उसके परिवार की यादें बसी हैं। वह गरीब है लेकिन अपनी जड़ों से जुड़ी है।

      • English: She loves her hut very much because her family's memories reside in it. She is poor but connected to her roots.

    • बुद्धिमान (Wise): वह शारीरिक रूप से कमजोर है लेकिन मानसिक रूप से चतुर। वह 'टोकरी भर मिट्टी' के माध्यम से ज़मींदार को जीवन का एक गहरा पाठ पढ़ा देती है जिसे वह ताकत से नहीं समझा सकती थी।

      • English: She is physically weak but mentally clever. Through the 'basketful of soil', she teaches the landlord a deep lesson of life which she could not explain with force.


    ज़मींदार (Landlord)

    • घमंडी और लालची (Arrogant & Greedy): शुरुआत में वह अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए एक गरीब की झोंपड़ी हथिया लेता है। वह वकीलों का इस्तेमाल करके अन्याय करता है। उसे अपने धन का नशा (मद) है।

      • English: Initially, he usurps a poor person's hut to increase his property. He uses lawyers to commit injustice. He is intoxicated by his wealth.

    • संवेदनशील (Sensitive - later): उसमें सुधार की गुंजाइश है। वृद्धा की बात सुनकर उसका विवेक जाग जाता है और वह अपनी गलती सुधारने (पश्चाताप) के लिए तैयार हो जाता है।

      • English: There is scope for improvement in him. Hearing the old woman's words, his conscience awakens, and he becomes ready to correct his mistake (repent).


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)


    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1: अभिकथन (A): ज़मींदार ने वृद्धा को उसकी झोंपड़ी वापस दे दी।

    तर्क (R): वृद्धा ने अदालत में मुकदमा जीत लिया था और जज ने ज़मींदार को आदेश दिया था।

    उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (ज़मींदार ने अदालत से कब्जा तो ले लिया था, लेकिन बाद में वृद्धा की बात सुनकर उसे आत्मज्ञान और पछतावा हुआ, इसलिए उसने स्वेच्छा से झोंपड़ी लौटाई)।


    प्रश्न 2: अभिकथन (A): वृद्धा ने ज़मींदार से अपनी टोकरी सिर पर रखवाने की मदद माँगी।

    तर्क (R): वह ज़मींदार को यह अहसास दिलाना चाहती थी कि वह उस मिट्टी का थोड़ा सा भार भी नहीं उठा सकता, तो पूरे घर (पाप) का भार कैसे उठाएगा।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): एक शक्तिशाली व्यक्ति किसी गरीब की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लेता है।

    प्रश्न (Question): 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी के आधार पर बताइए कि अंततः जीत किसकी होती है - शक्ति की या नैतिकता की?

    उत्तर (Answer): कहानी के अनुसार, अंततः जीत 'नैतिकता' (Morality) की होती है। ज़मींदार के पास धन और कानून की शक्ति थी, लेकिन वृद्धा के पास सत्य और भावनाओं का नैतिक बल था। वृद्धा के एक छोटे से तर्क ने ज़मींदार की सारी शक्ति को हरा दिया। यह सिद्ध करता है कि अन्याय का भार बहुत भारी होता है जिसे कोई भी लंबे समय तक नहीं उठा सकता।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से उस झोंपड़ी पर अपना कब्ज़ा कर लिया।"

    उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि ज़मींदार ने अनैतिक रास्ता अपनाया। 'बाल की खाल निकालना' मुहावरे का अर्थ है बहुत बारीक कमियाँ ढूँढना। वकीलों ने कानूनों में छोटी-छोटी कमियाँ ढूँढीं और ज़मींदार ने उन्हें भारी रिश्वत (थैली गरम करना) दी। इससे पता चलता है कि अमीर लोग कैसे धन के बल पर न्याय को अपने पक्ष में कर लेते हैं।


    प्रश्न 2: "उसका भार आप जन्म-भर कैसे उठा सकेंगे?"

    उत्तर: यह कहानी का सबसे महत्वपूर्ण संवाद है। यहाँ 'भार' का अर्थ केवल मिट्टी का वजन नहीं, बल्कि 'पाप का बोझ' है। वृद्धा कहना चाहती है कि अगर आप एक टोकरी मिट्टी का वजन कुछ पल के लिए नहीं सह सकते, तो एक गरीब की हाय और अन्याय से हड़पी गई पूरी झोंपड़ी का पाप अपने अंतरात्मा पर जीवन भर कैसे ढोएंगे?


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: ज़मींदार को झोंपड़ी की आवश्यकता क्यों पड़ी?

    उत्तर: ज़मींदार का महल झोंपड़ी के पास ही था। वे अपने महल के अहाते (Compound) का विस्तार करना चाहते थे और वह झोंपड़ी उनके नक्शे में बाधा बन रही थी, इसलिए वे उसे हटाना चाहते थे।


    प्रश्न 2: वृद्धा ने झोंपड़ी छोड़ने से पहले मना क्यों किया था?

    उत्तर: वृद्धा का उस झोंपड़ी से भावनात्मक लगाव था। उसके पति और इकलौते बेटे की मृत्यु वहीं हुई थी। उसकी पतोहू भी वहीं गुजरी थी। वह झोंपड़ी उसकी यादों की धरोहर थी, जिसे वह जीते-जी छोड़ना नहीं चाहती थी।


    प्रश्न 3: वृद्धा ने ज़मींदार से क्या झूठ बोला (या बहाना बनाया)?

    उत्तर: वृद्धा ने ज़मींदार से कहा कि जब से वह झोंपड़ी से निकली है, उसकी पोती ने खाना-पीना छोड़ दिया है और वह केवल अपने घर की मिट्टी के चूल्हे पर बनी रोटी ही खाएगी। यह एक उपाय था ताकि वह झोंपड़ी के अंदर जा सके और अपनी योजना (टोकरी वाली) पूरी कर सके।


    प्रश्न 4: ज़मींदार को शर्मिंदगी (लज्जा) क्यों महसूस हुई?

    उत्तर: ज़मींदार एक मजबूत पुरुष थे, फिर भी वे एक बूढ़ी औरत की मिट्टी से भरी टोकरी को अपनी पूरी ताकत लगाने के बाद भी नहीं उठा सके। अपनी शारीरिक

    शक्ति की यह विफलता और वृद्धा के सामने कमजोर साबित होना उनके लिए लज्जा का कारण बना।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: "अहंकार मनुष्य की आँखों पर पट्टी बाँध देता है, लेकिन सत्य की एक किरण उसे खोल देती है।" कहानी के आधार पर इस कथन की विवेचना कीजिए।

    उत्तर: कहानी में ज़मींदार धन और सत्ता के अहंकार में इतना अंधा हो गया था कि उसे एक गरीब विधवा का दुख दिखाई नहीं दिया। उसने क्रूरता से उसे बेघर कर दिया। लेकिन जब वृद्धा ने उसे 'एक टोकरी मिट्टी' उठाने की चुनौती दी और वह असफल रहा, तो वृद्धा के एक व्यंग्य ने उसकी आँखों की पट्टी खोल दी। उसे समझ आ गया कि धन से जमीन खरीदी जा सकती है, लेकिन किसी की आत्मा और यादों पर कब्जा नहीं किया जा सकता। अन्याय का बोझ बहुत भारी होता है। यह अहसास होते ही उसका अहंकार टूट गया और उसने अपना मानवीय धर्म निभाया।


    प्रश्न 2: यदि आप वृद्धा की जगह होते, तो ज़मींदार के अन्याय का सामना कैसे करते?

    उत्तर: यदि मैं वृद्धा की जगह होता, तो मैं भी पहले विनम्रता से अपनी बात रखता। लेकिन अगर ज़मींदार न मानता, तो मैं केवल भावनात्मक अपील तक सीमित न रहता। मैं अपने गाँव के अन्य लोगों और पंचायत का सहयोग माँगता। अन्याय के खिलाफ एकजुट होना ज़रूरी है। हालाँकि, वृद्धा का तरीका बहुत ही प्रभावशाली और अहिंसक था। उसने ज़मींदार की अंतरात्मा को झकझोर कर उसे बदला। मैं भी कोशिश करता कि उसे उसकी गलती का अहसास हो, क्योंकि कानून कभी-कभी अमीरों का साथ दे सकता है (जैसे कहानी में हुआ), लेकिन मानवता और सत्य अंततः जीतते हैं।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on the text of the chapter)


    प्रश्न 1: 'कि' और 'की' का प्रयोग (Fill in the blanks):

    • वृद्धा ने कहा कि (ki) वह झोंपड़ी नहीं छोड़ेगी। (योजक/Conjunction)

    • यह उस वृद्धा की (kee) झोंपड़ी थी। (संबंध कारक/Possessive)

    • ज़मींदार की (kee) इच्छा थी कि (ki) झोंपड़ी हट जाए।


    प्रश्न 2: मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग:

    • बाल की खाल निकालना: (दोष ढूँढना / बहुत छानबीन करना) - वकील अदालत में बाल की खाल निकालते हैं।

    • आँखें खुलना: (होश आना / गलती का अहसास होना) - फेल होने पर राजू की आँखें खुल गईं

    • फूट-फूट कर रोना: (बहुत ज़ोर से रोना) - घर छिन जाने पर वृद्धा फूट-फूट कर रोने लगी।

    • थैली गरम करना: (रिश्वत देना) - ज़मींदार ने वकीलों की थैली गरम करके मुकदमा जीता।


    प्रश्न 3: काल (Tense) पहचानिए:

    • "वह तो कई ज़माने से वहीं बसी थी।" - पूर्ण भूतकाल (Past Perfect)

    • "मैं उसे अपने सिर पर धर लूँ।" - भविष्यत् काल (संभाव्य) / इच्छा

    • "श्रीमान् टहल रहे थे।" - अपूर्ण भूतकाल (Past Continuous)


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. टोकरी का वजन:

      • त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि टोकरी वास्तव में बहुत भारी थी जिसे कोई नहीं उठा सकता था।

      • सुधार: टोकरी साधारण मिट्टी की थी, लेकिन ज़मींदार से वह इसलिए नहीं उठी क्योंकि यह एक प्रतीकात्मक घटना थी या शायद मिट्टी गीली/ठोस थी, लेकिन मुख्य बिंदु उसका 'नैतिक भार' (Moral burden) है।

    2. झोंपड़ी वापस मिलने का कारण:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि ज़मींदार डर गया था।

      • सुधार: ज़मींदार डरा नहीं था, बल्कि उसे पश्चाताप (Repentance/Guilt) हुआ था और उसकी इंसानियत जाग गई थी।

    3. लेखक का नाम:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर प्रेमचंद का नाम लिख देते हैं क्योंकि कहानी ग्रामीण परिवेश की है।

      • सुधार: इसके लेखक माधवराव सप्रे हैं।


    End


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