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    7 - नेताजी का चश्मा (Netaji Ka Chasma)-Class 10 Kshitij 2

    • Dec 13, 2025
    • 8 min read

    Updated: Dec 16, 2025

    नेताजी का चश्मा (Netaji Ka Chasma)

    Class 10 - Hindi Course A (Kshitij Bhag 2) | Author: स्वयं प्रकाश (Swayam Prakash)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • हालदार साहब और मूर्ति: हालदार साहब को हर पंद्रहवें दिन कंपनी के काम से एक कस्बे से गुजरना पड़ता था। उस कस्बे के मुख्य बाजार के चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की संगमरमर की मूर्ति लगी थी, जिसे कस्बे के मास्टर मोतीलाल ने बनाया था।

      • English: Haldar Saheb and the Statue: Haldar Saheb had to pass through a town every fifteen days for company work. A marble statue of Netaji Subhash Chandra Bose, made by the town's master Motilal, was installed at the main square of the town's market.

    • चश्मे का रहस्य: मूर्ति सुंदर थी लेकिन उस पर संगमरमर का चश्मा नहीं था। उसकी जगह एक असली (Real) चश्मा पहनाया गया था। हालदार साहब ने देखा कि हर बार मूर्ति का चश्मा बदल जाता है - कभी चौकोर, कभी गोल।

      • English: Mystery of the Glasses: The statue was beautiful but did not have marble glasses. Instead, it wore real glasses. Haldar Saheb noticed that the glasses on the statue changed every time - sometimes square, sometimes round.

    • कैप्टन चश्मेवाला: पानवाले से पूछने पर पता चला कि यह काम 'कैप्टन' नाम का एक बूढ़ा, लंगड़ा चश्मेवाला करता है। वह नेताजी की मूर्ति को बिना चश्मे के नहीं देख सकता, इसलिए अपनी दुकान से एक फ्रेम लगा देता है। जब कोई ग्राहक वह फ्रेम मांगता है, तो वह उसे बदलकर दूसरा लगा देता है।

      • English: Captain the Spectacle Seller: Upon asking the Panwala, it was revealed that this was done by an old, lame spectacle seller named 'Captain'. He could not bear to see Netaji's statue without glasses, so he would put a frame from his shop. When a customer asked for that frame, he would replace it with another.

    • देशभक्ति का मजाक और सम्मान: पानवाला कैप्टन का मजाक उड़ाते हुए उसे 'पागल' कहता है, जो हालदार साहब को अच्छा नहीं लगता। हालदार साहब कैप्टन की देशभक्ति और त्याग के प्रति नतमस्तक होते हैं।

      • English: Mockery and Respect for Patriotism: The Panwala mocks Captain, calling him 'mad', which Haldar Saheb does not like. Haldar Saheb bows in respect to Captain's patriotism and sacrifice.

    • कैप्टन की मृत्यु और सरकंडे का चश्मा: एक दिन मूर्ति पर चश्मा नहीं था। पता चला कि कैप्टन मर गया। हालदार साहब बहुत दुखी हुए और सोचा कि अब मूर्ति हमेशा बिना चश्मे के रहेगी। लेकिन अगली बार उन्होंने देखा कि मूर्ति पर बच्चों द्वारा बनाया गया 'सरकंडे' (Reed) का चश्मा लगा है। यह देखकर उनकी आँखें भर आईं।

      • English: Captain's Death and Reed Glasses: One day there were no glasses on the statue. It was learned that Captain had died. Haldar Saheb was very sad and thought the statue would now remain without glasses forever. But the next time, he saw a 'reed' (Sarkanda) frame made by children on the statue. Seeing this, his eyes filled with tears.

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    कस्बा

    गाँव से बड़ा और शहर से छोटा

    Town

    ऊहापोह

    दुविधा / असमंजस

    Dilemma / Hesitation

    कमसिन

    कम उम्र का / सुंदर

    Young / Lovely

    दरकार

    ज़रूरत

    Requirement / Need

    कौतुक

    आश्चर्य / उत्सुकता

    Curiosity / Wonder

    मरियल

    बहुत कमजोर

    Weak / Frail

    अवाक्

    हैरान / चुप

    Speechless / Stunned

    नतमस्तक

    सिर झुकाना (सम्मान में)

    Bowing head (in respect)

    द्रवित

    भावुक होना

    Moved / Emotional

    सरकंडा

    एक प्रकार की घास

    Reed

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    हालदार साहब (Haldar Saheb)

    • संवेदनशील और देशभक्त (Sensitive & Patriotic): वे एक भावुक व्यक्ति हैं जो देश के शहीदों और देशभक्तों का सम्मान करते हैं। कैप्टन की मृत्यु और बच्चों द्वारा लगाए गए सरकंडे के चश्मे को देखकर उनकी आँखें भर आती हैं, जो उनकी संवेदनशीलता दर्शाता है।

      • English: He is an emotional person who respects the martyrs and patriots of the country. His eyes fill with tears upon seeing Captain's death and the reed glasses put by children, showing his sensitivity.

    • जिज्ञासु (Curious): वे हर बार मूर्ति के बदलते चश्मे का कारण जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

      • English: He remains eager to know the reason behind the changing glasses of the statue every time.

    कैप्टन चश्मेवाला (Captain Chashmewala)

    • सच्चा देशभक्त (True Patriot): भले ही वह गरीब, बूढ़ा और शारीरिक रूप से अक्षम (लंगड़ा) था, लेकिन उसमें देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी। वह नेताजी का अपमान (बिना चश्मे की मूर्ति) सहन नहीं कर सकता था।

      • English: Although he was poor, old, and physically disabled (lame), he was full of patriotism. He could not tolerate the insult to Netaji (statue without glasses).

    पानवाला (Panwala)

    • यथार्थवादी लेकिन व्यंग्यात्मक (Realistic but Sarcastic): वह खुशमिजाज है लेकिन संवेदनहीन भी। वह कैप्टन की देशभक्ति को 'पागलपन' कहता है। वह समाज के उस वर्ग का प्रतीक है जो देशभक्तों का मजाक उड़ाता है।

      • English: He is jolly but also insensitive. He calls Captain's patriotism 'madness'. He represents that section of society which mocks patriots.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): हालदार साहब ने सोचा कि कैप्टन के मरने के बाद अब नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं होगा।

    तर्क (R): उन्हें लगता था कि कस्बे में कैप्टन के अलावा और कोई देशप्रेमी नहीं बचा है जो नेताजी का ख्याल रखे।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): पानवाले ने कैप्टन को 'पागल' कहा।

    तर्क (R): कैप्टन अक्सर सड़क पर अजीब हरकतें करता था और लोगों को परेशान करता था।

    उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (पानवाले ने उसे पागल इसलिए कहा क्योंकि वह अपनी धुन (देशभक्ति) में रहता था, न कि लोगों को परेशान करने के कारण)।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर देशभक्ति के स्टेटस लगाती है लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाती है।

    प्रश्न (Question): 'नेताजी का चश्मा' कहानी के संदेश के आधार पर इस व्यवहार का विश्लेषण करें।

    उत्तर (Answer): कहानी के अनुसार, सच्ची देशभक्ति दिखावे में नहीं, बल्कि कार्यों में है। कैप्टन गरीब होकर भी देश के सम्मान (मूर्ति) की रक्षा करता था। इसके विपरीत, युवा पीढ़ी का यह व्यवहार 'दिखावटी देशभक्ति' है। सार्वजनिक संपत्ति (जो देश की है) को नुकसान पहुँचाना देशद्रोह के समान है। हमें कैप्टन की तरह छोटे-छोटे कार्यों से देश को संवारना चाहिए, न कि बिगाड़ना चाहिए।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है।"

    उत्तर: हालदार साहब पानवाले द्वारा कैप्टन का मजाक उड़ाने पर दुखी थे। इस पंक्ति का आशय है कि जिस समाज (कौम) में देशभक्तों और बलिदानियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि उनका उपहास किया जाता है, उस समाज का भविष्य अंधकारमय है। यह समाज के नैतिक पतन और स्वार्थपरता को दर्शाता है।

    प्रश्न 2: "मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था।"

    उत्तर: यह पंक्ति कहानी का सबसे आशावादी मोड़ है। इसका अर्थ है कि देशभक्ति अभी मरी नहीं है। नई पीढ़ी (बच्चों) के मन में भी अपने महापुरुषों के प्रति सम्मान है। सरकंडे का चश्मा सीमित संसाधनों में भी देशप्रेम प्रकट करने का प्रतीक है।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग 'कैप्टन' क्यों कहते थे?

    उत्तर: चश्मेवाले में नेताजी के प्रति अगाध श्रद्धा और देशभक्ति की भावना थी। वह अनुशासित सिपाही की तरह नेताजी की मूर्ति का ख्याल रखता था। शायद उसकी इसी देशभक्ति और जज्बे को देखकर लोग व्यंग्य या सम्मान में उसे 'कैप्टन' कहते थे।

    प्रश्न 2: हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?

    उत्तर: कैप्टन की मृत्यु की खबर सुनकर हालदार साहब मायूस हो गए थे। उन्हें लगा कि अब कस्बे में देशभक्ति की भावना खत्म हो गई है और नेताजी की मूर्ति हमेशा बिना चश्मे के (अधूरी) रहेगी, जो एक राष्ट्रीय शर्म की बात थी।

    प्रश्न 3: पानवाले का एक रेखाचित्र (Character Sketch) प्रस्तुत कीजिए।

    उत्तर: पानवाला एक काला, मोटा और खुशमिजाज आदमी था। उसके मुँह में हमेशा पान ठुंसा रहता था। वह बातूनी था और व्यंग्य करने में माहिर था। उसकी तोंद थिरकती रहती थी। वह भावुक भी था (कैप्टन की मौत पर) लेकिन लापरवाह भी।

    प्रश्न 4: "वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!" - यह कथन किसकी मानसिकता दर्शाता है?

    उत्तर: यह कथन पानवाले का है। यह समाज की उस संवेदनहीन और स्वार्थी मानसिकता को दर्शाता है जो शारीरिक रूप से अक्षम लोगों और सच्चे देशभक्तों का सम्मान करने के बजाय उनका मजाक उड़ाती है।

    प्रश्न 5: मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?

    उत्तर: मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा यह उम्मीद जगाता है कि देश का भविष्य सुरक्षित है। आने वाली पीढ़ी (बच्चे) में भी देशभक्ति के संस्कार और अपने नेताओं के प्रति सम्मान जीवित है। अभावों में भी वे देश का मान रखना जानते हैं।

    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: 'नेताजी का चश्मा' कहानी हमें देशभक्ति की क्या नई परिभाषा सिखाती है?

    उत्तर: अक्सर हम मानते हैं कि सीमा पर लड़ना या नारे लगाना ही देशभक्ति है। लेकिन 'नेताजी का चश्मा' कहानी सिखाती है कि देशभक्ति का दायरा बहुत विशाल है। अपने देश के नागरिकों, इतिहास, महापुरुषों और संपत्ति का सम्मान करना भी देशभक्ति है। कैप्टन चश्मेवाला कोई फौजी नहीं था, लेकिन नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाकर उसने अपनी देशभक्ति सिद्ध की। इसी तरह, बच्चे सरकंडे का चश्मा लगाकर अपना योगदान देते हैं। अतः अपने सामर्थ्य के अनुसार देश के निर्माण और सम्मान में सहयोग देना ही सच्ची देशभक्ति है।

    प्रश्न 2: हालदार साहब, पानवाला और कैप्टन - तीनों के चरित्र देश के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं। स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: हालदार साहब भावुक और समझदार नागरिक हैं जो देशभक्ति के लोप होने से चिंतित हैं। वे बदलाव (बच्चों का प्रयास) को देखकर आशावान भी हैं। पानवाला उस आम जनता का प्रतीक है जो मजे ले-लेकर बातें करता है, जिसे देश की समस्याओं से खास सरोकार नहीं, और जो देशभक्तों को 'पागल' समझता है। कैप्टन कर्मठ देशभक्त है। वह बातें नहीं करता, बल्कि काम करता है। वह अपनी सीमाओं के बावजूद देश के सम्मान (मूर्ति) की रक्षा करता है। कहानी बताती है कि हमें कैप्टन और हालदार साहब जैसा बनना चाहिए, पानवाले जैसा नहीं।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 10 Hindi Course A - Kshitij Pattern)

    प्रश्न 1: वाच्य परिवर्तन (कर्मवाच्य में बदलिए): "वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से एक नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।"

    उत्तर: उसके द्वारा अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से एक नेताजी की मूर्ति पर फिट कर दिया जाता है।

    प्रश्न 2: वाच्य परिवर्तन (भाववाच्य में बदलिए): "माँ रो भी नहीं सकती।"

    उत्तर: माँ से रोया भी नहीं जाता।

    प्रश्न 3: वाच्य पहचानिए: "पानवाला नया पान खा रहा था।"

    उत्तर: कर्तृवाच्य (Active Voice)।

    प्रश्न 4: पद-परिचय: "कैप्टन मर गया।" (रेखांकित: कैप्टन)

    उत्तर: संज्ञा (व्यक्तिवाचक), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, 'मर गया' क्रिया का कर्ता।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. कैप्टन कौन था:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि कैप्टन आज़ाद हिंद फौज का सिपाही था।

      • सुधार: कैप्टन एक बूढ़ा, लंगड़ा चश्मे बेचने वाला (फेरीवाला) था। 'कैप्टन' उसका नाम या उपाधि थी, पद नहीं।

    2. मूर्ति की कमी:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि मूर्ति टूटी हुई थी।

      • सुधार: मूर्ति टूटी नहीं थी, बस उस पर संगमरमर का चश्मा नहीं बना था (मूर्तिकार बनाना भूल गया था या टूट गया था)।

    3. सरकंडे का चश्मा:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि हालदार साहब ने सरकंडे का चश्मा लगाया।

      • सुधार: सरकंडे का चश्मा संभवतः बच्चों ने लगाया था, जिसे देखकर हालदार साहब भावुक हुए





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