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    12- संस्कृति (Sanskriti) - Class 10 Kshitij 2

    • Dec 13, 2025
    • 8 min read

    Updated: Dec 16, 2025

    संस्कृति (Sanskriti)

    Class 10 - Hindi Course A (Kshitij Bhag 2) | Author: भदंत आनंद कौसल्यायन (Bhadant Anand Kausalyayan)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • सभ्यता और संस्कृति में अंतर: लेखक बताते हैं कि 'सभ्यता' और 'संस्कृति' दो अलग चीज़ें हैं, जिन्हें अक्सर एक मान लिया जाता है। 'संस्कृति' वह मूल प्रेरणा, शक्ति या योग्यता है जो इंसान को किसी नई चीज़ की खोज करने के लिए उकसाती है (जैसे- आग या सुई-धागे का आविष्कार)। वहीं, 'सभ्यता' वह वस्तु या तरीका है जो उस खोज के परिणामस्वरुप हमारे जीवन में आती है (जैसे- चूल्हा, कपड़े, रहन-सहन)।

      • English: Difference between Civilization and Culture: The author explains that 'Civilization' (Sabhyata) and 'Culture' (Sanskriti) are distinct. 'Culture' is the primal inspiration or ability that drives humans to invent something new (e.g., invention of fire or needle-thread). 'Civilization' is the product or lifestyle that results from that invention (e.g., stoves, clothes, living standards).

    • संस्कृत व्यक्ति बनाम सभ्य व्यक्ति: जिस व्यक्ति ने अपनी बुद्धि से पहली बार किसी चीज़ का आविष्कार किया (जैसे न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत खोजा), वह 'संस्कृत' (Cultured) मानव है। लेकिन उसकी संतान या शिष्य, जिन्हें वह ज्ञान आसानी से विरासत में मिल गया, वे 'सभ्य' (Civilized) तो हो सकते हैं, पर उस विशिष्ट खोज के लिए 'संस्कृत' नहीं कहला सकते।

      • English: Cultured Person vs. Civilized Person: The person who invented something for the first time using their intellect (like Newton discovering gravity) is 'Cultured' (Sanskrit). However, their descendants or students who received that knowledge effortlessly may be 'Civilized' (Sabhya) but cannot be called 'Cultured' in the context of that specific discovery.

    • संस्कृति के प्रेरक तत्त्व: संस्कृति केवल पेट भरने (भौतिक आवश्यकता) की मजबूरी से पैदा नहीं होती। इसके पीछे 'जानने की इच्छा' (ज्ञानेप्सा) और 'मानव कल्याण' की भावना भी होती है। जैसे- पेट भरा होने पर भी रात में तारों को निहारना या दूसरों के लिए अपना भोजन त्याग देना।

      • English: Motivating Factors of Culture: Culture is not born solely out of physical needs like hunger. It is also driven by the 'desire to know' and the spirit of 'human welfare'. For example, gazing at stars even when full, or giving up one's food for others.

    • संस्कृति और असंस्कृति: लेखक मानते हैं कि जो योग्यता मानव का विनाश करती है (जैसे आत्म-विनाशकारी हथियार बनाना), वह संस्कृति नहीं, बल्कि 'असंस्कृति' है। ऐसी असंस्कृति का परिणाम हमेशा 'असभ्यता' होता है। मानव संस्कृति का उद्देश्य हमेशा कल्याणकारी होना चाहिए।

      • English: Culture and Non-Culture: The author believes that the ability which leads to human destruction (like creating weapons of mass destruction) is not culture but 'Non-culture' (Asanskriti). The result of such non-culture is always 'Uncivilized' behavior (Asabhyata). The aim of human culture should always be welfare.

    • अविभाज्य संस्कृति: लेखक के अनुसार, संस्कृति को हिंदू, मुस्लिम या किसी अन्य धर्म के नाम पर बाँटा नहीं जा सकता। संस्कृति एक अखंड धारा है। इसमें जो भी कल्याणकारी अंश है, वही श्रेष्ठ और स्थायी है।

      • English: Indivisible Culture: According to the author, culture cannot be divided in the name of Hindu, Muslim, or any other religion. Culture is an undivided stream. Whatever is beneficial/welfare-oriented in it is supreme and permanent.

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    आविष्कर्ता

    आविष्कार (खोज) करने वाला

    Inventor

    साक्षात

    प्रत्यक्ष / आँखों के सामने

    Direct / Face-to-face

    परिष्कृत

    शुद्ध किया हुआ / माँझा हुआ

    Refined / Polished

    कदाचित

    शायद / संभवतः

    Perhaps / Maybe

    शीतोष्ण

    सर्दी और गर्मी (शीत + उष्ण)

    Cold and Heat

    निठल्ला

    बेकार / बिना काम का

    Idle / Useless

    मनीषी

    विद्वान / चिंतक

    Scholar / Thinker

    तथ्य

    सच्चाई / यथार्थ बात

    Fact

    तृष्णा

    प्यास / लोभ / इच्छा

    Thirst / Craving

    अवश्यंभावी

    जिसका होना निश्चित हो

    Inevitable


    3. अवधारणा चित्रण (Concept Sketches)


    संस्कृत मानव (The Cultured Man)

    • सृजनशील और अन्वेषक (Creative & Explorer): यह वह व्यक्ति है जो अपनी नई सोच और योग्यता से दुनिया को कुछ नया देता है। जैसे- सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) जिन्होंने मानवता के सुख के लिए घर त्यागा, या वह आदिमानव जिसने पहली बार आग जलाई।

      • English: This is the person who gives something new to the world through their new thinking and ability. E.g., Siddhartha (Buddha) who left home for humanity's happiness, or the early human who lit fire for the first time.

    सभ्य मानव (The Civilized Man)

    • उपयोगकर्ता और सुसंस्कृत (User & Refined): यह वह व्यक्ति है जो पूर्वजों द्वारा किए गए आविष्कारों का प्रयोग करके अपना जीवन सुखमय बनाता है। वह अनुशासित और शिक्षित हो सकता है, लेकिन वह 'निर्माता' (Creator) नहीं है।

      • English: This is the person who uses the inventions made by ancestors to make their life comfortable. They may be disciplined and educated, but they are not the 'Creator' in that specific context.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): आज का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन से अधिक सभ्य हो सकता है, परंतु न्यूटन जितना 'संस्कृत' नहीं।

    तर्क (R): विद्यार्थी को न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत के साथ-साथ अन्य नई बातों का ज्ञान अनायास ही मिल गया है, जबकि न्यूटन ने अपनी मौलिक बुद्धि से उस सत्य को पहली बार खोजा था।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): जो योग्यता आत्म-विनाश के साधनों (जैसे परमाणु बम) का आविष्कार कराती है, उसे लेखक ने 'असंस्कृति' कहा है।

    तर्क (R): क्योंकि ऐसी खोजें मानव कल्याण के विपरीत होती हैं और सभ्यता को नष्ट कर देती हैं।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)


    स्थिति (Situation): एक व्यक्ति अपनी कमाई से अपना और अपने परिवार का पेट भरता है और अच्छे कपड़े पहनता है। दूसरा व्यक्ति अपना पेट भरा होने पर भी अपनी रोटी का टुकड़ा किसी भूखे को दे देता है।

    प्रश्न (Question): 'संस्कृति' पाठ के अनुसार इन दोनों में से किसमें 'संस्कृति' के दर्शन होते हैं?

    उत्तर (Answer): पाठ के अनुसार, दूसरे व्यक्ति में 'संस्कृति' के दर्शन होते हैं। पहला व्यक्ति केवल 'सभ्यता' (रहन-सहन) का पालन कर रहा है या भौतिक जरूरतें पूरी कर रहा है। लेकिन दूसरा व्यक्ति 'त्याग' और 'परोपकार' की भावना से प्रेरित है, जो मानव संस्कृति की जननी है।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है।"

    उत्तर: लेखक का आशय है कि संस्कृति को टुकड़ों में नहीं बाँटा जा सकता। इसे 'हिंदू संस्कृति' या 'मुस्लिम संस्कृति' कहना गलत है। संस्कृति मानवता की साझा विरासत है। इसमें कल्याणकारी तत्व (जैसे प्रेम, त्याग, नई खोज) सभी के लिए समान होते हैं और ये एक निरंतर बहने वाली धारा की तरह है।

    प्रश्न 2: "सभ्यता, संस्कृति का परिणाम है।"

    उत्तर: संस्कृति वह 'कारण' (Cause) या 'शक्ति' है जिससे आविष्कार होता है। उस आविष्कार के बाद जो जीवनशैली बनती है, वह 'सभ्यता' है। जैसे- सुई-धागे का आविष्कार करने की प्रेरणा 'संस्कृति' थी, और उससे सिला हुआ कपड़ा पहनना 'सभ्यता' है। अतः सभ्यता संस्कृति का बाहरी और भौतिक रूप है।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: लेखक ने सुई-धागे के आविष्कार के पीछे किन प्रेरणाओं का अनुमान लगाया है?

    उत्तर: लेखक के अनुसार, सुई-धागे के आविष्कार के पीछे दो प्रेरणाएँ रही होंगी- एक तो मौसम की मार (शीतोष्ण) से बचने के लिए शरीर को ढकना, और दूसरा अपने शरीर को सजाने की प्रवृत्ति।

    प्रश्न 2: न्यूटन को 'संस्कृत मानव' क्यों कहा गया है?

    उत्तर: न्यूटन ने अपनी बुद्धि और योग्यता के बल पर गुरुत्वाकर्षण के नए सिद्धांत की खोज की थी, जो पहले अज्ञात था। चूंकि उन्होंने एक नए सत्य का दर्शन कराया, इसलिए वे 'संस्कृत मानव' हैं।

    प्रश्न 3: 'असंस्कृति' से क्या अभिप्राय है और इसका क्या परिणाम होता है?

    उत्तर: जो योग्यता या आविष्कार मानव कल्याण के विरुद्ध हो और विनाश का कारण बने, उसे 'असंस्कृति' कहते हैं। इसका परिणाम 'असभ्यता' होता है, जिससे विनाश लीला होती है (जैसे युद्ध और संहार)।

    प्रश्न 4: लेखक के अनुसार संस्कृति के 'माता-पिता' कौन हैं?

    उत्तर: लेखक के अनुसार, संस्कृति के दो माता-पिता (मूल कारण) हैं- 1. भौतिक प्रेरणा (पेट भरना, तन ढकना) और 2. ज्ञानेप्सा (जानने की इच्छा) या अन्तर्निहित करुणा (दूसरों का कल्याण)। B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: सभ्यता और संस्कृति में क्या अंतर है? पाठ के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

    उत्तर: पाठ के अनुसार, 'संस्कृति' वह आंतरिक योग्यता या प्रेरणा है जो मनुष्य को कुछ नया खोजने के लिए उकसाती है। यह सूक्ष्म और मौलिक होती है। दूसरी ओर, 'सभ्यता' उस खोज का परिणाम है जो हमारे बाहरी रहन-सहन में दिखाई देती है। यह स्थूल होती है। उदाहरण के लिए, आग का आविष्कार करने वाले आदिमानव की बुद्धि 'संस्कृति' थी, लेकिन आज हमारे पास जो गैस-चूल्हा और भोजन पकाने के तरीके हैं, वे 'सभ्यता' हैं। संस्कृति निर्माता है, सभ्यता उसका उत्पाद है।

    प्रश्न 2: "संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता टूट जाएगा तो वह असंस्कृति होकर ही रहेगी।" इस कथन की समीक्षा कीजिए।

    उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है। संस्कृति का मूल उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर और उन्नत बनाना है। यदि कोई बुद्धि या खोज मानव का अहित करती है (जैसे घातक हथियार या वायरस बनाना), तो उसे संस्कृति नहीं कहा जा सकता। वह 'असंस्कृति' है। सिद्धार्थ (बुद्ध) ने मानव कल्याण के लिए ही राज-पाठ त्यागा था, जो उच्च संस्कृति का उदाहरण है। यदि हम विज्ञान या ज्ञान का प्रयोग शोषण और विनाश के लिए करते हैं, तो वह पतन की ओर ले जाता है। अतः कल्याण की भावना ही संस्कृति की कसौटी है।

    प्रश्न 3: वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है? क्या हम आज के वैज्ञानिकों को पूरी तरह संस्कृत कह सकते हैं?

    उत्तर: वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' वह है जो अपनी बुद्धि और विवेक से किसी नए तथ्य का दर्शन करता है या समाज को नई दिशा देता है। वह पूर्वजों के ज्ञान पर निर्भर नहीं रहता बल्कि उसमें कुछ नया जोड़ता है। आज के वैज्ञानिक यदि केवल पुराने सिद्धांतों का ही प्रयोग कर रहे हैं, तो वे 'सभ्य' हैं, 'संस्कृत' नहीं। लेकिन यदि वे अपनी मौलिक सोच से कोई नई खोज करते हैं जो मानवता के लिए लाभकारी है, तभी वे न्यूटन की तरह सच्चे अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' कहलाएंगे।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 10 Hindi Course A - Kshitij Pattern)

    प्रश्न 1: समास विग्रह और भेद बताइए:

    • दाल-भात: दाल और भात (द्वंद्व समास)

    • महामानव: महान है जो मानव (कर्मधारय समास)

    • सप्तर्षि: सात ऋषियों का समूह (द्विगु समास)

    • यथोचित: जैसा उचित हो (अव्ययीभाव समास)

    प्रश्न 2: उपसर्ग और प्रत्यय अलग कीजिए: "आविष्कर्ता"

    उत्तर: आविः (उपसर्ग/पूर्वपद) + कृ (धातु) + ता (प्रत्यय)। (सरल रूप में: आविष्कार + ता)।

    प्रश्न 3: पद-परिचय: "न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया।" (रेखांकित: न्यूटन)

    उत्तर: संज्ञा (व्यक्तिवाचक), पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, 'किया' क्रिया का कर्ता।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. सभ्यता और संस्कृति को एक समझना:

      • त्रुटि: छात्र अक्सर दोनों शब्दों का प्रयोग पर्यायवाची (Synonyms) की तरह करते हैं।

      • सुधार: संस्कृति 'कारण' (Internal Ability) है और सभ्यता 'परिणाम' (External Product) है।

    2. न्यूटन का उदाहरण:

      • त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि हम न्यूटन से ज्यादा 'संस्कृत' हैं क्योंकि हम ज्यादा जानते हैं।

      • सुधार: हम न्यूटन से ज्यादा 'सभ्य' (Civilized/Informed) हो सकते हैं, लेकिन 'संस्कृत' (Creative genius) नहीं, क्योंकि वह खोज मौलिक रूप से उनकी थी।

    3. असंस्कृति का अर्थ:

      • त्रुटि: छात्र इसे 'बदतमीजी' या 'अनपढ़ होना' समझते हैं।

      • सुधार: पाठ में असंस्कृति का अर्थ 'मानव-अहितकारी' (Anti-welfare) सोच या आविष्कार है।



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