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    9 - लखनवी अंदाज़ (Lakhnavi Andaz) -Class 10 Kshitij 2

    • Dec 13, 2025
    • 8 min read

    Updated: Dec 16, 2025

    लखनवी अंदाज़ (Lakhnavi Andaz)

    Class 10 - Hindi Course A (Kshitij Bhag 2) | Author: यशपाल (Yashpal)


    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • लेखक की यात्रा: लेखक ने भीड़ से बचने और एकांत में नई कहानी सोचने के लिए सेकंड क्लास का टिकट लिया। उन्हें लगा कि डिब्बा खाली होगा, लेकिन वहाँ पहले से ही एक नवाब साहब बैठे थे।

      • English: The Author's Journey: The author bought a second-class ticket to avoid the crowd and think about a new story in solitude. He thought the compartment would be empty, but a Nawab Saheb was already sitting there.

    • नवाब साहब का व्यवहार: नवाब साहब लेखक के आने से खुश नहीं दिखे। उन्होंने लेखक से बात करने में कोई उत्साह नहीं दिखाया और खिड़की से बाहर देखते रहे। उनके पास तौलिए पर दो ताजे खीरे रखे थे।

      • English: Nawab Saheb's Behavior: Nawab Saheb did not seem happy with the author's arrival. He showed no enthusiasm in talking to the author and kept looking out of the window. Two fresh cucumbers were placed on a towel beside him.

    • खीरे की तैयारी: नवाब साहब ने बहुत ही सलीके से खीरों को धोया, पोंछा, काटा और उन पर नमक-मिर्च बुरका। यह सब करते हुए उनके मुँह में पानी आ रहा था, जो उनके चेहरे से साफ पता चल रहा था।

      • English: Preparation of Cucumbers: Nawab Saheb meticulously washed, wiped, and sliced the cucumbers, then sprinkled salt and pepper on them. While doing this, his mouth was watering, which was evident from his face.

    • खीरा खाने का अनोखा तरीका: नवाब साहब ने खीरे की फाँक को होंठों तक ले जाकर सूँघा और स्वाद के आनंद में आँखें मूंद लीं। फिर उन्होंने बिना खाए ही उस फाँक को खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने सारे खीरे इसी तरह सूँघकर फेंक दिए।

      • English: Unique Way of Eating Cucumber: Nawab Saheb brought a cucumber slice to his lips, smelled it, and closed his eyes in enjoyment of the flavor. Then, without eating it, he threw the slice out of the window. He threw away all the cucumbers in this manner after smelling them.

    • दिखावटी रईसी: नवाब साहब ने ऐसा करके अपनी 'खानदानी रईसी' और 'नज़ाकत' का प्रदर्शन किया। उन्होंने डकार लेकर यह भी जता दिया कि केवल सूँघने से ही उनका पेट भर गया है। लेखक ने इसे सामंती वर्ग की बनावटी जीवन-शैली माना।

      • English: Showy Aristocracy: By doing this, Nawab Saheb displayed his 'aristocratic heritage' and 'delicacy'. He even burped to show that his stomach was full just by smelling. The author considered this a fake lifestyle of the feudal class.

    • नई कहानी का जन्म: लेखक ने सोचा कि जब बिना खीरा खाए पेट भर सकता है, तो बिना विचार, घटना और पात्रों के 'नई कहानी' भी लिखी जा सकती है। यह व्यंग्य पाठ का मुख्य उद्देश्य है।

      • English: Birth of a New Story: The author thought that if one's stomach can be filled without eating a cucumber, then a 'new story' can also be written without thoughts, events, and characters. This satire is the main objective of the lesson.

    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    मुफस्सिल

    केंद्र नगर के आसपास के स्थान

    Suburban areas / Outskirts

    सफ़ेदपोश

    भद्र व्यक्ति / शरीफ आदमी

    Gentleman / White-collared person

    किफ़ायत

    बचत / समझदारी से खर्च करना

    Economy / Frugality

    एहतियात

    सावधानी

    Precaution / Care

    बुरक देना

    छिड़क देना

    To sprinkle

    प्लावित

    पानी से भर जाना

    Flooded / Watered

    पनियाती

    रसीली / पानीदार

    Juicy / Watery

    तसलीम

    सम्मान में / स्वीकार करना

    In respect / Acknowledgement

    नफ़ासत

    स्वच्छता / कोमलता

    Delicacy / Refinement

    एब्स्ट्रैक्ट

    अमूर्त / सूक्ष्म

    Abstract

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    नवाब साहब (Nawab Saheb)

    • दिखावटी और दंभी (Pretentious & Arrogant): नवाब साहब अपनी झूठी शान बनाए रखने के लिए सामान्य खाद्य पदार्थ (खीरा) को भी विशिष्ट ढंग से प्रयोग करते हैं। वे आम आदमी (लेखक) के सामने खीरा खाने में संकोच करते हैं।

      • English: Nawab Saheb uses even a common food item (cucumber) in a distinct way to maintain his false prestige. He hesitates to eat cucumber in front of a common man (the author).

    • नज़ाकत पसंद (Lover of Delicacy): वे खीरे को धोने, काटने और सजाने में बहुत समय और मेहनत लगाते हैं, जो उनकी नज़ाकत और सलीके को दर्शाता है।

      • English: He spends a lot of time and effort in washing, cutting, and arranging the cucumbers, which shows his delicacy and etiquette.

    लेखक (यशपाल) (The Author - Yashpal)

    • व्यंग्यकार और मनोवैज्ञानिक (Satirist & Psychologist): लेखक नवाब साहब के हाव-भाव का सूक्ष्म निरीक्षण करते हैं और उनकी मानसिकता को समझ जाते हैं। वे इस घटना के माध्यम से 'नई कहानी' के लेखकों पर कटाक्ष करते हैं।

      • English: The author minutely observes Nawab Saheb's gestures and understands his mindset. Through this incident, he satirizes the writers of the 'New Story' movement.

    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): नवाब साहब ने खीरे की फाँकों को खिड़की से बाहर फेंक दिया।

    तर्क (R): खीरे कड़वे थे और खाने योग्य नहीं थे।

    उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (नवाब साहब ने अपनी रईसी और नज़ाकत दिखाने के लिए खीरे फेंके, न कि कड़वे होने के कारण।)

    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): लेखक ने सेकंड क्लास का टिकट खरीदा।

    तर्क (R): वे भीड़ से बचकर एकांत में नई कहानी के बारे में सोचना चाहते थे।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): एक व्यक्ति महंगे कपड़े पहनकर बस में सफर कर रहा है, लेकिन वह अपनी सीट पर अखबार फैलाकर बैठता है ताकि कोई और न बैठ सके।

    प्रश्न (Question): 'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर इस व्यक्ति की मानसिकता की तुलना नवाब साहब से कीजिए।

    उत्तर (Answer): नवाब साहब की तरह यह व्यक्ति भी 'दिखावटी' और 'अहंकारी' है। जैसे नवाब साहब लेखक के आने से असंतुष्ट थे और अपनी रईसी दिखाना चाहते थे, वैसे ही यह व्यक्ति अपने कपड़ों और व्यवहार से खुद को विशिष्ट और दूसरों से अलग साबित करना चाहता है। यह सामंती मानसिकता का प्रतीक है।

    स्थिति (Situation): आज के दौर में लोग सोशल मीडिया पर खाने की फोटो डालते हैं लेकिन उसे खाते नहीं या बर्बाद कर देते हैं।

    प्रश्न (Question): क्या नवाब साहब का व्यवहार आज के इस 'दिखावे' से मिलता-जुलता है? स्पष्ट करें।

    उत्तर (Answer): हाँ, बिल्कुल। नवाब साहब ने खीरे को केवल सूँघकर फेंक दिया, जो उपभोग (Consumption) के बजाय प्रदर्शन (Display) था। आज भी लोग 'स्टेटस' के लिए चीजों का दिखावा करते हैं, उनका वास्तविक आनंद नहीं लेते। यह 'परजीवी संस्कृति' (Parasitic Culture) का ही रूप है।

    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "ज्ञान-चक्षु खुल गए! पहचाना - ये हैं नई कहानी के लेखक!"

    उत्तर: लेखक ने जब देखा कि नवाब साहब बिना खाए डकार ले सकते हैं, तो उन्होंने व्यंग्य किया कि अगर बिना खाए पेट भर सकता है, तो बिना विचार और घटना के 'नई कहानी' भी लिखी जा सकती है। यह 'नई कहानी' आंदोलन की विचारशून्यता पर करारा व्यंग्य है।

    प्रश्न 2: "खीरा लज़ीज़ होता है, लेकिन होता है सकील, नामुराद मेदे पर बोझ डाल देता है।"

    उत्तर: नवाब साहब ने खीरा न खाने का यह बहाना बनाया। वे अपनी रईसी के कारण यह जताना चाहते थे कि उनका पेट (मेदा) इतना कोमल है कि वह खीरे जैसी तुच्छ और भारी चीज़ को पचा नहीं सकता। यह उनकी बनावटी नज़ाकत को दर्शाता है।

    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए उत्सुक नहीं हैं?

    उत्तर: जब लेखक डिब्बे में दाखिल हुए, तो नवाब साहब की आँखों में असंतोष दिखाई दिया। उन्होंने लेखक की ओर देखने के बजाय खिड़की से बाहर देखना शुरू कर दिया और उनसे कोई बात नहीं की, जिससे लेखक को उनकी बेरुखी का अहसास हुआ।

    प्रश्न 2: नवाब साहब ने खीरे का "शौक फरमाने" के लिए लेखक को क्यों आमंत्रित किया?

    उत्तर: नवाब साहब अकेले खीरा खाने में संकोच महसूस कर रहे थे। काफी देर तक खिड़की से बाहर देखने के बाद, शराफत का दिखावा करने और अपनी झेंप मिटाने के लिए उन्होंने अचानक लेखक को खीरा खाने का आमंत्रण दिया।

    प्रश्न 3: लेखक ने खीरा खाने से मना क्यों कर दिया?

    उत्तर: पहले तो लेखक ने नवाब साहब के भाव को देखकर आत्मसम्मान बचाने के लिए मना कर दिया था। बाद में जब नवाब साहब ने दोबारा पूछा, तो लेखक अपनी बात पर अड़े रहे और "मेदा कमजोर" होने का बहाना बना दिया।

    प्रश्न 4: "बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है?" - यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

    उत्तर: हम लेखक के व्यंग्य से सहमत हैं कि बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती। कहानी के लिए कोई न कोई कथ्य (Plot) होना आवश्यक है। हवा में महल नहीं बनाए जा सकते, वैसे ही शून्यता में कहानी नहीं रची जा सकती।

    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: 'लखनवी अंदाज़' पाठ में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए। क्या यह आज के समाज पर भी लागू होता है?

    उत्तर: इस पाठ में यशपाल ने उस 'पतनशील सामंती वर्ग' (Decaying Feudal Class) पर व्यंग्य किया है जो अपनी झूठी शान और शौकत के लिए वास्तविकता से दूर भागता है। नवाब साहब का खीरे को सूँघकर फेंक देना इसी बनावटीपन का प्रतीक है। यह व्यंग्य आज के समाज पर भी पूरी तरह लागू होता है। आज भी लोग अपनी आर्थिक स्थिति से बढ़कर दिखावा करते हैं। ब्रांडेड कपड़े, महँगी गाड़ियाँ और दिखावटी जीवनशैली आज की 'नवाबियत' है। लोग 'होने' से ज्यादा 'दिखने' पर विश्वास करते हैं, जो एक खोखले समाज का निर्माण करता है।

    प्रश्न 2: नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

    उत्तर: नवाब साहब ने बहुत इत्मीनान से खीरे खाने की तैयारी की। सबसे पहले उन्होंने सीट के नीचे से लोटा उठाया और खिड़की से बाहर खीरों को धोया। फिर तौलिए से उन्हें पोंछा। जेब से चाकू निकालकर खीरों के सिर काटे और गोदकर झाग निकाला ताकि कड़वापन निकल जाए। फिर बहुत सावधानी से छीलकर उनकी पतली-पतली फाँकें काटीं और तौलिए पर करीने से सजाईं। अंत में उन पर जीरा-मिला नमक और लाल मिर्च बुरक दी। यह पूरी प्रक्रिया उनकी नफ़ासत और खाद्य पदार्थ के प्रति उनके विशिष्ट दृष्टिकोण को दर्शाती है।

    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 10 Hindi Course A - Kshitij Pattern)

    प्रश्न 1: क्रिया-विशेषण छाँटिए: "गाड़ी छूट रही थी।"

    उत्तर: कालवाचक क्रिया-विशेषण (यहाँ 'रही थी' निरंतरता का बोध करा रहा है, हालांकि मुख्य रूप से यह क्रिया है, प्रश्न संदर्भ पर निर्भर करता है। पाठ से उदाहरण: "नवाब साहब ने बहुत करीने से खीरे की फाँकों पर नमक बुरका।" -> रीतिवाचक क्रिया-विशेषण)।

    प्रश्न 2: वाच्य परिवर्तन: "नवाब साहब ने खीरे की सब फाँकों को खिड़की के बाहर फेंक दिया।" (कर्मवाच्य में बदलिए)

    उत्तर: नवाब साहब द्वारा खीरे की सब फाँकों को खिड़की के बाहर फेंक दिया गया।

    प्रश्न 3: पद-परिचय: "सफ़ेदपोश सज्जन बहुत सुविधा से बैठे थे।" (रेखांकित: सफ़ेदपोश)

    उत्तर: विशेषण (गुणवाचक), पुल्लिंग, एकवचन, 'सज्जन' विशेष्य की विशेषता बता रहा है।

    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. पाठ का उद्देश्य:

      • त्रुटि: छात्र इसे केवल एक यात्रा वृतांत या हास्य कहानी मानते हैं।

      • सुधार: यह एक व्यंग्य (Satire) है जो बनावटी जीवनशैली और 'नई कहानी' आंदोलन पर कटाक्ष करता है।

    2. खीरा न खाने का कारण:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि नवाब साहब का पेट भरा था।

      • सुधार: उन्होंने खीरा इसलिए नहीं खाया क्योंकि वे एक साधारण व्यक्ति (लेखक) के सामने खीरा जैसी तुच्छ चीज़ खाकर अपनी 'रईसी' कम नहीं करना चाहते थे।

    3. लेखक का इनकार:

      • त्रुटि: लेखक को खीरा पसंद नहीं था।

      • सुधार: लेखक के मुँह में पानी आ रहा था, लेकिन उन्होंने आत्मसम्मान (Self-respect) बचाने के लिए मना किया क्योंकि नवाब साहब ने पहले बेरुखी दिखाई थी।




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