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    9.डायरी का एक पन्ना - (Diary Ka Ek Panna) - Class 10 - Sparsh Bhag 2

    • Dec 8, 2025
    • 9 min read

    Updated: Dec 13, 2025

    डायरी का एक पन्ना (Diary Ka Ek Panna)

    Class 10 - Hindi Course B (Sparsh Bhag 2) |

    Author: सीताराम सेकसरिया (Sitaram Seksaria)

    1. पाठ का सार (Quick Revision Summary)

    • 26 जनवरी 1931 का ऐतिहासिक दिन: यह पाठ लेखक सीताराम सेकसरिया की डायरी का एक अंश है। इसमें 26 जनवरी 1931 को कलकत्ता (कोलकाता) में मनाए गए स्वतंत्रता दिवस का आँखों देखा हाल वर्णित है। यह दिन इसलिए अमर माना गया क्योंकि एक साल पहले (1930 में) इसी दिन पूर्ण स्वराज की प्रतिज्ञा ली गई थी।

      • English: Historic Day of 26th January 1931: This lesson is an excerpt from the diary of Sitaram Seksaria. It describes the eyewitness account of Independence Day celebrated in Calcutta (Kolkata) on 26th January 1931. This day was considered immortal because a year ago (in 1930), the pledge of Purna Swaraj (Complete Independence) was taken on this day.


    • भारी तैयारियाँ और उत्साह: कलकत्ता वासियों ने इस दिन को मनाने के लिए भारी तैयारियाँ की थीं। केवल प्रचार में ही दो हजार रुपये खर्च किए गए थे। पूरे शहर में झंडे फहराए गए थे और सजावट ऐसी थी मानो स्वतंत्रता मिल गई हो।

      • English: Massive Preparations and Enthusiasm: The residents of Calcutta had made massive preparations to celebrate this day. Two thousand rupees were spent on publicity alone. Flags were hoisted all over the city, and the decoration was such that it seemed as if independence had been ach

    • पुलिस की सख्ती: अंग्रेज सरकार ने सभा रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। पार्कों और मैदानों (विशेषकर मोनुमेंट के नीचे) को पुलिस ने सुबह से ही घेर लिया था। घुड़सवार पुलिस और सारजेंट हर मोड़ पर तैनात थे।

      • English: Police Strictness: The British government used full force to stop the meeting. Parks and grounds (especially under the Monument) were surrounded by police since morning. Mounted police and sergeants were deployed at every turn.


    • महिलाओं का योगदान: स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गुजराती सेविका संघ और मारवाड़ी बालिका विद्यालय की लड़कियों ने जुलूस निकाले और गिरफ्तारियाँ दीं। मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़कर महिलाओं ने झंडा फहराया और घोषणा पत्र पढ़ा।

      • English: Contribution of Women: Women participated enthusiastically in the freedom struggle. Girls from Gujarati Sevika Sangh and Marwari Balika Vidyalaya took out processions and courted arrest. Women climbed the stairs of the Monument, hoisted the flag, and read the declaration.


    • सुभाष बाबू का जुलूस और लाठीचार्ज: ठीक 4:10 बजे सुभाष चंद्र बोस जुलूस लेकर आए। पुलिस ने लाठियाँ बरसाईं, जिसमें सुभाष बाबू और अन्य लोग घायल हो गए। इसके बावजूद सुभाष बाबू जोर-जोर से 'वंदे मातरम्' बोलते रहे।

      • English: Subhash Babu's Procession and Lathi Charge: At exactly 4:10 PM, Subhash Chandra Bose arrived with a procession. The police rained lathis (batons), injuring Subhash Babu and others. Despite this, Subhash Babu kept shouting 'Vande Mataram' loudly.


    • कलंक धुल गया: कलकत्ता पर यह कलंक था कि यहाँ स्वतंत्रता आंदोलन का काम नहीं हो रहा है। लेकिन इस दिन हज़ारों लोगों की भीड़, लाठीचार्ज सहने का साहस और 105 महिलाओं की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया कि कलकत्ता भी आजादी की लड़ाई में पीछे नहीं है।

      • English: Stigma Washed Away: There was a stigma on Calcutta that work for the freedom movement was not happening here. But the crowd of thousands on this day, the courage to endure lathi-charge, and the arrest of 105 women proved that Calcutta is not behind in the fight for freedom.


    2. शब्द-संपदा (Vocabulary)

    शब्द (Word)

    अर्थ (Hindi Meaning)

    English Meaning

    पुनरावृत्ति

    फिर से करना / दोहराना

    Repetition

    गश्त

    पहरा देते हुए घूमना

    Patrolling

    सारजेंट

    सेना/पुलिस का एक पद

    Sergeant

    मोनुमेंट

    स्मारक / स्तंभ

    Monument

    कौंसिल

    परिषद

    Council

    वालेंटियर

    स्वयंसेवक

    Volunteer

    संगीन

    गंभीर / बहुत खराब

    Serious / Critical

    निराली

    अनोखी / सबसे अलग

    Unique

    चौरंगी

    कलकत्ता का एक स्थान

    Chowringhee (A place in Kolkata)

    लॉकअप

    हवालात / जेल

    Lock-up / Jail

    3. चरित्र चित्रण (Character Sketches)

    सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose)

    • निडर और ओजस्वी नेता (Fearless & Energetic Leader): वे पुलिस की लाठियाँ खाते हुए भी 'वंदे मातरम्' के नारे लगाते रहे। उनका जोश और नेतृत्व क्षमता अद्भुत थी। उन्होंने प्रतिबंधों की परवाह किए बिना जुलूस निकाला।

      • English: Even while taking police blows, he kept chanting 'Vande Mataram'. His enthusiasm and leadership skills were amazing. He took out the procession regardless of the restrictions.

    कलकत्ता की महिलाएँ (Women of Calcutta)

    • साहसी और देशभक्त (Brave & Patriotic): स्त्रियाँ केवल मूक दर्शक नहीं थीं। उन्होंने जुलूस का नेतृत्व किया, लाठियाँ खाईं, जेल गईं और पुलिस के घेरे को तोड़कर मोनुमेंट पर झंडा फहराया।

      • English: Women were not just silent spectators. They led processions, faced lathis, went to jail, and broke through the police cordon to hoist the flag on the Monument.


    4. योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)

    A. अभिकथन और तर्क (Assertion & Reasoning)

    प्रश्न 1:

    अभिकथन (A): 26 जनवरी 1931 का दिन कलकत्ता के इतिहास में एक 'अमर दिन' माना जाता है।

    तर्क (R): क्योंकि इस दिन कलकत्ता वासियों ने पुलिस की बर्बरता के बावजूद भारी उत्साह से स्वतंत्रता दिवस मनाया और अपने ऊपर लगे कलंक को धो दिया।

    उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है।


    प्रश्न 2:

    अभिकथन (A): पुलिस कमिश्नर ने नोटिस निकाला कि कोई भी सभा नहीं हो सकती।

    तर्क (R): वे चाहते थे कि लोग शांतिपूर्वक स्वतंत्रता दिवस मनाएं और कोई हंगामा न हो।

    उत्तर: (ग) A सही है, R गलत है। (पुलिस कमिश्नर सभा को रोकना चाहते थे ताकि स्वतंत्रता आंदोलन को दबाया जा सके, न कि शांति के लिए)।


    B. स्थिति-आधारित विश्लेषण (Situation Analysis)

    स्थिति (Situation): आज हमें कोई आंदोलन करने के लिए सोशल मीडिया पर आसानी से समर्थन मिल जाता है।

    प्रश्न (Question): 1931 के दौर में जब संचार के साधन कम थे, तब 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के अनुसार लोगों को कैसे इकट्ठा किया गया होगा?

    उत्तर (Answer): उस समय लोगों को इकट्ठा करने के लिए कार्यकर्ता घर-घर जाकर समझाते थे। पर्चे बाँटे जाते थे और अखबारों में नोटिस दिए जाते थे। पाठ में बताया गया है कि "कार्यकर्ता घर जा-जाकर समझाया था"। यह व्यक्तिगत संपर्क और समर्पण का परिणाम था।

    स्थिति (Situation): आपके विद्यालय में ध्वजारोहण समारोह है और कुछ शरारती तत्व उसे रोकने की धमकी देते हैं।


    प्रश्न (Question): 'सुभाष बाबू' और 'अविनाश बाबू' के उदाहरण से प्रेरित होकर आप क्या करेंगे?

    उत्तर (Answer): हम डरेंगे नहीं। जैसे अविनाश बाबू ने पुलिस के डर के बिना झंडा गाड़ा और सुभाष बाबू लाठियाँ खाकर भी आगे बढ़े, वैसे ही हम भी निडर होकर, एकजुटता के साथ और शांतिपूर्ण तरीके से अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और धमकियों का डटकर सामना करेंगे।


    C. आशय स्पष्टीकरण (Intent/Inference)

    प्रश्न 1: "आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है।"

    उत्तर: लेखक का आशय है कि कलकत्ता में ऐसा नज़ारा पहले कभी नहीं देखा गया था। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का घरों से निकलना, महिलाओं का सक्रिय भाग लेना, और पुलिस के दमन के बावजूद झंडा फहराने का जोश - यह सब अभूतपूर्व (अपूर्व) था।


    प्रश्न 2: "खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी।"

    उत्तर: इसका अर्थ है कि पहले क्रांतिकारी छिपकर या अचानक सभा करते थे। लेकिन इस बार पुलिस कमिश्नर के मना करने के बावजूद, कौंसिल ने अखबारों में नोटिस देकर समय और जगह (मोनुमेंट, 4:24 बजे) बताकर सभा करने की खुली चुनौती दी थी। यह आत्मविश्वास का प्रतीक था।


    5. प्रश्न-उत्तर (Subjective Q&A)

    A. लघु उत्तरीय (Short Answer - 30-40 Words)

    प्रश्न 1: कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?

    उत्तर: क्योंकि इसी दिन 1930 में गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। 1931 में इसकी पुनरावृत्ति थी। कलकत्ता वासियों ने इस दिन अभूतपूर्व देशभक्ति का प्रदर्शन कर साबित किया कि वे भी आजादी की लड़ाई में अग्रणी हैं।


    प्रश्न 2: पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों और मैदानों को क्यों घेर लिया था?

    उत्तर: पुलिस जानती थी कि लोग पार्कों और मैदानों (विशेषकर मोनुमेंट) में इकट्ठा होकर झंडा फहराएंगे और सभा करेंगे। आंदोलन को कुचलने और लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने सुबह से ही इन जगहों को घेर लिया था।


    प्रश्न 3: सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था और उन्होंने क्या प्रबंध किया था?

    उत्तर: सुभाष बाबू के जुलूस का भार 'पूर्णोदास' पर था। उन्होंने जुलूस का पूरा प्रबंध किया था। बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, लेकिन उन्होंने अपना काम बखूबी निभाया था।


    प्रश्न 4: विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?

    उत्तर: जब अविनाश बाबू ने श्रद्धानंद पार्क में झंडा गाड़ा, तो पुलिस ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। वहां मौजूद अन्य लोगों को भी पुलिस ने मारा-पीटा और वहां से हटा दिया।


    प्रश्न 5: स्त्रियाँ मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़कर क्या कर रही थीं?

    उत्तर: जब पुरुष पुलिस की लाठियों का सामना कर रहे थे, तब स्त्रियाँ निडरता से मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़ गईं। उन्होंने वहाँ राष्ट्रीय झंडा फहराया और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा (घोषणा पत्र) पढ़कर सुनाई।


    प्रश्न 6: धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?

    उत्तर: धर्मतल्ले के मोड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भीड़ तीतर-बीतर हो गई। करीब 50-60 महिलाएँ वहीं सड़क पर बैठ गईं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लालबाज़ार जेल भेज दिया। इस प्रकार जुलूस टूट गया।


    प्रश्न 7: डॉक्टर दासगुप्ता क्या कर रहे थे और क्यों?

    उत्तर: डॉक्टर दासगुप्ता घायलों की देख-रेख (मरहम-पट्टी) कर रहे थे और उनके फोटो भी उतरवा रहे थे। फोटो इसलिए खिंचवा रहे थे ताकि अंग्रेजों के अत्याचार का सबूत रहे और दुनिया को बताया जा सके कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कितना जुल्म हुआ है।


    प्रश्न 8: 'डायरी का एक पन्ना' पाठ का उद्देश्य क्या है?

    उत्तर: इस पाठ का उद्देश्य हमें हमारे स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों, बलिदानों और एकता की याद दिलाना है। यह बताता है कि आज़ादी हमें खैरात में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए हमारे पूर्वजों ने लाठियाँ खाईं और जेल गए।


    B. दीर्घ उत्तरीय/मूल्यपरक (Long/Value-Based - 100 Words)

    प्रश्न 1: "एक संगठित समाज कृतसंकल्प हो तो ऐसा कुछ भी नहीं जो वह न कर सके।" 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।

    उत्तर: यह कथन पूरी तरह सत्य है। पाठ में हम देखते हैं कि अंग्रेज सरकार (पुलिस) के पास हथियार, लाठियाँ और ताकत थी, जबकि निहत्थे नागरिकों के पास केवल 'संगठन' और 'संकल्प' था। पुलिस के कड़े पहरे और नोटिस के बावजूद, हज़ारों लोग ठीक समय पर मोनुमेंट पहुँचे। महिलाओं, छात्रों और नेताओं ने मिलजुलकर योजना बनाई। जब पुलिस ने लाठियाँ बरसाईं, तो कोई भागा नहीं, बल्कि और जोश से आगे बढ़ा। कलकत्तावासियों के इस संगठित प्रयास ने न केवल झंडा फहराया बल्कि अंग्रेजी हुकूमत को यह अहसास दिला दिया कि अब उन्हें रोका नहीं जा सकता। संगठन की शक्ति ने असंभव को संभव कर दिखाया।


    प्रश्न 2: स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर रेखांकित कीजिए।

    उत्तर: इस पाठ में महिलाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। वे केवल घर की चारदीवारी में नहीं रहीं, बल्कि सड़कों पर उतरकर नेतृत्व किया। जानकी देवी और मदालसा जैसी महिलाओं ने जुलूस निकाले। जब पुलिस पुरुषों पर लाठियाँ बरसा रही थी, तब महिलाएँ मोनुमेंट पर चढ़कर झंडा फहरा रही थीं और घोषणा पत्र पढ़ रही थीं। उन्होंने पुलिस की लाठियाँ खाईं, जेल गईं (105 महिलाएँ गिरफ्तार हुईं) और घायलों की सेवा भी की। उनका साहस यह सिद्ध करता है कि आज़ादी की लड़ाई में नारी शक्ति का योगदान पुरुषों से कम नहीं था।


    प्रश्न 3: आज़ादी के बाद भी हम 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) मनाते हैं। पाठ के संदर्भ में बताइए कि इस दिन का ऐतिहासिक महत्व क्या है और हमें इसे कैसे मनाना चाहिए?

    उत्तर: 26 जनवरी 1930 को रावी नदी के तट पर पहली बार 'पूर्ण स्वराज' की शपथ ली गई थी और इसे स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया था। पाठ में वर्णित 1931 की घटना इसी सिलसिले की दूसरी कड़ी थी। हमारे संविधान निर्माताओं ने इसी ऐतिहासिक दिन को याद रखने के लिए 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया। अतः यह दिन हमारे संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। हमें इसे केवल छुट्टी के रूप में नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन के रूप में मनाना चाहिए। हमें अपने शहीदों को याद करना चाहिए और देश की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए, जैसा कि 1931 में कलकत्ता के लोगों ने किया था।


    6. व्याकरण (Integrated Grammar)

    (Based on Class 10 Hindi Course B - Sparsh Pattern)

    प्रश्न 1: वाक्य रूपांतरण (सरल वाक्य में): "सुभाष बाबू को पकड़ लिया गया और गाड़ी में बैठाकर लालबाज़ार लॉकअप में भेज दिया गया।"

    उत्तर: सुभाष बाबू को पकड़कर गाड़ी में बैठाकर लालबाज़ार लॉकअप में भेज दिया गया।


    प्रश्न 2: वाक्य भेद बताइए: "जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है, तब से आज तक इतनी बड़ी सभा नहीं की गई थी।"

    उत्तर: मिश्र वाक्य (इसमें 'जब से... तब से' योजक का प्रयोग हुआ है)।


    प्रश्न 3: संधि विच्छेद: "विद्यार्थी" और "पुनरावृत्ति"

    उत्तर:

    • विद्यार्थी = विद्या + अर्थी (दीर्घ स्वर संधि)

    • पुनरावृत्ति = पुनः + आवृत्ति (विसर्ग संधि)


    प्रश्न 4: मुहावरे का अर्थ और वाक्य: "आँखें मिंच जाना"

    उत्तर: अर्थ: (भय या दुख से) आँखें बंद हो जाना / देख न पाना।

    वाक्य: पुलिस की बर्बरता और बहता खून देखकर लोगों की आँखें मिंच गईं।


    7. सामान्य त्रुटियाँ (Common Student Errors)

    1. स्वतंत्रता दिवस vs गणतंत्र दिवस:

      • त्रुटि: छात्र सोचते हैं कि 1931 में गणतंत्र दिवस मनाया गया था।

      • सुधार: उस समय भारत गुलाम था। 26 जनवरी को 'स्वतंत्रता दिवस' (पूर्ण स्वराज दिवस) के रूप में मनाया जाता था। गणतंत्र दिवस 1950 से शुरू हुआ।


    2. सुभाष बाबू की भूमिका:

      • त्रुटि: छात्र लिखते हैं कि सुभाष बाबू ने झंडा फहराया।

      • सुधार: सुभाष बाबू जुलूस लेकर आ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और गिरफ्तार कर लिया। झंडा महिलाओं और अन्य कार्यकर्ताओं ने फहराया था।


    3. स्थान का नाम:

      • त्रुटि: छात्र 'लाल किला' लिख देते हैं।

      • सुधार: पाठ में घटना स्थल 'मोनुमेंट' (अब शहीद मीनार, कोलकाता) है, लाल किला नहीं।

    End


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