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    2.6 - कुछ स्मृतियाँ - Kuch Smritiyan - Class 7 - Sugambharati 1

    • Nov 1, 2025
    • 8 min read

    Updated: Nov 5, 2025

    पाठ का प्रकार: गद्य (आत्मकथा अंश) पाठ का शीर्षक: कुछ स्मृतियाँ लेखक/कवि का नाम: डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

    सारांश (Bilingual Summary)


    हिन्दी: यह पाठ डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के आत्मकथा का एक अंश है। इसमें वे अपने बचपन की स्मृतियों को याद करते हैं। वे अपने शिक्षक श्री अयादुरै सोलोमन के बारे में बताते हैं, जिन्होंने उन्हें जीवन में सफल होने के लिए 'इच्छा, आस्था और विश्वास' इन तीन शक्तियों को समझने के लिए कहा। श्री सोलोमन ने ही लेखक के मन में यह विश्वास जगाया कि वे अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। लेखक ने पक्षियों को उड़ते देख आकाश में उड़ने का निश्चय किया। वे अपने गणित के शिक्षक रामकृष्ण अय्यर की घटना भी याद करते हैं, जिन्होंने पहले उन्हें बेंत लगाई और बाद में गणित में पूरे अंक लाने पर उनकी प्रशंसा करते हुए उनके महान बनने की भविष्यवाणी की। अंत में, वे अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हैं, जब वे छुट्टियों में अपने भाइयों- मुस्तफा (परचून की दुकान) और कासिम मुहम्मद (शंख-सीपियों की दुकान) की सहायता करते थे।


    English: This lesson is an excerpt from the autobiography of Dr. A. P. J. Abdul Kalam. In it, he recounts his childhood memories. He tells about his teacher, Mr. Ayadurai Solomon, who asked him to understand three forces to succeed in life: 'Desire, Faith, and Belief'. It was Mr. Solomon who instilled confidence in the author that he could fulfill his aspirations. Watching birds fly, the author resolved to one day fly in the sky. He also recalls an incident with his mathematics teacher, Mr. Ramakrishna Iyer, who first caned him but later, upon his scoring full marks in math, praised him and predicted his future greatness. Finally, he reminisces about his college days, when he used to help his brothers—Mustafa (at the grocery shop) and Kasim Muhammad (at the seashell items shop)—during the holidays.


    केंद्रीय भाव (Bilingual Theme / Central Idea)


    हिन्दी: इस पाठ का केंद्रीय भाव यह दर्शाना है कि बचपन की स्मृतियाँ और प्रेरणादायक शिक्षक किसी व्यक्ति के जीवन को आकार देने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेखक ने अपने शिक्षकों (श्री सोलोमन और श्री अय्यर) के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उनके स्वाभिमान को जगाया और उनमें 'इच्छा, आस्था और विश्वास' को मजबूत किया। यह पाठ संदेश देता है कि दृढ़ निश्चय और आस्था से व्यक्ति अपनी नियति (भाग्य) को बदल सकता है।

    English: The central theme of this lesson is to show the significant role childhood memories and inspirational teachers play in shaping a person's life. The author expresses gratitude towards his teachers (Mr. Solomon and Mr. Iyer), who awakened his self-esteem and strengthened 'Desire, Faith, and Belief' in him. This lesson conveys the message that with firm determination and faith, a person can change their destiny.


    पात्रों का चरित्र-चित्रण (Bilingual Character Sketch)


    डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (लेखक): हिन्दी: वे बचपन से ही एक जिज्ञासु और दृढ़ निश्चयी बालक थे। वे आकाश और पक्षियों के उड़ने के रहस्यों से आकर्षित थे। वे अपने शिक्षकों का बहुत सम्मान करते थे, मेहनती थे (भाइयों की मदद करना) और उनमें प्रबल आत्मविश्वास था। English: He was a curious and determined boy from childhood. He was fascinated by the sky and the mysteries of birds' flight. He greatly respected his teachers, was hardworking (helping his brothers), and had strong self-confidence.

    अयादुरै सोलोमन (शिक्षक): हिन्दी: वे एक महान और प्रेरणादायक शिक्षक थे, जो छात्रों में छिपी शक्ति और योग्यता का आभास कराते थे। उन्होंने लेखक को 'इच्छा, आस्था और विश्वास' का महत्व समझाया और उनके स्वाभिमान को जगाकर उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आश्वस्त किया। English: He was a great and inspirational teacher who made students aware of their hidden strengths and abilities. He explained the importance of 'Desire, Faith, and Belief' to the author and awakened his self-esteem, assuring him that he could achieve his aspirations.

    रामकृष्ण अय्यर (गणित शिक्षक): हिन्दी: वे एक प्राचीन परंपरा वाले, कठोर और तानाशाह गुरु थे। वे सख्त अनुशासन रखते थे (बेंत लगाना), लेकिन साथ ही वे एक निष्पक्ष शिक्षक भी थे जो प्रतिभा को पहचानते थे। उन्होंने लेखक की प्रतिभा को पहचानकर भरी सभा में उनकी प्रशंसा की और उनके महान भविष्य की भविष्यवाणी की। English: He was a strict and authoritarian teacher of the old tradition. He maintained strict discipline (using the cane), but at the same time, he was a fair teacher who recognized talent. He recognized the author's talent, praised him in front of everyone, and predicted his great future.


    शब्दार्थ (Glossary)


    शब्द (Word)

    पर्यायवाची शब्द (Synonym)

    विलोम शब्द (Antonym)

    स्मृतियाँ

    यादें

    विस्मृतियाँ, भूली बातें

    प्रगाढ़

    बहुत अधिक

    हल्का, कमजोर

    आस्था

    श्रद्धा

    अनास्था, अविश्वास

    कामना

    इच्छा

    अनिच्छा

    आभास

    संकेत

    -

    आश्वस्त

    निश्चिंत

    आशंकित, चिंतित

    सराबोर

    भरा हुआ

    खाली, वंचित

    परचून की दुकान

    किराने की दुकान

    -

    ताज्जुब

    आश्चर्य

    सामान्य

    कड़ी

    कठिन

    सरल, आसान


    सही या गलत (कारण सहित) (True or False with Reason)


    कथन १: अयादुरै सोलोमन लेखक के गणित के शिक्षक थे। उत्तर: गलत। कारण, वे लेखक के गुरु थे जिन्होंने उन्हें जीवन-मूल्य सिखाए; रामकृष्ण अय्यर लेखक के गणित के शिक्षक थे।

    कथन २: लेखक को बचपन से ही पक्षियों के उड़ने में रुचि थी।

    उत्तर: सही। कारण, पाठ में लिखा है, "बचपन से ही मैं आकाश एवं पक्षियों के उड़ने के रहस्यों के प्रति काफी आकर्षित था।"

    कथन ३: रामकृष्ण अय्यर ने लेखक की पिटाई की और फिर कभी उनसे बात नहीं की। उत्तर: गलत। कारण, पिटाई करने के कई महीनों बाद, जब लेखक के गणित में पूरे नंबर आए, तब रामकृष्ण अय्यर ने सुबह की प्रार्थना में सबके सामने उनकी प्रशंसा की।

    कथन ४: लेखक के बड़े भाई मुस्तफा की कपड़ों की दुकान थी। उत्तर: गलत। कारण, मुस्तफा कलाम की "परचून की एक दुकान" (किराने की दुकान) थी।


    कथन ५: लेखक के छोटे भाई कासिम मुहम्मद शंखों एवं सीपियों से बना सामान बेचते थे।

    उत्तर: सही। कारण, लेखक बताते हैं, "वहाँ मैं शंखों एवं सीपियों से बने अनूठे सामान बेचा करता था।"

    स्वमत (Personal Opinion)


    प्रश्न १: श्री सोलोमन की कौन-सी सीख आपको सबसे महत्वपूर्ण लगती है और क्यों? उत्तर: श्री सोलोमन की 'इच्छा, आस्था और विश्वास' वाली सीख मुझे सबसे महत्वपूर्ण लगती है। यह सीख हमें बताती है कि जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले हमारे मन में उस चीज को पाने की 'तीव्र कामना' (इच्छा) होनी चाहिए। फिर हमें उस लक्ष्य पर 'आस्था' (श्रद्धा) रखनी होगी और अंत में, खुद पर 'विश्वास' रखना होगा कि हम उसे पूरा कर सकते हैं। ये तीनों चीजें ही सफलता का आधार हैं। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: इच्छा, आस्था, विश्वास, शक्तिशाली ताकतें, सफलता, तीव्र कामना, लक्ष्य प्राप्ति।


    प्रश्न २: "निष्ठा एवं विश्वास से तुम अपनी नियति बदल सकते हो।" - इस पंक्ति का क्या अर्थ है? उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि हमारा भाग्य या भविष्य पहले से तय नहीं होता। यदि हम किसी कार्य को पूरी 'निष्ठा' (लगन, समर्पण) के साथ करते हैं और खुद पर 'विश्वास' रखते हैं, तो हम बड़ी से बड़ी बाधा को भी पार कर सकते हैं। यह सीख हमें बताती है कि हमारी मेहनत और हमारा आत्मविश्वास हमारी तकदीर को बदलने की ताकत रखता है, चाहे हमारी परिस्थितियाँ कैसी भी हों।

    उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: नियति, भाग्य, निष्ठा, समर्पण, विश्वास, मेहनत, आत्मविश्वास, तकदीर बदलना।


    प्रश्न ३: लेखक को गरीब लोगों को सिगरेट/बीड़ी पीते देख ताज्जुब क्यों हुआ?

    उत्तर: लेखक को यह देखकर ताज्जुब इसलिए हुआ क्योंकि गरीब लोग बहुत 'कड़ी मेहनत' से पैसा कमाते हैं। उन्हें उम्मीद थी कि वे इस पैसे का उपयोग अपनी जरूरतों या परिवार की भलाई के लिए करेंगे। लेकिन वे अपनी मेहनत की कमाई को सिगरेट और बीड़ी जैसी हानिकारक चीजों पर खर्च करके 'धुएँ में उड़ा' रहे थे, जो पैसे की बर्बादी के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य के लिए भी खराब था। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: कड़ी मेहनत, कमाई, धुएँ में उड़ाना, ताज्जुब, गरीब लोग, फिजूलखर्ची, स्वास्थ्य।


    प्रश्न ४: शिक्षक रामकृष्ण अय्यर के व्यवहार को आप सही मानते हैं या गलत? अपने विचार लिखिए। उत्तर: मेरे विचार से शिक्षक रामकृष्ण अय्यर का व्यवहार दोनों का मिश्रण था। उनका भरी कक्षा के सामने लेखक को बेंत लगाना, आज के समय में गलत और अस्वीकार्य है। लेकिन एक शिक्षक के रूप में, उनका उद्देश्य लेखक को अनुशासन सिखाना था। उनके व्यवहार का सकारात्मक पक्ष यह था कि वे निष्पक्ष थे। जब लेखक ने मेहनत से गणित में पूरे अंक प्राप्त किए, तो उन्होंने उतनी ही ईमानदारी से भरी सभा में उनकी प्रशंसा की और उन्हें 'गौरव' बताया। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: तानाशाह गुरु, बेंत लगाना, प्रशंसा, भविष्यवाणी, सख्त, निष्पक्ष, अनुशासन।

    प्रश्न ५: लेखक का अपने भाइयों की दुकान पर काम करना उनके किन गुणों को दर्शाता है? उत्तर: लेखक का अपने भाइयों की दुकान पर काम करना उनके कई गुणों को दर्शाता है। यह दिखाता है कि वे बहुत मेहनती थे और अपने परिवार से बहुत स्नेह करते थे। कॉलेज में 'उच्च शिक्षा' प्राप्त करने के बावजूद, उन्हें परचून की दुकान पर तेल-प्याज बेचने या शंख-सीपियाँ बेचने में कोई संकोच नहीं हुआ। यह उनकी विनम्रता और सादगी को दर्शाता है। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: भाइयों की सहायता, मेहनती, विनम्रता, सादगी, उच्च शिक्षा, पारिवारिक मूल्य।


    संभावित परीक्षा प्रश्न (Probable Exam Questions)


    प्रश्न १: अयादुरै सोलोमन ने लेखक को सफलता के लिए किन तीन ताकतों को समझने के लिए कहा? उत्तर: अयादुरै सोलोमन ने लेखक को जीवन में सफल होने और नतीजों को हासिल करने के लिए तीन प्रमुख शक्तिशाली ताकतों- इच्छा, आस्था और विश्वास- को समझने के लिए कहा।

    प्रश्न २: लेखक का बचपन का सपना क्या था और वह किससे प्रेरित हुआ? उत्तर: लेखक का बचपन का सपना आकाश में उड़ानें भरने का था। वे आकाश एवं पक्षियों के उड़ने के रहस्यों के प्रति आकर्षित थे और सारस तथा अन्य पक्षियों को समुद्र के ऊपर ऊँची उड़ानें भरते देखकर प्रेरित हुए थे।

    प्रश्न ३: गणित शिक्षक रामकृष्ण अय्यर ने लेखक के बारे में क्या भविष्यवाणी की?

    उत्तर: जब लेखक ने गणित में पूरे नंबर प्राप्त किए, तब रामकृष्ण अय्यर ने सुबह की प्रार्थना में कहा, "मैं जिसकी बेंत से पिटाई करता हूँ वह एक महान व्यक्ति बनता है। मेरे शब्द याद रखिए, यह छात्र विद्यालय और अपने शिक्षकों का गौरव बनने जा रहा है।"

    प्रश्न ४: लेखक अपने भाइयों की दुकानों पर क्या-क्या बेचा करते थे? उत्तर: लेखक अपने बड़े भाई मुस्तफा की परचून (किराने) की दुकान पर तेल, प्याज, चावल और दूसरा हर सामान (जैसे सिगरेट और बीड़ी) बेचते थे। वे अपने छोटे भाई कासिम मुहम्मद की दुकान पर शंखों एवं सीपियों से बने अनूठे सामान बेचा करते थे।

    प्रश्न ५: श्री सोलोमन ने लेखक के स्वाभिमान को कैसे जगाया? उत्तर: श्री सोलोमन ने लेखक (जो एक अशिक्षित माता-पिता के बेटे थे) को उनकी भीतर छिपी शक्ति एवं योग्यता का आभास कराया। उन्होंने लेखक को यह आश्वस्त कराया कि वे भी अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। इस प्रकार, उन्होंने लेखक के स्वाभिमान को जगाकर एक ऊँचाई दी।


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