2.7 - प्यारा देश - Pyara Desh - Class 7 - Sugambharati 1
- Nov 1, 2025
- 8 min read
Updated: Nov 5, 2025

पाठ का प्रकार: पद्य पाठ का शीर्षक: प्यारा देश लेखक/कवि का नाम: हृदयेश मयंक
सारांश (Bilingual Summary)
हिन्दी: 'प्यारा देश' कविता में कवि हृदयेश मयंक ने भारत का यशगान किया है। वे भारत को वह देश बताते हैं जिसकी धरोहर गंगा है और जिसका मन यमुना के समान निर्मल है। यहाँ सुबह का सूरज दुल्हन का श्रृंगार करता है, हिमालय जैसा रक्षक है और सागर जिसके चरण धोता है। इस देश के कण-कण में सोना-हीरा है। विभिन्न भाषाएँ यहाँ का गहना हैं और हिंदी कुम-कुम के समान शोभित है। इस देश की असली ताकत इसके किसान हैं जो खेतों की रक्षा करते हैं और जवान हैं जो सीमाओं पर तैनात हैं। यहाँ राम-कृष्ण-अल्लाह सब एक माने जाते हैं, सब गीता और कुरान पढ़ते हैं।
English: In the poem 'Pyara Desh', the poet Hridayesh Mayank praises India. He describes India as the country whose heritage (dharohar) is the Ganga and whose heart is pure (nirmal) like the Yamuna. Here, the morning sun adorns the country like a bride, the Himalayas are its protector, and the ocean washes its feet. There is gold and diamond in every particle of this country. Its diverse languages are its ornaments, and Hindi shines like kumkum. The real strength of this country is its farmers who protect the fields and its soldiers who are stationed at the borders. Here, Ram-Krishna-Allah are all considered one, and everyone reads the Gita and the Kuran.
केंद्रीय भाव (Bilingual Theme / Central Idea)
हिन्दी: इस कविता का केंद्रीय भाव भारत की विविधता, समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक एकता का गौरवगान करना है। कवि ने देश के प्राकृतिक सौंदर्य (गंगा, हिमालय, सागर) का वर्णन करते हुए उसकी अखंडता पर प्रकाश डाला है। कविता का मूल संदेश यह है कि भारत की असली ताकत उसके किसानों, जवानों और विभिन्न धर्मों (राम, कृष्ण, अल्ला) और भाषाओं के बीच सामंजस्य में निहित है।
English: The central theme of this poem is to glorify India's diversity, rich heritage, and cultural unity. The poet highlights the country's integrity while describing its natural beauty (Ganga, Himalayas, Ocean). The core message of the poem is that India's true strength lies in its farmers, its soldiers, and the harmony among its various religions (Ram, Krishna, Allah) and languages.
शब्दार्थ (Glossary)
शब्द (Word) | पर्यायवाची शब्द (Synonym) | विलोम शब्द (Antonym) |
अक्षुण्ण | समूची, अखंड | खंडित |
धरोहर | अमानत | - |
निर्मल | शुद्ध, पवित्र | मलिन, गंदा |
सोहना | शोभित होना | अशोभनीय लगना |
छवि | सौंदर्य, शोभा | कुरूपता |
सपूत | लायक पुत्र | कपूत |
रक्षक | रक्षा करने वाला | भक्षक |
मस्तक | माथा, सिर | चरण, पैर |
चरण | पैर | मस्तक, सिर |
भोर | सुबह, प्रभात | साँझ, शाम |
पंक्तियों का सरल अर्थ लिखें (Simple Meaning of Lines)
१. गंगा जिसकी अक्षुण्ण धरोहर यमुना-सा निर्मल मन जिसका ऐसा प्यारा देश है किसका ?
परिचय: इन पंक्तियों में कवि भारत की पवित्र नदियों का गुणगान कर रहे हैं।
सरल अर्थ: कवि प्रश्न पूछते हैं कि ऐसा प्यारा देश किसका है, जिसकी धरोहर गंगा के समान अखंड और पवित्र है और जिसका मन यमुना के जल के समान शुद्ध और निर्मल है?
२. सबसे पहले सूरज आकर रच जाता सिंदूर सुबह का लाली किरणें चूनर बनतीं भोर करे श्रृंगार दुल्हन का हिमगिरि जैसा रक्षक जिसका ऐसा प्यारा देश है किसका ? परिचय: यहाँ कवि भारत की सुबह और उसके रक्षक हिमालय का वर्णन कर रहे हैं।
सरल अर्थ: यह ऐसा देश है जहाँ सबसे पहले सूरज आकर अपनी किरणों से सुबह का सिंदूर रचता है। सूर्य की लाल किरणें ऐसी लगती हैं मानो वे दुल्हन की चुनरी हों और सुबह उस दुल्हन (भारत) का श्रृंगार कर रही हो। इस देश का रक्षक हिमालय पर्वत जैसा महान है। भला ऐसा प्यारा देश किसका है?
३. आसमान छूता मस्तक हो सागर उठ-उठ चरण धरे बाँहे हैं पंजाब, हिमांचल हिम में गंगा जल लहरे सोना-हीरा कण-कण जिसका ऐसा प्यारा देश है किसका ?
परिचय: इन पंक्तियों में कवि भारत के विशाल स्वरूप और समृद्धि का वर्णन करते हैं।
सरल अर्थ: इस देश का मस्तक (हिमालय) आसमान को छूता है और सागर स्वयं उठ-उठकर इसके पैर धोता है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश इसकी मजबूत भुजाएँ हैं। यहाँ बर्फ (हिमालय) में भी गंगाजल की लहरें हैं। इस देश के कण-कण में सोना-हीरा जैसी संपदा भरी है। ऐसा प्यारा देश किसका है?
४. भाषाएँ खुद गहना बनकर रूप निखारें इस दुल्हन का हिंदी कुम-कुम बनकर सोहे बाँकी बनती छवि दर्पन का जन, गन, मन अधिनायक जिसका ऐसा प्यारा देश है किसका ? परिचय: यहाँ कवि भारत की भाषाई विविधता और राष्ट्रगान का महत्व बता रहे हैं।
सरल अर्थ: यहाँ की विभिन्न भाषाएँ खुद इस दुल्हन (भारत) का गहना बनकर इसका रूप निखारती हैं। हिंदी भाषा कुम-कुम (बिंदी) बनकर माथे पर शोभित है। यहाँ की बाकी सुंदरता दर्पण में दिखने वाली छवि के समान है। 'जन गण मन' जिसका राष्ट्रगान है, ऐसा प्यारा देश किसका है?
५. खेतों के रक्षक किसान सीमाओं पर हैं तने जवान राम-कृष्ण, अल्ला सबके हैं पढ़ते सब गीता, कुरान हर पुत्री सावित्री जिसकी हर सपूत शिव-राणा जिसका ऐसा प्यारा देश है किसका ?
परिचय: इन अंतिम पंक्तियों में कवि भारत की असली ताकत और एकता का वर्णन करते हैं।
सरल अर्थ: यह वह देश है जहाँ किसान खेतों की रक्षा करते हैं और जवान सीमाओं पर तनकर खड़े हैं। यहाँ राम, कृष्ण और अल्लाह सबको एक समान माना जाता है, यहाँ सब मिल-जुलकर गीता और कुरान पढ़ते हैं। इस देश की हर बेटी सावित्री जैसी पतिव्रता और हर बेटा शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसा वीर सपूत है। ऐसा प्यारा देश (भारत) और किसका हो सकता है?
सही या गलत (कारण सहित) (True or False with Reason)
कथन १: कवि के अनुसार, देश का मन गंगा-सा निर्मल है।
उत्तर: गलत। कारण, कविता में कहा गया है, "यमुना-सा निर्मल मन जिसका"।
कथन २: सूरज की लाल किरणें दुल्हन की चूनर बनती हैं।
उत्तर: सही। कारण, कवि कहते हैं, "लाली किरणें चूनर बनतीं"।
कथन ३: सागर भारत का मस्तक छूता है। उत्तर: गलत। कारण, कविता में "आसमान छूता मस्तक हो" (हिमालय के लिए) और "सागर उठ-उठ चरण धरे" कहा गया है।
कथन ४: कवि ने हिंदी की तुलना कुम-कुम से की है।
उत्तर: सही। कारण, पंक्ति है, "हिंदी कुम-कुम बनकर सोहे"।
कथन ५: कविता के अनुसार, देश के जवान खेतों की रक्षा करते हैं। उत्तर: गलत। कारण, कविता में स्पष्ट लिखा है, "खेतों के रक्षक किसान, सीमाओं पर हैं तने जवान"।
पद विश्लेषण (Poetry Appreciation)
रचनाकार का नाम: हृदयेश मयंक
रचना का प्रकार: देशप्रेम का गीत
पसंदीदा पंक्ति | पसंदीदा होने का कारण | रचना से प्राप्त संदेश |
गंगा जिसकी अक्षुण्ण धरोहर | यह पंक्ति भारत की संस्कृति और पवित्रता को एक शब्द 'धरोहर' में बाँध देती है। | हमें अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करना चाहिए। |
हिमगिरि जैसा रक्षक जिसका | यह पंक्ति हिमालय को एक निर्जीव पहाड़ नहीं, बल्कि एक सजग 'रक्षक' के रूप में प्रस्तुत करती है, जो बहुत गर्व का भाव देता है। | प्रकृति हमारी रक्षक है और हमें भी प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए। |
भाषाएँ खुद गहना बनकर रूप निखारें इस दुल्हन का | यह पंक्ति भारत की भाषाई विविधता को एक समस्या नहीं, बल्कि एक 'गहना' (आभूषण) बताती है, जो बहुत सुंदर कल्पना है। | विविधता ही हमारे देश की सुंदरता है और हमें सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। |
खेतों के रक्षक किसान, सीमाओं पर हैं तने जवान | यह पंक्ति "जय जवान, जय किसान" के नारे को चरितार्थ करती है और देश की दो सबसे बड़ी ताकतों को सम्मान देती है। | देश की सुरक्षा और समृद्धि जवानों और किसानों पर निर्भर करती है। |
राम-कृष्ण, अल्ला सबके हैं, पढ़ते सब गीता, कुरान | यह पंक्ति भारत की धार्मिक एकता और सर्वधर्म समभाव की भावना को बहुत सरलता और गहराई से व्यक्त करती है। | सभी धर्म एक समान हैं और हमें मिल-जुलकर रहना चाहिए। |
स्वमत (Personal Opinion)
प्रश्न १: "यमुना-सा निर्मल मन जिसका" - इस पंक्ति का क्या अर्थ है?
उत्तर: "यमुना-सा निर्मल मन" का अर्थ है कि भारत देश का हृदय यमुना नदी के जल के समान पवित्र, शुद्ध और स्वच्छ है। इसका भाव यह है कि भारत के लोगों के मन में किसी के प्रति मैल, द्वेष या कपट नहीं है। यह देश शांति, पवित्रता और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतीक है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: निर्मल, शुद्ध, पवित्र, मन की स्वच्छता, द्वेष रहित, शांतिप्रिय, आध्यात्मिक।
प्रश्न २: "खेतों के रक्षक किसान, सीमाओं पर हैं तने जवान" - इस पंक्ति का देश के लिए क्या महत्व है?
उत्तर: यह पंक्ति देश के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों का महत्व बताती है। 'किसान' खेतों में अनाज उगाकर पूरे देश का पेट भरते हैं और देश की खाद्य-सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, इसलिए वे 'खेतों के रक्षक' हैं। 'जवान' अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, ताकि हम सब सुरक्षित रह सकें। देश की सुरक्षा और समृद्धि इन्हीं दोनों पर टिकी है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: जय जवान जय किसान, रीढ़ की हड्डी, खाद्य-सुरक्षा, सीमा-सुरक्षा, समृद्धि, आत्मनिर्भरता।
प्रश्न ३: "भाषाएँ खुद गहना बनकर रूप निखारें" - इस पंक्ति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि भारत में बोली जाने वाली विभिन्न भाषाएँ देश के लिए कोई समस्या या बँटवारा नहीं हैं, बल्कि वे उस दुल्हन (भारत) के आभूषणों के समान हैं। जैसे अलग-अलग गहने मिलकर दुल्हन की सुंदरता को बढ़ाते हैं, वैसे ही भारत की सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ मिलकर इसकी सांस्कृतिक सुंदरता और विविधता को 'निखारती' हैं, जिससे यह देश और भी अनूठा और समृद्ध बनता है।
उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: भाषाई विविधता, एकता में अनेकता, आभूषण, गहना, सांस्कृतिक समृद्धि, सुंदरता, सम्मान।
प्रश्न ४: कविता में भारत की धार्मिक एकता को कैसे दर्शाया गया है?
उत्तर: कविता में भारत की धार्मिक एकता को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। कवि कहते हैं कि इस देश में "राम-कृष्ण, अल्ला सबके हैं", जिसका अर्थ है कि यहाँ ईश्वर के सभी रूपों को समान आदर दिया जाता है। यहाँ के लोग "पढ़ते सब गीता, कुरान" हैं, जो यह दिखाता है कि विभिन्न धर्मों के पवित्र ग्रंथों का सम्मान होता है और लोग मिल-जुलकर अपने-अपने धर्मों का पालन करते हैं। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: सर्वधर्म समभाव, धार्मिक सहिष्णुता, राम-कृष्ण-अल्ला, गीता-कुरान, आपसी भाईचारा, एकता।
प्रश्न ५: "हर पुत्री सावित्री जिसकी, हर सपूत शिव-राणा जिसका" - इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। उत्तर: इस पंक्ति का आशय भारत की गौरवशाली संतानों से है। कवि कहते हैं कि इस देश की हर बेटी 'सावित्री' के समान पतिव्रता, गुणी और दृढ़-निश्चयी है, जो अपने सतीत्व और बुद्धि के लिए जानी जाती है। इसी प्रकार, यहाँ का हर बेटा (सपूत) 'शिव' (छत्रपति शिवाजी) और 'राणा' (महाराणा प्रताप) के समान वीर, साहसी, देशभक्त और अपने स्वाभिमान की रक्षा करने वाला है। उत्तर लिखने के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण शब्द: गौरवशाली विरासत, वीर सपूत, आदर्श नारी, सावित्री, शिवाजी, महाराणा प्रताप, वीरता, स्वाभिमान, देशभक्ति।
संभावित परीक्षा प्रश्न (Probable Exam Questions)
प्रश्न १: कवि ने भारत देश का मन किसके समान बताया है?
उत्तर: कवि ने भारत देश का मन यमुना के समान निर्मल (शुद्ध) बताया है।
प्रश्न २: भारत में सुबह का श्रृंगार कौन और कैसे करता है?
उत्तर: भारत में सुबह का श्रृंगार स्वयं 'भोर' (सुबह) करती है। सूरज सबसे पहले आकर सुबह का सिंदूर रचता है और उसकी लाल किरणें दुल्हन (भारत) के लिए चूनर बन जाती हैं।
प्रश्न ३: कविता के आधार पर भारत के प्राकृतिक रक्षकों और संपदा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कविता के आधार पर भारत का प्राकृतिक रक्षक 'हिमगिरि' (हिमालय) है। सागर भारत के चरण धोता है। यहाँ की प्राकृतिक संपदा 'सोना-हीरा' है, जो इसके कण-कण में विद्यमान है।
प्रश्न ४: कविता में हिंदी भाषा को क्या कहा गया है?
उत्तर: कविता में हिंदी भाषा को 'कुम-कुम' (बिंदी) कहा गया है, जो भारत रूपी दुल्हन के माथे पर शोभित होती है।
प्रश्न ५: देश की एकता और शक्ति का आधार किन्हें बताया गया है? उत्तर: देश की एकता और शक्ति का आधार निम्नलिखित को बताया गया है:
किसान: जो खेतों के रक्षक हैं।
जवान: जो सीमाओं पर तैनात हैं।
धार्मिक एकता: जहाँ राम, कृष्ण और अल्लाह सब एक हैं।
गौरवशाली संतानें: जो सावित्री, शिवाजी और राणा प्रताप के समान हैं।
Found any mistakes or suggestions? Click here to send us your feedback!
About BhashaLab
BhashaLab is a dynamic platform dedicated to the exploration and mastery of languages - operating both online and offline. Aligned with the National Education Policy (NEP) 2020 and the National Credit Framework (NCrF), we offer language education that emphasizes measurable learning outcomes and recognized, transferable credits.
We offer:
1. NEP alligned offline language courses for degree colleges - English, Sanskrit, Marathi and Hindi
2. NEP alligned offline language courses for schools - English, Sanskrit, Marathi and Hindi
3. Std VIII, IX and X - English and Sanskrit Curriculum Tuitions - All boards
4. International English Olympiad Tuitions - All classes
5. Basic and Advanced English Grammar - Offline and Online - Class 3 and above
6. English Communication Skills for working professionals, adults and students - Offline and Online
Contact: +91 86577 20901, +91 97021 12044
Mail: info@bhashalab.com
Website: www.bhashalab.com




Comments